Solution:हाफोर्ड जान मैकिण्डर एक ब्रिटिश भूगोलवेत्ता तथा राजनयिक थे। मैकिण्डर ने विश्व के मानचित्र पर सम्पूर्ण भूमंडल को तीन कटिबंधों में वर्गीकृत किया (1) धुरी क्षेत्र (2) आंतरिक या उपांतीय अर्द्ध चन्द्राकार क्षेत्र (3) बहिर्वतीं या द्वीपीय अर्द्ध चन्द्राकार क्षेत्र। धुरीक्षेत्र धुरी क्षेत्र के अन्तर्गत विश्व द्वीप का वह वृहत् स्थलीय क्षेत्र सम्मिलित है जिसका जल प्रवाह आन्तरिक है या आर्कटिक सागरोन्मुख है।
इसका विस्तार पश्चिम में वोल्गा नदी से पूर्व में पूर्वी साइबेरिया तक तथा दक्षिण में हिमालय पर्वत से लेकर आर्कटिक सागर तक फैला हुआ था। धुरी क्षेत्र के पश्चिम, दक्षिण तथा पूर्व में आंतरिक या उपांतीय अर्द्धचन्द्राकार क्षेत्र का विस्तार है
जिससे धुरी क्षेत्र घिरा हुआ है। इसके अन्तर्गत पश्चिम यूरोप, उत्तरी अफ्रीका, मध्य-पूर्व (द. प. एशिया), दक्षिण तथा दक्षिणी पूर्वी एशिया एवं एशिया का सुदूर पूर्व क्षेत्र शामिल हैं। आन्तरिक या उपांतीय क्षेत्र के बाहर बहिर्वत या द्वीपीय अर्द्ध चन्द्राकार क्षेत्र पाया जाता है
जिसके अन्तर्गत उत्तरी एवं दक्षिणी अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, सहारा मरुस्थल के दक्षिण स्थित अफ्रीकी भाग, ब्रिटिश द्वीप एवं जापान द्वीप समूह आदि सम्मिलित हैं। द्वितीय विश्व युद्ध के पश्चात् मैकिंडर ने विश्व में दो महत्वपूर्ण शक्ति केन्द्रों के अस्तित्व को देखा जिनमें उत्तरी अमेरिका एवं पश्चिमी यूरोपीय देश शामिल थे।
द्वितीय विश्व युद्ध के बाद विश्व के भूराजनीतिक परिदृश्य में काफी परिवर्तन हुए। द्वितीय विश्व युद्ध का परिणाम शक्ति केन्द्र से शक्ति शुन्यता की ओर न होकर प्रदेशन तथा धूरी पर आधिपत्य को लेकर था। अतः कथन (B) और (C) सही है, जबकि कथन (A) और (D) गलत है, इसलिए विकल्प (d) सही है।