NTA यू.जी.सी.नेट जेआरएफ परीक्षा, जून 2023 भूगोल

Total Questions: 100

91. (निर्देश 90-95) क्षोभमण्डल में ऊपर की तरफ क्षोभसीमा तक तापमान के कम होने की औसत दर लभेगभ 6°C प्रति किलोमीटर है। तापमान की इस ऊर्ध्वाधर प्रवणता को सामान्यतः सामान्य ह्रास दर कहा जाता है।

निचले शोभमण्डल में कतिपय प्रक्रियाएं ऊंचाई के साथ तापमान में वास्तविक वृद्धि करती है, वह है, तापमान का व्युत्क्रमण । तापमान व्युत्क्रमण पाँच तरीको से उत्पन्न हो सकते हैं।

जब पृथ्वी की सतह ऊर्जा स्थानान्तरण के किन्ही प्रक्रमों द्वारा प्राप्त ऊष्मा की तुलना में विकिरण द्वारा ऊष्मा की हानि अधिक करती है, जैसे एक स्वच्छ रात में या शीत ऋतु में उच्च अक्षाशों पर, यह ठण्डी होती है

तथा परिणामस्वरूप संलग्न वायु की परत का तापमान कम करती हैं। विकिरणात्मक शीतलन के कारण व्युत्क्रमण (विकिरण व्युत्क्रमण) शांत वायु, स्वच्छ आकाश की दशा में समतल भूभाग पर सर्वोत्तम विकसित होते हैं।

(2) ठण्डी तथा सघन वायु गिरि शिखरों तथा ढालों से ढाल के साथ नीचे की ओर प्रवाहित होकर घाटी तलहटियों में एकत्रित होती है, यह घाटी तल के ऊपर मुक्त वायु में व्युत्क्रमण ह्रास दर उत्पन्न करती है।

वायु अपवाह व्युत्क्रमण प्रायः मध्य अक्षाशों में बसन्त ऋतु के पालों से संबंधित होते हैं, एवं इसी कारण फल उत्पादक फलोधान स्थल हेतु घाटी तलहटियों की बजाय मन्द ढालों को वरीयता देते हैं।

(3) जब भिन्न तापमान विशेषताओं वाली दो वायुराशियाँ आपस में मिलती है तब ठण्डी वायु अधिक घनत्व के कारण गर्म वायु को नीचे से धकेलते हुए उसे प्रतिस्थापित करती है। दो वायु राशियों के मिलन सीमा क्षेत्रों को वाताग्र कहते हैं,

तथा व्युत्क्रमित ह्रास दर फलस्वरूप वाताग्र व्युत्क्रमण होता है। वाताग्र व्युत्क्रमण क्षोभमण्डल की निचली परतों तक सीमित नहीं होते हैं। वे ऊपरी स्तरों में जब भी ठण्डी वायु गर्म वायु के नीचे प्रवेश या गर्म वायु का ठंडी वायु के ऊपर आगे बढ़ने से निर्मित हो सकते हैं।

(4) गर्म वायु के ठण्डे धरातल पर अभिवहन से वायु राशि की निचली परतों में व्युत्क्रमण निर्मित होता है क्योंकि गर्म वायु संचालन द्वारा ठण्डी होती है।

(5) जब एक विस्तृत वायु अवतलित होती है एवं नीचे को परत पर फैल जाती है तब एक वायु राशि में अवतलन व्युत्क्रमण विकसित होता है। इस प्रक्रिया में वायु आधार की तुलना में ऊपरी भाग में गतिशीलता प्रभाव से अधिक गर्म हो जाती है। इस प्रकार के व्युत्क्रमणों का विकास काफी ऊंचाईयों पर होता है।

निम्नलिखित में से कौन-सी एक विकिरण व्युत्क्रमण के लिए आदर्श दशा नहीं हैं?

Correct Answer: (a) छोटी रातें
Solution:

विकिरण व्युत्क्रमण के लिए आदर्श दशओं में स्वच्छ आकाश तथा बादल रहित आकाश, समतल धरातल, वायुमण्डल शान्त तथा स्थिर होना, धरातल के पास शुष्क हवा होना आवश्यक है ताकि पार्थिव विकिरण का आधिक अवशोषण न हो सके।

इसके अलावा जाड़े की रातें लम्बी होनी चाहिए ना कि छोटी क्योंकि बहिर्गामी पार्थिव विकिरण आधिक सक्रिय हो सके, जिस कारण प्राप्त ऊष्मा से नष्ट ऊष्मा अधिक हो जाये और धरातल का तापमान ऊपर से कम हो जाये।

92. मध्य अक्षांशों में फलोद्यानों के लिए वरीयता स्थल______है।

Correct Answer: (b) कटक पार्श्व मंद ढाल
Solution:

मध्य अक्षांशों में फलोद्यानों के लिए वरीयता स्थल हेतु घाटी तलहटियों के बजाय कटक पार्श्व मन्द ढालों को दिया जाता है,

क्योकिं ठंडी और सघन वायु भारी होने के कारण पर्वतों के शिखर से घाटी की ओर प्रवाहित होने लगती है तथा घाटी तलहटियों में एकत्रित हो जाती है। यह ठंडी हवाएँ घाटी में पहुंचकर गर्म और हल्की वायु को ऊपर ढकेलने लगती है,

जिस कारण उसमें उपरिमुखी संचरण प्रारम्भ हो जाता है, परिणामस्वरूप ऊपरी भाग में गर्म तथा निचले भाग में ठंडी वायु होने के कारण प्रतिलोमन की स्थिति उत्पन्न हो जाती है।

इस स्थिति के कारण घाटियों के निचले भाग में तीव्र पाला पड़ता है, जबकि ऊपरी भाग पाला रहित रहता है। यही कारण है कि फलोद्यान तलहटियों के बजाय मन्द ढाल पर होते है।

93. उष्ण कटिबंधीय ऊँचे पर्वतों पर भी स्थायी हिम आवरण होने का कारण_______है।

Correct Answer: (d) सामान्य ह्रास व्युत्क्रमण
Solution:

उष्ण कटिबंधीय ऊँचे पर्वतों पर भी स्थायी हिम आवरण होने का प्रमुख कारण सामान्य ह्रास दर है, क्योंकि क्षोभमण्डल में धरातल से बढ़ती ऊंचाई के साथ प्रति 1000 मीटर पर 6.5°C की दर से तापमान में कमी होती जाती है,

यह तापमान में कमी क्षोभसीमा तक पाई जीती है। क्षोभमण्डल की ऊँचाई विषुवतरेखा तथा ध्रुवों पर क्रमशः 18 किमी. एवं 8 किमी पायी जाती है। यही कारण है कि उष्ण कटिबंधीय क्षेत्रों में भी पर्वतों पर हिम आवरण पाया जाता है।

94. निम्नलिखित में से कौन-सा एक क्षोभमंडल के निचले भाग तक सीमित नहीं होता है?

Correct Answer: (c) वाताग्र व्युत्क्रमण तथा अवतलन व्युत्क्रमण
Solution:

वाताय व्युत्क्रमण तथा अवतलन व्युत्क्रमण क्षोभमण्डल के निचली परतों तक सीमित नही होते हैं। इसके ऊपरी स्तरों में जब श्री ठण्डी वायु गर्म वायु के नीचे प्रवेश या गर्म वायु का ठंडी वायु के ऊपर आगे बढ़ने से निर्मित होती है।

जब भिन्न तापमान विशेषताओं वाली दो वायुराशियाँ आपस में मिलती हैं तब ठण्डी वायु अधिक घनत्व के कारण गर्म वायु को नीचे से धकेलते हुए उसे प्रतिस्थापित करती है। दो वायु राशियों के मिलन सीमा, क्षेत्रों को वाताग्र कहते हैं।

95. निम्नलिखित में से कौन-सा एक अभिवहन व्युत्क्रमण को दर्शाता है?

Correct Answer: (b) गर्म वायु का ठण्डे धरातल पर चलना।
Solution:

गर्म, वायु का ठण्डे घरातल पर चलना अभिवहन व्युत्क्रमण को दर्थाता है। क्योंकि गर्म वायु का उण्डे धरातल पर अभिवहन से वायु राशि की निचली परतों में व्युत्क्रमण निर्मित होता है क्योंकि गर्म वायु संचालन द्वारा ठण्डी होती है।

96. (निर्देश 96-100) दिए गए आलेख में विभिन्न स्रोतों से प्रादेशिक ऊर्जा खपत प्रतिरूप दर्शाया गया है। आलेख के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दें।

किन दो क्षेत्रों में कोयले का उपभोग जलविद्युत से कम ?

Correct Answer: (d) यूरोप तथा एशिया प्रशान्त
Solution:

आलेख में प्रादेशिक ऊर्जा खपत प्रतिरूप में दो क्षेत्रों में कोयले का उपभोग जलविद्युत से कम है। जो निम्नवत् है-

देश/क्षेत्रकोयला (C)%जलविद्युत (H)%
अफ्रीका4030
एशिया प्रशान्त3040
यूरोप3035
मध्य पूर्व505
उ. अमेरिका3520
द. अमेरिका4530

उपर्युक्त आलेख से स्पष्ट है कि एशिया प्रशात तथा यूरोप में जहाँ कोयले का उपभोग क्रमशः 30%-30% है तो वही जल विद्युत का उपभोग क्रमकाः 40% व 35% है।

97. किस क्षेत्र में नवीकरणीय और जलविदयुत ऊर्जा का संयुक्त उपभोग सर्वाधिक हैं?

Correct Answer: (d) यूरोप
Solution:

आलेख में प्रदिशिक ऊर्जा खपत प्रतिरूप में नवीकरणीय और जलविद्युत ऊर्जा का संयुक्त उपभोग सर्वाधिक है, जो निम्नवत् है-

देश/क्षेत्रनवीकरणीय (R)%जलविद्युत (H)%
अफ्रीका1030
एशिया प्रशान्त2040
यूरोप3035
मध्य पूर्व455
उ. अमेरिका3520
द. अमेरिका2030

उपर्युक्त आलेख से स्पष्ट है कि यूरोप में नवीकरणीय ऊर्जा 30 प्रतिशत और जलविद्युत ऊर्जा 35 प्रतिशत संयुक्त उपभोग 65 cổ प्रतिशत सर्वाधिक है।

98. निम्नलिखित में से एक क्षेत्र में जलविद्युत ऊर्जा का एक स्त्रोत नहीं हैं?

Correct Answer: (c) मध्य-पूर्व
Solution:

आलेख में प्रादेशिक ऊर्जा खपत प्रतिरूप में एक क्षेत्र में जलविद्युत ऊर्जा का एक स्त्रोत नही है।

देश / क्षेत्रउपयोग किए जाने वाले ऊर्जा स्रोत
अफ्रीकाकोयला, नवीकरण, परमाणु ऊर्जा, जलविद्युत
एशिया प्रशान्तकोयला, नवीकरण, परमाणु ऊर्जा, जलविद्युत
यूरोपकोयला, नवीकरण, परमाणु ऊर्जा, जलविद्युत
मध्य-पूर्वकोयला, नवीकरण, परमाणु ऊर्जा
उत्तरी अमेरिकानवीकरण, परमाणु ऊर्जा, जलविद्युत, कोयला
दक्षिणी अमेरिकाकोयला, नवीकरण, परमाणु ऊर्जा, जलविद्युत

उपर्युक्त आलेख से स्पष्ट है कि मध्य-पूर्व क्षेत्र में जलविद्युत ऊर्जा का स्त्रोत नही पाया जाता है।

99. किस क्षेत्र में नवीकरणीय और परमाणु ऊर्जा का संयुक्त उपभोग निम्नतम है?

Correct Answer: (a) दक्षिण अमेरिका
Solution:

आलेख में प्रदिशिक ऊर्जा खपत प्रतिरूप में नवीकरणीय और परमाणु ऊर्जा का संयुक्त उपभोग निम्नतम है, जो निम्नवत् है-

देशनवीकरणीय ऊर्जा(R)%परमाणु ऊर्जा (N)%
अफ्रीका1020
एशिया प्रशान्त2010
यूरोप305
मध्य पूर्व455
उ. अमेरिका3510
द. अमेरिका205

उपर्युक्त आलेख से स्पष्ट है कि दक्षिणी अमेरिका में नवीकरणीय ऊर्जा (20%) और परमाणु ऊर्जा (5%) का संयुक्त उपयोग (25%) निम्नतम है।

100. किस क्षेत्र में परमाणु ऊर्जा उपभोग नवीकरणीय ऊर्जा की अपेक्षा अधिक है?

Correct Answer: (c) अफ्रीका
Solution:

आलेख में प्रादेशिक ऊर्जा खपत प्रतिरूप में परमाणु ऊर्जा उपभोग नवीकरणीय ऊर्जा की अपेक्षा है, जो निम्नवत् है-

देश/क्षेत्रपरमाणु ऊर्जा (N)%नवीकरणीय ऊर्जा (R)%
अफ्रीका2010
एशिया प्रशान्त1020
यूरोप530
मध्य पूर्व545
उ. अमेरिका1035
द. अमेरिका520

उपर्युक्त आलेख से स्पष्ट है कि अफ्रीका में परमाणु ऊर्जा (20%) उपभोग नवीकरणीय ऊर्जा (10%) की अपेक्षा अधिक है।