NTA यू.जी.सी. नेट जेआरएफ परीक्षा, दिसम्बर 2023 दर्शनशास्त्र (PHILOSOPHY)

Total Questions: 100

81. प्रतीत्यसमुत्पाद के कारण चक्र के द्वादश निदान की बौद्ध धारणा के अनुसार निम्नलिखित को अनुक्रम में व्यवस्थित कीजिए :

निदान की बौद्ध धारणा के अनुसार निम्नलिखित को अनुक्रम में व्यवस्थित कीजिए :
A. जाति
B. तृष्णा
C. भाव
D. उपादान
E. वेदना
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (b) A, C, D, B, E
Solution:

प्रतीत्यसमुत्पाद के कारण चक्र के द्वादश निदान को बौद्ध धारणा के अनुसार व्यवस्थित क्रम है-
जाति → भाव → उपादान → तृष्णा → वेदना

82. निम्नलिखित कथनों को आर्य सत्य की बौद्ध धारणा के अनुसार अनुक्रम में व्यवस्थित कीजिए :

A. दुःख का उपाय है।
B. दुःख का कारण है
C. दुःख का निदान है
D. दुःख है
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (c) D, B, C, A
Solution:

आर्य सत्य के बौद्ध धारणा के अनुसार अनुक्रम है-
दुःख है → दुःख का कारण है → दुःख का निदान है → दुःख का उपाय है।

83. न्याय दर्शन के अनुसार अनुमान के निम्नलिखित सोपानों को अनुक्रम में व्यवस्थित कीजिए :

A. जहाँ कहीं भी धुंआ है, वहाँ आग है, जैसाकि रसोई में होता है
B. पहाड़ पर आग है
C. क्योंकि पहाड़ पर धुंआ है
D. रसोई की तरह ही पहाड़ पर भी धुंए के साथ आग है।
E. सोई की तरह ही पहाड़ पर भी धुंए के साथ आग है
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (c) B, C, A, E, D
Solution:

84. अष्टंग योग के अनुसार निम्नलिखित को अनुक्रम में व्यवस्थित कीजिए :

A. समाधि
B. ध्यान
C. प्रत्याहार
D. धारणा एकाग्रता
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (b) C, D, В, A
Solution:

अष्टांग योग के अनुसार निम्नलिखित क्रमों में व्यवस्थित है-
प्रत्याहार → धारणा एकाग्रता → ध्यान → समाधि

85. प्रत्यक्ष को न्याय व्याख्या के अनुसार निम्नलिखित को अनुक्रम में व्यवस्थित कीजिए :

A. इंद्रिय अर्थ सन्निकर्ष
B. अव्यपदेश्यम्
C. व्यवसायात्मकम्
D. अव्यभिचारी
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (b) A, B, D, C
Solution:

प्रत्यक्ष को न्याय व्याख्या के अनुसार व्यवस्थित अनुक्रम है-
इंद्रिय अर्थ सन्निकर्ष → अण्यप्रदेश्यम् → अव्यभिचारी → व्यवसायात्मकम्

86. नीचे दो कथन दिए गए है एक अभिकथन के रूप में लिखित है तो दूसरा उनके कारण के रूप में

अभिकथन A: एम.एन. रॉय के अनुसार दर्शनशास्त्र भौतिकवादी है।
भौतिकवाद एक मात्र संभव दर्शन शास्त्र है
उपरोक्त कथन के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (a) A और R दोनों सत्य है और R, Aकी सही व्याख्या है
Solution:

एम.एन. रॉय के अनुसार दर्शनशास्त्र भौतिकवादी है कारण है भौतिकवाद एकमात्र संभव दर्शन है। अतः अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सत्य है तथा कारण (R) का अभिकथन (A) सही व्याख्या है।

87. नीचे दो कथन दिए गए है एक अभिकथन (Assertion A) के रूप में लिखित है तो दूसरा उनके कारण (Reason R) के रूप में

अभिकथन A : गाँधी के अनुसार सत्य ही ईश्वर है।
कारण: R : वे विश्वास करते थे कि अहिंसा ईश्वर की अनुभूति के लिए साधन है।
उपरोक्त कथन के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (a) A और R दोनों सत्य है और R, A की सही व्याख्या है
Solution:

गाँधी के अनुसार सत्य ही ईश्वर हैं। कारण यह है कि वे विश्वास करते थे कि अहिंसा ईश्वर की अनुभूति के लिए साधन है। अतः कथन और कारण दोनों सत्य है तथा कारण (R) का अभिकथन (A) सही व्याख्या है।

88. नीचे दो कथन दिए गए है एक अभिकथन (Assertion A) के रूप में लिखित है तोदूसरा उनके कारण (Reason R) के रूप में

राधाकृष्णन के अनुसार भिकथन A : हिंदुत्व में, लोक कल्याण और जन सेवा के विचार अधिक सक्रिय हैं
कारण R: हिन्दू धर्म ने जीवन को इसकेपूर्णता में स्वीकार किया
उपरोक्त कथन के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (a) A और R दोनों सत्य है और R, A की सही व्याख्या है
Solution:

हिन्दूत्व में लोक कल्याण और जन सेवा के विचार अधिक सक्रिय है। क्योंकि हिन्दू धर्म ने जीवन को इसके पूर्णता में स्वीकार किया। अतः अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सत्य है। तथा सही व्याख्या भी है।

89. नीचे दो कथन दिए गए है एक अभिकथन (Assertion A) के रूप में लिखित है तो दूसरा उनके कारण (Reason R) के रूप में

अभिकथन A: बौद्ध दर्शन में अनुसार, बुद्धि के प्रभाव वाला यह अनुभवमूलक संसार, सापेक्ष, सोपाधिक, आश्रित और अस्थायी है।
कारण R : बौद्ध दर्शन के अनुसार कारण पर आश्रित कार्य उत्पन्न होता है। प्रत्येक विचार का विषय आवश्यक रूप से सापेक्ष होते है
उपरीक्त कथन के आलोक में,
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए

Correct Answer: (a) A और R दोनों सत्य है और R. A की सही व्याख्या है
Solution:

बौद्ध दर्शन के अनुसार बुद्धि के प्रभाव वाला यह अनुभवमूलक संसार सापेक्ष, सोपाधिक, आश्रित और अस्थायी है। क्योंकि, बौद्ध दर्शन के अनुसार कारण पर आश्रित फर्म उत्पन्न होता है। प्रत्येक विचार का विषय आवश्यक रूप में सापेक्ष होते है। अतः अभिकथन और कारण दोनों सत्य है तथा व्याख्या भी है।

90. R : नीचे दो कथन दिए गए है एक अभिकथन (Assertion A) के रूप में लिखित है तो दूसरा उनके कारण (Reason R) के रूप में

अभिकथन A : शंकर के अनुसार माया शक्ति से युक्त ब्रह्म ही सगुण ब्रह्म है और वह जगत का सृजनकर्ता, पालनकर्ता एवं संहारकर्ता है।
कारण R : माया अवर्णनीय है, वह न तो सत् है नहीं असत् और न ही दोनों है उपरोक्त कथन के आलोक में,
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (b) A और R दोनों सत्य है और R, A की सही व्याख्या नहीं है
Solution:

शंकर के अनुसार माया शक्ति से युक्त ब्रह्म ही सगुण ब्रह्म है और वह जगत का सृजनकर्ता, पालनकर्ता एवं संहारकर्ता है। क्योंकि माया अवर्णनीय है, वह न तो सत् है, नहीं असत् और न ही दोनों है। अतः अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सत्य है लेकिन कारण, अभिकथन की सही व्याख्या नहीं है।