NTA यू.जी.सी. नेट जेआरएफ परीक्षा, दिसम्बर-2023 भूगोल

Total Questions: 100

51. द्विशाखन अनुपात की गणना करें जब एक नदी बेसिन में दूसरे क्रम के खंडों की संख्या 38 तथा तृतीय क्रम के खंडों की संख्या 9 है।

Correct Answer: (c) 4.22
Solution:

जब एक नदी बेसिन में दूसरे क्रम के खंडों की संख्या 38 तथा तृतीय क्रम के खंडों की संख्या 9 है, तो द्विशाखन अनुपात 4.22 होगा। स्ट्रीम नेटवर्क के रूपात्मक मापदंडों का परिमाणीकरण हॉर्टन (1945) के साथ शुरू हुआ और बाद में स्ट्राहलर (1952) द्वारा संशोधित किया गया।

हॉर्टन एवं स्ट्राहलर ने धाराओं के क्रम को परिभाषित करने के लिए एक आर्डरिंग प्रणाली विकसित की है। हॉर्टन द्वारा दिये गये सूत्र इस प्रकार हैं-
जहाँ Rᴮ हॉर्टन स्ट्राहलर का द्विभाजन अनुपात है, N (w) क्रम धाराओं की संख्या है, N (w + 1) अगले क्रम की धारा की संख्या है।

52. सूची-I के साथ सूची-II का मिलान कीजिए।

सूची-I (वर्गीकृत कोड)सूची-II (उत्पत्ति क्षेत्र की विशेषताएँ)
A. cP (महाद्वीपीय ध्रुवीय)I. ठण्डा, आर्द्र, तुलनात्मक अस्थिर
B. mP (समुद्री ध्रुवीय)II. गर्म, आर्द्र, परिवर्तित स्थिरता
C. cT (महाद्वीपीय उष्णकटिबंधीय)III. ठण्डा, शुष्क और बहुत स्थिर
D. mT (समुद्री उष्णकटिबंधीय)IV. गर्म, अधिक शुष्क, अस्थिर

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तरका चयन कीजिए।

Correct Answer: (c) A-III, B-I, C-IV, D-II
Solution:

सही सुमेलित युग्म इस प्रकार हैं-

सूची-I (वर्गीकृत कोड)सूची-II (उत्पत्ति क्षेत्र की विशेषताएँ)
cP (महाद्वीपीय ध्रुवीय)ठण्डा, शुष्क और बहुत स्थिर
mP (समुद्री ध्रुवीय)ठण्डा, आर्द्र, तुलनात्मक अस्थिर
cT (महाद्वीपीय उष्णकटिबंधीय)गर्म, अधिक शुष्क, अस्थिर
mT (समुद्री उष्णकटिबंधीय)गर्म, आर्द्र, परिवर्तित स्थिरता

अतः विकल्प (c) सही सुमेलित है।

53. भूगोल में व्यक्त्यंकन (ईडियोग्राफिक) बनाम नियमान्वेषी (नोमोथेटिक) द्वैतवाद के बारे में सही कथनों की पहचान कीजिए।

A. हम्बोल्ट और सॉवर ने सामान्य नियमों के निर्माण पर अधिक बल दिया।
B. जेम्स ने घोषणा की कि वास्तविक प्रदेश जैसी कोई वस्तु नहीं होती है।
C. कान्ट, हेटनर और हार्टशोर्न ने भूगोल को नोमोथेटिक विज्ञान के रूप माना।
D. कान्ट के अनुसार भूगोल वर्णनात्मक है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपर्युक्त उत्तर का चयन कीजिए।

Correct Answer: (d) केवल A, B और D
Solution:

भूगोल में व्यक्त्यंकन (ईडियोग्रॉफिक) बनाम नियमान्वेषी (नोमोथेटिक) के द्वैतवाद में हम्बोल्ट और सॉवर ने सामान्य नियमों के निर्माण पर अधिक बल दिया तथा जेम्स ने घोषणा की कि 'वास्तविक प्रदेश' जैसी कोई वस्तु नहीं होती है।

भूगोल का यह द्वैतवाद शेफर हार्टशोर्न वाद-विवाद में स्पष्ट होता है। कान्ट, हेटनर और हार्टशोर्न परंपरा के नाम से सुपरिचित भूगोल, प्रदेशों का अध्ययन है और हर प्रदेश अद्वितीय (Unique) होता है।

हार्टशोर्न का सुदृढ़ विश्वास है कि भूगोल एक अद्वितीय प्रदेशों का अध्ययन है तथा ऐसा अध्ययन विशिष्ट वर्णनात्मक विधि (Idiographic Method) कहलाता है। इसके विपरीत शेफर भूगोल को वर्णन के विषय से नियम बनाने वाला विषय बनाने के लिए अपने तर्क 'भूगोल में अपवादवाद', 1953 के पेपर में प्रस्तुत किया।

शेफर ने भूगोल को प्रादेशिक विधि के स्थान पर क्रमबद्ध विधि से अध्ययन करने को स्पष्ट किया। कान्ट ने भूगोल को 'वर्णनात्मक भूगोल' कहा। 'Idiographic और 'Nomothetic शब्दावलियों का प्रयोग सर्वप्रथम उन्नीसवीं शताब्दी में जर्मन विद्वान विल्हेल्म विन्डेल बैंड ने किया था।

विवरणनात्मक और नियमान्वेषी दो भिन्न उपागम हैं,जो एक-दूसरे के पूरक हैं। सामाजिक विज्ञान में शोध के लिए प्रयुक्त दोनों उपागम गुणात्मक और परिमाणात्मक में विभाजित हैं।

54. सूची-I के साथ सूची-II का मिलान कीजिए।

मृदा निर्माण प्रक्रमजलवायु
A.लेटेराइजेशनI.आर्द्र शीतोष्ण
B.पोडजोलाइजेशनII.उष्ण एवं आर्द्र
C.ग्लेजेशनIII.अर्धशुष्क
D.खटीकरण (कैल्सिफिकेशन)IV.अत्यधिक ठंडा एवं आर्द्र

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए।

Correct Answer: (d) A-II, B-I, C-IV, D-III
Solution:

सही सुमेलित युग्म इस प्रकार है-

मृदा निर्माण प्रक्रमजलवायु
लेटेराइजेशनउष्ण एवं आर्द्र
पोडजोलाइजेशनआर्द्र शीतोष्ण
ग्लेजेशनअत्यधिक ठंडा एवं आर्द्र
खटीकरण (कैल्सिफिकेशन)अर्धशुष्क

अतः विकल्प (d) सही सुमेलित हैं।

55. सही कथनों को पहचानें।

A. ली का गतिशीलता संक्रमण मॉडल प्रवास और जनांकिकीय संक्रमण के बीच संबंध स्थापित करता है।
B. रेवेन्सटीन ने दूरी क्षय को प्रवास के एक नियम के रूप में पहचाना।
C. अंतरायिक अवसर मॉडल स्टॉफर ने दिया था।
D. 'व्हाइट ऑस्ट्रेलिया' नीति का उद्देश्य विश्व के सभी भागों से प्रवासियों को बिना अवरोधों के शांतिपूर्ण बसाना था।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए-

Correct Answer: (d) केवल B और C
Solution:

ली का गतिशीलता संक्रमण मॉडल प्रवास और जनांकिकीय संक्रमण के बीच संबंध स्थापित नहीं करता है। ली ने 1966 में गतिशीलता संक्रमण मॉडल प्रस्तुत किया जो रेवेन्सटीन के मॉडल का अनुसरण करते हुए किया गया था।

ली ने जनसंख्या के प्रवासन को उसके स्रोत तथा गंतव्य स्थान के बीच आकर्षण तथा प्रतिकर्षण तथा अंतरालयी बाधाओं के संदर्भ में स्पष्ट करने का प्रयास किया। ली के अनुसार अपकर्षण तथा प्रतिकर्षण कारक प्रत्येक क्षेत्र में प्रभावी होते हैं।

रेवेन्सटीन ने दूरी क्षय को प्रवास के एक नियम के रूप में पहचाना। प्रवास संबंधी प्रथम सिद्धांत रेवेन्सटीन महोदय ने 1885 में प्रस्तुत किया था। रेवेन्सटीन के अनुसार सर्वाधिक प्रवास आर्थिक कारणों से होता है।

इनके इस मॉडल का प्रमुख आधार प्रवास और दूरी, पदानुक्रम प्रवास, धारा और प्रतिधारा, 'ग्राम-नगर विभेदन, स्त्रियों की बहुलता, प्रौद्योगिकी और प्रवास तथा प्रवास के प्रेरक इत्यादि हैं। अंतरायली अवसर मॉडल स्टॉफर ने दिया था।

इन्होंने जिंफ के 'न्यूनतम प्रयास सिद्धांत' में संशोधन के रूप में सन् 1940 में अंतरायली अवसर सिद्धांत प्रस्तुत किया। स्टोफर के अनुसार प्रवास निर्धारण में रेखीय दूरी का क्षेत्रीय प्रकृति की तुलना में कम महत्व होता है।

इस कारण ज्यामितीय दूरी के स्थान पर सामाजिक-आर्थिक दूरी पर ध्यान देना चाहिए। 'व्हाइट ऑस्ट्रेलिया' नीति 23 दिसंबर, 1901 में ऑस्ट्रेलियन सरकार द्वारा एक कानून के रूप में संदर्भित किया गया था जिसका मुख्य उद्देश्य ऑस्ट्रेलिया में गैर-ब्रिटिश प्रवास को सीमित करना था।

56. कनाडा के अधिकतर भाग, अलास्का, रूस के बड़े भाग में और ऑस्ट्रेलिया के अधिकतर भाग में वायु परिवहन महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है क्योंकि _______ |

Correct Answer: (d) जनसंख्या फैली हुई है और परिवहन के अन्य साधनों का विकास कठिन है।
Solution:

कनाडा के अधिकर भाग, अलास्का, रूस के बड़े भाग में और ऑस्ट्रेलिया के अधिकतर भाग में वायु परिवहन महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है, क्योंकि जनसंख्या फैली हुई है और परिवहन के अन्य साधनों का विकास कठिन है।

कई बार अगम्य क्षेत्रों तक पहुँचने का यही एक साधन होता है। वायुयान जमी हुई भूमि के अवरोध से प्रभावित हुए बिना उत्तरी कनाडा के एस्किमो के लिए अनेक प्रकार के वस्तुएँ लाते हैं। हिमालयी प्रदेश में भू-स्खलन, एटेलांश अथवा भारी हिमपात के कारण प्रायः मार्ग अवरुद्ध हो जाते हैं। ऐसी स्थिति में किसी स्थान पर पहुँचने के लिए वायु यात्रा ही एकमात्र विकल्प है।

57. सूची-I के साथ सूची-II का मिलान कीजिए।

देशांतरसागर / खाड़ी
A.अंतर्राष्ट्रीय दिनांक रेखाI.कारपेन्ट्रिया की खाड़ी
B.140°EII.गिन्नी की खाड़ी
C.प्रधान मध्यानIII.कैस्पियन सागर
D.50°EIV.बेरिंग सागर

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए।

Correct Answer: (d) A-IV, B-I, C-II, D-III
Solution:

सही सुमेलित युग्म इस प्रकार है-

देशांतरसागर / खाड़ी
अंतर्राष्ट्रीय दिनांक रेखाबेरिंग सागर
140°Eकारपेन्ट्रिया की खाड़ी
प्रधान मध्यानगिन्नी की खाड़ी
50°Eकैस्पियन सागर

अतः विकल्प (d) सही सुमेलित है।

58. निम्नलिखित चक्रवातों,केके युग्म में कौन-सा घड़ी कीसुईयों के विपरीत घूमता है?

Correct Answer: (b) टाइफून तथा बागुइयोज
Solution:

टाइफून तथा वागुइयोज चक्रवात घड़ी की सूइयों के विपरीत घूमते हैं, क्योंकि सामान्य रूप में चक्रवात निम्न दाब के केंद्र होते हैं, जिनके चारों तरफ संकेंद्रीय समवायुदाब रेखाएँ विस्तृत होती हैं तथा केंद्र से बाहर की ओर वायुदाब बढ़ता जाता है,

परिणामस्वरूप परिधि से केंद्र की ओर हवाएँ चलने लगती हैं, जिनकी दिशा उत्तरी गोलार्द्ध में घड़ी की सुइयों के विपरीत तथा दक्षिण गोलार्द्ध में अनुकूल होती हैं। चक्रवात का आकार प्रायः गोलाकार, अंडाकार या अक्षर के समान होता है।

जलवायु तथा मौसम में चक्रवातों का पर्याप्त महत्व होता है, क्योंकि इनके द्वारा किसी भी स्थान, जहाँ पर ये पहुँचते हैं, वहाँ वर्षा तथा तापमान प्रभावित होता है। आयनवर्ती क्षेत्रों (30° उत्तर 30° दक्षिण अक्षांश) में उत्पन्न चक्रवातों को उष्ण कटिबंधीय चक्रवात कहते हैं।

ये निम्न वायुदाब वाले अभिसरणीय परिसंचरण तंत्र होते हैं, जिनकी औसत व्यास 640 किमी. तक होती है। विश्व के विभिन्न भागों में उष्णकटिबंधीय चक्रवातों को अलग-अलग नामों से जाना जाता है,

जो निम्न हैं- उत्तरी अटलांटिक महासागर खासकर कैरेबियन सागर तथा दक्षिण-पूर्व संयुक्त राज्य अमेरिका में हरिकेन, चीन सागर, चीन के पूर्वी एवं दक्षिण तटीय प्रदेश तथा दक्षिण-पूर्व एशिया में टाइफून, फिलीपींस में बागुइयोज, भारतीय उपमहाद्वीप में चक्रवात तथा ऑस्ट्रेलिया में इसे विली-विली कहते हैं।

59. भारत में जनसंख्या वृद्धि दर (%) के आधार पर निम्नलिखित जनगणना वर्षों को अवरोही (अधिकतम से न्यूनतम) के क्रम में व्यवस्थित करें

A. 1961 जनगणना
B. 1971 जनगणना
C. 1991 जनगणना
D. 2011 जनगणना
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए -

Correct Answer: (a) B, C, A, D
Solution:

भारत में जनसंख्या वृद्धि दर (%) के आधार पर जनगणना वर्ष को अवरोही (अधिकतम से न्यूनतम) क्रम में व्यवस्थित किया गया है,

जो निम्नलिखित है- 1971 जनगणना (+ 24.80%), 1991 जनगणना (+ 23.87%), 1961 जनगणना (+ 21.51%), 2011 जनगणना (+ 17.70%)। वर्तमान में भारत की जनसंख्या की दंशकीय वृद्धि 17.70 है जबकि वार्षिक वृद्धि दर 1.64 प्रतिशत है।

1911-21 के दशक में जनसंख्या में ह्रास (- 0.31) की स्थिति थी, जिसका प्रमुख कारण अकाल एवं महामारियाँ थीं, जिसके चलते मृत्यु दर अधिक हो गयी थी। 1921 के पश्चात देश की जनसंख्या में तीव्र गति से वृद्धि प्रारंभ हुई।

इसीलिए सन् 1921 को जनसंख्या के इतिहास में 'महान विभाजक वर्ष' कहा जाता है। भारत में जनसंख्या की सर्वाधिक वृद्धि 1961-71 के दशक में 24.80% हुई थी।

60. नीचे दो कथन दिए गए हैं: एक अभिकथन के रूप में लिखित है तो दूसरा उसके कारण के रूप में,

अभिकथन (A): नगरीय उष्मा द्वीप वह महानगरीय क्षेत्र है जो आस-पास के ग्रामीण क्षेत्रों से अधिक गर्म होता है।
कारण (R): महानगरीय क्षेत्रों में वहां की जनता, भवनों, कारों, बसों और ट्रेनों की ऊर्जा से गर्मी उत्पन्न होती है।

Correct Answer: (a) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या है
Solution:यह अनुच्छेद “नगरीय ऊष्मा द्वीप” (Urban Heat Island) को समझा रहा है – यानी वह महानगरीय क्षेत्र जो आसपास के ग्रामीण भागों की तुलना में अधिक गर्म हो जाते हैं।

1. नगरीय ऊष्मा द्वीप क्या है?

शहर का वह हिस्सा जहाँ तापमान पास के गाँवों व खुले क्षेत्रों से ज़्यादा होता, उसे नगरीय ऊष्मा द्वीप कहते हैं।

कारण यह कि शहरों में इमारतें, सड़कें, कारें, बसें, ट्रेनें आदि सूर्य की ऊर्जा व ईंधन की गर्मी को ज़्यादा अवशोषित कर लेती हैं और रात तक धीरे‑धीरे छोड़ती रहती हैं, इसलिए शहर लगातार गर्म बने रहते हैं।

2. इसके मुख्य कारण

उपभोक्तावादी जीवन‑शैली: ज़्यादा बिजली‑उपयोग, एयर‑कंडीशनर, वाहन, औद्योगिक गतिविधियाँ – सब मिलकर ऊर्जा की खपत और ऊष्मा उत्सर्जन बढ़ाते हैं।

कंक्रीट और डामर की सतहें: ये गर्मी को सोखती हैं, इनका अल्बेडो कम होता है, इसलिए सूर्य की रोशनी वापस नहीं उछलती, तापमान बढ़ जाता है।

हरियाली की कमी: पेड़‑पौधे और घास कम होने से छाया व वाष्पोत्सर्जन (Evapotranspiration) की प्रक्रिया घटती है, जिससे प्राकृतिक शीतलन नहीं हो पाता।

वायु प्रदूषण: धुआँ, धूल और ब्लैक कार्बन जैसी कणिकाएँ सौर विकिरण को अवशोषित कर हवा को और गर्म कर देती हैं।

3. इसके प्रभाव

स्थानीय जलवायु बदलती है: तापमान, आर्द्रता और ताप तरंगों (हीट वेव) की आवृत्ति बढ़ती है, जिससे मानव स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है और हीट‑स्ट्रोक जैसी समस्याएँ बढ़ती हैं।

वर्षा पैटर्न पर प्रभाव: शहरों के ऊपर गर्म हवा ऊपर उठकर बादल निर्माण को प्रभावित कर सकती है; कभी‑कभी आसपास के क्षेत्रों में वर्षा बढ़ जाती है तो कहीं और असमान वितरण हो जाता है।

पानी और ऊर्जा संकट: ज्यादा गर्मी की वजह से एसी, कूलर चलाने की माँग बढ़ती है, बिजली और पानी दोनों पर दबाव बढ़ता है और ऊर्जा‑खपत से और गर्मी व प्रदूषण पैदा होता है – यानी दुष्चक्र बन जाता है।

4. अनुच्छेद में कथन‑कारण (Assertion–Reason)

कथन (A): “नगरीय ऊष्मा द्वीप को ‘कट जाते क्लाइमेट’ (कट‑ऑफ क्लाइमेट/क्लाइमेट में कटाव) कहा जाता है।” – मतलब शहर की जलवायु आसपास के क्षेत्रों से अलग‑थलग और अधिक गर्म हो जाती है।

कारण (R): ऊर्जा के अनियंत्रित उपयोग, कंक्रीट‑करण, पेड़ों की कमी, प्रदूषण आदि से शहरों का तापमान और पर्यावरणीय समस्याएँ बढ़ती हैं।

अनुच्छेद के अनुसार दोनों कथन सत्य हैं और दिया गया कारण (R) ही कथन (A) का सही कारण है; इसलिए उत्तर विकल्प (a) चुना गया है कि दोनों सत्य हैं तथा (R), (A) की व्याख्या करता है।