कथन - I : दिव्यांगतावाद (डिसेबिलिज्म) वह शब्द जिसे उस विचारधारा के वर्णन हेतु किया जाता है जोभौतिक सांस्कृतिक और मनोवैज्ञानिक जैसी सामाजिकबाधाओं वाले दिव्यांगजनों को सुव्यवस्थित तरीके में हाशियाकरण और उन्हें पृथक (अलग) करती है।
कथन II : सामाजिक और सांस्कृतिक बाधाएं समाज येदिव्यांगजनों द्वारा सामना किए जाने वाले उत्पीडन हेतुमूल कारण नहीं है।
उपर्युक्त कथनों के आलोक मे निम्नलिखित विकल्पों मेंसे सही उत्तर चुनेंः
Correct Answer: (c) कथन I सही है, लेकिन कथन II गलत हैं
Solution:दिव्यांगतावाद (डिसेबिलिज्प) वह शब्द है जिसे उस विचारधारा के वर्णन हेतु किया जाता है जो भौतिक, सांस्कृतिक औरमनोवैज्ञानिक जैसी सामाजिक बाधाओं वाले दिव्यांगजनों कोसुव्यवास्थित तरीके से हाशियाकरण और उन्हें पृथक करती है।दिव्यांगता और उससे जुड़ी बाधाओं का विषय होने के बावजूद, दिव्यांगजनों द्वारा सामाजिक या सांस्कृतिक उत्पीड़न का होना उनकीदिव्यांगता के कारण नहीं होता है। अतः कथन I सही है, लेकिन कथन II गलत है।