इस काल में हुई यात्राओं और खोजों से पूर्व में अज्ञात जगत जगह की बेहतर समझ विकसित हुई। यूनानियों (ग्रीक वासियों) ने मानव के ज्ञान के उन्नयन में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्हें विभिन्न प्राचीन सभ्यताओं से जानकारी एकत्रित की और सिद्धांतों तथा अवलोकनों प्रेक्षणों के द्वारा उनको विस्तारित किया। यूनानी विद्वानों ने लगभग संभव विषय पर विचार किया।
उनके शोध कार्यों ने वस्तुतः लगभग उन सभी क्षेत्रों/विधाओं के लिए आधार स्थापित किया जिनका आज हम अध्ययन करते हैं। उनके प्रभावी योगदानों ने भूगोल को वास्तव में एक ठोस विषय, विशेष रूप से गणितीय, भौतिक, ऐतिहासिक और क्षेत्रीय भूगोल के क्षेत्रों में स्थापित किया।
आज की वैज्ञानिक उन्नति पर उन प्राचीन विद्वानों द्वारा किए गए आधारी कार्य को ध्यान में रखे बिना विचार करना कठिन है।
अरस्तू की जलवायु क्षेत्रों की संकल्पनाओं को किसने गणितीय सीमाओं के विषय में जानकारी प्रदान करके बेहतर किया था?
Correct Answer: (b) इरेटोस्थेनीज
Solution:अरस्तू की जलवायु क्षेत्रों की संकल्पनाओं को इरेटोस्थेनीज गणितीय सीमाओं के विषय में जानकारी प्रदान करके बेहतर किया था। अरस्तू एक यूनानी (ग्रीक) भूगोलवेत्ता थे,
इन्होंने गणितीय भूगोल के विकास में उल्लेखनीय योगदान दिया था। अरस्तु ने पृथ्वी की आकृति तथा पृथ्वी के कटिबंधों का तथ्यपूर्ण और सोदाहरण वर्णन किया। इरेटोस्थनीज ग्रीक भूगोलवेत्ता थे, जिन्होंने 'ज्योग्राफिका' नामक पुस्तक लिखी, जो प्रथम शास्त्रीय पुस्तक मानी जाती है।