Solution:अक्षीय तल की स्थिति के आधार पर वलनों का क्षैतिज से ऊर्ध्वाधर क्रम निम्नलिखित है- परिवलन वलन प्रतिवलन → असममित वलन सममित वलन । सममित वलन में दोनों भुजाओं का झुकाव बराबर होता है। यह खुला हुआ वलन होता है।
असममित वलन में दोनों भुजाओं में असमानता पायी जाती है। एक भुजा साधारण झुकाव वाली होती है, जिसका ढाल क्रमशः होता है, जबकि दूसरी भुजा छोटी होती है और इसका झुकाव अधिक होता है। परिवलन परिवलित (श्यान) वलन में जब क्षैतिज संचलन अत्यधिक तीव्र होता है,
तो अत्यधिक संपीडन के कारण इतना अधिक वलन हो जाता है जिससे वलन की दोनों भुजाएँ परस्पर समानान्तर होती हुई क्षैतिज दिशा में मुड़ जाती है।
प्रतिवक्षन में अत्यधिक सम्पीडन के कारण, जब वलन की एक भुजा दूसरे पर उलट जाती है तो उसे प्रतिवलन कहते है। इस प्रकार के वलन की भुजाएँ क्षैतिज अवस्था में नहीं, होती हैं। अतः विकल्प (c) सही है।