Solution:लार्ड रिपन ने 3 फरवरी, 1882 को वायसराय की कार्यकारिणी के सदस्य विलियम हण्टर की अध्यक्षता में भारतीय शिक्षा आयोग की नियुक्ति की। इसमें अध्यक्ष के अतिरिक्त 20 सदस्य और थे। इस आयोग ने उच्च शिक्षा स्तर पर निम्न सुझाव दिये-
• हंटर आयोग (1882) भारत में शिक्षा सुधार से संबंधित था, खासकर प्राथमिक शिक्षा पर जोर देने और वुड के डिस्पैच (1854) की समीक्षा के लिए, जिसने शिक्षा में निजी भागीदारी को प्रोत्साहित किया और जिला व नगर बोर्डों को प्राथमिक शिक्षा का प्रबंधन सौंपा। एक अलग हंटर आयोग 1919 में जलियांवाला बाग हत्याकांड की जांच के लिए भी बना था, जिसकी अध्यक्षता लॉर्ड विलियम हंटर ने की थी।
• कॉलेजों को सहायता अनुदान देते समय शिक्षक संख्या, कालेज व्यय, कार्यक्षमता और स्थानीय आवश्यकता को ध्यान में रखा जाये।
• आवश्यकता पड़ने पर कॉलेजों को भवन निर्माण, फर्नीचर, पुस्तकालय और शिक्षण सामग्री के लिए अलग से सहायता अनुदान दिया जाये।
• उच्च शिक्षा में निजी उद्यमों की भागदारी हो।
• योग्य विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति देकर शिक्षा के लिए विदेश भेजा जाये।
• विद्यालयों में विभिन्न प्रकार के विशद पाठ्यक्रमों कि व्यवस्था की जाये।