Solution:"नैसर्गिक अधिकार बलवान अधिकार है, अपने स्वयं के हितों की रक्षा के लिए शक्तिशाली एवं विशेषाधिकार प्राप्त कुछ लोगों द्वारा नियम बनाये गये हैं।” यह मत सोफिस्ट का है।
* मानवीयता पर बल देने के कारण सुकरात को सर्वश्रेष्ठ सोफिस्ट कहा जाता है। इस विचार में भी वह सोफिष्ट था कि वह समाज के रीति रिवाजों और कानूनों कि परवाह न करते हुए व्यक्ति को विचार की स्वतंत्रता का अधिकार देने का प्रबल पक्षपाती था।
* सोफिस्ट विचार धारा: कानून एवं विधियों का जन्म, प्रकृतिजन्य न मानकर, राजा की सत्ता के स्वरूप मानते थे। जिसके कारण व्यक्ति अपनी स्वभाविक प्रकृति से कार्य न कर अपनी बुद्धि और चेतना के विरूद्ध, कानून के अनुरूप कार्य करता है।