NTA यू.जी.सी. नेट जेआरएफ परीक्षा, जून 2025 भूगोल

Total Questions: 100

71. भू-राजनीतिक के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-से कथन सत्य हैं?

A. भू-राजनीति' शब्द रूडोल्फ जेलेन द्वारा गढ़ा गया था।
B. 'भू-राजनीति' का अर्थ है स्थानों का विज्ञान ।
C.  'भू-लेबेंत्राम'का अर्थ है जीवित का विज्ञान।
D. जर्मन भू-राजनीतिशास्त्रियों के अनुसार राज्य की वृद्धि उसकी जीवविज्ञानीय जरूरत होती है।

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें :

Correct Answer: (b) केवल A, C और D
Solution:'भू-राजनीति' शब्द रूडोल्फ जेलेन द्वारा गढ़ा गया था। 'ले स्राम' का अर्थ है जीवित वास स्थान और जर्मन भू राजनीतिशास्त्रियों के अनुसार राज्य की वृद्धि उसकी जीव विज्ञानीय जरूरत होती है। भू-राजनीतिक विचारधारा का जन्म जर्मनी में हुआ। द्वितीय विश्वयुद्ध से पूर्व और युद्ध के वर्षों में, जर्मन लोगों ने अपनी जातीय और सांस्कृतिक श्रेष्ठता का दावा करते हुए निवास स्थान या लेबेंत्राम का नारा लगाया था जिसके आधार पर भू-राजनीति का विकास हुआ। भू-राजनीति शब्द स्वीडन के एक भूगोलवेत्ता जेलेन (Kjellen) ने प्रस्तावित किया था परन्तु इससे पूर्व रेटजेल ने पॉलिटिकल जियोग्राफी में इस संकल्पना को दिया था। हॉशोफर ने भू-राजनीति को परिभाषित करते हुए यह बताया कि भू-राजनीति वह विज्ञान है, जिसमें प्राकृतिक वातावरण और राजनीतिक जीवन का अध्ययन किया जाता है तथा राजनीतिक जीवन को उसके पृथ्वी से सम्बन्धों और ऐतिहासिक गतिविधियों की दशाओं के सन्दर्भ में समझा जाता है।

72. विश्व में ऊर्जा आपूर्ति को प्रभावित करने वाले भौतिक कारकों की पहचान करें और सही कथनों को चुनें :

A.  विशाल विद्युत स्टेशनों के लिए तरंग गति भूमि किन्तु भूवैज्ञानिक रूप से स्थिर आधारशिला आवश्यक होती है।
B.  सौर ऊर्जा के लिए वर्ष में तेज सूर्य प्रकाश वाले अधिक दिनों की आवश्यकता होती है।
C. ज्वारीय विद्युत स्टेशनों के लिए छोटी ज्वारीय सीमा की आवश्यकता होती है।
D. जीवाश्म ईंधनों के निक्षेप केवल सीमित स्थानों पर पाये जाते हैं।

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनेंः

Correct Answer: (b) केवल B और D
Solution:विश्व में ऊर्जा आपूर्ति को प्रभावित करने वाले भौतिक कारकों में सौर ऊर्जा के लिए वर्ष में तेज सूर्य प्रकाश वाले अधिक दिनों की आवश्यकता होती है और जीवाश्म ईधनों के निक्षेप केवल सीमित स्थानों पर पाये जाते हैं को शामिल किया जाता है। जीवाश्म ईंधन जैसे- कोयला, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस परंपरागत ऊर्जा के मुख्य स्रोत हैं और इन खनिजों के भंडार सीमित हैं और जीवाश्म ईंधनों के बढ़ते उपयोग से ऊर्जा के गैर-परंपरागत स्रोत का महत्व बढ़ रहा है। ऐसा अनुमान किया जा रहा है कि यदि वर्तमान दर से इनका उपभोग लगातार होता रहा तो इन ईंधनों के भण्डार समाप्त हो जाएंगे। इसके अतिरिक्त इनका उपयोग पर्यावरणीय प्रदूषण भी पैदा करता | है। इसलिए गैर-परंपरागत स्रोत जैसे सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, ज्वारीय ऊर्जा जो कि नवीकरणीय हैं, के उपयोग की आवश्यकता है। सौर ऊर्जा धूप की प्रचुरता वाले उष्ण कटिबंधीय देशों के लिए सौर ऊर्जा के उपयोग की प्रौद्योगिकी बहुत लाभदायक है। ज्वार से उत्पन्न ऊर्जा को ज्वारीय ऊर्जा कहते हैं। इस ऊर्जा का विदोहन समुद्र के संकरे मुहाने में बाँध के निर्माण से किया जाता है। उच्च ज्वार के समय इसका उपयोग बाँध में स्थापित टरबाइन को घुमाने के लिए किया जाता है।

73. जलवायु परिवर्तन किस प्रकार वैश्विक भू- राजनीति को प्रभावित करता है?

Correct Answer: (c) जल और ऊर्जा संसाधनों पर भूराजनीतिक तनावों में वृद्धि करके
Solution:जलवायु परिवर्तन जल और ऊर्जा संसाधनों पर भू- राजनीतिक तनावों में वृद्धि करके प्रभावित करता है। जलवायु परिवर्तन से जल संसाधनों में कमी आती है, जिससे नदी जल बंटवारे को लेकर देशों के बीच तनाव बढ़ता है। इस प्रकार समुद्री जलस्तर में वृद्धि होने से तटीय देशों की सीमा प्रभावित होती है, जिससे क्षेत्रीय विवाद उत्पन्न होते हैं। ऊर्जा सुरक्षा के लिए जीवाश्म पर निर्भरता और नवीकरणीय ऊर्जा की प्रतिस्पर्धा भू-राजनीतिक संघर्षों को जन्म देती है। जलवायु परिवर्तन प्रवास प्रभाव और आर्थिक असमानताओं को कम नहीं करता बल्कि बढ़ता है, यह क्षेत्रीय संगठनों का प्रभाव कमजोर न करके मजबूत करता है और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों की महत्ता को बढ़ाता है। अतः विकल्प (c) सही है।

74. पुस्तक "मैनस्त्रींग्स ऑफ सिविलाइजेशन" के लेखक कौन थे?

Correct Answer: (a) ई. इंटिंगटन
Solution:पुस्तक "मैनस्त्रींग्स ऑफ सिविलाइजेशन" के लेखक ई. हंटिंगटन थे। हंटिंगटन एक महान विचारक, लेखक और खोजयात्री थे। उन्होंने दो दर्जन से अधिक पुस्तकें लिखी। उनकी |अधिकांश रचनाओं के मुख्य विषय थे- जलवायु और उसका प्रभाव, मानव सभ्यता का विकास, भौमिकी तथा भू-आकृति विज्ञान, प्रादेशिक भूगोल, मानव जाति आदि। हंटिंगटन की कुछ प्रमुख पुस्तकें एशिया की नाड़ी, सभ्यता और जलवायु, मानव भूगोल के सिद्धान्त आदि हैं। सेम्पुल रेटजेल की शिष्या और उनके नियतिवादी विचारों की प्रबल समर्थक थीं। इन्होंने अमेरिकी इतिहास और इसकी भौगालिक दशाएँ शीर्षक से एक महत्वपूर्ण ग्रंथ प्रकाशित किया। एच. जे. मैकिण्डर ने 'हार्टलैण्ड सिद्धान्त' दिया था।

75. भारत में निम्नलिखित स्वास्थ्य देखभाल योजनाओं को उन्हें आरंभ किए जाने के वर्ष के अनुसार कालक्रम से व्यवस्थित करें :

A.  प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज बीमा योजना
B. मिशन इंद्रधनुष
C. आयुष्मान भारत - डिजिटल मिशन
D. आयुष्मान भारत- प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें

Correct Answer: (b) B, D, А, C
Solution:भारत में उपर्युक्त स्वास्थ्य देखभाल योजनाओं को उन्हें आरंभ किए जाने के वर्ष के अनुसार निम्नलिखित कालक्रम में व्यवस्थित हैं- मिशन इंद्रधनुष आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना → प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज बीमा योजना आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन ।

सही सुमेलित युग्म इस प्रकार हैं –

स्वास्थ्य देखभाल योजनाएंआरंभ किए जाने का वर्ष
मिशन इन्द्रधनुष2014
आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना2018
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना2020
आयुष्मान भारत-हेल्थ मिशन2021

अतः विकल्प (b) सही सुमेलित है।

76. निम्नलिखित में से कौन-सा लवण महासागरों में उपस्थित लवणों में सबसे अधिक प्रतिशत हिस्सेदारी रखता है?

Correct Answer: (a) सोडियम क्लोराइड
Solution:सोडियम क्लोराइड लवण महासागरों में उपस्थित लवणों में सबसे अधिक प्रतिशत हिस्सेदारी रखता है। सामान्य रूप में "सागरीय जल के भार एवं उसमें घुले हुए पदार्थों के भार के अनुपात को सागरीय लवणता कहते हैं।" महासागरों की औसत लवणता 35% (ग्राम प्रति हजार) है, परन्तु प्रत्येक महासागर, सागर, झील आदि में लवण की मात्रा में अन्तर पाया जाता है। 1884 में चैलेन्जर अन्वेषण के समय डिटमार नामक विद्वान ने सागरों में 27 प्रकार के लवणों का पता लगाया, जिनमें से 7 प्रकार के लवण सर्वाधिक महत्वपूर्ण एवं निम्नलिखित हैं-
लवण के प्रकारकुल मात्रा (%) (1000 ग्राम में)प्रतिशत
सोडियम क्लोराइड27.21377.8
मैग्नीशियम क्लोराइड3.80710.9
मैग्नीशियम सल्फेट1.6584.7
कैल्शियम सल्फेट1.2603.6
पोटैशियम सल्फेट0.8632.5
कैल्शियम कार्बोनेट0.1230.3
मैग्नीशियम ब्रोमाइड0.0760.2
योग35.00100

77. सूची-I को सूची-II से सुमेलित करें :

सूची–I (खनिज)सूची–II (भंडार)
A. चाँदीI. कोरापुट
B. बॉक्साइटII. ज़ावर
C. तांबाIII. रत्नागिरि
D. मैंगनीजIV. बालाघाट

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनेंः

Correct Answer: (d) A-II, B-I, C-IV, D-III
Solution:सही सुमेलित युग्म इस प्रकार हैं-
सूची–I (खनिज)सूची–II (भंडार)
चाँदीज़ावर (राजस्थान)
बॉक्साइटकोरापुट (ओडिशा)
ताँबाबालाघाट (मध्य प्रदेश)
मैंगनीजरत्नागिरि (महाराष्ट्र)

अतः विकल्प (d) सही सुमेलित है।

78. निम्नलिखित महत्त्वपूर्ण चोटियों को ऊँचाई के आरोही क्रम में व्यवस्थित करें:

A. नंदा देवी
B.  बद्रीनाथ
C. कंचनजंगा
D. नामचा बारवा

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें :

Correct Answer: (d) B, D, А, C
Solution:महत्वपूर्ण चोटियों की ऊँचाई का आरोही क्रम हैं- बद्रीनाथ नामचा बारवा नंदा देवी हिमालय के कुछ ऊँचे शिखर निम्नलिखित हैं-
शिखरऊँचाई (मीटर)
कंचनजंगा8598
मकालू8481
धौलागिरी8172
नंगा पर्वत8126
नंदा देवी7817
अन्नपूर्णा8078
कामेट7756
नामचा बरवा7756
ब्रॉड पीक7273

79. नगरीय बस्तियों से संबंधित निम्नलिखित सिद्धांतों को उन्हें प्रतिपादित किए जाने के वर्ष के कालक्रम (पुराने से नए) में व्यवस्थित करें :

A. खण्ड (सेक्टर) सिद्धांत
B. श्रेणी आकार प्रणाली
C. बहु केन्द्रक सिद्धांत
D. संकेन्द्रित सिद्धांत

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनेंः

Correct Answer: (b) D, A, С, В
Solution:नगरीय बस्तियों से संबंधित सिद्धांतों को उन्हें प्रतिपादित किए जाने के वर्ष के कालक्रम (पुराने से नए) में निम्नलिखित हैं-
संकेन्द्रित सिद्धांत → खण्ड सिद्धान्त → बहुकेन्द्रक सिद्धान्त → श्रेणी आकार प्रणाली।
सिद्धांतप्रतिपादन किए जाने का वर्षसंबंधित विद्वान
संकेन्द्रीय वलय सिद्धांत1925ई. डब्ल्यू. बर्गेस
खंड (सेक्टर) सिद्धांत1939होमर होयट
बहुनाभिक सिद्धांत/बहु केन्द्रक सिद्धांत1945हैरिस एवं उलमैन
श्रेणी आकार प्रणाली1949जी. के. जिफ

अतः विकल्प (b) सही है।

80. विश्व की निम्नलिखित महासागरीय धाराओं में से ठण्डी धाराओं का चयन करेंः

A. ब्राजील धारा
B. फॉकलैंड धारा
C. बेंगुएला धारा
D. कैलिफोर्निया धारा

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनेंः

Correct Answer: (b) केवल B, C और D
Solution:विश्व की उपर्युक्त महासागरीय धाराओं में से फॉकलैंड धारा, बेंगुएला धारा तथा कैलिफोर्निया धारा ठण्डी धाराएँ हैं, जबकि ब्राजील धारा गर्म जल धारा है। सागरों में जल के एक निश्चित दिशा में प्रवाहित होने की गति को 'धारा' कहते हैं, धाराएँ धरातलीय भाग पर प्रवाहित होने वाली नदियों के समान ही होती हैं। तापमान के आधार पर महासागरीय धाराएँ दो प्रकार की होती हैं। उष्ण धारा तथा ठण्डी धारा। ठण्डी धाराएँ वे धाराएँ होती हैं, जो जिस क्षेत्र में प्रवाहित होती हैं उस क्षेत्र के मुकाबले इनका तापमान कम होता है। कुछ प्रमुख ठण्डी धाराएँ निम्नलिखित हैं लेब्रोडोर धारा, ग्रीनलैण्ड धारा, कनारी धारा, फॉकलैण्ड धारा तथा बेंगुएला धारा (अटलांटिक महासागर की)। क्यूराइल धारा, कैलिफोर्निया धारा, पेरू धारा/हम्बोल्ट धारा (प्रशान्त महासागर की)।