Solution:ग्रीष्म ऋतु के दौरान तापमान में निरंतर वृद्धि देखी जाती है। अप्रैल तक संतपुड़ा,श्रेणी के दक्षिण स्थित प्रायद्वीपीय क्षेत्र का औसत अधिकतम तापमान 40°C तक पहुँच जाता है।
अप्रैल के महीने में 30°C समेताप रेखा के घेरे में 10° उत्तर से 26° उत्तर अक्षांश का देश का विस्तृत क्षेत्र (पश्चिम तट एवं उत्तर-पूर्व को छोड़कर) पाया जाता है।
परंतु मई के महीने में केवल उत्तर एवं पश्चिम राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, पश्चिम उत्तर प्रदेश एवं कीरोमंडल तट का एक छोटा क्षेत्र ही इससे आवृत्त होता है। शीत ऋतु में तापमान सामान्य तौर पर उत्तर से दक्षिण की ओर बढ़ता जाता है तथा समताप रेखाएँ लगभग समानांतर पायी जाती हैं।
जनवरी माह में 20°C समताप रेखा पश्चिम में कच्छ के रन से पूर्व में गंगा के मुहाने तक लगभग 22 अक्षांशों तक पाई जाती हैं। दक्षिण भारत में समताप रेखाएँ दक्षिण को मुड़कर तट के समानांतर पाई जाती हैं। देश का प्रायद्वीपीय भाग शीत ऋतु से कम प्रभावित होता है।
महानदी बेसिन क्षेत्र प्रतिवर्ष 100 से 200 सेंटीमीटर वर्षा प्राप्त करता है। पश्चिमी तट, सह्याद्रि, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम एवं दार्जिलिंग पहाड़ियों में 200 सेमी. से अधिक वर्षा प्राप्त होती है। उत्तर-पूर्व भारत के शेष क्षेत्रों, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, पूर्वी बिहार, छत्तीसगढ़ तराई क्षेत्र और उत्तराखंड की पहाड़ियों में वर्षा की मात्रा 100-200 सेंटीमीटर पाई जाती है।
अक्टूबर और नवंबर महीनों को मानसून के निवर्तन की ऋतु कहा जाता है। मानसून सितंबर के पहले सप्ताह में पश्चिमी राजस्थान में लौटता है। इस महीने के अंत तक मानसून राजस्थान, गुजरात, पश्चिमी गंगा मैदान तथा मध्यवर्ती उच्चभूमि से लौट चुका होता है।
अक्टूबर के आरंभ में बंगाल की खाड़ी के उत्तरी भागों में स्थित होता है तथा नवंबर के शुरू में यह कर्नाटक और तमिलनाडु की ओर बढ़ता है। दिसंबर के मध्य तक निम्न वायुदाब का केंद्र प्रायद्वीप से पूरी तरह से हट चुका होता है। अतः स्पष्ट है कि कथन (A) और (C) सही है तथा कथन (B) और (D) गलत है।