NTA यू.जी.सी. नेट जेआरएफ परीक्षा (निरस्त), जून-2024 भूगोल

Total Questions: 100

61. जैव भूरासायन चक्र के संदर्भ में सही कथनों की पहचान करें :

A. इसमें भौतिक तथा जैविक दोनों प्रक्रियाएँ शामिल होती हैं।
B. इसे पदार्थ चक्र अथवा पोषण चक्र के रूप में भी संदर्भित किया जाता है।
C. सभी जैव-भूरासायनिक चक्रों में, नाइट्रोजन चक्र सर्वाधिक महत्वपूर्ण है क्योंकि वायुमण्डल में नाइट्रोजन की मात्रा 78% है।
D. जैव-भूरासायन चक्र में पदार्थों का प्रवाह एकल दिशा होता है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (a) केवल A, B और C
Solution:

जैव-भूरासायन चक्र में भौतिक तथा जैविक दोनों प्रक्रियाएँ शामिल होती हैं। इसे पदार्थ चक्र अथवा पोषण चक्र के रूप में भी संदर्भित किया जाता है। सभी जैव-भूरासायनिक चक्रों में, नाइट्रोजन चक्र सर्वाधिक महत्वपूर्ण है, क्योंकि वायुमंडल में नाइट्रोजन की मात्रा 78% है।

जैव-भूरासायनिक चक्रों में पदार्थों का प्रवाह तत्वों के संचरण की प्रक्रिया चक्रीय होती है, न कि एकल - दिशा में। पृथ्वी के वायुमंडल, जलमंडल एवं स्थलमंडलों से होकर रासायनिक तत्वों के चक्रण को जैव-भूरासायन चक्र कहते है।

यह एक वृहद स्तरीय चक्र होता है जिनके द्वारा अजैविक तत्वों का जैविक प्रावस्था से होकर गमन होता है तथा अन्ततः पुनः अजैविक (भौतिक) दशा में वापस आ जाते हैं। अतः विकल्प (a) सही है।

62. वॉन थ्यूनेन के भूमि उपयोग मॉडल के अनुसार बाजार से परिधि क्षेत्र तक निम्नलिखित उत्पादों को सुव्यस्थित कीजिए:

A. खाद्यान्न उत्पादन
B. दुग्ध उत्पादन
C. काष्ठ उत्पादन
D. पशुधन
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (c) B, C, A, D
Solution:

वॉन थ्यूनेन की भूमि उपयोग मॉडल के अनुसार बाजार से परिधि क्षेत्रों का सही क्रम निम्नलिखित हैं
(1) दुग्ध, शाक सब्जी, फल की गहन कृषि।
(2) काष्ठ उत्पादन।
(3) गहन कृषि द्वारा खाद्यान्न उत्पादन।
(4) चारागाह एवं परती के साथ शस्यावर्तन।
(5) परती और चारागाह की अधिकता के साथ कुछ भूमि पर खाद्यान्न उत्पादन (त्रिक्षेत्र पद्धति)
(6) पशुचारण
वॉन थ्यूनेन महोदय ने अपने सिद्धान्त का प्रतिपादन 1826 ई. में The Isolated state' नामक पुस्तक में किया। अतः विकल्प (c) सही है।

63. हवाई का किलाउआ सक्रिय ज्वालामुखी_______में स्थित है।

Correct Answer: (d) मैंटल प्लूम (भूप्रावार पिच्छक)
Solution:

हवाई द्वीप का किलाऊ सक्रिय ज्वालामुखी मैंटल प्लूम (भू-प्रावार पिच्छक) में स्थित है। भू-प्रावार पिच्छक एक ऊष्मा के संकेन्द्रण द्वारा उत्पन्न अनियमितता है, जो पृथ्वी के अंदर भूप्रावारक्रोड सीमा पर घटित होती है।

इसके कारण चट्टानी पदार्थ लावा के रूप में,ऊर्ध्वाधर जेट के समान स्तम्भाकार धारा में प्रवाहित होते हैं। ये प्लेट के साथ गतिशील नहीं होते हैं। दुजो विल्सन ने इसकीव्याख्या हेतु गर्म स्थल संकल्पना (consent ofhot spots) दिया है।

64. भारत ने राष्ट्रीय चक्रवात जोखिम शमन परियोजना को वर्ष _______ में प्रारम्भ किया।

Correct Answer: (e) (*)
Solution:

भारत ने राष्ट्रीय चक्रवात जोखिम शमन परियोजना को वर्ष 2011 में प्रारम्भ किया था। जनवरी 2011 में दो तटीय राज्यों आंध्र प्रदेश और ओडिशा में विश्व बैंक की सहायता से चरण 1 को लागू करने की मंजूरी दी गयी थी। दिसम्बर 2018 में चरण- पूरा हो चुका था।

चरण-11 विश्व बैंक की सहायता से छः तटीय राज्यों गोवा, गुजरात, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल में जुलाई 2015 में कार्यान्वयन के लिए मंजूरी दी गयी थी। जिसकी समाप्ति की तिथि मार्च 2020 है।

इस योजना के निम्नलिखित घटक थे- 1. पूर्व चेतावनी प्रसार प्रणाली 2. चक्रवात जोखिम शमन अवसंरचना 3. आपदा जोखिम प्रबंधन पर क्षमता निर्माण के लिए तकनीकी सहायता 4. परियोजना प्रबंधन और निगरानी।

65. जहाँ अनेक सड़के मिलती हैं वहाँ किस प्रकार का ग्रामीण अधिवास प्रतिरूप बनता है?

Correct Answer: (d) तारानुमा
Solution:

जहाँ अनेक सड़के मिलती हैं वहाँ पर तारानुमा प्रतिरूप बनता है। आयताकार, वर्गाकार प्रतिरूप में सड़के प्रायः एक-दूसरे को समकोण पर काटती हैं। इस प्रकार का प्रतिरूप मुख्यतः भारत के उत्तरी मैदानों में पाई जाती हैं।

राजस्थान के इन्दिरा गांधी नहर क्षेत्र में योजनाबद्ध ढंग में बसी बस्तियाँ आयताकार प्रकार की है। टी-आकार प्रतिरूप प्रायः सड़कों के तिराहे पर विकसित होती हैं। वृत्ताकार प्रतिरूप का विकास प्रायः गाँवों में, झीलों व तालाबों आदि क्षेत्रों के चारों ओर बस्ती बस जाने से विकसित होती है।

66. _______ ने स्वच्छ विकास प्रक्रियाओं की अवधारणा की शुरूआत की।

Correct Answer: (d) क्योटो प्रोटोकॉल
Solution:

स्वच्छ विकास प्रक्रियाओं (Clean Development Mechanisms) की अवधारणा क्योटो प्रोटोकॉल सन् 1997 से संबंधित है। यह विकसित देशों के ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन को कम करने के लिए प्रतिबद्ध करता है एवं इन लक्ष्यों के अनुपालन, रिपोर्टिंग और समीक्षा को सुगम बनाने के लिए तंत्र प्रदान करता है।

भारत इस प्रोटोकॉल में 2002 में शामिल हुआ था और इसमें शामिल होने का एक उद्देश्य राष्ट्रीय सतत् प्राथमिकताओं के कार्यान्वयन के लिए आवश्यक शर्ते पूरी करना था।

67. नोमोथेटिक' शब्द से_______अभिप्रेत है

Correct Answer: (a) विधि आशयित विषय
Solution:

नोमोथेटिक शब्द विधि आशयित विषय (Law seeking Discipline) से अभिप्रेरित है। नोमोथेटिक शब्द का जन्म ग्रीक भाषा के Nomos शब्द से हुआ जिसका अर्थ समान्य सिद्धांत लॉ होता है।

एक विषय के रूप में भूगोल का मुख्य सरोकार पृथ्वी को मानव के घर के रूप में समझना और उस सभी तत्वों का अध्ययन करना है, जिन्होंने मानव को पोषित किया है। अतः प्रकृति और मानव के अध्ययन पर बल दिया गया है।

भूगोल में द्वैतवाद आया और इस आशय के व्यापक तर्क वितर्क आरम्भ हो गए कि क्या एक विषय के रूप में भूगोल को नियम बनाने/सिद्धांतीकर (नोमोथेटिक) अथवा विवरणात्मक (भावचित्रात्मक/इडियोग्राफिक) होना चाहिए।

68. सूची-I के साथ सूची-II का मिलान कीजिए:

सूची-I (जनजाति)सूची-II (प्रजाति)
A.कादरI.पश्चिमी चौड़े सिर वाले
B.संथालII.मंगोलायड
C.चकमाIII.प्रोटो-आस्ट्रोलॉयड
D.बंगाल के कायस्थIV.नेग्रिटो

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए

Correct Answer: (a) A-IV, B-III, C-II, D-I
Solution:

सही सुमेलित युग्म इस प्रकार है-

सूची-I (जनजाति)सूची-II (प्रजाति)
कादरनेग्रिटो
संथालप्रोटो-आस्ट्रोलायड
चकमामंगोलायड
बंगाल के कायस्थपश्चिमी चौड़े सिर वाले

अतः विकल्प (a) सही सुमेलित है।

69. शैलमलवा ढाल आनुवंशिक रूप से_________ढाल है।

Correct Answer: (c) अपरदनात्मक
Solution:

शैलमलवा ढाल आनुवांशिक रूप से अपरदनात्मक ढाल है। भग्न चट्टानचूर्ण का ऊपरी ढाल से गुरुत्व तथा जल के स्नेहक द्वारा नीचे की ओर स्थानान्तरण होता है तथा उनका ढाल की पदस्थली पर भग्नाश्म राशि या टालस के रूप में जमाव हो जाता है।

नदियों, हिमनदियों तथा सागरीय तरंगों द्वारा अपरदन के कारण निर्मित ढालों को अपरदनात्मक श्रेणी में रखा गया है जबकि विवर्तनिक ढाल का निर्माण मुख्य रूप से भूगर्भिक हलचल के कारण धरातल में भ्रंशन तथा नमन के कारण होता है। जिसमें कगार ढाल महत्वपूर्ण है।

70. भूमण्डलीय तापन (ग्लोबल वार्मिंग) करने वाली निम्नांकित मानव प्रेरित गैसों को उनके सापेक्षिक योगदान के आधार पर अवरोही क्रम में व्यवस्थित कीजिए।

A. मीथेन B. कार्बन डाइऑक्साइड C. नाइट्स ऑक्साइड D. क्लोरोफ्लोरोकार्बन
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (b) B, A, D, C
Solution:

भूमण्डलीय तापन (ग्लोबल वार्मिंग) करने वाली मानवप्रेरित गैसों को उनके सापेक्षिक योगदान के आधार पर अवरोही क्रमकार्बन डाईऑक्साइड (60%), मीथेन (20%), क्लोरोफ्लोरोकार्बन (14%) तथा नाइट्स ऑक्साइड (6%) है।

मानव के द्वारा बहुत-सी हानिकारक ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन किया जा रहा है। ग्रीनहाउस गैसे सूर्य से आने वाली ऊष्मा को धरातल पर तो आने देती है, किन्तु पृथ्वी से निकलने वाली दीर्घ तरंग विकिरण को अवशोषित कर लेती हैं, जिसके कारण भूमण्डल के तामपान में निरन्तर वृद्धि हो रही है।

ध्यातव्य है कि ग्रीनहाउस गैसें, जो कि वातावरण में प्राकृतिक रूप में भी पाई जाती है, जो प्राकृतिक ग्रीनहाउस प्रभाव हेतु जिम्मेदार होती हैं। वायुमण्डल में ग्रीनहाउस प्रभाव के कारण पृथ्वी का औसत तापमान 15°C के आस-पास है।