NTA यू.जी.सी. नेट जेआरएफ परीक्षा, दिसम्बर-2022 दर्शनशास्त्र (PHILOSOPHY)

Total Questions: 100

21. अनुभव की अवस्थाओं के सन्दर्भ में सही अनुक्रम चुनिएः

(A) प्रज्ञा
(B) अद्वैत
(C) तेजस
(D) वैश्वानर
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें:

Correct Answer: (b) D, C, A, B
Solution:

अनुभव की अवस्था का सही अनुक्रम इस प्रकार हैं-
D. वैश्वानर
C. तेजस
A. प्रज्ञा
B. अद्वैत

22. "यह कहना कि निर्गुण ब्रह्म हो सकता है, यह उक्ति गूंगे के उस कथन के समान है कि वह गूंगा है।" यह किसकी उक्ति है?

Correct Answer: (c) मध्वाचार्य
Solution:

यह कहना की निर्गुण ब्रह्म हो सकता है यह उक्ति गूँगे के उस कथन के समान है कि वह गूँगा है। यह उक्ति मध्वाचार्य की है।

23. निम्नलिखित किसके अनुसार किसी व्यक्ति के बंधन एवं मोक्ष का कारण ईश्वर है?

Correct Answer: (b) मध्वाचार्य
Solution:

शंकराचार्य के अनुसार किसी व्यक्ति के बंधन और मोक्ष का कारण ईश्वर है। मोक्ष की अवस्था में जीव ब्रह्म से एकाकार हो जाता है। ब्रह्म आनंदमय है इसीलिए मोक्षावस्था को भी आनंदमय माना जाता है।

24. स्वरूप ज्ञान एवं वृत्ति ज्ञान के मध्य विभेद निम्नांकित किसके द्वारा किया गया है?

Correct Answer: (b) शंकराचार्य
Solution:

शंकराचार्य स्वरूप ज्ञान और वृत्ति ज्ञान के मध्य विभेद करते है।

25. अद्वैत वेदान्त के अनुसार, निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म आध्यात्मिक प्रचुरता (संपदा ) को संस्थापित नहीं करता है?

Correct Answer: (d) अविद्या एवं माया
Solution:

अद्वैत वेदांत के अनुसार अविद्या और माया आध्यात्मिक प्रचुरता को संस्थापित नहीं करती है। शंकर के अद्वैत वेदांत में माया और अविद्या का प्रयोग एक ही अर्थ में हुआ है। माया कहाँ रहती है? के प्रश्न पर शंकर का कहना है कि माया ब्रह्म में निवास करती है। यद्यपि माया का आश्रय ब्रह्म है परंतु ब्रह्म माया से प्रभावित नहीं होता है।

26. लाइबनिज के अनुसार निम्नांकित में से क्या सही है?

(A) भूकंप अशुभ होता है
(B) महामारी अशुभ होता है
(C) ईश्वर द्वारा सृजित समस्त सृष्टि में अशुभ का स्थान है।
(D) यह जगत सभी संभाव्य जगतों में सर्वोत्तम है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनेंः

Correct Answer: (d) केवल C और D
Solution:

ताइबनिज के अनुसार निम्नलिखित सही है-
1. ईश्वर द्वारा सृजित समस्त सृष्टि में अशुभ का स्थान है तथा-
2. यह जगत सभी संभाव्य जगतों में सर्वोत्तम है।

27. 'एक प्रत्यय से दूसरे प्रत्यय का प्रत्यक्षण नहीं हो सकता है। इसलिए प्रत्यय के प्रत्यक्षण के लिए कोई आत्मा होनी चाहिए।'

Correct Answer: (b) बर्कले जी.
Solution:

'एक प्रत्यय, दूसरे प्रत्यय का प्रत्यक्ष नहीं हो सकता है। इसलिए प्रत्यय के प्रत्यक्षण के लिए कोई आत्मा नहीं होनी चाहिए।' यह बर्कले के लिए प्रयोज्य है। बर्कले अनुभवादी दार्शनिक हैं इनकी प्रसिद्ध रचनाएँ है - मानवीय ज्ञान के सिद्धान्त, एल्सीफ्रोन या सूक्ष्मदर्शी दार्शनिक और सिरिस ।

28. 'अप्रत्यक्षित उपस्तर को गुणों का सहायक मानना आवश्यक है। यह किसका मत है?

Correct Answer: (b) जॉन लॉक
Solution:

जॉन लॉक के अनुसार अप्रत्यक्षित उपस्तर को गुणों का सहायक मानना आवश्यक है। अनुभववादी लॉक के अनुसार, द्रव्य की वह शक्ति जिसके कारण वह हमारी आत्मा में विज्ञान उत्पन्न करता है, गुण कहलाती है। वाह्य पदार्थ का प्रत्यक्ष नहीं होता है। केवल अनुमान होता है। प्रत्यक्ष केवल गुणों का होता है द्रव्य का नहीं।

29. "वर्ण, गंध, ध्वनि, स्वाद, इत्यादि" कतिपय द्वितीयक गुण होते हैं। हमें किसी इन्द्रिय विशेष के माध्यम से ही इसके बारे में पता चलता है।" यह निम्नांकित में से किसका मत है?

Correct Answer: (b) जॉन लॉक
Solution:

अनुभववादी जॉन लॉक के अनुसार, 'वर्ण, गंध, ध्वनि, स्वाद, इत्यादि" कतिपय द्वितीयक गुण होते हैं। हमें किसी इन्द्रिय विशेष के माध्यम से ही इसके बारे में पता चलता है।' उपगुण, द्रव्य के वास्तविक धर्म नहीं होते है यह द्रव्य में नहीं रहते हैं। यह हमारी आत्मा में ही उत्पन्न होते है।

30. 'वंजुल वृक्ष संभवतः वंजुल के बीज में होता है, अनुकूल परिस्थिति में यह वास्तविक हो जाता है।' यह किसका मत है:

Correct Answer: (c) अरस्तु
Solution:

अरस्तू के अनुसार, 'वंजुल वृक्ष संभवतः वंजुल के बीज में होता है, अनुकूल परिस्थिति में यह वास्तविक हो जाता है।'