NTA यू.जी.सी.नेट जेआरएफ परीक्षा जून, 2020 (लोक प्रशासन)

Total Questions: 100

1. प्रशासन का "हरेक स्थान पर वास्तविक यथार्थ के साथ-साथ, एक नौकरशाही यथार्थ होता है जो, भले ही समय कितना ही न बदल जाए, अपना प्राधिकार सुरक्षित रखता है।"

उपयुक्त टिप्पणी के लेखक को पहचानिएः

Correct Answer: (b) कार्ल मार्क्स
Solution:हर समाज या शासन में एक वास्तविक यथार्थ होता है – यानी ज़मीनी सच्चाई, आम लोगों की ज़िंदगी, उनकी समस्याएँ, वास्तविक हालात आदि।

इसके साथ ही एक अलग नौकरशाही यथार्थ भी होता है – यानी फाइलों में दिखने वाली दुनिया, कागज़ों पर बने नियम, रिपोर्टें, आंकड़े, प्रक्रियाएँ, जो अक्सर ज़मीनी सच्चाई से कटी हुई होती हैं।

कथन कहता है कि समय कितना भी बदल जाए, यह नौकरशाही वाला यथार्थ अपना प्रभाव और अधिकार बनाए रखता है, यानी सिस्टम, नियम और दफ्तरों की शक्ति बनी रहती है, भले ही आम आदमी की वास्तविक स्थिति में बहुत बदलाव न आए।

आसान शब्दों में: ज़मीन पर जो हो रहा है, वह एक सच्चाई है; और दफ्तर व फाइलों में जो दिखाई देता है, वह दूसरी सच्चाई है – और अक्सर असली ताकत उसी दूसरी (नौकरशाही) सच्चाई के हाथ में रहती है।

मैक्स वेबर प्रशासन और नौकरशाही के सिद्धांतों पर गहराई से लिखने वाले प्रमुख समाजशास्त्री थे, इसलिए यह टिप्पणी उनके नाम से जोड़ी जाती है।

2. "आज समस्त प्रशासन राजनीतिक है चूंकि इसे अवश्य ही लोक हित के प्रति संवेदी होना चाहिए," यह किसका कथन है?

Correct Answer: (b) पॉल एप्पलबी
Solution:पॉल एप्पलबी एक प्रमुख लोक प्रशासन विद्वान थे। उन्होंने "पॉलिसी एंड एडमिनिस्ट्रेशन" जैसी पुस्तकें लिखीं। उनका मानना था कि लोक प्रशासन राजनीतिक जवाबदेही से बंधा है और जनता की अपेक्षाओं को पूरा करता है। भारत में वे 1950 के दशक में प्रशासनिक सुधारों के सलाहकार रहे।

यह कथन बताता है कि आधुनिक प्रशासन पूरी तरह राजनीतिक है। इसका कारण यह है कि प्रशासन को लोक हित (जनता के हितों) के प्रति संवेदनशील होना अनिवार्य है। लोक हित राजनीतिक प्रक्रिया से जुड़ा होता है, इसलिए प्रशासन राजनीति से अलग नहीं रह सकता।

3. अठारह मूल मानव गतियो समस्त शारीरिक गतिविधि- की अवधारणा 'थेरब्लिग' को निम्नलिखित ने विकसित किया था

Correct Answer: (c) फेंक व लिनियन गिल्बर्थ
Solution:

अठारह मूल मानव गतियों समस्त शारीरिक गतिविधि-की अवधारणा 'थेरब्लिग' को 'फ्रैंक व लिलियन गिलब्रर्थ' ने विकसित किये हैं। थेरब्लिग शब्द 'फ्रैंक बंकर गिलब्रेथ और लिलियन मोलर गिलब्रेथ' अमेरिकी औद्योगिक मनोवैज्ञानिकों की रचना है इन्होंने समय और गति अध्ययन के क्षेत्र का अविष्कार किये हैं। थेरब्लिगस (therbligs) 18 प्रकार की मौलिक गतियां है, जिनका उपयोग कार्यस्थल में गति अर्थव्यवस्था के अध्ययन में किया जाता है।

4. निम्नलिखित में से कौन सी अवधारणा अंतः संबंधित है?

Correct Answer: (c) जिम्मदारी व उत्तरदायित्व
Solution:

''जिम्मेदारी व उत्तरदायित्व' की अवधारणा अतः संबंधित हैं। उत्तरदायित्व की अवधारणा प्रशासकों की उस बाध्यता को अर्थ प्रदान करती है जिसके अंतर्गत उनको अपने कार्य निष्पादन का और उन्हें प्रदान की गई शक्तियों के प्रयोग के ढंग का संतोषजनक लेखा- जोखा देना होता है।

प्रशासकों को जिम्मेदारी दी जा सकती है, लेकिन उनको कार्य की जवाबदेही लेनी चाहिए। 'शिम मैरोम' के अनुसार "जिम्मेदार व्यक्ति वह व्यक्ति है जो वास्तव में कार्य को पूरा करता है।"

5. 'अंगूरी लता' (ग्रेपवाइन) को बहुधा निम्नलिखित में से क्या कहा जाता है?

Correct Answer: (c) अनौपचारिक संप्रेषण
Solution:

'अनौपचारिक संप्रेषण' अंगूरी लता (प्रेपवाइन) को बहुधा कहा जाता है। अनौपचारिक संचार (Informal communication) जब सूचना पदानुक्रम या किसी प्रणाली का पालन किए बिना स्थानांतरित की जाती है तो इसे अनौपचारिक संचार ग्रेपवाइन संचार कहा जाता है। इसमें कर्मचारी अपने खाली समय में अपने सहयोगियों के साथ बातचीत कर रहे हैं और उनके साथ अनौपचारिक संबंध बना रहे हैं।

6. लोक प्रशासन में "मनोवैज्ञानिक" उपागम के प्रारंभ का श्रेय किसे दिया जा सकता है?

Correct Answer: (a) मैरी पार्कर फॉलेट
Solution:

'मैरी पार्कर फॉलेट (Marry Parker Follet)' को लोक प्रशासन में "मनोवैज्ञानिक" उपागम के प्रारंभ का श्रेय दिया जा सकता है। फालेत को शास्त्रीय दृष्टिकोण और व्यवहारिक मानव दृष्टिकोण के 'बीच की कड़ी' कहा जाता है।

इन्होंने संगठन को एक मशीन न मानकर उसे जीवन्त सामाजिक व्यवस्था के एक हिस्से के रूप में देखा हैं। 'डेनियल डीरेन' ने फोलेत के बारे में कहा कि "कालक्रम के अनुसार तो वे वैज्ञानिक प्रबंधन युग में थी, लेकिन दार्शनिक तौर पर एक सामाजिक मनुष्य थी।"

7. "लीडरशिप एंड एडमिनिस्ट्रेशन" पुस्तक किसने लिखी थी?

Correct Answer: (d) पी. सेल्जनिक
Solution:

'पी. सेल्जनिक' ने "लीडरशिप एंड एडमिनस्ट्रेिशन" नामक पुस्तक लिखी है। फिलिप सेल्जनिक (8 जनवरी, 1919 - 12 जून 2010) कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, बर्फले में समाजशास्त्र और कानून के प्रोफेसर हैं।

इनके प्रसिद्धी 'संगठनात्मक सिद्धांत', कानून के समाजशास्त्र और लोक प्रशासन के क्षेत्र से प्राप्त हुई। 'सेल्जनिक' 1930 के दशक में शुरू हुए 'नव-शास्त्रीय संगठनात्मक सिद्धांतआंदोलन' के प्रमुख प्रस्तावक है इनकी प्रमुख पुस्तक 'कानून समाज और औद्योगिक न्याय (1969) है।'

8. हर्बर्ट साइमन द्वारा अपनी पुस्तक "एडमिनिस्ट्रेटिव बिहेवियर" में अपनाया गया ज्ञानमीमांसीय दृष्टिकोण है:

Correct Answer: (c) तार्किक प्रत्यक्षवाद
Solution:

'हर्बर्ट साइमन' द्वारा अपनी पुस्तक "एडमिनिस्ट्रेटिव बि वियर" में अपनाया गया ज्ञानमीमांसीय दृष्टिकोण 'तार्किक प्रत्यक्षवाद' पर आधारित है। 'तार्किक प्रत्यक्षवाद' 'तार्किक वस्तुनिष्ठवाद'/'तार्किक भाववाद' (Logical positiuism) ह्यूम के 'अनुभववाद', कान्ट के 'वस्तुनिष्ठवाद' तथा ह्वाइटहेड रसेल के 'तार्किक विश्लेषण' का विचित्र सम्मिश्रण है। यह आधुनिक पाश्चात्य दर्शन का एक महत्वपूर्ण संप्रदाय है। यह 'वियेना सर्किल' से शुरू हुआ और 1950 के आते-आते इसका दौर खत्म हो गया था।

9. निम्नलिखित में से कौन सा युग्म सुमेलित नहीं है?

नेतृत्व शैलीअभिलक्षण
(a) प्रतिभागिता परकपरामर्शमूलक से लोकतांत्रिक
(b) अधिकार-तंत्रीयकठोर, वैयक्तिक, नियमोन्मुखी
(c) कूटनयिकलक्ष्य निर्धारक, प्रत्यायोजन
(d) सत्तावाहीअ-परामर्शी, आदेशात्मक
Correct Answer: (c)
Solution:

सही सुमेलित

(नेतृत्व शैली)(अभिलक्षण)
(1) प्रतिभागिता परकपरामर्शमूलक से लोकतांत्रिक
(2) अधिकार-तंत्रीयकठोर, वैयक्तिक, नियमोन्मुखी
(3) कूटनयिकलचीलापन, भाषा की सटीकता
(4) सत्तावाहीअ-परामर्शी, आदेशात्मक

10. दो प्रकार के अधिकारी तंत्र, दंड आधारित अधिकारी तंत्र और प्रतिनिध्यात्मक अधिकारी तंत्र का विभे किसने किया?

Correct Answer: (c) एल्विन गोल्डनर
Solution:

'एल्विन गोल्डनर' ने दो प्रकार के अधिकारी तंत्र, 'दंडआधारित अधिकारी तंत्र' और 'प्रतिनिध्यात्मक अधिकारी तंत्र' में विभेद किये हैं। एल्विन वार्ड गोल्डनर (29 जुलाई 1920 - 15 दिसंबर 1980) ने एंटिओक कॉलेज में समाजशास्त्र पढ़ाया और सेंट लुइस में वाशिंगटन विश्वविद्यालय में समाजशास्त्र के प्रोफेसर है। इन्हें अकादमी में वर्ष 1970 के काम 'द कमिंग क्राइसिस ऑफ वेस्टर्न सोशियोलॉजी' के लिए सबसे ज्यादा याद किया जाता है। इनकी प्रमुख पुस्तकें