NTA यू.जी.सी.नेट जेआरएफ परीक्षा जून, 2020 (लोक प्रशासन)

Total Questions: 100

21. संसद की 24 विभाग संबंधी स्थायी समितियों का प्रमुख कार्य है:

Correct Answer: (c) विभिन्न मंत्रालयों द्वारा प्रस्तुत अनुदान मांगो की जांच करना
Solution:

संसद की 24 विभाग संबंधी 'स्थायी समितियों' का प्रमुख कार्य में विभिन्न मंत्रालयों द्वारा प्रस्तुत अनुदान मांगो की जांच करना एवं उन मांगों के संबंध में अपनी रिपोर्ट सौंपना होता है।स्थायी समिति, स्थायी एवं नियमित समिति होती है, जिसका गठन संसद के अधिनियम के उपबंधों अथवा लोकसभा के कार्य संचालन नियम के अनुसरण में किया जाता है इनका कार्य अनवरत प्रकृति का होता है

22. इसकी शुरुआत के कितने वर्षों के बाद वर्तमान सरकार ने रेल बजट के आम बजट में विलय को मंजूरी दी?

Correct Answer: (c) 92 वर्ष
Solution:

'92' वर्ष बाद वर्तमान सरकार ने रेलवे बजट के आम बजट में विलय को मंजूरी दी है। वर्ष 1921 में 'आकवर्थ कमेटी' की सिफारिश पर रेल बजट को आम बजट से अलग कर दिया गया था। उसके बाद वर्ष 2017 में वित्तमंत्री अरुण जेटली ने आम बजट में ही रेलवे के लिए आवंटन का प्रस्ताव पेश किया था।

इसके साथ ही 92 वर्ष पुरानी परंपरा खत्म हो गई थी। दरअसल, वर्ष 2015 में नीति आयोग की एक कमेटी ने अलग से रेलवे बजट पेश करने को बंद करने की सिफारिश की थी।

23. निम्नलिखित में से कौन विनिवेश का उद्देश्य नहीं है?

Correct Answer: (c) कॉरपोरेट उद्देश्य
Solution:

विनिवेश में 'कॉरपोरेट उद्देश्य' सम्मिलित नहीं है। सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में सरकार की हिस्सेदारी बेचने की प्रक्रिया 'विनिवेश' कहलाती है। परंतु विनिवेश के अंतर्गत सरकार उस उपक्रम पर अपना स्वामित्व अथवा मालिकाना हक बनाए रखती है।
भारत में विनिवेश की शुरुआत सबसे पहले वर्ष 1991 में हुई सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों का 20 प्रतिशत हिस्सा बेचने का निर्णय लिया गया था।

24. अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 की धारा 3 (1) के अधीन निम्नलिखित में से क्या दंडनीय नहीं है?

Correct Answer: (b) अनुसूचित जनजाति के किसी व्यक्ति के पड़ोस में अपशिष्ट पदार्थ का ढेर लगाना
Solution:

'अनुसूचित जनजाति' के किसी व्यक्ति के पड़ोस में अपशिष्ट पदार्थ का ढेर लगाना' अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 की धारा 3(1) के अधीन दंडनीय नहीं है, जबकि इसके तहत अनुसूचित जनजाति के किसी व्यक्ति को खाद्यय को बलपूर्वक सेवन कराना, पूजा स्थल में प्रवेश से रोकना, बेगार करने के लिए विवश करना दंडनीय है।

वर्ष 1989 में, भारत सरकार ने 'अत्याचार निवारण अधिनियम' पारित किया, जो अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के खिलाफ विशिष्ट अपराधों को अत्याचार के रूप में चित्रित करता है। और रणनीतियों का वर्णन करता है।

25. नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1955 के अधीन "अनुसूचित जाति के किसी सदस्य का "अस्पृश्यता" के आधार पर अपमान" करने अथवा अपमान का प्रयास करने वाले व्यक्ति को दंडित करने के संबंध में निम्नलिखित में से क्या सही है?

Correct Answer: (c) जुर्मान के साथ या उसके बिना अधिकतम छह माह का कारावास
Solution:

नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1955 के अधीन "अनुसूचित जाति के किसी सदस्य का "अस्पृश्यता" के आधार पर अपमान करने अथवा अपमान का प्रयास करने वाले व्यक्ति को 'जुर्माने के साथ या उसके बिना अधिकतम छह माह का कारावास के रूप में दंडित किया जा सकता है।' नागरिकता अधिकार संरक्षण अधिनियम कानून के माध्यम से किसी भी रूप में अस्पृश्यता अर्थात छुआ छूत का आचरण करने वाले को दंड देने का प्रावधान है। वर्ष 1955 में अस्पृश्यता (अपराध) अधिनियम, 1955 बनाया गया था। यह भारतीय संविधान के अनुच्छेद-17 के अस्पृश्यता उन्मूलन संबंधी प्रावधानों के अनुरूप है।

26. भारत के संविधान का कौन सा अनुच्छेद सामाजिक अन्याय और शोषण के समस्त रूपों से संरक्षण की गारंटी देता है?

Correct Answer: (d) अनुच्छेद 46
Solution:

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 46 के अंतर्गत राज्य, जनता के दुर्बल वर्गों के विशिष्टतया, अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के शिक्षा और अर्थ संबंधी हितों की विशेष सावधानी से अभिवृद्धि करेगा और सामाजिक अन्याय और सभी प्रकार के शोषण से उसकी सुरक्षा करेगा।

जबकि अनुच्छेद 14 के अंतर्गत कहा गया है कि किसी भी व्यक्ति को कानून के समक्ष समानता के इलाज या भारत के क्षेत्र के भीतर कानूनों के समान संरक्षण से वंचित नहीं किया जाएगा।

27. निम्नलिखित में से कौन सी एक स्कीम केन्द्रीय महिला व बाल कल्याण मंत्रालय द्वारा आरंभ की गई महिला सशक्तिकरण स्कीम नहीं है?

Correct Answer: (c) किशोर बालिकाओं के लिए स्कीम
Solution:

'किशार बालिकाओं के लिए स्कीम' कन्द्रीय महिला व बाल कल्याण मंत्रालय द्वारा आरंभ की गई महिला सशक्तिकरण स्कीम नहीं है। जबकि निर्भया, स्वाधारगृह और कामकाजी महिला छात्रावास (होस्टल) योजना, 'केन्द्रीय महिला व बाल कल्याण मंत्रालय' के अंतर्गत आती है।

केन्द्र सरकार ने किशोरियों के सशक्तिकरण के लिए 'राजीव गांधी योजना' या SABLA योजना का विस्तार और सार्वभौमिकरण किया है। यह योजना के तहत 11- 18 वर्ष के आयु वर्ग की स्कूली लड़कियों को उचित पोषण और स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त करने में मदद करेगी।'

28. माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण तथा कल्याण अधिनियम संसद द्वारा किस वर्ष में पारित किया गया था?

Correct Answer: (c) 2007
Solution:

'माता-पिता वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण तथा कल्याण अधिनियम' संसद द्वारा वर्ष 2007 में पारित किया गया था। यह भारत सरकार का एक अधिनियम है जो वृद्ध व्यक्तियों एवं माता-पिता के भरण-पोषण एवं देख-रेख की एक प्रभावी व्यवस्था करती है। इसका विधेयक 'सामाजिक न्याय एवं सशक्तीकरण मंत्रालय' द्वारा लाया गया था।

29. नीति विज्ञान को ज्ञान की विभिन्न शाखाओं से ज्ञान एकीकृत कर तथा लोक नीति निर्माण पर विशेष बल देकर इसे एक उच्च विषय बनाना चाहिए।

उपरोक्त कथन किस लेखक का है?

Correct Answer: (d) येज्कल ड्रोर
Solution:

"नीति विज्ञान को ज्ञान की विभिन्न शाखाओं से ज्ञान एकीकृत कर तथा लोक नीति निर्माण पर विशेष बल देकर इसे एक उच्च-विषय बनाना चाहिए।" यह कथन येज्कल ड्रोर (Yehezkel Dror) का है।

येजकल ड्रोर 'हिब्रू विश्वविद्यालय, जेरूसलम में राजनीति विज्ञान के प्रोफेसर हैं। इन्होंने शीतयुद्ध में अमेरिका की रणनीति की योजना बनाने में रैंड 'थिंक हैक' की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इन्होने "क्रेजी स्टेट्स" शब्द की शुरुआत की यकीनन रणनीतिक विचार में उनका सबसे व्यापक रूप से ज्ञात योगदान है। इनकी प्रमुख पुस्तक 'क्रेजी स्टेट्स' (1971) है।

30. "नीति विश्लेषण की भूमिका राजनीति में सुधार लाने में योगदान करने का है न कि यह उसका विकल्प है।"

यह कथन किस लेखक का है?

Correct Answer: (d) एरॉन विल्डोवस्की
Solution:

एरॉन विल्डोवस्की (Aaron Wildavasky) ने कहा है। कि "नीति विश्लेषण की भूमिका विकल्प है।" ए.विल्डोवस्की एक अमेरिकी राजनीतिक वैज्ञानिक है, जिन्हें सार्वजनिक नीति, सरकारी बजट और जोखिम प्रबंधन में अग्रणी काम के लिए जाना जाता है।

इन्होंने दोहरी अध्यक्षता का सिद्धान्त (द डयूल प्रेसडेंसी थ्योरी) का प्रस्ताव रखा, जिसे कभी-कभी दो प्रेसीडेंसी थीसिस कहा जाता है। इनकी प्रमुख पुस्तक 'डिक्सन येट्स: ए स्टडी इन पावर पॉलिटिक्स' (1962) है।