Solution:भारत की उपयुक्त प्राकृतिक आपदाओं खतरों का कालक्रमानुसार (पुराने से नए) व्यवस्थित क्रम निम्नलिखित है- कोयना भूकंप (1967 ई.) → ओडिशा का सुपर साइक्लोन (1999 ई.)। → भुज भूकम्प (2001) → सुनामी (तमिलनाडु तट पर) (2004 ई.)।अतीत में भारत में कई विनाशकारी भूकम्पों से अपार धन-जन की क्षति हुई है, जिनमें कोयना (1967 ई.), उत्तरकाशी(1991 ई.), लातूर (1993 ई.) एवं भुज (2001 ई.) प्रमुख हैं।भारत में मुख्यतः उष्णकटिबंधीय चक्रवातों से तटीय क्षेत्रों में अपार
धन-जन की हानि होती है।
ये चक्रवात अधिकतर बंगाल की खाड़ीऔर अरब सागर के खुले भागों में 8° से 15 उत्तर अक्षांशों में बनते हैं। 29 अक्टूबर, 1999 को आए ओडिशा के सुपर साइक्लो से 11,000 से अधिक लोगों की जान गयी और ओडिशा राज्य का लगभग एक तिहाई भाग खारे पानी से ढक गया था।
9 जून 1998 को आए चक्रवात से गुजरात में 1261 लोग मारे गए थे। भारतीयइतिहास में सुनामी का सबसे बड़ा प्रकोप 26 दिसंबर, 2004 को इंडोनेशिया के सुमात्रा तट के निकट रिक्टर पैमाने पर 8.9 तीव्रतावाले भूकम्प के कारण देखा गया। इससे एशिया एवं अफ्रीका में 1.5 लाख लोग मारे गये (भारत में 15160)। अतः विकल्प (b) सही सुमेलित है।