NTA यू.जी.सी. नेट जेआरएफ परीक्षा, दिसम्बर-2023 भूगोल

Total Questions: 100

71. ______ हिन्द महासागर में स्थित है।

Correct Answer: (a) कार्ल्सबर्ग कटक
Solution:

कार्ल्सबर्ग कटक हिन्द महासागर में स्थित है। हिन्द महासागर में प्रायद्वीपीय भारत के दक्षिण से प्रारंभ होकर मध्यवर्ती कटक दक्षिण में अंटार्कटिका तक क्रमबद्ध श्रृंखला के रूप में उत्तर से दक्षिण दिशा में फैला है।

उत्तर में प्रायद्वीपीय भारत के मग्नतट से प्रारंभ होता है, जहाँ पर इसकी चौड़ाई 320 किमी. हो जाती है। इस भाग को लकादीव चैगोस के नाम से जाना जाता है। इस कटक का पुनः दक्षिण की ओर विस्तार होता है

तथा भूमध्यरेखा एवं 300 दक्षिण अक्षांश के मध्य इसे चैगोस सेंट पाल कटक के नाम से जाना जाता है और दक्षिण जाने पर इस कटक की चौड़ाई 1600 किमी. हो जाती है तथा इसे एमस्टर्डम सेंट पाल पठार नाम से संबोधित किया जाता है। 50° दक्षिण अक्षांश के दक्षिण में इस कटक की दो शाखाएँ हो जाती हैं।

पश्चिम में कार्ल्सबर्ग कटक 480 से 63° दक्षिण अक्षांशों के मध्य विस्तृत है तथा पूर्वी शाखा इंडियन अंटार्कटिक कटक के नाम से विख्यात है। अल्बेट्रास का पठार प्रशांत महासागर में स्थित है। वालविस कटक तथा वाइविल थॉमसन कटक अटलांटिक महासागर में पाया जाता है।

72. मृदा परिच्छेदिका के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।

А. O- संस्तर : इसमें अधिकतर धरातल का कचरा और आंशिक सड़ा हुआ जैविक पदार्थ होता है।
B. A-संस्तर : इसे सामान्यतः ऊपरी मृदा कहा जाता है।
C. संस्तरः यह मृदा की सबसे निम्नतम सतह है, जिसमें मुख्यतः जनक सामग्री होती है।
D. B- संस्तरः यह निक्षालन का क्षेत्र है, जो ऊपरी - मृदा तथा निचली कम उपजाऊ सतहों के बीच पाया जाता हैं।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए-

Correct Answer: (d) केवल A और B
Solution:

मृदा परिच्छेदिका के संस्तरों को मुख्य रूप से दो वर्गों में विभाजित किया जाता है- 1. जैव संस्तर, 2. खनिज संस्तर । जैव संस्तर किसी भी मृदा परिच्छेदिका का सबसे ऊपरी संस्तर जैविक संस्तर या कार्बनिक संस्तर कहलाता है।

जिसके अंतर्गत जीवित या मृत जैविक पदार्थों की बहुलता होती है। इस संस्तर को अंग्रेजी के '' अक्षर द्वारा इंगित किया जाता है। इसमें अधिकतर धरातल का कचरा, आंशिक सड़ा हुआ जैविक पदार्थ तथा पौधों एवं जंतुओं से प्राप्त जैविक पदार्थ होता है।

खनिज संस्तर का निर्माण अजैविक पदार्थों या खनिजों से होता है। इसके अलावा खनिज संस्तर के ऊपरी भाग में थोड़ी मात्रा में जैविक पदार्थ भी पाए जाते हैं। इस संस्तर को तीन उपसंस्तरों में (A, B और C संस्तर) बाँटा गया है।

इन तीनों संस्तरों को भी कई उपसंस्तरों (A, A2, A3, B, B2, B3) में विभाजित किया गया है। Aसंस्तर को सामान्यतः ऊपरी मृदा कहा जाता है। पौधों की जड़ें प्रायः इसी संस्तर में होती हैं।, Bसंस्तर में मृदा कण अत्यधिक सघन रूप में गठित रहते हैं।

अतः इसमें वायु का अभाव बना रहता है जिससे इनमें जीव जंतु तथा पौधों की जड़ें पनप नहीं पाती हैं। B-संस्तर, A-संस्तर के आधार शैल के अपक्षयित पदार्थों को रिगोलिथ कहते हैं। इस संस्तर को अधोस्तर संस्तर भी कहा जाता है।

इस संस्तर को ग्ले परत भी कहते हैं। D या R संस्तर मिट्टी के नीचे स्थित संगठित, दृढ़ एवं कठोर आधार शैल के मंडल होते हैं। अतः स्पष्ट है कि कथन (A) और (B) दोनों सही हैं।

73. विश्व जनसंख्या (2022) के संबंध में सही कथनों को पहचानें।

A. अधिक विकसित देश (MDCS) विश्व की जनसंख्या के एक-तिहाई भाग का गठन करते हैं।
B. अशुद्ध मृत्यु दर (CDR) कम विकसित देशों की तुलना में अधिक विकसित देशों में ऊँची है।
C. विश्व जनसंख्या का एक चौथाई 15 वर्ष से कम आयु वर्ग में है।
D. विश्व जनसंख्या में ग्रामीण जनसंख्या का हिस्सा नगरीय जनसंख्या से अधिक है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए-

Correct Answer: (b) केवल B और C
Solution:

विश्व जनसंख्या 2022 के अनुसार, अधिक विकसित देश (MDCs) विश्व की जनसंख्या के 25 प्रतिशत से कम है। अशुद्ध मृत्यु दर (CDR) कम विकसित देशों की तुलना में अधिक विकसित देशों में ऊँची है तथा विश्व जनसंख्या का एक चौथाई भाग 15 वर्ष से कम आयु वर्ग वाली जनसंख्या है। विश्व जनसंख्या में ग्रामीण जनसंख्या का हिस्सा नगरीय जनसंख्या से कम है।

74. वाह्य कोर आन्तरिक क्रोड से_____तंरंगों के वेग में अन्तर के आधार पर विलय किया जाता है।

Correct Answer: (d) पी
Solution:

'P' तरंगों के वेग में भिन्नता के आधार पर बाहरी कोर को आंतरिक कोर से अलग किया जाता है। कोर का विस्तार 2900 किमी. से पृथ्वी के केंद्र (6371 किमी.) तक है। कोर का आयतन पृथ्वी के आयतन का 16 प्रतिशत तथा समस्त द्रव्यमान का 32 प्रतिशत ही है।

अंतरतम को दो उपभागों में विभक्त किया जाता है- (i) बाह्य कोर, (ii) आंतरिक कोर। यह विभाजन सीमा 5150 किमी. की गहराई पर निश्चित की गई है। इस तरह बाह्य अंतरम का विस्तार 2900 किमी. से 5150 किमी. की गहराई के बीच है।

इस मंडल में भूकंपीय S लहर प्रविष्ट नहीं होती है। 5150 से 6371 किमी. की गहराई तक का भाग आंतरिक कोर के अंतर्गत आता है, जो ठोस अवस्था में होता है। P लहरों की गति आंतरिक कोर में 11.23 किमी. प्रति सेकंड होती है। बाह्या और आंतरिक कोर के मध्य लेहमन असंबद्धता पायी जाती है।

75. यूएसए-कनाडा की अंतर्राष्ट्रीय सीमा ______ झील से नहीं गुजरती है।

Correct Answer: (b) मिशिगन
Solution:

यूएसए कनाडा की सीमा मिशिगन झील से नहीं गुजरती है। ह्यूरोन, ईरी, ओटारियो, सुपीरियर झील कनाडा तथा यू.एस.ए. की सीमा बनाती हैं।

मिशिगन झील संयुक्त राज्य अमेरिका में विस्तृत ताजे पानी की झील है, जो ग्रेट लैक्स झील की एक झील है। इसके किनारे पर स्थित प्रमुख अमेरिकी नगर शिकागो, गैरी और मिलवाकी हैं।

76. निम्नलिखित वस्तुओं को प्रकाशीय थर्मल अवरक्त क्षेत्र (8.00-9.20 µm) में परावर्तनीयता के आधार पर आरोही क्रम में व्यवस्थित करें।

A. घास B. कंक्रीट C. रेतीली दोमट मिट्टी D. साफ पानी
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए-

Correct Answer: (d) D, C, B, А
Solution:

वस्तुओं को प्रकाशीय थर्मल अवरक्त क्षेत्र (8.00-9.20 Hm) में परावर्तनीयता के आधार पर आरोही क्रम इस प्रकार है- साफ पानी > रेतीली दोमट मिट्टी कंक्रीट घास। किसी पदार्थ के द्वारा वायुमंडल में छोड़ी उष्मा को उत्सर्जित उष्मा कहते हैं।

अधिकांश पदार्थों का उत्सर्जन 0.81 से 0.96 के मध्य होता है। सामान्यतः धरातलीय पदार्थों जैसे चट्टानों, मिट्टी, वनस्पति इत्यादि की उत्सर्जकता की मात्र लगभग 0.75 से 0.95 के मध्य होती है। जबकि अन्य कारकों के द्वारा उत्पन्न तापांतर की तुलना में उत्सर्जकता के कारण तापीय बिंब ठंडे प्रतीत होते हैं।

नीचे पदार्थों की उत्सर्जकता को दर्शाया गया है जो कि'8 सेसे 12 माइक्रोमीटर प्रभाव से लिए गए हैं-

पदार्थउत्सर्जकता
ग्रेनाइट0.815
क्वार्ट्ज तथा बालू0.914
असफेल्ट पेविंग0.954
कंक्रीट मार्ग0.966
जल के साथ पेट्रोल की पतली परत0.972
स्वच्छ जल0.993
चिकना धरातल0.060

77. _______ स्लेट तथा सिस्ट के मध्य रूपांतरण की कोटि प्रदर्शित करती है।

Correct Answer: (a) फाइलाइट
Solution:

फाइलाइट स्लैट तथा सिस्ट के मध्ये रूपांतरण की कोटि प्रदर्शित करता है। रूपांतरित शैलों के कुछ महत्वपूर्ण उदाहरण निम्नलिखित हैं-

मौलिक/आग्नेय शैलकायंतरित शैल
अभ्रकशिस्ट
ग्रेनाइटनाइस
बिटुमिनस कोयलाएंथ्रासाइट कोयला
ग्रेबोसरपेन्टाइन
बलुआ पत्थरक्वार्टजाइट
चूना पत्थरसंगमरमर
शैलस्लेट
स्लेटफाइलाइट

78. भारत में प्राकृतिक आपदाओं के सन्दर्भ में असत्य कथनों को पहचानें।

A. राष्ट्रीय बाढ़ कमीशन ने भारत में 40 मिलियन हेक्टेयर क्षेत्र को बाढ़ की आशंका वाला चिह्नित किया है।
B. भारत का लगभग एक तिहाई भू-क्षेत्र भूस्खलन के खतरे की चपेट में है।
C. मुम्बई और कोलकाता की अपेक्षा तूतीकोरिन अधिक भूकम्पीय संवेदनशील जोन में स्थित है।
D. 26दिसम्बर 2004 का सुपर साईक्लोन ओडिशा में जान और माल की बहुत अधिक हानि में परिणीत हुआ।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयने कीजिए।

Correct Answer: (b) केवल B, C और D
Solution:

प्राकृतिक 'प्रकोप पारिस्थितिक तंत्र को संतुलित करने के लिए पृथ्वी की नैसर्गिक प्रणाली के त्पाद हैं। ये प्राकृतिक प्रक्रियाओं के भाग हैं, जब इनकी आवृत्ति और तीव्रता में वृद्धि से तबाही. होने लगती उदै भूकंप, सुनामी, बाढ़, चक्रवात, सूखा, भूस्खलन आदि।

नदी, झील था सागर तल के उत्थान के कारण भूमि के अस्थाई' तौर पर अप्लावन को बोल. कहते हैं। राष्ट्रीय बाढ़ कमीशन में भारत में 40 मिलियन हेक्टेवर क्षेत्र को बाढ़ की आशंका वाला चिह्नित किया है।

भूस्खलन, गुरुत्व के कारण ढाल के सहारे शैल, मिट्टी और वनस्पति का 'तेजी से होने वाला प्रवाह है। भूस्खलन तथा हिमस्खलन बड़े हाइड्रो जियोलॉजिकल खतरों में आते हैं. जी हिमालय पर्वतों की पूर्वोत्तर श्रेणी, पश्चिमी घाट, नीलगिरि, पूर्वी घाट तथा विध्याचल जो भारतीय भू-भार्ग के 15% हिस्सा हैं।

राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्थान ने भारतें को 5 भूकंपीय क्षेत्रों में बाँटा था। वर्तमान में भारत के भूकंपी जोन एवं II को एक में समाहित कर अब जोन-II में विभक्त कर दिया है। इस प्रकार अब देश को 4 भूकंपीय क्षेत्रों में विभक्त कर दिया गया है।

मुंबई और कोलकाता की अपेक्षा.तूतीकोरिन कम, संवेदनशील जोन में स्थित है। तूतीकोरिन न्यूनतम प्रभाव का क्षेत्र (Zone-II) में स्थित है। 26 दिसंबर, 2004 का सुनामी ओडिशा में जान और माल की बहुत अधिक हानि में परिणीत हुआ। अतः स्पष्ट है कि कथन (A) सत्य है तथा अन्य कथन असत्य हैं।

79. नवाचारों के निम्न अभिग्रहणकों को सभी अभिग्रहण मेंप्रतिशत हिस्से के आधार पर अवरोही क्रम में रखें।

A. प्रवर्तक B. देर बहुलता C.फिसड्डी D. प्रारंभिक अभिग्रहणक
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चबन कीजिए -

Correct Answer: (d) B, C, D, A
Solution:

नवाचारों के निम्न अभिग्रहणकों को सभी अभिग्रहण में प्रतिशत हिस्से के आधार पर अवरोही क्रम में इस प्रकार रखते हैं, देर बहुलता फिसड्डी प्रारंभिक अभिग्रहणक प्रवर्तक।

उन्नत कृषि तकनीक, नवीन उपकरण, निवेश प्रक्रिया तथा कृषि की विधियों का उपयोग करना ही कृषि का आधुनिकीकरण है, जिसके द्वारा उत्पादन एवं उत्पादकता बढ़ायी जा सके।

इन सभी प्रकार की विधियों को नवाचार के नाम से जाना जाता है। नवाचार की दो प्रक्रियाएँ हैं- (i) प्रसारण,
(ii) अभिग्रहण ।

80. स्टोडर्ट ने डार्विन के कार्य से चार प्रमुख विषय सुझाए जिन्होंने समकालीन भौगोलिक चिंतन में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इनमें से कौन सा प्रमुख विषय समकालीन भौगोलिक संकल्पनाओं को दोनों वैज्ञानिक नियतिवाद तथा सम्भववाद की तरफ अग्रसर करता है?

Correct Answer: (c) चयन एवं संघर्ष का विचार
Solution:

स्टोडर्ट ने डार्विन के कार्यों से नवाचार प्रमुख विषय सुझाए जिन्होंने समकालीन भौगोलिक चिंतन में महत्वपूर्ण योगदान दिया। चयन और संघर्ष का विचार समकालीन भौगोलिक संकल्पनाओं को दोनों वैज्ञानिक नियतिवाद तथा संभववाद की तरफ अग्रसर करता है।

प्राणिशास्त्रीय उद्विकासीय सिद्धांत का विश्लेषण करने वाली चार्ल्स डार्विन की प्रसिद्ध पुस्तक 'The Origin of Species' 1859 में प्रकाशित हुई। डार्विन के सिद्धांत को डार्विनवाद के नाम से जाना जाता है। उनके अनुसार उद्विकास एक सतत् प्रक्रिया है,

जिसके दौरान जीव में कुछ परिवर्तन होना स्वाभाविक है। डार्विन के उद्विकास सिद्धांत के अनुसार प्रत्येक प्रकार का जीव अपने अस्तित्व के लिए निरंतर संघर्ष करता है। जो भी जीव इस संघर्ष में अयोग्य या दुर्बल होता है,

वह नष्ट हो जात है और केवल सबसे योग्य जीव का ही अस्तित्व संभव होता है। इस प्रकार जीवों के उद्भव विकास प्रक्रिया में प्राकृतिक वरण और समर्थतम का अस्तित्व का सिद्धांत ही प्रमुख है।