NTA यू.जी.सी. नेट जेआरएफ परीक्षा, जून 2025 भूगोल

Total Questions: 100

41. एक सीमांत कामगार वह है, जिसने एक वर्ष में --- --- दिनों से कम कार्य किया था।

Correct Answer: (a) 183
Solution:एक सीमांत कामगार वह है, जिसने एक वर्ष में 183 दिनों से कम कार्य किया हो। भारत में श्रमजीवी जनसंख्या का संघटन व आर्थिक स्तर की दृष्टि से भारत की जनसंख्या को तीन वर्गों में बाँटा जाता है, जिनके नाम मुख्य श्रमिक, सीमांत श्रमिक और अश्रमिक हैं।

42. भारतीय जूट उद्योग के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-से कथन सत्य नहीं हैं?

A. अधिकाशं जूट उत्पादक क्षेत्र बांग्लादेश में चले गए, जिससे कच्चे जूट की भारी कमी हुई।
B. गंगा-ब्रह्मपुत्र बेल्ट में भारत का लगभग 10% जूट उत्पादित होता है और कच्चा माल उपलब्ध कराता है।
C.  भारत में जूट उत्पादों की आगत लागत बहुत ज्यादा है।
D. शुष्क जलवायु कताई और बुनाईके लिए अत्यधिक अनुकूल होती है।

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनेंः

Correct Answer: (a) केवल B और D
Solution:भारत में जूट उद्योग की शुरुआत 1855 ई. में जार्ज आकलैण्ड द्वारा रिशरा (कोलकाता से 20 किमी. उत्तर) के समीप पहली मिल की स्थापना से हुई। विभाजन के बाद देश के 80 प्रतिशत जूट उत्पादक क्षेत्र के पूर्वी पाकिस्तान (बांग्लादेश) में चले जाने के कारण उद्योग के समक्ष कच्चे माल की कमी का गंभीर संकट उत्पन्न हो गया। गंगा ब्रह्मपुत्र डेल्टा में भारत का लगभग 80 प्रतिशत जूट उगाया जाता है न कि 10 प्रतिशत और यह जूट मिलों को कच्चा माल उपलब्ध कराता है। जूट उद्योग के स्थानीकरण पर कच्चे माल का स्पष्ट प्रभाव देखा जाता है। पश्चिम बंगाल अकेले ही देश के 81.15 प्रतिशत जूट उत्पादन करता है। भारतीय जूट उद्योग अनेक समस्याओं से ग्रसित है। जैसे ऊँची उत्पादन लागत, कच्चे माल की कमी, विश्व बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा, जूट मिलों में आधुनिकीकरण का अभाव उत्पादन में अस्थिरता आदि प्रमुख हैं। शुष्क जलवायु कताई और बुनाई के लिए अत्यधिक अनुकूल नहीं होती बल्कि समुद्र तटीय भाग की नम जलवायु इसके लिए उपयुक्त मानी मानी जाती है क्योंकि नम जलवायु में धागे कम टूटते हैं। अतः स्पष्ट है कि कथन B और D असत्य हैं तथा कथन Aऔर C सत्य हैं।

43. भारत की निम्नलिखित प्राकृतिक आपदाओं खतरों को कालक्रमानुसार (पुराने से नए) व्यवस्थित करें :

A. सुनामी (तमिलनाडु तट पर)
B.  भुज भूकम्प
C.  ओडिशा का सुपर चक्रवात
D. कोयना भूकंप

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें :

Correct Answer: (b) D, C, B, A
Solution:भारत की उपयुक्त प्राकृतिक आपदाओं खतरों का कालक्रमानुसार (पुराने से नए) व्यवस्थित क्रम निम्नलिखित है- कोयना भूकंप (1967 ई.) → ओडिशा का सुपर साइक्लोन (1999 ई.)। → भुज भूकम्प (2001) → सुनामी (तमिलनाडु तट पर) (2004 ई.)। अतीत में भारत में कई विनाशकारी भूकम्पों से अपार धन-जन की क्षति हुई है, जिनमें कोयना (1967 ई.), उत्तरकाशी(1991 ई.), लातूर (1993 ई.) एवं भुज (2001 ई.) प्रमुख हैं।भारत में मुख्यतः उष्णकटिबंधीय चक्रवातों से तटीय क्षेत्रों में अपार
धन-जन की हानि होती है। ये चक्रवात अधिकतर बंगाल की खाड़ीऔर अरब सागर के खुले भागों में 8° से 15 उत्तर अक्षांशों में बनते
हैं। 29 अक्टूबर, 1999 को आए ओडिशा के सुपर साइक्लो से11,000 से अधिक लोगों की जान गयी और ओडिशा राज्य का
लगभग एक तिहाई भाग खारे पानी से ढक गया था। 9 जून 1998
को आए चक्रवात से गुजरात में 1261 लोग मारे गए थे। भारतीयइतिहास में सुनामी का सबसे बड़ा प्रकोप 26 दिसंबर, 2004 को
इंडोनेशिया के सुमात्रा तट के निकट रिक्टर पैमाने पर 8.9 तीव्रतावाले भूकम्प के कारण देखा गया। इससे एशिया एवं अफ्रीका में
1.5 लाख लोग मारे गये (भारत में 15160)। अतः विकल्प (b)
सही सुमेलित है।

44. सूची–I को सूची–II से सुमेलित करें :

सूची–I (पर्वत निर्माण सिद्धांत)सूची–II (प्रतिपादक)
A. भू अभिनति उत्पत्तिI. डेली
B. तापीय संकुचनII. होम्स
C. स्लाइडिंग कॉन्टिनेंटIII. जेफ्रीज
D. तापीय संवहनIV. कोबर
Correct Answer: (a) A-IV, B-III, C-I, D-II
Solution:सही सुमेलित युग्म इस प्रकार हैं –
सूची–I (पर्वत निर्माण सिद्धांत)सूची–II (प्रतिपादक)
भू अभिनति उत्पत्तिकोबर
तापीय संकुचनजेफ्रीज
स्लाइडिंग कॉन्टिनेंटडेली
तापीय संवहनहोम्स

45. कौन-सा पर्यटन का विशेषीकृत प्रारूप है जिसमें लोग अपेक्षाकृत अनछुए प्राकृतिक पर्यावरण का अनुभव लेते हैं?

Correct Answer: (d) पर्यावरण (इको) पर्यटन
Solution:इको-टूरिज़्म प्रकृति-केंद्रित पर्यटन है जो पर्यावरण संरक्षण, स्थानीय समुदायों के लाभ और टिकाऊ विकास पर जोर देता है। पर्यटक जंगलों, राष्ट्रीय उद्यानों, वन्यजीव अभयारण्यों आदि प्राकृतिक क्षेत्रों में जाते हैं बिना पर्यावरण को नुकसान पहुँचाए।

मुख्य विशेषताएँ: कम पर्यटकों की संख्या, न्यूनतम प्रभाव, शिक्षा-प्रधान (जैसे बर्डवॉचिंग, ट्रेकिंग, सफारी), स्थानीय गाइडों का उपयोग।

46. कौन-सा पर्यटन का विशेषीकृत प्रारूप है जिसमें लोग अपेक्षाकृत अनछुए प्राकृतिक पर्यावरण का अनुभव लेते हैं?

Correct Answer: (d) पर्यावरण (इको) पर्यटन
Solution:इको-टूरिज़्म प्रकृति-केंद्रित पर्यटन है जो पर्यावरण संरक्षण, स्थानीय समुदायों के लाभ और टिकाऊ विकास पर जोर देता है। पर्यटक जंगलों, राष्ट्रीय उद्यानों, वन्यजीव अभयारण्यों आदि प्राकृतिक क्षेत्रों में जाते हैं बिना पर्यावरण को नुकसान पहुँचाए।

मुख्य विशेषताएँ: कम पर्यटकों की संख्या, न्यूनतम प्रभाव, शिक्षा-प्रधान (जैसे बर्डवॉचिंग, ट्रेकिंग, सफारी), स्थानीय गाइडों का उपयोग।

47. जनसंख्या की दशकीय संवृद्धि को निरूपित करने के लिए सबसे उचित आरेख कौन-सा है?

Correct Answer: (b) Line graph/रेखा ग्राफ
Solution:जनसंख्या की दशकीय संवृद्धि को निरूपित करने के लिए सबसे उचित आरेख रेखा ग्राफ है जब किसी पदमाला में पदमूल्यों की संख्या अधिक होती है तो उन पद-मूल्यों को अपेक्षाकृत कम स्थान में प्रदर्शित करने के उद्देश्य से रेखा आरेख की रचना करते हैं। दंड आरेख बराबर चौड़ाई के कॉलम द्वारा खींचा जाता है। इसे स्तंभ आरेख भी कहते हैं। साधारण, मिश्रित अथवा बहुदंड आरेखों की आंकड़ों के अनुरूप रचना की जा सकती है। जैसे- एक साधारण आरेख की रचना तत्काल तुलना के लिए की जाती है। जब एक घटक के विभिन्न चर साथ-साथ रखे जाते हैं, उनका प्रदर्शन एक यौगिक दंड आरेख द्वारा किया जाता है। एक वृत्त आरेख को भारत की ग्रामीण और नगरीय जनसंख्या के समानुपात सहित, भारत की कुल जनसंख्या को दिखाने के लिए खींचा जा सकता है। प्रवाह संचित आलेख और मानचित्र का मिश्रण है। इसे उत्पत्ति और उद्देश्य के स्थानों के बीच वस्तुओं अथवा लोगों के प्रवाह को दिखाने के लिए खींचा जाता है। इसे गतिक मानचित्र भी कहते हैं।

48. मानव समाज में प्राथमिक असमानता के रूप में पुरुषों द्वारा महिलाओं की अधीनस्थता भूगोल में किस उपागम का मुख्य सिद्धांत है?

Correct Answer: (c) नारीवाद
Solution:मानव समाज में प्राथमिक असमानता के रूप में पुरुषों द्वारा महिलाओं की अधीनस्थता भूगोल में नारीवाद उपागम का मुख्य सिद्धांत है। महिलावादी भूगोल लिंग भेद से सम्बद्ध सामाजिक- राजनीतिक चिन्तन तथा उसकी आधारभूत मान्यताओं पर आधारित भौगोलिक अध्ययन है। लिंगभेद संबंधी समाजशास्त्रीय चिन्तन पाश्चात्य देशों में नारी मुक्ति आन्दोलन के साथ 1970 के दशक में प्रारंभ हुआ था। यह तत्कालीन क्रांतिपरक मार्क्सवादी चिन्तन से प्रेरित और उसका एक अभिन्न अंग था। भौगोलिक अध्ययन में महिलावादी या महिला अधिकारवादी चिंतन का आरंभ 1970 के दशक के मध्य से हुआ। महिलावादी भौगोलिक अध्ययन में पहले मार्क्सवादी चिन्तक ही अग्रणी थे किन्तु बाद में कुछ उदारवादी चिन्तक एवं लेखक भी इस चिन्तन धारा में सम्मिलित हो गये। लिंग भेद पर आधारित इस महिला अधिकारवादी भूगोल को लिंगपरक भूगोल (Gender Geography) के नाम से भी जाना जाता है।

49. ग्रामीण विद्युतीकरण

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें :

Correct Answer: (c) केवल A, B और D
Solution:भारत में हरित क्रांति के महत्त्वपूर्ण अवयवों में भूमि सुधार, कमांड क्षेत्र विकास और ग्रामीण विद्युतीकरण शामिल हैं। भारत में हरित क्रान्ति की शुरुआत 1966-67 में मैक्सिको में विकसित नवीन, उर्वरक प्रतिचारी (Responisve) गेहूँ की बौनी प्रजातियों के प्रयोग से हुई। 1966-67 में घोषित नयी कृषि नीति में कृषि उत्पादन (खाद्यानों) में त्वरित वृद्धि हेतु नयी वैज्ञानिक कृषि पद्धति को अपनाने, भूमि सुधारों के द्वारा भूमिहीन कृषकों को भूस्वामित्व को अधिकार देने तथा कृषि उपजों के लिए लाभकारी देने तथा कृषि उपजों के लिए लाभकारी मूल्य दिये जाने के लिए संस्थागत और बुनियादी परिवर्तनों को लागू करने पर बल दिया गया। इस नीति ने उन्नत बीजों के कार्यक्रम (HYVP) पर अधिक जोर दिया। इसके अलावा सिंचाई की सुविधाओं विशेषकर भूगर्भ जल के स्रोत, रासायनिक उर्वरकों फसल सुरक्षा के तरीकों, नये कृषि यंत्रोंमशीनों सस्ते कृषि ऋण, विपणन एवं भंडारण सुविधाओं में सुधार, कृषि वैविध्य, कृषि उपजों के लाभकारी मूल्य, कृषि शोधों को महत्व दिया गया।

50. किस वर्ष में भारत ने आर्द्र भूमि के संरक्षण हेतु रामसर कन्वेंशन पर हस्ताक्षर किए थे?

Correct Answer: (b) 1982
Solution:भारत 1 फरवरी 1982 को आर्द्र भूमि के संरक्षण हेतु रामसर कन्वेंशन पर हस्ताक्षर कर इसका सदस्य बना भारत में अब तक कुल 91 आर्द्रभूमियों को अंतर्राष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमियों की सूची में शामिल कर चुका है। ध्यातव्य है, कि 1971 में ईरान के रामसर में हस्ताक्षरित 'आर्द्रभूमि सम्मेलन' एक अंतर सरकारी संधि है जो आर्द्र भूमि और उनके संसाधनों के संरक्षण और विवेकपूर्ण उपयोग के लिए राष्ट्रीय कार्यवाही और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग हेतु रूपरेखा प्रदान करती है।