Solution:डेविस और फेंक के भू-आकृतिक चक्रों के संदर्भ में निम्नलिखित कथन सही है- डेविस ने नदीय प्रक्रम के अपरदन चक्र को 'अपरदन का सामान्य चक्र माना। डेविस ने ढाल पतन की अवधारणा का प्रयोग किया।
पेंक मॉडल के समरूपी दृश्य भूमि विकास के चरण के द्वितीय उप-चरण में निरपेक्ष ऊँचाई में वृद्धि नहीं होती है और न ही सापेक्ष उच्चावच में वृद्धि क्योंकि शिखर के पतन और उत्थान की दर बराबर होती है।
डेविस ने गिलबर्ट द्वारा प्रस्तावित आधार तल और पावेल द्वारा प्रतिपादित प्रवणित सरिताओं की संकल्पना का प्रयोग उद्विकास पैराडाइम को लागू करने के लिए नहीं किया था। पावेल ने 1875 ई. में 'आधार तल' पर अपनी संकल्पना का प्रतिपादन किया था,
पावेल के अनुसार सागर तल मुख्य आधार तल को प्रदर्शित करता है, जिसके नीचे शुष्क स्थलखण्ड का अपरदन नहीं हो सकता है। गिलबर्ट महोदय ने नदी के वेग तथा नदी परिवहन शक्ति के बीच संबंध के आधार पर एक सिद्धान्त का प्रतिपादन किया है,
जिसे गिलबर्ट का छठी शक्ति का सिद्धान्त कहते हैं। इस सिद्धान्त के अनुसार नदी की परिवहन शक्ति नदी के वेग की छठी शक्ति के अनुपात में होता है। गिलबर्ट ने स्थलरूपों एवं प्रक्रमों के विश्लेषण में वैज्ञानिक पद्धति का प्रयोग किया
जिसके अन्तर्गत गुण के स्थान पर मात्रा पर जोर दिया जाता है। उन्होंने भौमिकीय प्रक्रमों के विश्लेषण में ऊष्मागतिकी प्रतिरूप का प्रयोग किया।
डेविस ने स्थलरूपों के विकास से संबंधित सर्वप्रथम वास्तविक 'सामान्य सिद्धान्त' का प्रतिपादन किया। इनका भ्वाकृतिक सिद्धान्त कई सिद्धान्तों का एक समूह है।
इसमें तीन प्रमुख है- (1) सरिता जीवन का पूर्ण चक्र (2) भौगोलिक चक्र (3) ढाल का विकास । डेविस ने स्थलरूपों के विकास में चक्रीय पद्धति का अवलोकन ऐतिहासिक परिवेश में किया।
उन्होंने बताया कि स्थलरूपों के निर्माण एवं विकास पर संरचना, प्रक्रम तथा समय का प्रभाव होता है। अतः विकल्प (b) सही हैं।