NTA यू.जी.सी. नेट जेआरएफ परीक्षा, दिसम्बर 2024 भूगोल

Total Questions: 100

81. यदि आप भारत की मुख्यभूमि के उत्तरी बिंदु से दक्षिणतम बिंदु तक की मात्रा करते हैं तो आप लगभग________दूरी तय करेंगे।

Correct Answer: (b) 3200 किमी.
Solution:

यदि आप भारत की मुख्य भूमि के उत्तरी बिन्दु से दक्षिणतम बिन्दु तक की यात्रा करते हैं तो आप लगभग 3,200 किमी. दूरी तय करेंगे। भारत एक विशाल देश है यह उत्तरी गोलार्द्ध में स्थित है। इसका मुख्य भाग 804' उत्तर से 3706' उत्तरी अक्षांश तथा 6807' पूर्व से 97025' पूर्व देशान्तर तक है।

भारत की स्थल सीमा रेखा लगभग 15,200 किमी. और समुद्री तट रेखा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तथा लक्षद्वीप समूह के साथ 7,516.6 किमी. है। भारत का उत्तर से दक्षिण विस्तार 3,214 किमी. है तथा पूरब से पश्चिमी विस्तार 2,933 किमी. है।

82. विश्वेसरैय्या आयरन एंड स्टील (लौह एवं इस्पात) लिमिटेड भारत के किस राज्य में स्थित है?

Correct Answer: (a) कर्नाटक
Solution:

विश्वेसरैय्या आयरन एण्ड स्टील (लौह एवं इस्पात) लिमिटेड भारत के कर्नाटक राज्य में स्थित है। इसकी स्थापना 1923 में कर्नाटक के शिमोगा

जिले में भद्रावती नदी तट पर की गई थी। इसे कच्चा लोहा बाबाबूदन पहाड़ियों की केमानगुण्डी खानों (चिकमंगलूर) से, चूना-पत्थर, भण्डीगुण्डा से, मैंगनीज एवं क्रोमाइट 48 किमी. की दूरी से, चारकोल मलनाद क्षेत्र के वन से और बाजार की सुविधा दक्षिण भारत के क्षेत्र से प्राप्त हो जाती है। 1962 में इसका अधिग्रहण कर लिया गया और आज यह SAIL के प्रबंधन में हैं।

83. निम्नलिखित में से कौन-सी बस्तियाँ नदियों, सड़कों और नहरों के दोनों तरफ विकसित होती हैं?

Correct Answer: (d) रैखिय
Solution:

रैखिय /रेखीय बस्तियाँ नदियों, सड़कों और नहरों के दोनों तरफ विकसित होती हैं। ऐसे प्रतिरूप की उत्पत्ति प्रायः किसी प्राकृतिक अवरोध (जैसे संकुचित घाटी में नदियों के तटबंधों पर या कटक के सहारे) अथवा सामाजिक आर्थिक सुविधाओं (जैसे सड़क, नहर आदि के सहारे) के परिणामस्वरूप होती है।

रेखीय बस्तियों के गृहों के द्वार मार्ग की ओर होते हैं। यदि सड़क के दोनों ओर गृह बने होते हैं तो दोनों पक्तियों के गृहों के द्वार आमने-सामने होते हैं इस प्रकार के ग्राम सघन अथवा अर्द्ध सघन दोनों प्रकार के हो सकते हैं। रेखीय प्रतिरूप को पट्टी प्रतिरूप या डोरी प्रतिरूप (String Pottern) भी कह सकते हैं।

जब किसी गोलाकृतिक सार्वजनिक भूमि, झील, तालाब आदि के किनारे किनारे गृह बनाये जाते हैं, तो गलियों या मार्गों की आकृति वृत्ताकार या गोलाकार होता है।

84. शब्द "समप्राय मैदान "किसने दिया था?

Correct Answer: (c) डब्ल्यू.एम. डेविस
Solution:

'समप्राय मैदान' शब्द का प्रयोग "डब्ल्यू.एम. डेविस" ने किया था। इस शब्द का प्रयोग डेविस ने अपने सिद्धांत भौगोलिक चक्र की संकल्पना (1899) में किया। नदियों के अपरदन द्वारा निर्मित मैदानों में सर्वप्रथम पेनीप्लेन या समप्राय मैदान है। नदियाँ अपने अपरदन चक्र की अन्तिम अवस्था में उच्च स्थल खण्ड को काटकर अपने आधार तक को प्राप्त कर लेती हैं।

इस तरह से निर्मित मैदान को समप्राय मैदान कहते हैं, पर यत्र तत्र प्रतिरोधी चट्टानों का भाग विशेषकर अपरदन के कारण छोटे-छोटे टीले या नीची पहाड़ियों के रूप में दृष्टिगत होते हैं। इस तरह की आकृति को मोनाडनाक कहते हैं। सर्वप्रथम डेविस महोदय ने 1899 में भौगोलिक चक्र की संकल्पना का प्रतिपादन करते हुए बताया कि "भौगोलिक चक्र समय का वह अवधि है,

जिसके अन्तर्गत उत्थित भूखण्ड अपरदन के प्रक्रम द्वारा प्रभावित होकर एक आकृतिविहीन समतल मैदान में बदल जाता है।

85. हिन्द महासागर में स्थित_______'लघु भारत' है।

Correct Answer: (a) मॉरिशस
Solution:

हिन्द महासागर में स्थित मॉरिशस को 'लघु भारत' कहा जाता है। मॉरिशस एक विषुवतरेखीय द्वीपीय देश है। मॉरिशस को 'लघु भारत' इसलिए कहा जाता है क्योंकि वहाँ की जनसख्या का एक बड़ा वर्ग भारतीय मूल का है। जो ब्रिटिश काल के दौरान भारत से मॉरिशस लाये गये थे।

दोनों देशों की संस्कृति एवं परम्परा, भाषा, धर्म एवं राजनैतिक एवं सांस्कृतिक सम्बंध में काफी समानता देखी जाती है।

86. निम्नलिखित में से किस फ्रेम को 1970 में एंडरसन द्वारा विश्व की कृषि प्रणाली का वर्गीकरण करते समय मान्यता दी गई थी?

A. पारिस्थितिक B. औद्योगिक C. जीवन निर्वाह D. व्यावसायिक व्यापारिक
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (b) केवल A, C और D
Solution:

औद्योगिक, जीवन निर्वाह तथा व्यावसायिक व्यापारिक फ्रेम को 1970 में एंडरसन द्वारा विश्व की कृषि प्रणाली का वर्गीकरण करते समय मान्यता दी गई थी।

उनके द्वारा मान्यता दी गई अन्य प्रमुख कृषि प्रणालियाँ निम्नलिखित हैं- (i) झूम कृषि (ii) चारवाही खानाबदोश (iii) भूमध्यसागरीय कृषि (iv) डेयरी कृषि (v) मिश्रित कृषि (vi) खेतिहर पशुपालन।

87. निम्नलिखित वैश्विक नौगम्यचालन उपग्रहों को उन्हें लाँच करने के कालक्रमानुसार प्रथम से (अंतिम) व्यवस्थित करें :

A. गैलिलियो B. ग्लोनास C. बेड्डू D. जीपीएस
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (c) D, B, C, А
Solution:

वैश्विक नौगम्यचालन उपग्रहों को लाँच करने के कालक्रमानुसार निम्न प्रकार व्यवस्थित है- जीपीएस ग्लोनास → बेइडू गैलिलियो । ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम (GNSS) में पृथ्वी की परिक्रमा करने वाले उपग्रहों का समूह शामिल है जो अंतरिक्ष और समय में अपने स्थानों को प्रसारित करते हैं, ग्राउंड कंट्रोल स्टेशनों के नेटवर्क एवं रिसीवर जो ट्राइलेटेरेशन द्वारा ग्राउंड पोजिशन की गणना करते हैं।

वर्तमान में GNSS में दो पूरी तरह से चालू वैश्विक प्रणालियाँ शामिल हैं, संयुक्त राज्य अमेरिका की ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (GPS) और रूसी संघ का ग्लोनास (GLONASS), साथ ही विकासशील वैश्विक और क्षेत्रीय प्रणालियाँ अर्थात् यूरोप का गैलिलियो (GALILEO) और चीन का बेइडू (Compass / Bei- Dou), भारत का क्षेत्रीय नेविगेशन सेटेलाइट सिस्टम (IRNSS) और जापान का क्वासी-जेनिथ सैटेलाइट सिस्टम (QZSS) हैं।

88. फिलीपीन्स में उष्णकटिबंधीय (ट्रोपिकल) चक्रवातों को क्या नाम दिया गया है?

Correct Answer: (d) बागुइओ
Solution:

फिलीपींस में उष्णकटिबंधीय (ट्रोपिकल) चक्रवातों को बागुइओ के नाम से जाना जाता है। उष्ण कटिबंधीय चक्रवात का उत्पत्ति 30° उत्तर- 30° दक्षिण अक्षांश के मध्य आयनवर्ती क्षेत्रों में पायी जाती है। ये निम्न वायुदाब वाले अभिसरणीय परिसंचरण तंत्र होते हैं।

जिनकी औसत व्यास 640 किमी. तक होती है। वायुसंचरण की दिशा उत्तरी गोलार्द्ध में घड़ी की सुइयों के प्रतिकूल तथा दक्षिणी गोलार्द्ध में अनुकूल दिशा में होती है। उष्णकटिबंधीय चक्रवातों को अलग-अलग नामों से जाना जाता है,

जैसे- उत्तरी अटलांटिक महासागर खासकर कैरिबियन सागर में तथा दक्षिणी-पूर्वी यू.एस.ए. में हरिकेन, उत्तरी प्रशान्त महासागर खासकर चीन सागर, चीन के पूर्वी एवं दक्षिणी तटीय प्रदेशों तथा दक्षिणी पूर्वी एशिया में टाइफून, बांग्लादेश तथा भारत के पूर्वी तटीय प्रदेशों में चक्रवात तथा ऑस्ट्रेलिया में विली विली कहते हैं।

89. निम्नलिखित में से कौन से यूनानी (ग्रीक) भूगोलविद् हैं?

A. हेरोडोटस B. रेटजेल C. हिकेटियस D. हैटनर E. थेल्स
नीचे दिए गए विकल्पों से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (c) केवल A, C और E
Solution:

हेरोडोटस, हिकेटियस तथा थेल्स यूनानी (ग्रीक) भूगोलवेत्ता हैं जबकि रेटजेल तथा हेटनर दोनों जर्मन भूगोलवेत्ता हैं। यूनानी भूगोलवेत्ताओं के अन्तर्गत होमर, थेल्स अनेग्जीमेण्डर, अरस्तू, थियोफ्रेस्टस, इरेटोस्थनीज, पोलीबियस, हिप्पार्कस, पोसिडोनियस आदि शामिल हैं। हेरोडोटस (485-425 ई. पू.) एक प्रसिद्ध यूनानी इतिहासकार और भूगोलवेत्ता थे

जिन्होंने भूमध्य सागर और काला सागर के समीपवर्ती देशों की यात्रा किया तथा भौगोलिक वर्णन किया। हेरोडोट्स प्रथम व्यक्ति थे जिन्होंने अफ्रीका और एशिया महाद्वीप को लाल सागर द्वारा विभाजित बताया था। हिकैटियस को 'भूगोल का जनक' माना जाता है।,

उनकी प्रसिद्ध पुस्तक 'पीरिओड्स' दो खंडों में 520 ई.पू. में प्रकाशित हुई थी। थेल्स को प्रथम यूनानी विद्वान माना जाता है, जिन्होंने पृथ्वी के तल पर विभिन्न स्थानों की स्थिति निर्धारण की दिशा में सार्थक प्रयत्न किया था।

90. वेबर अपने उद्योग प्रस्थिति सिद्धांत में कुछ पूर्व शर्तों को मानकर चलते हैं, वे थीं-

A. कुछ कच्चा माल स्थानों पर नियत होता है जबकि अन्य सर्वव्यापी होता है।
B. बाजार कतिपय बिंदु पर नियत नहीं होते हैं।
C. परिवहन लागते, उत्पाद के भार और दूरी द्वारा निर्धारित होती हैं।
D. पूर्ण प्रतिस्पर्द्धा विद्यमान नहीं होती है किन्तु व्यक्ति तर्क सम्मत कार्य करते हैं।
E. मोटे तौर पर, वेबर ने कल्पना की थी कि न्यूनतम लागतों से उच्चतम लाभ मिलता है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (c) केवल A, C और E
Solution:

वेबर के उद्योग (अवस्थिति) सिद्धांत में पूर्व शर्तों के अनुसार कुछ कच्चा माल स्थानों पर नियत होता है जबकि अन्य सर्वव्यापी होते हैं। बाजार कतिपय एक बिन्दु पर नियत नहीं होते हैं, वह कहीं भी लगायी जा सकती है। परिवहन लागते, उत्पाद के भार और दूरी द्वारा निर्धारित होती है।

मोटे तौर पर बेबर ने कल्पना की थी कि न्यूनतम लागतों से उच्चतम लाभ मिलता है। वेबर प्रथम व्यक्ति थे जिन्होंने उद्योगों की अवस्थिति (स्थानीकरण) का सिद्धांत प्रतिपादित किया

जिसका प्रकाशन 1909 में जर्मन भाषा में लिखित पुस्तक 'अबर डेन स्टान्डोर्ट डर इन्डस्ट्रियन' में प्रकाशित हुआ। इसका अंग्रेजी में अनुवाद 20 वर्ष बाद 1929 में 'Theory of Location of Industries' शीर्षक से हुआ। वेबर ने अपने सिद्धांत के प्रतिपादन के लिए कुछ मान्यताओं का सहारा लिया है जो निम्नलिखित है-

1. उद्योग की स्थापना के लिए प्रस्तावित क्षेत्र या प्रदेश एक ही प्रशासन के अधीन विलग इकाई है जहाँ पायी जाने वाली जलवायु, संस्कृति, प्रौद्योगिकी आदि भौगोलिक दशाओं में समानता पायी जाती है।
2. कच्ची सामग्री (Raw material) के स्रोत के विषय में पूर्ण जानकारी उपलब्ध है।
3. उपभोग स्थानों के विषय में पूर्ण जानकारी है और ऐसे स्थान पर बाजार एक दूसरे से अलग बिन्दु के रूप में स्थित है।
4. श्रम सर्वत्र नहीं बल्कि कुछ निश्चित प्रदेशों में उपलब्ध है।
5. अर्थव्यवस्था स्वतंत्र बाजार पर आधारित है और बाजार में वस्तुओं की आपूर्ति हेतु पूर्ण प्रतिस्पर्धा की स्थिति विद्यमान है।