Solution:संचयी कार्य कारणता की प्रक्रिया गुन्नार मिर्डल द्वारा प्रस्तुत की गई थी। प्रो. गुन्नार मिर्डल ने अपनी पुस्तक "Economic Theory and Under Developed Regions" में अर्द्धविकसित देशों के अल्पविकास के कारणों की व्याख्या एक नये दृष्टिकोण से की।जिसके अनुसार चक्रीय संचयी कार्य कारण तथा अतिनिर्यात प्रभाव के कारण अर्द्धविकसित तथा विकसित देशों के बीच एक दुश्चक्र पैदा हो जाता है, जो अर्द्धविकसित और विकसित देशों के बीच आय की असमानता को बढ़ाता है। मिर्डल का विचार है कि आर्थिक विकास के कारण चक्रीय कार्य कारण प्रक्रिया उत्पन्न होती है
जिससे असमानताओं का जन्म होता है। उनका सिद्धांत राष्ट्रीय तथा अंतराष्ट्रीय संबंधों से उत्पन्न असमानताओं पर आधारित है। अंतराष्ट्रीय आर्थिक संबंधों के प्रभावों का अध्ययन करने के लिए उन्होंने निम्नलिखित दो धारणाओं का उपयोग किया है- (1) प्रसारी या फैलावी प्रभाव (Spread effect), (2) पृष्ठ प्रक्षालन धोवन प्रभाव (Back wash effect)