NTA यू.जी.सी. नेट जेआरएफ परीक्षा, जून 2025 भूगोल

Total Questions: 100

91. निम्नलिखित अनुच्छेद को पढ़ें और प्रश्नों के उत्तर दीजिए:

विवर्तनिक बल वह प्राथमिक कारक है जो उन गतिशील प्रक्रियाओं को संचालित करते हैं जो पृथ्वी की पर्पटी का निर्माण करते हैं तथा जिन्हें पृथ्वी के संचलनों के रूप में संदर्भित किया जाता है। इन संचलनों को अकस्मात् और धीमी प्रक्रियाओं के रूप में विभाजित किया जा सकता है। भूकंपीयता के रूप में प्रचलित परिघटना भूकंपों के अस्तित्व का विवरण देती है, जो विवर्तनिक प्लेटों की गति के कारण घटित होते हैं। भूकम्पीय गतिविधियों की सघनता रिक्टर पैमाने पर मापी जाती है। वलन तब घटित होता है जब संकुचनकारी बल शैल परतों पर कार्यरत होते हैं तथा उन्हें मोड़ते हैं, यह प्रक्रिया अभिनति और अपनति जैसी भूविज्ञानी विशेषताओं को सृजित करती है। जब शैलों की क्षमता से अधिक तनाव होता है तो भ्रंशन होता है, जिसके कारण भ्रंश रेखाओं के साथ-साथ चटकन और विस्थापन होता है। अंशों के प्रकारों में सामान्य, विलोम और स्ट्राइक स्लिप अंश सम्मिलित हैं। ज्वालामुखी में पृथ्वी के आंतरिक भाग से सतह तक मैग्मा का प्रवाह सम्मिलित है, जिससे ज्वालामुखी उद्गार होते हैं। ज्वालामुखी के तीन प्रकार होते हैं। सक्रिय, सुषुप्त और विलुप्त । मानव क्रियाकलाप पर महत्वपूर्ण प्रभाव के अलावा, यह पृथ्वी संचलन भू-आकृतियों के निर्माण के लिए भी उत्तरदायी हैं।

किसी सक्रिय और सुषुप्त ज्वालामुखी के बीच प्राथमिक विभेद क्या है?

Correct Answer: (b) सुषुप्त ज्वालामुखी में अतीत में उद्गार हो चुका है,किन्तु वर्तमान में अप्रभावी है, जबकि सक्रिय ज्वालामुखी में आवधिक रूप से या निरंतर उद्दगार होता है।
Solution:किसी सक्रिय और सुषुप्त ज्वालामुखी के बीच प्राथमिक विभेद यह है कि सुषुप्त ज्वालामुखी में अतीत में उद्गार हो चुका है किन्तु वर्ममान में अप्रभावी है, जबकि सक्रिय ज्वालामुखी में आवधिक रूप से या निरंतर उद्‌गार होता है। जिन ज्वालामुखियों से लावा, गैस तथा विखण्डित पदार्थ सदैव निकला करते हैं उन्हें जागृत ज्वालामुखी कहते हैं, जबकि ऐसे ज्वालामुखी को, जिनके उद्‌गार के समय तथा स्वभाव के विषय में कुछ निश्चित नहीं होता है तथा जो वर्तमान समय में शांत नजर आते हैं प्रसुप्त ज्वालामुखी कहते हैं। जागृत सक्रिय ज्वालामुखी (Active Volcano) के उदाहरण इस प्रकार हैं- इटली का एटना तथा स्ट्राम्बोली तथा फिलीपाइन में पिनाटुबो ज्वालामुखी। प्रसुप्त ज्वालामुखी (dormant volcano) के उदाहरण इस प्रकार हैं- विसुवियस तथा क्राकाटाओ। शान्त ज्वालामुखी (Extinct Volcano) के उदाहरण इस प्रकार हैं- कोहए- सुल्तान तथा देमवन्द (ईरान) एवं पोपा (म्यांमार)।

92. शैल परतों के क्षैतिजीय विस्थापन के कारण किस प्रकार का भ्रंश उत्पन्न होता है?

Correct Answer: (b) स्ट्राइक स्लिप भ्रंश
Solution:शैल परतों के क्षैतिजीय विस्थापन के कारण स्ट्राइकस्लिप भ्रंश उत्पन्न होता है। जब शैलों की क्षमता से अधिक तनाव होता है तो अंशन होता है, जिसके कारण भ्रंश रेखाओं के साथ-साथ चटकन और विस्थापन होता है। अंशों के प्रकारों में सामान्य, विलोम और स्ट्राइक स्लिप अंश सम्मिलित हैं। तनावमूलक संचलन की तीव्रता के कारण जब भूपटल में एक तल के सहारे चट्टानों का स्थानान्तरण हो जाता है, तो उत्पन्न संरचना को भ्रंश कहते हैं। भ्रंश के प्रकार हैं-
सामान्य भ्रंश - चट्टानों में दरार पड़ जाने के कारण उसके दोनों खंड जब विपरीत दिशाओं में सरक जाते हैं तो उसे सामान्य भ्रंश कहते हैं।
व्युत्क्रम भ्रंश- जब चट्टानों में दरार पड़ने से चट्टान के दोनों खंड आमने-सामने खिसक जाते हैं तो निर्मित अंश को व्युत्क्रम भ्रंश कहते हैं।
पाश्चात्य/नतिलम्बी भ्रंश- क्षैतिज दिशा में संचलन होने से जब भ्रंश तल के सहारे क्षैतिज गति होती है तो उसे 'पार्श्वय भ्रंश' (Lateral fault) या 'नतिलम्बी, अंश' (Strike slip fault) कहते हैं। सोपानी भ्रंश (Step fault)- जब किसी भू-भाग में कई अंशन का इस प्रकार निर्माण होता है कि सभी भ्रंश तल के ढाल एक ही दिशा में हो तो उसे 'सोपानी भ्रंश' कहते हैं।

93. एक उत्क्रम भ्रंश उत्पन्न होता है जबः

Correct Answer: (a) ऊपरी भित्ति ऊपर की ओर गति करती है
Solution:एक उत्क्रम भ्रंश उत्पन्न होता है, जब ऊपरी भित्ति ऊपर की ओर गति करती है। जब चट्टानों में दरार पड़ने से चट्टान के दोनों खण्ड आमने-सामने खिसकते हैं तो निर्मित भ्रंश को 'व्युत्क्रम भ्रंश' कहते हैं। इस तरह के भ्रंश में चट्टान का खंड दूसरे पर चढ़ जाता है। इस क्रिया को उत्क्रम (Thrust) कहा जाता है। इस आधार पर व्युत्क्रम भ्रंश को उत्क्रम भ्रंश या क्षेपित भ्रंश भी कहा जाता है। व्युत्क्रम भ्रंश का निर्माण मुख्य रूप से क्षैतिज संचलन द्वारा ही होता है अतः इसे संपीडनात्मक भ्रंश भी कहा जाता है। जब संपीडन अधिक होता है तो भ्रंश का एक खण्ड दूसरे पर चढ़ जाता है। इस तरह के भ्रंश को अधिक्षिप्त भ्रंश (Overthrust fault) कहते हैं।

94. भू संचलन का अध्ययन मानव समाज के लिए महत्वपूर्ण क्यों है?

Correct Answer: (d) यह/ भूकंप और ज्वालामुखी उद्‌गारों जैसी प्राकृतिक आपदाओं की बेहतर समझ और अपशमन में सहायता करता है।
Solution:भू-संचलन का अध्ययन मानव समाज के लिएमहत्वपूर्ण है क्योंकि यह भूकंप और ज्वालामुखी उद्गारों जैसीप्राकृतिक आपदाओं की बेहतर समझ और अपशमन में सहायता करताहै। भू तल पर परिवर्तन लाने वाले बलों का आगमन दो स्रोतों सेहोता है। इन बलों द्वारा भूतल पर असमानताओं का सूत्रपात होता है।पृथ्वी की सतह पर उत्पन्न होने वाले बल बर्हिजात बल कहे जाते हैं।

95. भूकंपीयता का प्राथमिक कारण क्या है?

Correct Answer: (c) भ्रंशों के किनारे ऊर्जा का आकस्मात् निर्माचन
Solution:भूकंपीयता का प्राथमिक कारण अंशों के किनार ऊजी का आकस्मात् निर्मोचन है। भूकंपीयता के रूप में प्रचलित परिघटना भूकंपों के अस्तित्व का विवरण देती है, जो विवर्तनिक प्लेटों की गति के कारण घटित होती है। "जब किसी ज्ञात अथवा अज्ञात बाहा अथवा अन्तर्जात कारणों से पृथ्वी के भूपटल में तीव्र गति से कम्पन पैदा हो जाती है तो उसे 'भूकम्प' कहते हैं। भूकम्प का सर्वप्रथम जहाँ पर अविर्भाव होता है, उसे 'भूकम्प मूल (focus) कहते हैं नथा जहाँ पर सर्वप्रथम लहरों का अनुभव होता है, उसे 'भूकम्प कन्द्र (Epicenter) कहते हैं। भूकम्प का मूल कारण पृथ्वी संतुलन अवस्था में अव्यवस्था का होना है। स्मरणीय है कि भूकम्प का एकमात्र कारण धरातल पर संतुलन में अव्यवस्था का उत्पन्न होना ही है।

96. निम्नलिखित अनुच्छेद को पढ़े और प्रश्नों के उत्तर दीजिए:

प्रवसन एक मूलभूत जनसांख्यिकीय प्रक्रिया है जिसमें आर्थिक,सामाजिक, राजनीतिक और पर्यावरणीय कारकों के फलस्वरूप व्यक्तियों या समूहों का एक भौगोलिक स्थान से दूसरे स्थान पर आवागमन, हस्तांतरण होता है। इसे स्वैच्छिक और अस्वैच्छिकप्रवसन, आंतरिक और अंतर्राष्ट्रीय प्रवसन तथा अस्थायी और स्थायी प्रवसन में बाँटा जा सकता है। आर्थिक अवसर, बेहतर जीवन दशाएँ, शिक्षा और संघर्ष प्रवसन के प्राथमिक संचालनी कारक हैं। रोवेनस्टेनका प्रवसन नियम, ली का पुश-पुल सिद्धांत और विश्व प्रणाली सिद्धांत जैसे सिद्धांत प्रवसन पद्धति और अभिप्रेरणा की व्याख्या करते  हैं। प्रवसन का मूल और लक्ष्यित क्षेत्रों, दोनों पर महत्वपूर्ण सामाजिक-आर्थिक प्रभाव होता है। जहाँ प्राप्तकर्ता क्षेत्र श्रम आपूर्ति और सांस्कृतिक विविधता से लाभान्वित होते हैं, वहीं अवसंरचना पर दबाव, श्रम बाजार प्रतिस्पर्द्धा और सामाजिक एकीकरण जैसी चुनौतियाँ भी उत्पन्न होती हैं। इसके विपरीत स्रोत क्षेत्र, प्रतिभा पलायन अथवा आर्थिक हानि का अनुभव कर सकते हैं वहीं प्रवासियों द्वारा प्रेषित धन से लाभान्वित भी होते हैं। पार-राष्ट्रवाद की संकल्पना दर्शाती है, कि कैसे प्रवासी सीमाओं के पार संबंध बनाए रखते हैं। विश्वभर में प्रवासी नीतियाँ आर्थिक जरूरतों, राष्ट्रीय सुरक्षा और मानवीय सरोकारों को संतुलित करने का आशय रखती हैं तथा इस प्रक्रिया में वैश्विक प्रवसन प्रवाह और उसके दीर्घावधि परिणामों को प्रभावित करती हैं।

"प्रतिभा पलायन" का सिद्धांत निम्नलिखित में किस प्रकार के प्रवसन के साथ निकटता से संबंद्ध है?

Correct Answer: (c) कुशल प्रवसन
Solution:"प्रतिभा पलायन" का सिद्धांत कुशल प्रवसन के साथ निकटता से संबंद्ध है। भारत में सबसे ज्यादा प्रतिभा पलायन संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा और यूरोप जैसे देशों में होता है। इसका मुख्य कारण बेहतर अवसरों, उच्च वेतन, बेहतर जीवन स्तर की तलाश, अनुसंधान की पर्याप्त और बेहतर सुविधा, उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर आदि हैं। उदाहरण के लिए कई भारतीय डॉक्टर और इंजीनियर बेहतर काम एवं उच्च वेतन के लिए प्रतिभा पलायन करते हैं।

97. ली के पुश-पुल सिद्धांत के अनुसार, निम्नलिखित में से कौन-सा प्रवसन के लिए "पुश कारक" नहीं माना जाता है?

Correct Answer: (b) रोजगार अवसर
Solution:ली के पुश-पुल सिद्धांत के अनुसार पुश का कारक राजनीतिक अस्थिरता, प्राकृतिक आपदाएँ तथा युद्ध एवं संघर्ष हैं जबकि रोजगार के अवसर पुल कारक हैं। ली ने अपने सिद्धांत का प्रतिपादन 1966 में किया। इन्होंने जनसंख्या प्रवास को चार कारकों का परिणाम माना है। मूलस्थान कारक- मूल स्थान या प्रवास जनन स्थान पर कुछ प्रतिकर्ष कारक होते हैं जो लोगों को वहाँ जाने के लिए प्रेरित करते हैं। इन कारकों में प्राकृतिक प्रकोप, रोजगार का अभाव, संसाधनों की कमी, जनसंख्या वृद्धि आदि प्रमुख हैं। आकर्षक कारक (Pull factar) गंतव्य स्थान पर विद्यमान आकर्षक कारक लोगों को बाहर से अपनी ओर आकर्षित करते हैं जैसे- रहनसहन की अच्छी दशाएँ, शांति व स्थायित्व, जीवन, संपत्ति सुरक्षा अनुकूल जलवायु आदि।

98. निम्नलिखित में से कौन-सा प्रवसन अध्ययन में "धन प्रेषण निर्भरता" की श्रेष्ठ व्याख्या करता है?

Correct Answer: (d) जब गृह देश आप्रवासियों द्वारा प्रेषित धन पर अत्यधिक निर्भर हो जाते हैं
Solution:जब गृह देश आप्रवासियों द्वारा प्रेषित धन पर अत्यधिक निर्भर हो जाते हैं तब प्रवसन अध्ययन में "धन प्रेषण निर्भरता" की श्रेष्ठ व्याख्या करता है। उद्‌गम प्रदेश के लिए मुख्य लाभ प्रवासियों द्वारा भेजी गई हुंडी है। अंतर्राष्ट्रीय प्रवासियों द्वारा भेजी गई हुंडियाँ विदेशी विनियम के प्रमुख स्रोत में से एक हैं। पंजाब, केरल और तमिलनाडु अपने अंतर्राष्ट्रीय प्रवासियों से महत्वपूर्ण राशि प्राप्त करते हैं। अंतर्राष्ट्रीय प्रवासियों की तुलना में आंतरिक प्रवासियों द्वारा भेजी गई हंडियों की राशि बहुत थोड़ी है किन्तु यह उद्‌गम क्षेत्र के आर्थिक वृद्धि के लिए महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

99. निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प उस परिघटना का श्रेष्ठ निरूपण करता है जब प्रवसन के कारण मूल देश कार्यशील जनसख्या में कमी हो जाती है?

Correct Answer: (a) प्रवसन चयनात्मकता
Solution:जब प्रवसन के कारण मूल देश में कार्यशील जनसंख्या में कमी हो जाती है तो वह परिघटना प्रवसन चयनात्मकता का श्रेष्ठ निरूपण करता है। भारत में लोग ग्रामीण से नगरीय क्षेत्रों में मुख्यतः गरीबी, कृषि भूमि पर जनसंख्या के अधिक दबाव, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा जैसी आधार पर अवसंरचनात्मक सुविधाओं के अभाव इत्यादि के कारण प्रवास करते हैं। नगरी क्षेत्रों की ओर अधिकांश ग्रामीण प्रवासियों के लिए सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण कारक बेहतर अवसर, नियमित काम का मिलना और अपेक्षाकृत ऊँचा वेतन है। शिक्षा के लिए बेहतर अवसर, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ और मनोरंजन के स्त्रोत इत्यादि भी काफी महत्त्वपूर्ण अपकर्ष कारक हैं।

100. निम्नलिखित में से कौनसा अस्वैच्छिक प्रवसन का उदाहरण है?

Correct Answer: (c) सशस्त्र संघर्ष के कारण विस्थापन
Solution:शस्त्र संघर्ष के कारण विस्थापन अस्वैच्छिक प्रवसन का उदाहरण है। प्रवास के कारण को निम्न दो भागों में बाँटा जाता हैं- (i) प्रतिकर्ष कारक (Push factor) जो लोगों को निवास स्थान अथवा उद्‌गम को छुड़वाने का कारण बनते हैं और (ii) अपकर्ष कारक (Pull factor) जो विभिन्न स्थानों से लोगों को आकर्षितकरते हैं।