Solution:पदस्थलियाँ (पेडिप्लेन) और इंसेलबर्ग वायूढ़ चक्र (पवन द्वारा) की जीर्णावस्थ के लक्षण हैं। पवन द्वारा निर्मित अपरदनात्मक स्थलाकृतियाँ अपवाहन बेसिन या वातगर्त, इन्सेलबर्ग, छत्रक शिला, ज्यूजेन, यारडांग, ड्राइकान्टर, जालक या जालीदार शिला, पुल तथा खिड़की इत्यादि है।
हिमानी द्वारा निर्मित अपरदनात्मक स्थलाकृतिः- U आकार की घाटी, लटकती घाटी, सर्क या हिमगह्वर, टार्न, अरेत या तीक्ष्ण कटक, हार्न या गिरिश्रृंग, नुनाटक, श्रृंग पुच्छ, भेड़ पीठ शैल या रासमुटोने, हिमसोपान, फियोर्ड आदि।
सागरीय जल द्वारा निर्मित अपरदनात्मक स्थलाकृति:- तटीय क्लिफ, तटीय कन्दरा, अण्डाकार कटान तथा लघुनिवेशिका ।
भूमिगत जल द्वारा निर्मित अपरदनात्मक स्थलाकृतिः- लैपीज, घोलरंध्र, कार्स्ट खिड़की, युवाला, पोल्जे, डोलाइन, अन्धी घाटी, कन्दरा या गुफा, प्राकृतिक पुल इत्यादि।