NTA यू.जी.सी. नेट जेआरएफ परीक्षा, दिसम्बर-2023 भूगोल

Total Questions: 100

31. ______ में 15-49 आयु वर्ग की 36.1 प्रतिशत महिलाओं को एचआईवी/एड्स था।

Correct Answer: (c) एस्वातीनी
Solution:

यूएन के विश्व जनसंख्या आँकड़े 2022 के अनुसार, एस्वातीनी में 15-49 आयु वर्ग की 36.1 प्रतिशत महिलाओं को एचआईवी/एड्स था।

दक्षिण अफ्रीका और मोजाम्बिक से घिरा एक छोटा, मुख्य रूप से ग्रामीण, भूमि से घिरा देश एस्वातीनी गंभीर गरीबी और दुनिया की उच्चतम एचआईवी/एड्स प्रसार दर से पीड़ित है। एस्वातीनी की अत्यंत उच्च एचआईवी/एड्स प्रसार दर लगभग 28% वयस्कों को यह बीमारी है

जो इन समस्याओं को और बढ़ा देती है। एचआईवी/एड्स के कारण कृषि उत्पादन में शिथिलता आई है, क्योंकि बीमारी के कारण परिवारों को जनशक्ति खोनी पड़ती है और दवा और अंत्येष्टि के भुगतान के लिए प्रशुधन और अन्य संपत्ति बेचनी पड़ती है।

32. निम्नलिखित में कौन-सा भूमंडलीकरण तापन (ग्लोबल वार्मिंग) का सही साक्ष्य नहीं है?

Correct Answer: (b) अंटार्कटिका के कुछ ढालों से घास विलुप्त हो गया है।
Solution:

अंटार्कटिका के कुछ ढालों से घास विलुप्त हो गया है। यह भूमुंडलीकरण तापन (लोबल वार्मिंग) का सही साक्ष्य नहीं है। जबकि बढ़ता समुद्र जल स्तर, पर्वतों में ऊपर की तरफ खिसकती वृक्ष रेखा तथा कुछ उष्ण कटिबंधीय रोगों का ध्रुवों की तरफ खिसकना भूमंडलीकरण तापन (ग्लोबल वार्मिंग) का सही साक्ष्य है।

भूमंडलीय तापन से आशय पृथ्वी के औसत सतही तापमान में वृद्धि होना है। भूमंडलीय तापन क्षमता की, परिकल्पना विभिन्न गैसों के प्रभाव की तुलना करना आसान बनाती है। भूमंडलीय तापन एक ऐसा सापेक्ष उपाय है,जो यह बताता है कि कोई ग्रीन हाउस गैस वातावरण में कितनी उष्मा को अवशोषित करती है।

33. ______ जैवभार का व्युत्क्रमित पिरामिड दर्शाता है।

Correct Answer: (d) जलीय पारिस्थितिक तंत्र
Solution:

जलीय पारिस्थितिक तंत्र जैवभार (बायोमास) का व्युत्मित पिरामिड दर्शाता है। जिस पिरामिड द्वारा पारिस्थितिक तंत्र के प्राथमिक उत्पा कों एवं विभिन्न श्रेणी के उपभोक्ताओं के भार के संबंध के बारे में बोध होता है, उसे जी भार पिरामिड कहते हैं।

आधार पर सदैव प्राथमिक उत्पादकों के भार को दर्शाया जाता है। आधार के ऊपर के भागों में क्रमशः विभिन्न श्रेणी के उपभोक्ता जंतुओं का भार दिखाया जाता है। जीवभार के पिरामिड भी सीधे एवं उल्टे दोनों प्रकार के हो सकते हैं।

एक तालाब के पारिस्थितिक तंत्र का जीवभार पिरामिड उल्टा बनेगा क्योंकि इसमें प्राथमिक उत्पादकों की संख्या अधिक होते हुए भी भार कम होता है, जबकि उच्च मांसाहारी (बड़ी मछलियाँ) जंतुओं की संख्या कम होते हुए भी भार अधिक होता है।

इस प्रकार उल्टे पिरामिड के आधार पर छोटे-छोटे हरे पौधे तथा ऊपर के चौड़े भाग में बड़ी मछलियों को दिखाया जायेगा वन एवं घास स्थल पारिस्थितिक तंत्र के पिरामिड सीधे बनेंगे

34. ________ का संदर्भ सरकार, निजी फर्मों और विश्वविद्यालयों के बीच सहयोग से है जो विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी पार्क संरचना का आधार बन सकते हैं।

Correct Answer: (b) दी ट्रिपल हैलिक्स मॉडल
Solution:

'दी ट्रिपल हेलिक्स मॉडल' का संदर्भ सरकार, निजी फार्मों और विश्वविद्यालय के बीच सहयोग से है, जो विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी पार्क संरचना का आधार बन सकते हैं।

यह पेपर ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्थाओं के समकालीन समाज में एक मील के पत्थर के रूप में ट्रिपल हेलिक्स मॉडल के माध्यम से देखे गए नवाचार से संबंधित है।

हमारा लक्ष्य नवाचारों को बढ़ावा देने के लिए शिक्षा, उद्योग और सरकार के (इन) कुशल उपयोग की अनुभवजन्य जाँच करना है।

35. फ्रेडमेन के केन्द्र परिधि मॉडल से संबंधित सही कथनों की पहचान कीजिए।

A. केन्द्र क्षेत्र शहरी केन्द्रक के साथ आर्थिक वृद्धि का केन्द्र होता है।
B. केन्द्र के आस-पास अधोमुखी परिवर्ती क्षेत्र विकास की प्रक्रिया में होते हैं।
C. संसाधन सीमान्त क्षेत्र केन्द्र प्रदेश के आसपास पाए जाते हैं।
D. अधोमुखी-परिवर्ती क्षेत्र ऐसे आवासीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं जो संसाधन आधार अथवा औद्योगिक संरचना में आए पतन के कारण ठहरे हुए अथवा ढलान पर हैं।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए

Correct Answer: (c) केवल A और D
Solution:

केंद्र क्षेत्र शहरी केंद्रक के साथ आर्थिक वृद्धि का केंद्र होता है। अधोमुखी परिवर्ती क्षेत्र ऐसे आवासीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो संसाधन आधार अथवा औद्योगिक संरचना में आए पतन के कारण ठहरे हुए अथवा ढलान पर हैं।

यह कथन फ्रीडमैन के 'केंद्र परिधि मॉडल' से संबंधित है। अमेरिकी अर्थशास्त्री जान फ्रीडमैन ने 1966 में अपना 'केंद्र परिधि मॉडल' प्रस्तुत किया। यह मानवीय क्रिया के क्षेत्रीय संगठन का मॉडल है, जो मुख्य रूप से अर्थव्यवस्था एवं समाज में शक्ति के समान वितरण पर आधारित है।

फ्रीडमैन का मानना था कि आर्थिक एवं सामाजिक शक्ति, प्रौद्योगिकीय प्रगति और उच्च उत्पादकता का उच्च संकेंद्रण केंद्र (Core) पर पाया जाता है, जो नगरीय के रूप में स्थित होता है, जबकि परिधि मुख्यतः ग्रामीण क्षेत्र के रूप में पायी जाती है।

इस प्रकार केंद्र नगरीय केंद्र का और परिधि उसके चतुर्दिक स्थित ग्रामीण क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करती है। केंद्र पर उद्योग, सरकार, सामाजिक संभ्राताओं, वित्तीय शक्ति और विकसित शैक्षिक पद्धति आदि का संकेंद्रण पाया जाता है।

36. निम्नू आई सीटी कम्पनियों को 2023 में उनके बाजार मूल्यन आधार पर अवरोही क्रम में व्यवस्थित करें

A. टाटा कन्सेल्टेन्सी सर्विस
B. एच सी एल टैक्नोलॉजी
C. विप्रो लिमिटेड
D. इन्फोसिस
नीचे दिए गए विकल्पों से सही उत्तर का चयन करें-

Correct Answer: (c) A, D, В, С
Solution:

प्रश्नगत दी गई आई.सी.टी. कंपनियों का बाजारी मूल्य 2023 के आधार पर अवरोही क्रम निम्नलिखित है-
टाटा कन्सलटेंसी सर्विसेज > इन्फोसिस > एच.सी.एल. टेक्नोलॉजिकल > विप्रो लिमिटेड । इन कंपनियों का जनवरी 2024 के आधार पर बाजार मूल्य (करोड़ में) इस प्रकार है-

टीसीएस - 1367662
इन्फोसिस - 636222
एचसीएल - 388828
विप्रो लि. - 238617

37. सूची-I के साथ सूची-II का मिलान कीजिए।

सूची-I (प्रादेशिक ब्लाक)सूची-II (मुख्यालय)
A. नाफ्टाI. ब्रुसेल्स, बेल्जियम
B. नाटोII. जकार्त्ता, इंडोनेशिया
C. आशियनIII. ओटावा, कनाडा
D. ओईसीडीIV. पेरिस, फ्रांस

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए।

Correct Answer: (b) A-III, B-I, C-II, D-IV
Solution:

सही सुमेलित युग्म इस प्रकार है|

सूची-I (प्रादेशिक ब्लॉक)सूची-II (मुख्यालय)
नाफ्टाओटावा, कनाडा
नाटोब्रुसेल्स, बेल्जियम
आशियनजकार्त्ता, इंडोनेशिया
ओईसीडीपेरिस, फ्रांस

अतः विकल्प (b) सही सुमेलित है।

38. निम्नलिखित में से कौन-सा लिटलसी के विश्व कृषि प्रकारों के वर्गीकरण के पांच आधारों में से नहीं है?

Correct Answer: (d) कृषि उत्पादकता का स्तर
Solution:

कृषि उत्पादकता का स्तर लिटलसी के विश्व कृषिप्रकारों के पाँच आधारों में से नहीं है। अमेरिकी भूगोलवेत्ता डी िटलसी ने 1936 में कृषिगत विशेषताओं के आधार पर विश्व केकृषि प्रदेशों का सीमांकन किया। उन्होंने कृषि प्रदेशों के सीमांकनहेतु निम्नांकित पाँच मापदंडों का प्रयोग किया-

(i) फसल एवं पशुपालन का संयोजन।
(ii) फसल उगाने एवं पशुपालन में प्रयुक्त विधियाँ तथा तकनीकें।
(iii) कृषि या पशु उत्पादों का निपटान।
(iv) कृषि भूमि में श्रम, पूँजी आदि के विनियोग की मात्रा।
(v) कृषि की उत्पादन विधि।
लिटलसी ने उपर्युक्त पाँच मापदंडों का उपयोग करते हुए विश्व को 13 कृषि प्रदेशों में विभक्त किया है-
1. चलवासी पशुचारण प्रदेश
2. व्यापारिक पशुपालन प्रदेश
3. स्थानांतरणशील कृषि प्रदेश
4. प्रारंभिक स्थायी कृषि प्रदेश
5. चावल प्रधान गहन निर्वाहन कृषि प्रदेश
6. चावल विहीन गहन निर्वाहन कृषि प्रदेश
7. व्यापारिक बागानी कृषि प्रदेश
8. भूमध्य सागरीय कृषि प्रदेश
9. व्यापारिक अन्न उत्पादक कृषि प्रदेश
10. व्यापारिक फसल एवं पशु उत्पादक कृषि प्रदेश
11. निर्वाहन फसल एवं पशु उत्पादक कृषि प्रदेश
12. व्यापारिक दुग्ध पशुपालन कृषि प्रदेश
13. विशिष्ट बागानी प्रदेश

39. ज्ञान आधारित उद्योगों के बारे में सही कथनों को पहचानें।

A.फार्मास्यूटिकल्स, स्वास्थ्य, जैव प्रौद्योगिकी,दूरसंचार ज्ञान आधारित उद्योगों के कुछ उदाहरण है|
B. टियर-I उद्योग ज्ञान के उत्पादक हैं।
C. टियर-II उद्योग में व्यापार नवप्रर्वतनक शामिल हैं।
D. बड़ी मात्रा में स्थिर संपत्ति के कारण इन उद्योगोंको वित्तीय चुनौतियों का सामना नहीं करना पड़ता है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए-

Correct Answer: (a) केवल A, B और C
Solution:

फार्मास्यूटिकल्स, स्वास्थ्य, जैव प्रौद्योगिकी, दूरसंचार ज्ञान आधारित उद्योगों के कुछ उदाहरण हैं। टियर-1 उद्योग ज्ञान के उत्पादक है तथा टियर-II उद्योग में व्यापार नवप्रर्वतनक शामिल है।

बड़ी मात्रा में स्थिर संपत्ति के कारण इन उद्योगों को वित्तीय चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। अतः ज्ञान आधारित उद्योग के बारे में कथन A, B और C सही है, जबकि कथन D गलत है।

40. ______ ने वॉन थ्यूनेन के भूमि उपयोग मॉडल को 1925 में शोधित किया था।

Correct Answer: (a) जोनासन
Solution:

जोनासन ने वॉन थ्यूनेन के भूमि उपयोग मॉडल को 1925 में शोधित किया था। प्रसिद्ध जर्मन अर्थशास्त्री वॉन थ्यूनेन ने सर्वप्रथम 1826 ई.में कृषि के स्थानीकरण के सिद्धांत का प्रतिपादन किया था। वॉन थ्यूनेन का सिद्धांत तुलनात्मक लाभ के सिद्धांत पर आधारित है।

वॉन थ्यूनेन मॉडल के अनुसार विलग प्रदेश में नगर के चारों ओर कृषि भूमि उपयोग की विभिन्न सकेंद्रीय पेटियाँ पायी जाती हैं जिनका क्रम नगर से बाहर की ओर निम्नवत पाया जाता है-

(i) साक सब्जी उत्पादन
(ii) काष्ठ उत्पादन
(iii) अन्न उत्पादन
(iv) चारागाह एवं परती के साथ शस्यार्वतन
(v) त्रिक्षेत्र पद्धति
(vi) पशुचारण

वास्तव में वॉन थ्यूनेन ने कृषि उपयोग की व्याख्या वैज्ञानिक ढंग से किया है और उसकी मूल प्रवृत्तियों की सही व्याख्या प्रस्तुत करने का सफल प्रयास किया है।

इसी कारण परवर्ती अनेक विद्वानों जैसे जानसन, बेकर, ईजार्ड, हूबर, लॉश, गैरिसन आदि ने वॉन थ्यूनेन के सिद्धांत में आवश्यक संशोधन करके उसे वास्तविक (व्यवहारिक) जगत की परिस्थितियों में लागू करने का प्रयास किया है।