Solution:किसी वस्तु द्वारा अपने पर पड़ने वाली विद्युत चुंबकीय तरंगों को अपने में समावेशित किया जा सकता है। इस प्रक्रिया को अवशोषण कहा जाता है। इस तरह अवशोषण द्वारा अवशोषण करने वाले तत्व या वस्तुः का तापमान बढ़, जाता है।
फूलेशी सौर्यिक विकिरण का.अवशोषण वरणात्मक (चयनात्मक) होता है, अर्थात् कुछ विकिरण तरंगों का अवशोषण होता है तथा कुछ का नहीं होता है। अवशोषण की प्रक्रिया जलवाष्प, विभिन्न गैसों, धुंध, धुँआ तथा कतिपय धूलकणों से प्रभावित होता है।
उष्मा ऊर्जा का एक अणु से दूसरे अणु में उनकी स्थिति में परिवर्तन किए बिना स्थानांतरण एवं गमन चालन कहलाता है। चालन क्रिया के अंतर्गत एक अणु स्पर्श द्वारा दूसरे अणु को उष्मा प्रदान करता है।
परिचालन की प्रैक्रिया द्वारा उष्मा का गमन एवं स्थानांतरणं दो रूपों में होता है- (1) एक ही वस्तु के एक भाग से दूसरे भाग में, (2) किसी एक वस्तु से उसके संपर्क में स्थित दूसरी वस्तु में। पदार्थों के द्रव्यमान (Mass) के संचलन (Movement) द्वारा एक स्थान से दूसरे स्थान में उष्मा के स्थानांतरण की प्रक्रिया को संवहन कहते हैं
तथा बिना किसी पदार्थीय माध्यम (ठोस, तरल तथा गैस) के एक वस्तु से दूसरी वस्तु में उष्मा के स्थानांतरण की प्रक्रिया को विकिरण कहते हैं।
अतः स्पष्ट है कि कथन (A) और (D) सत्य हैं।