Solution:'अनुसूचित जनजाति' के किसी व्यक्ति के पड़ोस में अपशिष्ट पदार्थ का ढेर लगाना' अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 की धारा 3(1) के अधीन दंडनीय नहीं है, जबकि इसके तहत अनुसूचित जनजाति के किसी व्यक्ति को खाद्यय को बलपूर्वक सेवन कराना, पूजा स्थल में प्रवेश से रोकना, बेगार करने के लिए विवश करना दंडनीय है।
वर्ष 1989 में, भारत सरकार ने 'अत्याचार निवारण अधिनियम' पारित किया, जो अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के खिलाफ विशिष्ट अपराधों को अत्याचार के रूप में चित्रित करता है। और रणनीतियों का वर्णन करता है।