NTA यू.जी.सी. नेट जेआरएफ परीक्षा, दिसम्बर 2024 भूगोल

Total Questions: 100

61. निम्नलिखित फसल युग्म विभाजन की विधियों को इन्हें प्रस्तावित किए जाने के वर्ष (पुराना नया) के अनुसार व्यवस्थित करें-

A. जे.टी. कोपोक विधि B.रफीउल्लाह विधि C. डोई विधि D. जे.सी. वीवर विधि
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (e) (*)
Solution:

उपयुक्त फसल युग्म विभाजन की विधियों को इन्हें प्रस्तावित किए जाने के वर्ष (पुराना नया) के अनुसार क्रम निम्नलिखित हैं- जे.सी. वीवर विधि (1954) - डोई विधि (1959) जे.टी. कोपेक विधि (1964) - रफीउल्लाह विधि (1965)। 1954 ई. में जान वीवर ने "Crop combination Regions in the Middle West U.S.A” नामक पुस्तक प्रस्तुत किया। वीवर के मॉडल का सैद्धान्तिक आधार यह है

कि सभी फसलों के अन्तर्गत कृषि भूमि समान रूप से संलग्न है। वीवर का उद्देश्य प्रामाणित विचलन विधि द्वारा विचलन की वास्तविक मात्रा ज्ञात करना न होकर विचलन का सापेक्षित क्रम ज्ञात करना था।

किकूकाजू दोई (1959) ने वीवर के सिद्धान्त में संशोधन किया तथा इसका उपयोग जापान की औद्योगिक संरचना ज्ञात करने के लिए किया। प्रो.एस.एम. रफीउल्लाह ने शस्य संयोजन के निर्धारण के लिए अधिकतम सकारात्मक विचलन विधि को अपनाया है।

रफीउल्लाह ने यह माना कि सकारात्मक एवं नकारात्मक विचारकों का अन्तर सैद्धान्तिक वक्र (Theoretical curve) के माध्यिका मूल्य से किया गया है। नोट:- NTA ने अपने उत्तरी कुंजी में विकल्प (a) को सही माना है, जो कि गलत है। अतः कोई भी विकल्प सही नहीं है।

62. पशुचारण घुमंतू गमन घुमक्कड़ी को निम्नलिखित विशेषताओं से पहचाना जा सकता हैं:

A. यह पशुओं पर आधारित निर्वाह गतिविधि है।
B. प्रत्येक घुमंतू समुदाय का सुपरिभाषित क्षेत्र होता है।
C. पशु पूर्णतया प्राकृतिक वनस्पति पर निर्भर होते हैं।
D. खनन एक महत्वपूर्ण गतिविधि है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (d) केवल A, B और C
Solution:

पशुचारण घुमंतू गमन/ घुमक्कड़ी पशुओं पर आधारित निर्वाह गतिविधि होती है। प्रत्येक घुमंतू समुदाय का सुपरिभाषित क्षेत्र होता है तथा पशु पूर्णतया प्राकृतिक वनस्पति पर निर्भर होते हैं। खनन इनकी एक महत्वपूर्ण गतिविधि नहीं होती है। चलवासी पशुचारण एक प्राचीन जीवन-निर्वाह व्यवसाय रहा है।

जिसमें पशुचारक अपने भोजन, वस्त्र,औजार एवं यातायात के लिए पशुओं पर ही निर्भर रहता है। चलवासी पशुचारण के तीन प्रमुख क्षेत्र हैं। पहला उत्तरी अफ्रीका के अटलांटिक तट से अरब प्रायद्वीप होता हुआ मंगोलिया एवं मध्य चीन तक फैला है।

दूसरा क्षेत्र यूरोप तथा एशिया के टुण्ड्रा प्रदेश में है जबकि तीसरा क्षेत्र दक्षिणी गोलार्द्ध में दक्षिणी पश्चिमी अफ्रीका एवं मेडागास्कर द्वीप पर हैं। भारत में हिमालय के पर्वतीय क्षेत्रों में गुज्जर, बकरवाल, गद्दी एवं भूटिया आदि लोगों के समूह ग्रीष्मकाल में मैदानी क्षेत्रों से पर्वतीय क्षेत्रों में प्रवास कर जाते हैं। अतः विकल्प (d) सही है।

63. चाप विकर्ण वह विधि है जिसमें

Correct Answer: (a) संचयी बारंबारता को प्लॉट (आलेखित) किया जाता है
Solution:

चाप विकर्ण वह विधि है जिसमें संचयी बांरबारता को प्लॉट (आलेखित) किया जाता है। चाप विकर्ण (ओगिव), सांख्यिकी विधि में प्रदर्शित एक ग्राफ है।

जिससे किसी डेटा श्रृंखला के आवृत्ति वितरण का पता चलता हैं। इसे संचयी आवृत्ति वक्र (curve) या तोरण ग्राफ भी कहते हैं। इसमें क्षैतिज डेटा मानों का प्रतिनिधित्व तथा ऊर्ध्वाधर अक्ष संचयी आवृत्तियों का प्रतिनिधित्व करता है।

64. प्रसरण का वर्ग मूल है?

Correct Answer: (c) मानक विचलन
Solution:

प्रसरण का वर्ग मूल मानक विचलन कहलाता है। किसी समंक श्रेणी के मानक विचलन (Standard deviation) का वर्ग (Square) उस श्रेणी का प्रसरण कहलाता है। अर्थात् प्रसरण v ४। मानक विचलन पर आधारित इस माप को 'द्वितीय अपकिरण घात' भी कहते हैं।

व्यक्तिगत, खण्डित अथवा अविच्छिन्न किसी भी प्रकार की समंक श्रेणी में प्रसरण ज्ञात करने की वही विधि होती है। जो उस श्रेणी में मानक विचलन निकालने के लिये प्रयोग करते हैं,

अन्तर केवल इतना है कि प्रसरण ज्ञात करते समय मानक विचलन के सूत्र पर से वर्गमूल का चिह्न हटा दिया जाता है। जैसे मानक विचलन सूत्र
के रूप में परिवर्तित कर निकाला जाता है।

65. सूची-I के साथ सूची-II का मिलान कीजिए:

सूची-I (टर्म)सूची-II (संबंधित)
A.विटिकल्चर I.फल
B.ओलेरीकल्चर II.अंगूरोत्पादन (ग्रेपवाइन)
C.एपीकल्चर III.सब्जियाँ
D.पोमीकल्चर IV.मधुमक्खी

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए

Correct Answer: (d) A-II, B-III, C-IV, D-I
Solution:

सही सुमेलित युग्म इस प्रकार हैं-

सूची-I (टर्म)सूची-II (संबंधित)
विटिकल्चरअंगूरोत्पादन / ग्रेपवाइन 
ओलेरीकल्चरसब्जियाँ
एपीकल्चरमधुमक्खी 
पोमीकल्चरफल

अतः विकल्प (d) सही सुमेलित है।

66. जब वायु की ह्वास दर, शीतलन की शुष्क रुद्घोष्म दर से अधिक होती है, तो यह स्थिति कहलाती है?

Correct Answer: (b) निरपेक्ष अस्थायित्व
Solution:

जब वायु की ह्रास दर, शीतलन की शुष्क रुद्धोष्म दर से अधिक होती है, तो यह स्थिति निरपेक्ष अस्थायित्व कहलाती है। जब गर्म हल्की वायु धरातल से ऊपर उठती है और सामान्य ताप पतन दर, शुष्क एडियाबेटिक दर से अधिक होती है

तो वायु आस-पास की अपेक्षा गर्म होने के कारण स्वतः ऊपर उठती रहती है तथा अस्थिर होती है एवं उसका अस्थिर संतुलन होता है। वायु के संतृप्त होने पर उठती वायु के ठंडा होने की दर कम हो जाती है जिस कारण उठती वायु समीप वायु से गर्म होने के कारण ऊपर उठती रहती हैं

तथा वायु में स्थायी अस्थिरता आ जाती हैं। वायुमंडलीय अस्थिरता उस समय उत्पन्न होती है जब ऊपर उठती वायु के ठंडा होने की दर (अर्थात् शुष्क एडियाबेटिक ताप पतन दर) सामान्य ताप पतन दर से कम है,

तो आस-पास की वायु की तुलना में ऊपर उठती वायु गर्म होने के कारण ऊपर उठना जारी रखती है। परिणामस्वरूप वायुमंडलीय अस्थिरता बनी रहती है। निश्चित ऊँचाई पर संघनन होने के बाद यदि ऊपर उठती वायु आस-पास की वायु से अब भी गर्म है,

अर्थात् यदि संघनन के बाद भी ऊपर उठती वायु की आर्द्र एडियाबेटिक ताप पतन दर आस-पास की वायु के सामान्य ताप पतन दर से कम है तो हवा का और ऊपर उठना जारी रहता है। इस तरह उत्पन्न वायुमंडलीय अस्थिरता को निरपेक्ष अस्थिरता कहते हैं।

67. इंडिया: ए सेक्रेड जिओग्राफी पुस्तक के लेखक कौन हैं?

Correct Answer: (a) डिआना एल. ऐक
Solution:

इंडिया: ए सेक्रेड जिओग्राफी पुस्तक के लेखक डिआना एल. ऐक हैं। डिआना एल. ऐक हावर्ड विश्वविद्यालय में तुलनात्मक धर्म और भारतीय अध्ययन की प्रोफेसर हैं। इनका अध्ययन जो भारत और अमेरिका पर केन्द्रित है।

भारत पर उनका काम लोकप्रिय धर्म, विशेषकर मंदिरों पर केन्द्रित है। उनकी पुस्तकों में बनारसः सिटी ऑफ लाइट और दर्शनः सीइंग द डिवाइन इमेज इन इंडिया और उनकी हालिया कृति इंडिया :ए सेक्रेड जियोग्राफी शामिल है, जो 2012 में प्रकाशित हुई है।

68. सीमाएं जो सांस्कृतिक समूहों अथवा राजनैतिक संस्कृतियों के स्थानिक वितरण का अनुसरण नहीं करती हैं, वे कहलाती हैं-

Correct Answer: (c) अध्यारोपित सीमाएँ
Solution:

सीमाएँ जो सांस्कृतिक समूहों अथवा राजनैतिक संस्कृतियों के स्थानिक वितरण का अनुसरण नहीं करती हैं, वे अध्यारोपित सीमाएँ कहलाती हैं। अध्यारोपित सीमायें अनुवत सीमाओं के अनुरूप सांस्कृतिक भूदृश्यों के विकास के पश्चात निर्धारित होता है,

परन्तु इन सीमाओं के निर्धारण में क्षेत्र के सांस्कृतिक तथा नृजातीय विशेषताओं को नजरअंदाज कर दिया जाता है। इस प्रकार की सीमा के निर्धारण में क्षेत्र की सांस्कृतिक तथा नृजातीय विलक्षणताओं को ध्यान से रखना कठिन होता है

क्योंकि संघर्षरत शक्तियों के विरोध के परिणामस्वरूप तथा युद्ध विराम समझौते के अनुसार पूर्व स्थित सीमाओं को छोड़कर अपने स्वार्थ के अनुकूल सीमायें परिभाषित, निर्धारित तथा अंकित कर अध्यारोपित कर दी जाती हैं।

ये सीमायें बाह्य शक्तियों द्वारा निर्धारित की जाती हैं। पूर्ववर्ती सीमायें वैसी सीमायें होती हैं, जिनका निर्धारण और गठन वर्तमान सांस्कृतिक प्रारूपों के विकास के पहले किया गया है। इस प्रकार की सीमाओं का विकास नई दुनियाँ के देशों में, जहाँ प्रतिद्वन्दी औपनिवेशिक शक्तियाँ अपने प्रभाव का विस्तार कर रही थीं, उनके बीच समझौते के फलस्वरूप हुआ।

69. निम्नलिखित में से कौन-सा जोड़ा सही समुमेलित है-

Correct Answer: (c) लौह और इस्पात उद्योग पिट्सबर्ग
Solution:

सही सुमेलित युग्म इस प्रकार हैं-

उद्योगसंबंधित केंद्र
ताँबा धातु उद्योगलुसाका 
कला क्षेत्र (हस्त शिल्प) के लिएफ्लोरेन्स 
लौह और इस्पात उद्योगपिट्सबर्ग 
पोतनिर्माण उद्योगलॉस एंजल्स

अतः विकल्प (c) सही सुमेलित है।

70. निम्नलिखित को उनकी श्वेतिमा (एल्बिडो) के घटते क्रम में व्यवस्थित कीजिए-

A. बालू
B. काली मिट्टी
C. मोटे मेघ बादल
D. जल
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (d) C, A, B, D
Solution:

दिये गये विकल्प में से उनकी श्वेतिमा (एल्बिडो) का घटता क्रम निम्नलिखित प्रकार है- मोटे मेघ बादल (70-80%) > बालू (20-30%) > काली मिट्टी (8-14%) > जल (3-5%) ।

किसी भी वस्तु की सतह पर पहुँचने वाले विकिरण (ऊर्जा) के जितने भाग का वापस अंतरिक्ष में परावर्तन हो जाता है, उसे एल्बिडो या प्रत्यावर्तन गुणांक या प्रत्यावर्तिता कहते हैं।

इसे प्रतिशत में व्यक्त किया जाता है। एल्बिडो या प्रत्यावर्तिता ऊर्जा प्राप्त करने वाली सतह के गुणों पर निर्भर करती है। एल्बिडो सूर्य एवं पृथ्वी की सतह के बीच कोण द्वारा भी नियंत्रित होती है। विभिन्न सतहों का एल्बिडो प्रतिशत निम्नलिखित हैं-

सतहपरावर्तन (%)
हिम आवरण70-90%
रेत20-30%
घास14-37%
शुष्क भूमि15-25%
तर भूमि10%
वन5-10%
जल3-5%
गहरे बादल70-80%
पतले बादल25-80%
काली मिट्टी8-14%