NTA यू.जी.सी. नेट जेआरएफ परीक्षा, जून-2023 दर्शनशास्त्र (PHILOSOPHY)

Total Questions: 100

91. निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर प्रश्नों के उत्तर दें:

लोकतंत्र के अधिकांश समर्थक सुझाव देने में चुप्पी साध लेते है कि लोकतंत्र अपने आप ही विकास और सामाजिक कल्याण को बढ़ावा देगा। वे उसे अच्छे के रूप में देखने की ओर प्रवृत्त लेकिन स्पष्ट रूप से अलग और व्यापकता में स्वतंत्र लक्ष्य वाले होते हैं।
लोकतंत्र के निंदकों में अपनी दूसरी तरफ लोकतंत्र और विकास के मध्य गंभीर तनाव के रूप में जो देखते हैं। उसे व्यक्त करने की इच्छा प्रतीत होती है...इन मुद्दों से निपटने के लिए जिसे हम विकास कह सकते हैं और लोकतंत्र की व्याख्या दोनों पर विशेष ध्यान देना होगा।
लोग जिससे आगे बढ़ सके और जो वास्तविक स्वतंत्रता उन्हें मिल रही है। उसे विकास के निर्धारण के लिए छोड़ा नहीं जा सकता है। सुविधा की जड़ वस्तुओं की वृद्धि के रूप में सिर्फ न के बराबर विकास देखा जा सकता है।
उनकी मात्रा सम्मिलित लोगों की स्वतंत्रता और जीवन के साथ जो करते है, पर आवश्यक रूप से निर्भर करती है। विकास और लोकतंत्र के मध्य अंगभूत संबंध के भाग के रूप में देखा जा सकता है। हमें जटिल अभिज्ञान को नहीं भूलना चाहिए। जो राजनैतिक स्वतंत्रताओं और लोकतांत्रिक अधिकारों के "विकास के अंगभूत घटक" है।
विकास और लोकतंत्र के मध्य क्या संबंध है? 

Correct Answer: (c) उनके अंगभूत संबंध के भाग के रूप में
Solution:

विकास और लोकतंत्र के मध्य अंगभूत संबंध के भाग के रूप में देखा जा सकता है। * लोकतंत्र और विकास के बीच का सम्बन्ध जटिल और बहुआयामी है।
* लोकतंत्र को विकास के कारण और प्रभाव दोनों के रूप में देखा जा सकता है और दोनों आपस में घनिष्ठ रूप से जुड़े हुए है।

92. लोकतंत्र के निंदक निम्नलिखित में से सोचते है:

Correct Answer: (a) लोकतंत्र और विकास के बीच गम्भीर तनाव है।
Solution:

लोकतंत्र के निंदको में अपनी दूसरी तरफ लोकतंत्र और विकास के मध्य गंभीर तनाव के रूप में जो देखते हैं। उसे व्यक्त करने की इच्छा प्रतीत होती है। इन मुद्दों से निपटने के लिए जिसे हम विकास कह सकते हैं और लोकतंत्र की व्याख्या दोनों पर विशेष ध्यान देना होगा।
* लोकतंत्र के निंदक लोकतंत्र और विकास के बीच गंभीर तनाव है, ऐसा सोचते हैं।

93. विकास का निर्धारण कैसे किया जा सकता है?

Correct Answer: (c) लोग जैसे बढ़ सकें और जो वास्तविक स्वतंत्रता उन्हें मिल रही है उसके निर्धारण द्वारा
Solution:

लोग जिससे आगे बढ़ सकें और जो वास्तविक स्वतंत्रता उन्हे मिल रही है। उसे विकास के निर्धारण के लिए छोड़ा नहीं जा सकता है।
* विकास का निर्धारण लोग जैसे बढ़ सके और जो वास्तविक स्वतंत्रता उन्हें मिल रही है। उसके निर्धारण द्वारा किया जा सकता है।

94. इस गद्यांश का सामान्य उद्देश्य क्या है?

Correct Answer: (c) विकास, लोकतंत्र और लोगों की स्वतंत्रता
Solution:

गद्यांश का सामान्य उद्देश्य विकास, लोकतंत्र और स्वतंत्रता के लिए स्वतंत्रता है।
* इस गद्यांश में लोगो के विकास, लोकतंत्र और स्वतंत्रता के लिए एक सूझाव के रूप में प्रस्तुत किया गया है।

95. विकास के 'अंगभूत घटक' क्या है?

Correct Answer: (b) राजनैतिक स्वतंत्रताएँ एवं लोकतांत्रिक अधिकार
Solution:

हमें जटिल अभिज्ञान को नहीं भूलना चाहिए। जो राजनैतिक स्वतंत्रताओं और लोकतांत्रिक अधिकारों के विकास के अंगभूत घटक राजनैतिक स्वतंत्रताएँ एवं लोकतांत्रिक अधिकार हैं।

96. निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर प्रश्नों के उत्तर :

पिछल दशक से यु.एस. में गहरे और सामाजिक पारिस्थिकीविदों के मध्य विवादात्मक विनियम आमूल परिवर्तनवादी पारिस्थिकी का व्यापक भाग के रूप में देखाय गया है। इसके विपरीत ब्रिटेन में जो पारिस्थिकी देखी जाती है जहाँ जोनाथन पोरिट एक सुधारक जोकि मीडिया प्रबलता की ओर ज्यादा जाते हुए प्रतीत होते हैं।
लेकिन इस विवाद में मई 1989 में एक महत्वपूर्ण बदलाव देखा गया जब एफ.बी.आई.द्वारा एक पारिस्थिकी विद कार्यकर्ता डेविड फोरमैन को गिरफ्तार कर लिया गया जिन्होनें खाली पड़े वन क्षेत्र की वन्यता को बचाने हेतु अहिंसक प्रत्यक्ष कार्यवाही का समर्थन किया।
फोरमैन अर्थ फर्स्ट ग्रुप के संस्थापकों में से एक रहे थे, जो कि म बुकचिन और डेव फोरमैन के बीच विवाद के रूप में बाहर आया जिसमें फोरमैन ने गहरी पारिस्थिकी की मुख्य आलोचना के बडे भाग पर काम किया और कट्टर पूँजीवादी विरोधी हो गए और बहुत ही मानववादी तथ्यों को लेकर आए।
बुकचिन ने सामाजिक पारिस्थिकी के इस प्रकार को तीव्र ढंग से बार-बार इसे बताना जारी रखा जिसमें किवे सालों से इसका समर्थन और विकास कर रहे थे और इसका प्रकारनयी राजनीति पर बहस प्रारंभ किए। सामाजिक आंदोलन के लिए आवश्यक जो कि प्रभावशाली तरीके से रोक सकती थी और अन्ततः राष्ट्र राज्य और व्यावसायिक पूँजीवाद को बदल सकती थी।
अपने दार्शनिक वैश्विक मंत्र को रेखांकित करने में और पारिस्थिकी चेतना के समर्थन में नेस ने बहुत ही मज़ेदार और महत्वपूर्ण बात को कहना चाहा। गेस्टॉल्ट और संबंधात्मक तरीके की आवश्यकता पर और वैकल्पिक अंटुलॉजी के मुख्य मानकों की सुस्पष्ठता से व्याख्या और उससे बचना। शुद्ध रूप से सहायक मानकों और सभी सम्मिलित वाद में पारिस्थिकी स्वयं की समस्या पर जैसा कि यह सार्वभौमिक विज्ञान के रूप में रहा था।
निश्चित रूप से मानव रोटीमात्र पर आश्रित नहीं था न तो केवल उस को खाद्य और शरणस्थल के बारे में चिन्ता नही करना था, और कुछ हद तक स्वायत्तता, उच्च स्तर के अन्तिम उद्देश्य जैसे आनन्द, खुशी और पूर्णता के शब्द में कल्याण के रूप में परिभाषित कर सकते हैं।
नेस ने अपने दर्शनशास्त्रीय वैश्चिकमत के निम्नलिखित में किस एक पर तर्क किएः

Correct Answer: (e) *
Solution:

(*) : अपने दार्शनिक वैश्विक मत को रेखांकित करने में और परिस्थितिकी चेतना के समर्थन में नेस ने बहुत ही मजेदार और महत्वपूर्ण बात को कहना चाहा। गेस्टॉल्ट और संबंधात्मक तरीके की आवश्यकता पर और वैकल्पिक अंटुलॉजी के मुख्य मानकों को सुस्पष्ठता से व्याख्या और उससे बचना ।
* आयोग ने इसका उत्तर माना: नेस ने अपने दर्शनशास्त्रीय वैश्विक मत एक वैकल्पिक अंटुलाजी पर तर्क किये है।
* सही उत्तर : नेस ने अपने दर्शन शास्त्रीय वैश्विकमत पारिस्थिकीय चेतना पर तर्क किये हैं।

97. नेस कल्याण को किस प्रकार परिभाषिक करता है

Correct Answer: (b) आनंद खुशी और पूर्णता
Solution:

Naess ने लिखा, पृथ्वी पर मानव और गैरमानवीय जीवन की भलाई और समृद्धि के अपने आप में मूल्य हैं और ये मूल्य मानवीय उद्देश्य के लिए गैर-मानवीय दुनिया की उपयोगिता से स्वतंत्र है।
Naess का मानना था कि मानव जीवन के फलने फूलने के लिए पृथ्वी पर सभी जीवन के आनंद, खुशी और पूर्णता है।
* नेस कल्याण को आनन्द, खुशी और पूर्णता के रूप में परिभाषित करता है।

98. बुकचेन और फोरमैन के मध्य वाद-विवाद का परिणाम क्या है?

Correct Answer: (c) व्यावसायिक पूँजीवाद और राष्ट्र राज्य के बदले में कॉक
Solution:

मरे बुकचिन और डेव फोरमैन के बीच विवाद के रूप में बाहर आया। जिसमें फोरमैन ने गहरी परिस्थिकी की मुख्य आलोचना के बड़े भाग पर काम किया और कट्टर पूँजीवादी विरोधी हो गये और बहुत मानवता वादी तथ्यों को लेकर आये। अन्ततः राष्ट्र राज्य तथ्यों और व्यावसायिक पूँजीवाद को बदल सकती थी।
* बुकचिन और फोरमैन के मध्य वाद-विवाद का परिणाम व्यवसायिक पूँजीवाद और राष्ट्र राज्य के बदलने में कॉक किया गया।

99. पारिस्थिकीय चेतना के नेस अपने दर्शनशास्त्रीय वैश्विक मत में इसे सम्मिलित करता है:

Correct Answer: (b) 'वाद' को सम्मिलित करने के रूप में पारिस्थिकी निर्माण करना
Solution:

अपने दार्शनिक वैश्विकमत को रेखांकित करने में और पारिस्थिकी चेतना के समर्थन में नेस ने बहुत ही मजेदार और महत्वपूर्ण बात को कहना चाहा। पिछले दशक U.S. में गहरे और सामाजिक पारिस्थिकीविदों के मध्य विवादात्मक विनिमय आमूल परिवर्तनवादी पारिस्थिकी का व्यापक भाग के रूप में दिखायी देता हैं।
* पारिस्थिकीय चेतना के नेस अपने दर्शनशास्त्रीय वैश्विक मत में वाद को सम्मिलित करने के रूप में पारिस्थिकी निर्माण करना है।

100. इस अवतरण में लेखक क्या बताना चाहता है?

Correct Answer: (b) आमूल परिवर्तनवादी पारिस्थिकी का महत्व
Solution:

पिछले दशक से U.S. में गहरे और सामाजिक पारिस्थिकीविदों के मध्य विवादत्मक विनिमय आमूल परिवर्तन वादी पारिस्थिकी को व्यापक भाग के रूप में देखा गया है। इसके विपरित ब्रिटेन में जो पारिस्थिकी देखी जाती है। जहाँ जोनाथन पोरिट एक सुधारक जो कि मीडिया प्रबलता की ओर ज्यादा जाते हुए प्रतीत होते हैं।
* इस अवतरण में लेखक आमूल परिवर्तनवादी पारिस्थिकी का महत्व बताता है।