NTA यू.जी.सी. नेट जेआरएफ परीक्षा, जून 2025 भूगोल

Total Questions: 100

81. आगत (आने वाला) सौर विकिरण - कहलाता है।

Correct Answer: (b) आतपन
Solution:आगत (आने वाला) सौर विकिरण आतपन (Insolation) कहलाता है। पृथ्वी को प्राप्त होने वाली ऊर्जा को 'आगमी सौर विकिरण' या छोटे रूप में सूर्यातप आतपन (Insolation) कहते हैं। पृथ्वी औसत रूप से वायुमंडल की ऊपरी सतह पर 1.94 कैलोरी प्रति वर्ग सेंटीमीटर प्रतिमिनट ऊर्जा प्राप्त करती है। धरातल पर प्राप्त सूर्यातप की मात्रा, उष्ण कटिबंध में 320 वाट प्रति वर्गमीटर से लेकर ध्रुवों पर 70 वाट प्रति वर्गमीटर तक भिन्नता पाई जाती है। पृथक्करण अलग करने की प्रक्रिया को कहते हैं तथा विकिरण विधि द्वारा ऊष्मा का स्थानांतरण होता है।

82. निम्नलिखित में से कौन सी आर्थिक गतिविधि चतुर्थक आर्थिक गतिविधियों के समूह का उदाहरण है?

Correct Answer: (c) शिक्षा
Solution:शिक्षा चतुर्थक आर्थिक गतिविधियों के समूह का अच्छा उदाहरण है जबकि खुदरा व्यापार, थोक व्यापार एवं परिवहन तृतीयक आर्थिक गतिविधियों के उदाहरण हैं चतुर्थ क्रियाकलापों में सूचना का संग्रहण, उत्पादन और प्रकीर्णन अथवा सूचना का उत्पादन भी इत्यादि को सम्मिलित करते हैं। चतुर्थक क्रियाकलाप अनुसंधान और विकास पर केंद्रित होते हैं और विशिष्टीकृत ज्ञान प्रौद्योगिक कुशलता और प्रशासकीय सामर्थ्य से संबद्ध सेवाओं को भी शामिल किया जाता है। विकसित अर्थव्यवस्थाओं में आधे से अधिक कर्मी ज्ञान के इस क्षेत्र में कार्यरत हैं तथा पारस्परिक कोष प्रबंधकों से लेकर कर परामर्शदाताओं, सॉफ्टवेयर सेवाओं की माँग में अति उच्च वृद्धि हुई है। कार्यालय भवनों, प्रारंभिक विद्यालयों, विश्वविद्यालयी कक्षाओं, अस्पतालों व डॉक्टरों के कार्यालयों, रंगमचों, लेखाकार्य और दलाली की फर्मों में काम करने वाले कर्मचारी इस वर्ग की सेवाओं से संबंध रहते हैं।

83. निम्नलिखित यूनानी भूगोलवेत्ताओ को कालक्रमानुसार (आरंभिक से अद्यतन) व्यवस्थित करें :

A. हेरोडोटस
B. टोस्थनीज
C. हिप्पोक्रेट्स
D. टॉलमी

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनैः

Correct Answer: (a) A, C, B, D
Solution:यूनानी भूगोलवेत्ताओं का कालानुक्रम (आरंभिक से अद्यतन) निम्नलिखित है- हेरोडोटस हिप्पोक्रेट्स इटोस्थनीज टॉलमी।
यूनानी भूगोलवेत्ताकालक्रम
हेरोडोटस485–425 ई. (B.C)
थ्यूसीडाइड्स460–377 ई. (B.C)
इरेटोस्थनीज276–194 ई. (B.C)
टॉलेमी90–168 ई. (A.D)

टॉलमी रोमन भूगोलवेत्ता था। अतः विकल्प (a) सही है।

84. कोपेन के वर्गीकरण में 'C' प्रकार की जलवायु किसे निरूपित करती है?

Correct Answer: (c) भूमध्य सागरीय प्रकार की जलवायु
Solution:कोपेन के वर्गीकरण में 'Cs प्रकार की जलवायु, भूमध्य सागरीय प्रकार की जलवायु को निरूपित करती है। इस जलवायु में ग्रीष्म काल शुष्क होता है,। ग्रीष्म काल के शुष्कतम महीने की अपेक्षा शीतकाल में सबसे आर्द्र महीने में तीन गुनी अधिक वर्षा होती है। 'Cs' रूम सागरीय जलवायु है। कोपेन ने पश्चिमी यूरोप प्रकार की जलवायु के लिए 'Cf, चीन प्रकार की जलवायु के 'Cw' तथा ध्रुवीय जलवायु के लिए 'E' अक्षर का प्रयोग किया है। कोपेन ने 1900 ई. में विश्व की जलवायु का वर्णनात्मक वर्गीकरण प्रस्तुत किया तथा सन् 1918, 1931 एवं 1936 में संशोधित किया। कोपेन ने विश्व जलवायु को 5 प्रमुख समूहों तथा 11 जलवायु प्रकारों में विभक्त किया है। जलवायु के पाँच प्रमुख प्रकारों को अंग्रेजी के कैपिटल लेटर A, B, C, D तथा E से नामित किया गया है।

85. डेविस के भौगोलिक चक्र के संदर्भ में सही कथनों का चयन करें :

A.  भूपरिदृश्य संरचना, प्रक्रिया और समय का प्रकार्य है।
B.  भू-स्थलाकृतियाँ अंतर्जात और बहिर्जात बलों की अंतक्रिया से विकसित होती हैं।
C. Nकोई भी नदी आधार तल (समुद्र तल) से नीचे घाटी का अपरदन नहीं कर सकती है।
D.  डेविस ने उत्थापन से पूर्वसामान्य भू-स्थलाकृति को निरूपित करने के लिए प्राइमारम्फ शब्द का उपयोग किया।

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें :

Correct Answer: (a) केवल A, B और C
Solution:डेविस के भौगोलिक चक्र के संदर्भ में भू-परिदृश्यसंरचना, प्रक्रिया और समय का प्रकार्य है सही कथन हैं। अमेरिकीभू-आकृतिक विज्ञानवेत्ता विलियम मोरिस डेविस ने अपने भौगोलिकचक्र की संकल्पना का प्रतिपादन 1899 में किया। इन्होंने सर्वप्रथमस्थलरूपों के विकास से संबंधित एक सामान्य सिद्धान्त का प्रतिपादनकिया जिसमें समय के साथ विभिन्न अवस्थाओं (तरुण, प्रौढ़ तथा जीर्ण) के सम्मिलित रूप को, जिससे होकर ऊँचा उठा भाग अपक्षय तथा अपरदन द्वारा समतल प्राय मैदान में बदल गया है, अपरदन चक्र कहते हैं। इस अपरदन चक्र को डेविस महोदय ने भौगोलिक चक्र नाम दिया है उद्भव एवं विकास तीन कारकों अर्थात् संरचना, प्रक्रम तथा समय (अवस्था) द्वारा नियंत्रित होता है। इन तीन कारकों को डेविस का त्रिकुट (Trio of Davis) कहते हैं। भू-स्थलाकृतियाँ अंतर्जात और बहिर्जात बलों की अंतक्रिया से विकसित होती हैं। अंतर्जात बलों द्वारा धरातल पर विषमताओं का निर्माण होता है, बहिर्जात बल इन विषमताओं को दूर करने में प्रयत्नशील हो जाते हैं। कोई भी नदी आधार तल से नीचे घाटी का अपरदन नहीं कर सकती है। उत्थान से पूर्व स्थलखण्ड के लिए फेंक ने प्राइमारम्प नामावली का प्रयोग किया है। अतः विकल्प (a) सही है।

86. गंगा नदी की निम्नलिखित सहायक नदियों को पश्चिम से पूर्व के क्रम में व्यवस्थित करें:

A. शारदा
B.गंडक
C. गोमती
D. घाघरा

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें :

Correct Answer: (b) C, A, D, B
Solution:गंगा नदी की सहायक नदियों का पश्चिम से पूर्व क्रम निम्नलिखित है गोमती शारदा घाघरा गंडक। गंगा नदी उत्तराखण्ड के उत्तरकाशी जिले में गोमुख के निकट गंगोत्री हिमनद से 3900 मीटर की ऊँचाई से निकलती हैं। यहाँ यह भागीरथी के नाम से जानी जाती है। देवप्रयाग में भागीरथी, अलकनंदा से मिलती हैं और इसके बाद गंगा कहलाती हैं। गंगा द्रोणी केवल भारत में 8.6 लाख वर्ग किमी. क्षेत्र में फैली हुई है तथा भारत का सबसे बड़ा अपवाह तंत्र है, जिससे उत्तर में हिमालय से निकलने वाली बारहमासी व अनित्यवाह नदियाँ शामिल हैं। गंगा की प्रमुख सहायक नदियाँ निम्नलिखित हैं बाएँ तट से मिलने वाली नदियाँ रामगंगा, गोमती, शारदा, घाघरा, गण्डक, कोसी व महानंदा हैं, जबकि दाएँ तट से मिलने वाली नदियाँ यमुना (चंबल, सिंध, बेतवा, केन), सोन, दामोदर (हुगली की सहायक)।

87. पारिस्थितिकीय निकेत" (Ecological niche) की संकल्पना सबसे पहले किसके द्वारा प्रस्तुत की गई थी?

Correct Answer: (a) जे. ग्रीनेल
Solution:“पारिस्थितिकीय निकेत" (Ecological Niche) की संकल्पना सबसे पहले जे.ग्रीनेल द्वारा प्रस्तुत की गई थी। यह एक पौधे या एक जन्तु का प्राकृतिक वास का वह क्षेत्र होता है, जिसमें जीव या जीवों की एक जनसंख्या रहने और विकसित होने के लिए अनुकूलित होती है। एक जीव के परितंत्रीय निकेत में से सभी भौतिक रासायनिक और जैव दशाएँ शामिल होती हैं, जो कि प्राकृतिक वास में रहने के लिए जरूरी होती हैं। निकेत में जीव की भोजन आदतें, घोंसले बनाने के तरीके और पुनर्जनन इत्यादि भी शामिल होता है। पारिस्थितिकी शब्दावली का प्रयोग सबसे पहले 1869 में ई. हैकल ने किया था तथा पारिस्थितिकी तंत्र शब्दावली को सबसे पहले आर्थर टान्सले ने 1935 में दिया था।

88. परिप्रशांत पेटी के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-से कथन सत्य हैं?

A. परि-प्रशांत पेटी में विश्व के लगभग 80% सक्रिय ज्वालामुखी स्थित हैं।
B. इस पेटी को प्रशांत महासागर की "अग्नि मेखला" भी कहा जाता है।
C. मुख्य रूप से यहाँ बेनिऑफ क्षेत्र के साथ अभिसारी प्लेटों के टकराव के कारण ज्वालामुखी उत्पन्न होते हैं।
D. यह क्षेत्र अपसारी प्लेट सीमाओं के कारण भी जाना जाता है।

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें :

Correct Answer: (a) केवल A, B और C
Solution:परि-प्रशांत पेटी में विश्व के लगभग 80% सक्रिय ज्वालामुखी स्थित है तथा इस पेटी को प्रशांत महासागर की "अग्नि मेखला" भी कहा जाता है। मुख्य रूप से यहाँ बेनिऑफ क्षेत्र के साथ अभिसारी प्लेटों के टकराव के कारण ज्वालामुखी उत्पन्न होते हैं। परिप्रशांत महासागरीय मेखला (Circum Pacific Belt) या विनाशी प्लेट या अभिसारी प्लेट के किनारे विश्व के ज्वालामुखियों का लगभग दो-तिहाई भाग प्रशान्त महासागर के दोनों तटीय भागों, द्वीप चापों (Island arcs) तथा समुद्री द्वीपों के सहारे पाया जाता है, ज्वालामुखी की इस श्रृंखला को 'प्रशांत महासागर का ज्वालावृत्त' (fire girdle of the Pacific ocean) अथवा (fire Ring of Pacific) कहते हैं। यह क्षेत्र अपसारी प्लेट सीमा के साथ नहीं बल्कि अभिसारी प्लेट सीमा के लिए जाना जाता है। अतः विकल्प (a) सही है।

89. निम्नलिखित प्रमुख गैसों को वायुमंडल में उनके आयतन के अनुसार बढ़ते क्रम में व्यवस्थित करें:

A. कार्बन डाई ऑक्साइड
B. ऑर्गन
C. Nनाइट्रोजन
D. ऑक्सीजन
E. हाइड्रोजन

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनैः

Correct Answer: (a) E, A, B, D, C
Solution:प्रमुख गैसों का वायुमंडल में उनके आयतन के अनुसार बढ़ते हुए क्रम इस प्रकार से हैं- हाइड्रोजन कार्बन डाईऑक्साइड आर्गन ऑक्सीजन → नाइट्रोजन ।
गैसमात्रा (प्रतिशत में)
नाइट्रोजन78.08
ऑक्सीजन20.95
आर्गन0.93
कार्बन-डाइ ऑक्साइड0.03
निऑन0.002
हीलियम0.0005
हाइड्रोजन0.00005

अतः विकल्प (a) सही है।

90. अल्बाट्रॉस पठार किस महासागर में स्थित है?

Correct Answer: (a) प्रशांत महासागर
Solution:अल्बाट्रॉस का पठार प्रशांत महासागर में स्थित है। पूर्वी प्रशांत कटक, जिसे अल्बाट्रॉस पठार के नाम से भी जाना जाता है, 1600 किमी. की चौड़ाई में विस्तृत है। 23° से 35° द अक्षांशों के बीच इसकी दो शाखाएँ हो जाती हैं। पूर्वी शाखा चिली तट की ओर चली जाती है तथा पश्चिमी शाखा इस्टर्न आइसलैण्ड राइज के नाम से द. की ओर चली जाती है। दूसरा प्रमुख कटक न्यूजीलैंड रिज है। प्रशांत महासागर में ही क्वीन्सलैंड पठार प्रमुख कटक है। अटलांटिक महासागर के प्रमुख कटक- विविल टामसन कटक डाल्फिन उभार, टेलिग्राफिक पठार, तथा वालिस कटक हिंद महासागर के प्रमुख कटक- लकादीव चैगोस सेण्टपाल कटक, एमस्टर्डम सेण्टपाल पठार, कारगुलेन गासबर्ग कटक, सकोत्रा चैगोस कटक तथा काल्सबर्ग कटक ।