A. मैनहीम ने ज्ञान के समाजशासत्र की व्यापक रूपरेखा बनायी
B. मैनहीम की प्रक्रियाएं एवं तात्विक निष्कर्ष ज्ञान एवं सामाजिक संरचना के मध्य को स्पष्ट करते हैं।
C. मैनहीम का तर्क है कि मार्क्स ने ज्ञान के समाजशास्त्र का आदर्श निर्मित किया।
D. मैनहीम ने आइडियोलॉजी एंड यूटोपिया नामक पुस्तक का लेखन नहीं किया।
E. मैनहीम के अनुसार ज्ञान का समाजशास्त्र 'राजनैतिक जीवन के वैज्ञानिक मार्गदर्शन' हेतु प्रेरित कर सकता है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनेंः
Correct Answer: (d) A, B, C and E only /केवल A,B, C और
Solution:कार्ल मैनहीम के संदर्भ में निम्नलिखित कथन सही है- 1920 के दशक में 'ज्ञान का समाजशास्त्र' शब्द का व्यापक उपयोग उभरा, विशेष रूप में कार्ल मैनहीम ने ज्ञान के समाजशास्त्रीय पहलुओं पर व्यापक रूप से लिखा। मैनहीम की प्रक्रियाएं एवं तात्विक निष्कर्ष ज्ञान एवं सामाजिक संरचना के मध्य सम्बन्ध को स्पष्ट करते है। मैनहीम का तर्क है कि मार्क्स ने ज्ञान के समाजशास्त्र आदर्श निर्मित किया। मैनहीम के अनुसार ज्ञान का समाजशास्त्र राजनैतिक जीवन के वैज्ञानिक मार्गदर्शन हेतु प्रेरित कर सकता है। अतः विकल्प A, B, C और E सही है।