Solution:वैश्विक स्तर पर मुख्य पर्यावरणीय समस्याओं में वायु और जल प्रदूषण, ओजोन परत अवक्षय, वैश्विक तापन एवं जलवायु परिवर्तन शामिल हैं। वायु प्रदूषण तब होता है जब वायु में सुरक्षित सीमाओं से अधिक प्रदूषण हो जाता है और मनुष्य, पशु, इमारतों या किसी भी सामग्री के लिए हानिकारक हो जाते हैं।
वायु प्रदूषण के मुख्य स्रोतों में क्रमशः चलते वाहन, उद्योग, निमाण स्थल और खदानें, आग, प्राकृतिक प्रक्रियाएँ एवं घटनाक्रम (त्यौहारों और समारोहों में पटाखें) इत्यादि।
भूमंडलीय तापन से आशय पृथ्वी के औसत सतही तापमान में वृद्धि होना है जबकि जलवायु परिवर्तन का अर्थ पृथ्वी अथवा पृथ्वी के किसी भाग की जलवायु में दीर्घ अवधि के लिए परिवर्तन होना है। भूमडलीय तापन का आशय केवल तापमान में वृद्धि होना है
जबकि जलवायु परिवर्तन में तापन के साथ-साथ तापन के बुरे प्रभाव जैसे हिमनदों का पिघलना, भारी वर्षा, तूफान और बार-बार पड़ने वाला सूखा आदि शामिल हैं। पृथ्वी पर जीवन के लिए ओजोन परत आवश्यक है, क्योंकि यह सूर्य के अधिकांश हानिकारक अल्ट्रावायलेट-बी (UV-B)विकिरण को अवशोषित करता है।
ओजोन परत कम हो जाने पर UV-B विकिरण पृथ्वी पर पहुँचता है जिससे त्वचा के कैंसर, नेत्र मोतियाबिंद, जलवायु, परिवर्तन इत्यादि समस्याएँ उत्पन्न हो जाती हैं। अतः विकल्प (a) सही है।