NTA यू.जी.सी.नेट जेआरएफ परीक्षा जून, 2020 (लोक प्रशासन)

Total Questions: 100

91. उपर्युक्त गद्यांश से प्रश्न 91-95 के उत्तर दें।

शुरू में ही यह स्पष्ट करना महत्वपूर्ण है कि 'शासन' और 'लोक शासन' नए शब्द नहीं है और ये शब्द पूर्व के सैद्धांतिकरण अथवा और वैचारिक बोझ के साथ आते हैं। नवीन लोक शासन दृढ़ता से संगठनात्मक, सामाजिकी और नेटवर्क सिद्धांत में निहित रहे हैं तथा 21 वीं सदी में खंडित होती जा रही लोक प्रबंध की अनिश्चित प्रकृति को स्वीकार करता हैं।

सांगठनिक ब्यूह रचना के अंतर्गत यह नेटवर्क और संगठनात्मक सामाजिक पूँजी साहित्य से बहुत कुछ प्राप्त करता है तथा इसमें संबंधात्मक विपणन साहित्य से प्राप्त करने का सामर्थ्य है। यह, बहुलवादी राज्य जिसमें अंतर आश्रित कर्ता लोक सेवाएं प्रदत्त करते हैं तथा एक बहुलवादी राज्य जिसमें विभिन्न प्रक्रियाएं नीति निर्धारण पद्धति की जानकारी देते हैं, को समाहित करता है। बहुलतावाद के दो रूप, अंतर संगठनात्मक संबंधों और प्रक्रियाओं के शासन तथा सेवाओं की प्रभावित पर बल देते हैं। यह स्वरूप और सतत अंतर संगठनात्मक संबंधों पर बल देता है जहां विश्वास, संबंधात्मक पूंजी और संबंधात्मक संविदाएं मुख्य शासनात्मक पद्धति के तौर पर कार्य करती है।

नवीन लोक शासन में नवीन लोक प्रशासन और प्रबंधन सिद्धांत की रूपरेखा प्रदत्त करते और लोक नीति मूल्यांकन के विश्लेषण और आकलन में सहयोग करने तथा लोक नीति उद्धव के मूल्यांकन की क्षमता है। नवीन लोक शासन के प्रतिमान में लोक प्रशासन और प्रबंधन में अध्ययन करने तथा व्यवहार को सुनिश्चित करने का सामर्थ्य निहित है।

यह लोक प्रशासन और नवीन लोक प्रबंधन के सामर्थ्य को मिलाने की क्षमता रखता है नीति निर्धारण तथा क्रियान्वयन सेवा प्रदान करता है जिसके द्वारा सिद्धांत और शोध विकसित होते हैं जो इक्कीसवीं सदी में लोक प्रशासन और प्रबंधन के व्यवहार को सृजित कर सकते हैं।
नवीन लोक शासन की जड़ें निहित है:

Correct Answer: (b) संगठनात्मक समाजशास्त्र और नेटवर्क सिद्धांत में
Solution:

नवीन लोक शासन की जड़े 'संगठनात्मक समाजशास्त्र और नेटवर्क सिद्धांत में निहित है। उपर्युक्त प्रश्न के उत्तर को गद्यांश की दूसरी पंक्ति 'नवीन लोक प्रशासन दृढ़ता ..... सिद्धान्त में निहित रहे हैं।' में समाहित किया गया है।

92. संबंधात्मक संगठन के सरोकार निम्नलिखित है :

Correct Answer: (c) निर्गम और अंतर संगठन पर बल
Solution:

संबंधात्मक संगठन के सरोकार के रूप में 'निर्गम और अंतर संगठन पर बल' को सम्मिलित करता है। उपर्युक्त प्रश्न के उत्तर को गद्यांश की तीसरी चौथी पंक्तियों में संगठनिक व्यूह रचना ..... प्राप्त करने का सामर्थ्य प्राप्त है, में समाहित किया गया है।

93. 'बहुल' और 'बहुलतावादी' राज्य का सरोकार है।

Correct Answer: (a) सेवा प्रदान करने के बहुल कर्ता तथा नीति निर्माण की बहुल प्रक्रियाओं से आनेवाली सूचना
Solution:

'बहुल और बहुलतावादी राज्य के सरोकार के रूप में सेवा प्रदान करने के बहुलकर्ता तथा नीति निर्माण की बहुल प्रक्रियाओं से आनेवाली सूचना सम्मिलित हैं। उपर्युक्त प्रश्न का उत्तर गद्यांश की पाँचवी छठी पंक्तियों (ऊपर से) यह बहुलतावादी राज्य ..... को समाहित करता है, में निहित है।

94. नवीन लोक शासन में सामर्थ्य है :

Correct Answer: (c) लोक प्रशासन और नवीन लोक प्रबंधन के बलों को आपस में जोड़ना
Solution:

नवीन लोक शासन में सामर्थ्य का तात्पर्य 'लोक प्रशासन और नवीन लोक प्रबंधन के बलों को आपस में जोड़ना' है। उपर्युक्त प्रश्न का उत्तर गद्यांश चौथी पंक्ति (नीचे से) में निहित है। यह लाक प्रशासन ..... मान्यता प्रदान करते हुए।

95. बहुलता के दो स्वरूपों में शासन के मूल आधार हैं

Correct Answer: (b) विश्वास, संबंधात्मक पूंजी और संविदाओं पर आधारित अंतर संगठनात्मक, संबंधों का प्रारूप और आकलन
Solution:बहुलता के दो स्वरूपों में शासन के मूल आधार 'विश्वास, संबंधात्मक पूंजी और संविदाओं पर आधारित अंतर संगठनात्मक, संबंधों का प्रारूप और आकलन' में निहित है। उपर्युक्त प्रश्न का उत्तर गद्यांश की सातवीं पंक्ति में निहित है जो बहुलतावाद के दो रूप ...... पर बल देते हैं।

96. उपर्युक्त गद्यांश से प्रश्न 96-100 के उत्तर दें।

भारत में एक प्रभावी और प्रतिसंवेदी प्रशासन के लिए सभी स्तरों पर सरकारों के लिए यह अत्यावश्यक था कि वे स्वयं का पुनः आविष्कार करें और अपनी भूमिकाओं और उत्तरदायित्वों को पुनः परिभाषित करें और उन सभी क्षेत्रों में सुधार करें जहां जनता का उनसे आमना-सामना होता है।

नौकरशाही की सार्वजनिक छवि अगम्यता, उदासीनता, प्रक्रिया उन्मुखी, खराब गुणवत्ता और सुस्ती, भ्रष्टाचार प्रवणता और गैर-जवाबदेही की थी। अतः समय की मांग थी कि भारत की जनता को सभी स्तरों पर एक प्रभावी, खुले, प्रतिसंवेदी, जवाबदेह, स्वच्छ और गतिशील तरीके से समायोजन करने वाले प्रशासन का आश्वासन दिया जाए।

शासन को परंपरागत नौकरशाही से आगे विस्तारित हो कर सभी स्तरों पर सक्रिय रूप से नागरिकों और उपभोक्ता समूहों को शामिल करना है ताकि जनता और वंचित समूहों को सशक्त और सूचित किया जा सके और स्वायत्त स्थानीय निकायों के माध्यम से सेवाओं और कार्यक्रम क्रियान्वयन को सुनिश्चित किया जा सके।

इस प्रकार, सुधारों के तीन पक्ष थे, (i) प्रशासन में ऐसे संकट जो जनता के प्रति संवेदनशील या नागरिकों के प्रतिमित्रवत नहीं था और इसलिए सुधार करने की आवश्यकता थी, (ii) मानसिकता में परिवर्तन की आवश्यकता थी ताकि शासन करने की नए सिरे में 'शासन' के रूप में कल्पना की जा सके, और (iii) जवाबदेही को प्रोत्साहित करने वाले उपायों के माध्यम से प्रशासन का रूपांतरण। इस प्रकार सुधार का अर्थ शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सामान्य कल्याण के क्षेत्र में जनता के लिए अवसरों के विस्तार के अलावा और कुछ नहीं है।
सभी स्तरों पर सरकारों को लिए स्वयं का पुनः अविष्कार करना और अपनी भूमिका को पुनःपरिभाषित करने की आवश्यकता थी ताकि

Correct Answer: (c) प्रभावकारी और प्रतिसंवेदी प्रशासन की रचना की जा सके।
Solution:

सभी स्तरों पर सरकारों के लिए स्वयं का पुनः अविष्कार करना और अपनी भूमिका को पुनः परिभाषित करने की आवश्यकता थी ताकि 'प्रभावकारी और प्रतिसंवेदी प्रशासन की रचना की जा सके।' उपर्युक्त प्रश्न का उत्तर गद्यांश की पहली पंक्ति में 'भारत में एक ...... आमना-सामना होता है' तक में निहित है।

97. नौकरशाही की सार्वजनिक छवि निम्नलिखित में से किस प्रकार की थी?

Correct Answer: (c) भ्रष्ट और गैर-जवाबदेह
Solution:

नौकरशाही की सार्वजनिक छवि 'भ्रष्ट और गैर-जवाबदेह की थी' उपर्युक्त प्रश्न का उत्तर गद्यांश की तीसरी पंक्ति 'नौकरशाही की सार्वजनिक गैर-जवाब देही की थी' में निहित है।

98. प्रशासन में नागरिकों को सम्मिलित करने से निम्नलिखित होता है?

Correct Answer: (a) जनता और वंचित समूहों का सशक्तिकरण और सूचना
Solution:

प्रशासन में नागरिकों को सम्मिलित करने से 'जनता और वंचित समूहों का सशक्तिकरण और सूचना' प्रदान को सुनिश्चित किया जा सकता है। उपर्युक्त प्रश्न का उत्तर गद्यांश की सातवीं पंक्ति में 'जनता और वंचित समूहो .......... सुनिश्चित किया जा सके' में निहित है।

99. निम्नलिखित में से कौन सी एक सुधार को कार्यसूची ?

Correct Answer: (d) जवाबदेही प्रोत्साहित करने के उपाय करना
Solution:

'जवाबदेही प्रोत्साहित करने के उपाय करना' सुधार की कार्य सूची है। उपर्युक्त प्रश्न का उत्तर गद्यांश की दूसरी पंक्ति जवाबदेही को प्रोत्साहित ..... रूपांतरण में निहित है।

100. शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार व सामान्य कल्याण के क्षेत्रों में जनता के लिए अवसरों का सृजन हो सकता है यदि

Correct Answer: (c) प्रशासनिक सुधार सरकार को कुशल बनाते है और 'शासन' की 'अभिशासन' के रूप में कल्पना की जा सके
Solution:

शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार व सामान्य कल्याण के क्षेत्रों में जनता के लिए अवसरों का सृजन हो सकता है यदि 'प्रशासनिक सुधार को कुशल बनाते हैं और 'शासन' की 'अभिशासन' के रूप में कल्पना की जा सके।' उपर्युक्त प्रश्न का उत्तर पंक्ति तीसरी (नीचे से) में निहित है जो मानसिकता में .... कल्पना की जा सके। तक है।