Solution:जगत पूरी तरह से ईश्वर से भिन्न है, यह कथन विवेकानन्द के दर्शन के अनुसार सत्य नहीं है। उनके दर्शन के अनुसार आत्मा एवं ईश्वर में अभेद संबंध है। उनके दर्शन को नव्य वेदान्त कहा जाता है। उनके अनुसार संसार की उत्पत्ति का आधार माया है। विवेकानंद ने आन्तरिक शुद्धता एवं आत्मा की एकता के सिद्धान्त पर आधारित नैतिकता की नवीन अवधारणा प्रस्तुत की। विवेकानन्द की शिक्षाओं पर उपनिषद, गीता के दर्शन, बुद्ध एवं ईसा मसीह के उपदेशों का प्रभाव है।