NTA यू.जी.सी. नेट जेआरएफ परीक्षा, जून 2025 भूगोल

Total Questions: 100

1. निम्न में से उष्ण स्थानीय पवनों की पहचान करें :

(A) सिरोको
(B) बोरा
(C) सांता आना
(D) खमसिन

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें :

Correct Answer: (d) केवल A, C और D
Solution:सिरोको, सांता आना एवं खमसिन उष्ण (गर्म) स्थानीय पवनें हैं जबकि बोरा एक शुष्क ठण्डी तथा तीव्र गति से चलने वाली पवन है, जो एड्रियाटिक सागर के पूर्वी तट पर चलती है। इटली का उत्तरी भाग इससे विशेष रूप से प्रभावित है। यह उत्तरी एवं उत्तरी पूर्वी वायु आल्पस पर्वत के दक्षिणी ढाल से नीचे उतरकर दक्षिण दिशा में प्रवाहित होती है। सिरोको सहारा मरुस्थल से भूमध्य सागर की ओर चलने वाली गर्म, शुष्क तथा रेतीली पवन है। मिस्र में चलने वाली शुष्क एवं उष्ण वायु को खमसिन कहते हैं। मिस्र में यह हवा अप्रैल से जून तक लगभग 50 दिन के लिए दक्षिणी दिशा से चलती है। सांता आना संयुक्त राज्य अमेरिका के कैलिफोर्निया राज्य में चलने वाली गर्म तथा शुष्क पवन है। अतः विकल्प (d) सही है।

2. में निम्नलिखित में से कौन-से कथन सत्य हैं?

A. शक्तिशाली नियमित वायु है जो ऊपरी वायुमंडल में बहती है।
B. प्रत्येक गोलार्द्ध में दो जेट प्रवाह होते हैं।
C. जेट प्रवाह, विषुवतरेखीय और उप-उष्णकटिबंधीय वायु तथा ध्रुवीय और उप-उष्णकटिबंधीय वायु के बीच अंतर के परिणामस्वरूप उत्पन्न होते हैं।
D. तापमान में जितना अधिक अंतर होगा, जेट का प्रवाह उतना कमजोर होगा।

Correct Answer: (b) केवल A, B और C
Solution:जेट प्रवाह शक्तिशाली, नियमित वायु है जो ऊपरी वायुमंडल में बहती है। प्रत्येक गोलार्द्ध में दो जेट प्रवाह होते हैं। जेट प्रवाह, विषुवतरेखीय और उप-उष्णकटिबंधीय वायु तथा ध्रुवीय और उप-उष्णकटिबंधीय वायु के बीच अंतर के परिणामस्वरूप उत्पन्न होते हैं। तापमान में जितना अधिक अंतर होगा, जेट का प्रवाह उतना मजबूत होगा। क्षोभमण्डल की ऊपरी सीमा में सैकड़ों किमी. की चौड़ी पट्टी में पश्चिम से पूर्व दिशा में प्रवाहित होने वाली परिध्रुवीय प्रबल पवन धारा को जेट स्ट्रीम कहा जाता है। इस पवन धारा का परिसंचरण दोनों गोलार्द्धां में 20° अक्षांश से ध्रुवों के बीच 7.5 से 14 किमी. की ऊँचाई के मध्य होता है। जेट स्ट्रीम में पवन वेग में मौसमी परिवर्तन होता रहता है। शीतकाल में ये अधिक प्रबल हो जाती हैं तथा इनका वेग ग्रीष्मकाल की तुलना में दो गुना अधिक हो जाता है। अतःविकल्प (b) सही है।

3. निम्नलिखित मानचित्रों को उनके पैमाने के आधार पर अवरोही क्रम (वृहद से लघु पैमाना) में व्यवस्थित करें:

A. स्थलाकृतिक मानचित्र
B.एटलस मानचित्र
C.  भूकर (कैडेस्ट्रल) मानचित्र
D. दीवार मानचित्र

नीचे दिए गए विकल्पों में सही उत्तर चुनेंः

Correct Answer: (b) C, A, D, B
Solution:मानचित्रों को उनके पैमाने के आधार पर सही अवरोही क्रम (वृहद से लघु पैमाना) इस प्रकार हैं- भूकर (कैडेस्ट्रल) मानचित्र स्थलाकृतिक मानचित्र दीवार मानचित्र एटलस मानचित्र। कैडेस्ट्रल या भूसंपत्ति मानचित्र शब्द की उत्पत्ति फ्रेंच भाषा के 'कैडेस्त्रे' शब्द से हुई है, जिसका अर्थ होता है 'क्षेत्रीय संपत्ति की पंजिका'। ये मानचित्र वृहत मापनी पर बनाए जाते हैं जैसे- गाँवों का भूसंपत्ति मानचित्र तथा नगरों का मानचित्र आदि। स्थलाकृतिक मानचित्र भी साधारणतः वृहत मापनी पर बनते हैं। ये मानचित्र परिशुद्ध सर्वेक्षणों पर आधारित होते हैं तथा मानचित्रों की श्रृंखला के रूप में विश्व के लगभग सभी देशों की राष्ट्रीय मानचित्र एजेंसी के द्वारा तैयार किए जाते हैं। भित्ति या दीवार मानचित्र सामान्यतः बड़े आकार के कागज या प्लास्टिक पर बनाया जाता है। जिसका उपयोग कक्षा या व्याख्यान कक्ष के लिए होता है। एटलस मानचित्र लघुमान मानचित्र है। ये मानचित्र बड़े आकार वाले क्षेत्रों को प्रदर्शित करते हैं तथा भौतिक एवं सांस्कृतिक विशिष्टताओं को सामान्य तरीके से दर्शाते हैं। अतः विकल्प (b) सही है।

4. निम्नलिखित राज्यों को उनके कुल क्षेत्रफल के आधार पर आरोही क्रम में व्यवस्थित करें :

A. त्तराखंड
B. झारखंड
C. तेलंगाना
D. छत्तीसगढ़

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनेंः

Correct Answer: (a) A, B, C, D
Solution:राज्यों का उनके कुल क्षेत्रफल के आधार पर सही आरोही क्रम इस प्रकार है- उत्तराखण्ड झारखंड तेलंगाना → छत्तीसगढ़। उत्तराखण्ड का क्षेत्रफल 53483 वर्ग किमी. है। इसकी राजधानी देहरादून है। इसके पवित्र स्थलों और तीर्थस्थलों के कारण बहुधा इसे देवताओं की धरती/ देव भूमि' कहा जाता है। झारखण्ड का क्षेत्रफल 79714 वर्ग किमी. है। यह नवम्बर 2000 में संघ के राज्य के रूप में अस्तित्व में आया। यह खनिज संसाधनों के मामले में बहुत समृद्ध है। तेलंगाना 2014 में आंध्र प्रदेश से अलग होकर नया राज्य बना। इसका क्षेत्रफल 112077 वर्ग किमी. है। तेलंगाना भारतीय प्रायद्वीप के पूर्वी समूह तट के मध्य खंड में दक्कन के पठार पर स्थित है। मध्य प्रदेश के एक क्षेत्र को अलग करके नवम्बर 2000 में छत्तीसगढ़ राज्य अस्तित्व में आया। इसका क्षेत्रफल 135194 वर्ग किमी. है। अतः विकल्प (a) सही है।

5. सूची–I को सूची–II से सुमेलित करें :

सूची–I (संकल्पना)सूची–II (भूगोलवेत्ता)
A. जुसामेनहैंगI. शेफर
B. कुलतुरलैंड शाफ्टII. रिटर
C. जेनरेस दे वीIII. श्लुटर
D. रेज़न डे एत्रेIV. ब्लाश

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें:

Correct Answer: (a) A-II, B-III, C-IV, D-I
Solution:सही सुमेलित युग्म इस प्रकार हैं –
सूची–I (संकल्पना)सूची–II (भूगोलवेत्ता)
जुसामेनहैंगरिटर
कुलतुरलैंडशाफ्टश्लुटर
जेनरेस दे वीब्लाश
रेज़न डे एत्रेशेफर

अतः विकल्प (a) सही सुमेलित है।

6. विश्व के प्राकृतिक संसाधनों की भूराजनीति निम्नलिखित में से एक के अलावा अन्य सभी कारकों द्वारा प्रभावित है?

Correct Answer: (d) संसाधन उत्पादन में सभी राष्ट्रों की पूर्ण आत्म-निर्भरता
Solution:विश्व के प्राकृतिक संसाधनों की भूराजनीति में संसाधन
उत्पादन में सभी राष्ट्रों की पूर्ण आत्म-निर्भरता के अलावा अन्य सभी कारकों, जिसमें क्षेत्रों के बीच संसाधनों का असमान वितरण, संसाधन निष्कर्षण में प्रौद्योगिकीय उन्नयन, जलवायु परिवर्तन नीतियाँ आदि द्वारा प्रभावित है। प्राकृतिक संसाधनों का वितरण समान रूप से नहीं मिलता है बल्कि यह कुछ खास क्षेत्रों में संचित रहता है। अतः संसाधनों की उपलब्धता के दृष्टिकोण से कुछ क्षेत्र संपन्न होते हैं तो कुछ विपन्न अथवा संसाधन विहीन भी होते हैं। इसलिए राज्य पूर्णरूपेण अपने आन्तरिक संसाधनों पर ही निर्भर नहीं रहते हैं। राज्य के औद्योगिक एवं तकनीकी विकास की प्रवणता काफी हद तक उसके प्राकृतिक संसाधनों के प्रबंधन एवं सदुपयोग पर निर्भर करती है। यह संसाधनों का यथोचित प्रबंधन, उपयोग एवं तकनीकी विकास है, जिसके कारण एक राज्य अपनी इच्छा/निर्णय का दूसरों के ऊपर थोपने/लागू करने में सक्षम होता है।

7. क्षैतिजीय वायु चित्रों को ----- भी कहा जाता है।

Correct Answer: (d) पार्थविक वायु चित्र
Solution:क्षैतिजीय वायु चित्रों को पार्थविक वायु चित्र भी कहा जाता है। क्षैतिज अथवा धरातलीय (पार्थविक) वायु फोटो चित्रों को लेने के लिए कैमरे के अक्ष को सीधे क्षैतिज तल के समान लाया जाता है। इनके द्वारा केवल ऊँचाई दृश्य प्रस्तुत किया जाता है। क्षैतिज फोटो चित्र सामान्यतः अच्छे कैमरे से भी लिए जा सकते हैं। जिनका उपयोग सहायक रूप से ऊर्ध्वाधर फोटो चित्रों के विश्लेषण के लिए किया जाता है। क्षेत्रीय अध्ययनों में इनका भी विशेष महत्त्व है। विशेष रूप से भूगर्भिक, वानिकी तथा भू-आकृतिक अध्ययनों में परिच्छेदिकाओं के लिए इनकी आवश्यकता होती है। तिर्यक फोटो चित्र खींचने के लिए वायुयान में कैमरे के अक्ष को धरातल की दिशा की ओर नत दिशा में झुका दिया जाता है। इस प्रकार के फोटो चित्रों में धरातलीय विवरणों के पार्श्व-दृश्य दिखाई देते हैं। वायु कैमरे के अक्ष झुकाव से लिए गये फोटो चित्रों को तिर्यक फोटो चित्र कहते हैं। इस प्रकार के फोटो चित्र भूमि पर बहुत बड़े क्षेत्र को तय करते हैं, परन्तु विवरण की शुद्धता एवं स्पष्टता केंद्र से दूर जाने  पर कम हो जाती है। तिर्यक फोटोग्राफी का उपयोग सामरिक दृष्टि से अति महत्त्वपूर्ण है। अतः युद्धकाल में शत्रु के द्वारा क्षों के नीचे छिपाकर रखे गये टैंकों, वाहनों, रसद-भंडारों व शस्त्रागारों का पता लगाने के लिए ये वायु फोटो चित्र बहुत उपयोगी है। ट्राईमेट्रोजेन का अर्थ है त्रिपदीय अर्थात् तीन रूप से कार्य होना। इसमें कैमरा इकाई में तीन कैमरे एक साथ प्रयोग किये जाते हैं। केंद्र में स्थित कैमरा धरातल के ऊर्ध्वाधर चित्रों को लेता है जबकि अगल-बगल के कैमरे क्षितिज तक के तिर्यक वायु फोटो चित्र खींचते हैं। इस प्रकार त्रिपदीय प्रणाली में दायें क्षितिज से बायें क्षितिज तक समस्त क्षेत्र अंकित हो जाता है।

8. निम्नलिखित धर्मों में से कौन-सा एक धर्म, धर्म के परम्परागत प्रारूप से संबंधित है?

Correct Answer: (d) शमणवाद
Solution:शमणवाद धर्म, धर्म के परम्परागत प्रारूप से संबंधित है। शमणवाद, जिसे कई प्राचीन धर्मों का पूर्वज माना जा सकता है, अनुष्ठानों का एक समूह है जिसके बारे में माना जाता है कि यह मानव इतिहास के आरम्भ से ही अस्तित्व में है। शमणवाद ब्रह्माण्ड, समुदाय और मानव अस्तित्व को एक पवित्र समग्रता के रूप में देखने की धारणा है। शमणवाद के मूल में मनुष्य और प्रकृति के बीच एकता और सामंजस्य का विचार है। यह एक प्रकार का विश्वास है जो प्रकृति की आत्मा से संवाद करता है और प्रकृति के साथ सामंजस्य में जीवन जीने की अभिव्यक्ति करता है, इसलिए यह आज जीवन का एक प्रकार का दर्शन है।

9. निम्नलिखित में से कौन-से कथन सत्य नहीं हैं?

A. कुहरा, जमीन के समीप का बादल है।
B. ओस, सतह पर जल की बूंदों का अप्रत्यक्ष निक्षेपण है।
C. तुषार पाला, वनस्पति पर जल की बूंदों का निक्षेप है।
D.  हिम, जमा हुआ (हिमशीतित) वर्षण है।

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें :

Correct Answer: (a) केवल B और C
Solution:कुहरा, जमीन के समीप का बादल है। जब बहुत अधिक मात्रा में जलवाष्प से भरी हुई वायु संहति अचानक नीचे की हुई वायु ओर गिरती है तब छोटे-छोटे धूल के कणों के ऊपर ही संघनन की प्रक्रिया होती है। इसलिए कोहरा एक बादल है जिनका आधार सतह पर या सतह के बहुत नजदीक होता है। ओस, सतह पर जल की बूंदों का प्रत्यक्ष निक्षेपण है। ओस के बनने के लिए यह आवश्यक है कि ओसांक जमाव बिंदु से ऊपर हो। तुषार ठण्डी सतहों पर बनता है, जब संघनन तापमान के जमाव बिन्दु से नीचे (O°C) चले जाने पर होता है अर्थात् ओसांक जमाव बिंदु पर या उसके नीचे होता है। हिम, जमा हुआ (हिमशीतित) वर्षण है। जलवाष्प के संघनन के बाद नमी के मुक्त होने की अवस्था को वर्षण कहते हैं। यह द्रव या ठोस अवस्था में हो सकता है। वर्षण जब पानी के रूप में होता है उसे वर्षा कहा जाता है, जब तापमान O°C से कम होता है, तब वर्षण हिमलों के रूप में होता है जिसे हिमपात कहते हैं। अतः कथन B और C सही नहीं हैं।

10. रॉसबी तरंगों के बारे में क्या सत्य है?

A. रॉसंबी तरंग वायु की घुमावदार नदियाँ हैं।
B. प्रत्येक गोलार्द्ध में दो से चार तरंगें होती हैं।
C. ये प्रमुख उच्चावच बाधाओं जैसे रॉकीज और एंडीज द्वारा निर्मित होती हैं।
D. ये तापीय अंतरों और असमान भूमि-सागर इंटरफेसों के कारण निर्मित होती हैं।

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें :

Correct Answer: (a) केवल A, C और D
Solution:रॉसबी तरंग वायु की धुमावदार नदियाँ हैं। जेट स्ट्रीम की स्थिति तथा विस्तार (ध्रुवों से भूमध्य रेखा की ओर) में प्रायः परिवर्तन होता रहता है जिसके अंतर्गत जेट स्ट्रीम का प्रारूप लगभग सीधे पश्चिम से पूर्व दिशा में प्रवाह से लेकर विसर्पित (मियाण्डरिंग) तक हो जाता है। लहरनुमा जेट स्ट्रीम को रॉसबी तरंग कहते हैं। सीधे प्रवाह मार्ग से लहरनुमा प्रवाह के मार्ग के बनने की अवधि को सूचकांक चक्र कहते हैं जो चार अवस्थाओं में पूर्ण होता है। प्रत्येक गोलार्द्ध में दो जेट प्रवाह होती हैं। रॉसबी तरंग प्रमुख उच्चावच बाधाओं जैसे राकीज और एण्डीज द्वारा निर्मित होती हैं। ये तापीय अंतरों और असमान भूमि सागर इंटरफेसों के कारण निर्मित होती हैं। अतः विकल्प (a) सही है।