NTA यू.जी.सी. नेट जेआरएफ परीक्षा, दिसम्बर-2023 भूगोल

Total Questions: 100

41. भारत में अकाल के बारे में निम्नलिखित कथन युग्मों में कौन-सा सही है

A. जब प्राकृतिक पारिस्थिक तंत्र की उत्पादकता संकट से प्रेरित पर्यावरणीय नुकसान के प्रभाव में बहुत अधिक नीचे चली जाए तब पारिस्थितिकीय अकाल होता है
B. जब लगातार तीन बार मौसमी अकाल जारी रहे तब जलीय अकाल होता है।
C. मौसमी अकाल एक स्थिति है जब वर्षा एक निश्चित समय में निश्चित मात्रा से कम होती है।
D. जब बड़े पैमाने पर खाद्य पदार्थों की कमी, जिसमें हस्तक्षेप के बिना बड़े पैमाने पर भूखमरी और मौते भी हो जाती है तब कृषि अकाल होता है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए।

Correct Answer: (c) केवल A और C
Solution:

जब प्राकृतिक पारिस्थितिक तंत्र की उत्पादकता संकट से प्रेरित पर्यावरणीय नुकसान के प्रभाव में बहुत अधिक नीचे चली जाए तब पारिस्थितिकीय अकाल होता है। जल विज्ञान संबंधी सूखा की स्थिति तब पैदा होती है,

जब विभिन्न जल संग्रहण, जलाशय, जलभूत और झीलें इत्यादि का स्तर वृष्टि द्वारा की जाने वाली जलापूर्ति के बाद भी नीचे गिर जाए। मौसमी अकाल एक स्थिति है, जब वर्षा एक निश्चित समय में निश्चित मात्रा से कम होती है। कृषि सूखा को भूमि आर्द्रता सूखा भी कहा जाता है।

मिट्टी में आर्द्रता की कमी के कारण फसलें मुरझा जाती हैं। जिन क्षेत्रों में 30 प्रतिशत से अधिक कुल बोये गए क्षेत्र में सिंचाई होती है, उन्हें सूखा प्रभावित क्षेत्र नहीं माना जाता है। अतः भारत में अकाल के बारे में कथन A और C दोनों सही हैं, जबकि कथन B और D गलत है।

42. ऐज सिटीज के बारे में सही कथनों को पहचानें।

A. ऐज सिटीज की अवधारणा को ग्रेअयू ने गढ़ा था।
B. ऐज सिटीज में घरों की तुलना में नौकरी कम हैं।
C. ऐज सिटीज मूलतः बहुक्रियाशील रोजगार केन्द्र होते हैं।
D. ऐज सिटीज के निजी बिल्डर्स और प्रात्साहकों को शामिल किए बिना सरकार द्वारा नियोजित शहरों के रूप में विकसित किया जाता है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए-

Correct Answer: (d) केवल A और C
Solution:

ऐज सिटीज की अवधारणा को मैअयू (Garreau) ने गढ़ा था। ऐज सिटीज मूलतः बहुक्रियाशील रोजगार केंद्र होते हैं। जनसांख्यिकीय विशेषज्ञ,जोएल ग्रेअयू अपनी प्रभावशाली पुस्तक, 'ऐज सिटीज : लाइफ ऑफ ए न्यू फ्रंटियर' के साथ एक उत्तर प्रदान करते हैं।

मूल रूप से 1991 में प्रकाशित, ऐस सिटीज, एक पीढ़ी में शहरी जीवन और योजना पर सबसे महत्वपूर्ण पुस्तकों में से एक है।

43. जनसंख्या संक्रमण की उत्तर परवर्ती विस्तार अवस्था में ______ |

Correct Answer: (c) कुल जनसंख्या घटती वृद्धि दर से बढ़ती है
Solution:

जनसंख्या संक्रमण की उत्तर परवर्ती विस्तार अवस्था में कुल जनसंख्या घटती वृद्धिदर से बढ़ती है। जनांकिकीय संक्रमण सिद्धांत को नोटेस्टीन तथा थाम्पसन ने तीन अवस्थाओं तथा ब्लैकर और पीटर कॉक्स ने पाँच अवस्थाओं के अनुसार जनसंख्या चक्र मॉडल की व्याख्या की है,

जिसमें प्रथम अवस्था में उच्च प्रजननशीलता व उच्च मर्त्यता होती है। द्वितीय अवस्था के प्रारंभ में प्रजननशीलता ऊँची बनी रहती है किंतु यह समय के साथ घटती जाती है।

यह अवस्था घटी हुई मृत्यु दर के साथ आती है। अंतिम अवस्था में प्रजननशीलता और मर्त्यता दोनों अधिक घट जाती है। जनसंख्या या तो स्थिर हो जाती है या मंद गति से बढ़ती है।

जनसंख्या नगरीय और शिक्षित हो जाती है तथा उसके पास तकनीकी ज्ञान होता है। ऐसी जनसंख्या विचारपूर्वक परिवार के आकार को नियंत्रित करती है।

44. सूची-I के साथ सूची-II का मिलान कीजिए।

सूची-I (जनसंख्या पिरामिड)सूची-II (देश)
A.विस्तारितI.इटली
B.घंटी के आकार काII.घाना
C.स्थिरIII.भारत
D.संकुचितIV.यू.एस.ए.

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए।

Correct Answer: (c) A-II, B-III, C-IV, D-I
Solution:

सही सुमेलित युग्म इस प्रकार है-

सूची-I (जनसंख्या पिरामिड)सूची-II (देश)
विस्तारितघाना
घंटी के आकार काभारत
स्थिरयू.एस.ए.
संकुचितइटली

अतः विकल्प (c) सही सुमेलित है।

45. _______ ने ध्यान दिलाया कि मतदान भूगोल की प्रमुख मूलभूत कमी इसकी राजनीतिक भूगोल के समग्र रूप में अध्ययनों से संबंध स्थापित करने की विफलता रही है।

Correct Answer: (c) कोक्स
Solution:

कोक्स ने ध्यान दिलाया कि मतदान भूगोल की प्रमुख मूलभूत कमी इसकी राजनीतिक भूगोल के समग्र रूप में अध्ययनों से संबंध स्थापित करने की, विफलता रही है।

कोक्स ने 'Progress in Geography नामक पुस्तक में 1969 में प्रकाशित अपने आलेख स्थानिक परिप्रेक्ष्य में मतदान निर्ण ' के माध्यम से व्यवहारवादी निर्वाचन भूगोल के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इसमें उन्होंने मतदान तथा व्यवहारिक समस्याओं का विश्लेषण लिया।

46. ______एक हिमानी-जलोढ़ स्थलाकृति नहीं है।

Correct Answer: (a) ड्रमलिन
Solution:

ड्रमलिन एक हिमानी-जलोढ़ स्थलाकृति नहीं है। हिमनद के निक्षेप द्वारा निर्मित स्थलरूपों में, इंमल्लिन, गीलाश्म वृत्तिक (Boulder Clay) द्वारा निर्मित एक प्रकार के ढेर या टीले होते हैं, जिनका आकार उल्टी नौका या कटे हुए उल्टे अंडे के समान होता है।

ड्रमलिन मुख्य रूप से समूह में मिलते हैं। सैकड़ों की संख्या में पाया जाना सामान्य बात है। इसी कारण ऐसी स्थलाकृति को अंडे की टोकरी की स्थलाकृति (Basket Egg Topography) कहते हैं। हिम के पिघलने से प्राप्त जल,हिम के अग्रभाग (Shoot) से जलधारा के रूप में निकल पड़ता है।

यह जलधारा अपने साथ हिमनद के मलना को दूर तक परिवहन करती है तथा उसे यथास्थान जमा भी करती है। इस तरह से हिमनद तथा जल के सम्मिलित रूप से निक्षेपण क्रिया को हिमानी-जलो निक्षेप (Ghcio-Fluvial Deposit) कहते हैं।

हिमानी-जलोढ़ निक्षेप द्वारा बर्ने, स्थलरूपों में एस्कर, केम, केमवेदिका हिमनद अपक्षेप, केटिल तथा केटिल गर्तिका (छिद्र) अधिक महत्वपूर्ण हैं।

47. निम्न भौगोलिक प्रकाशनों को कालानुक्रमिक क्रम में व्यवस्थित करें।

(a) अल्टरनेटिव ज्योग्राफिज
(b) मैपिंग डीजायरसं
(c) जेनेरल हिस्ट्री ऑफ दी नेचर ऑफ दी हेवन्स
(d) कॉसमॉस

Correct Answer: (a) C, D, B, А
Solution:

उपर्युक्त भौगोलिक प्रकाशनों का कालानुक्रमिक क्रम इस प्रकार है-
जनरल हिस्ट्री ऑफ दी नेचर ऑफ दी हेवेन्स → कॉसमॉस → मैपिंग डिजायर्स → अल्टरनेटिव ज्योग्रॉफिज ।

48. धारवाड़ के मस्की बैंड तथा चैंपियन रीफो में निम्नलिखित किस खनिज ग्रंसाधन के महत्वपूर्ण भण्डार निहित है?

Correct Answer: (d) सोना
Solution:

धारवाड़ के मस्की बैंड तथा चैंपियन रीफों में सोना खनिज संसाधन के महत्वपूर्ण भंडार निहित हैं। यहाँ सोना शैलों के जमाव 80 किमी. की लंबाई और 3-4 किमी. की चौड़ाई में पाया जाता है जिसमें चैंपियन, नंदीदूर्ग और मैसूर रीफ उल्लेखनीय हैं।

कुछ सोना धारवाड़ (गडंग), तुमकुर (बल्लारा), हासन (केम्पिंकोट), शिमोगा होन्नाली), चि मंगलूर (सिद्दरहल्ली) और गुलबर्गा (मुगलुर) जिलों में भी पाया जाता है। हीरे के अयस्क तीन प्रकार के भौगोलिक स्थितियों में पाए जाते हैं -

किंबरलाइट पाइप, कांग्लोमेरेट बेड्स तथा एल्युविअल ग्रेवल । भारत में हीरा भंडार के प्रमुख शैल मध्य प्रदेश का पन्ना, पट्टी आंध्र प्रदेश के कुर्मुल जिला में मुनीमांडुगु, समल्लाकोटा व बंगनपल्ले। एवं अनंतपुर जिले में बजकरूर तथा कृष्णा नदी थाले का रेतीला क्षेत्र ।

49. हिन्द महासागर के द्वीपों को उत्तर से दक्षिण की दिशा में व्यवस्थित करें।

A. डियगो गारसिया B. काकोस C. स्कोट्रा D. रीयूनियन
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए -

Correct Answer: (b) C, A, B, D
Solution:

हिंद महासागर के द्वीपों का उत्तर से दक्षिण क्रम इस प्रकार हैं-
स्कोट्रा डियागो गार्सिया काकोस रीयूनियन हिंद महासागर में अनेक प्रकार के बड़े व छोटे द्वीप पाए जाते हैं। बड़े आकार के द्वीप मेडागास्कर (मालागासी) एवं श्रीलंका महाद्वीपीय टुकड़े हैं।

सोकोत्रा, जंजीबार, कोमोरोस जैसे छोटे द्वीप भी महाद्वीपीय द्वीप ही हैं। बंगाल की खाड़ी में स्थित अंडमान-निकोबार द्वीप समूह म्यांमार के अपनानयोमा वलित पर्वत के जलमग्न भाग का ही उभरा हुआ भाग है

मध्यवर्ती कटक कई स्थानों पर समूह तल से द्वीप के रूप में ऊपर उठा हुआ है। इनमें लक्षद्वीप, मालदीव, चागोस, डिया गो गार्सिया, न्यू एमस्टर्डम, सेंटपॉल, कारगुलेन तथा शेसेल्स द्वीप प्रमुख हैं। प्रिंस एडवर्ड क्रोजेट कटक पर प्रिंस एडवर्ड तथा क्रोजेट द्वीप स्थित है।

50. नीचे व्यापार के बारे में दो कथन दिए गए है-

कथन-I: रिकार्डों में मॉडल के अनुसार प्रौद्योगिकी या प्राकृतिक संसाधनों में अंतर के कारण व्यापार की आवश्यकता उत्पन्न होती है।
कथन-II: जापान का अपना कोई तेल भण्डार नहीं है फिर भी वह विश्व के सबसे बड़े तेल उपभोक्ताओं में है।
उपरोक्त कथन के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए-

Correct Answer: (a) कथन । और II दोनों सत्य है।
Solution:

रिकार्डों मॉडल के अनुसार प्रौद्योगिकी या प्राकृतिक संसाधनों में अंतर के कारण व्यापार की आवश्यकता उत्पन्न होती है। जापान का अपना कोई तेल भंडार नहीं है फिर भी वह विश्व के सबसे बड़े तेल उपभोक्ताओं में है।

रिकार्डों ने माल्थस के सिद्धांत को स्वीकार करते हुए और विश्लेषणात्मक उपागम का अनुगमन करते हुए अपने स्वयं के बाजार-तंत्र के मानकी मॉडल का प्रतिपादन किया। उन्होंने अपने बाजार-तंत्र में श्रम को अन्य वस्तुओं की भाँति एक अमूर्त वस्तु माना।

उनके अनुसार, मनुष्य एक बुद्धिमान आर्थिक प्राणी है और वह बाजार तंत्र के अनुसार क्रियाशील होता है। इस कारण श्रम की माँग में वृद्धि होने पर मजदूरी बढ़ती है। उच्च मजदूरी के कारण श्रम पूर्ति में उच्च जनसंख्या द्वारा वृद्धि होगी।

लेकिन श्रम पूर्ति में वृद्धि होने पर मजदूरी घटेगी। इस प्रकार मजदूरी उस प्राकृतिक बिंदु पर स्थायी हो जायेगी जितने से जीवन निर्वाह हो सके।