Solution:अनुभववादी जॉन लॉक के अनुसार, 'वर्ण, गंध, ध्वनि, स्वाद, इत्यादि" कतिपय द्वितीयक गुण होते हैं। हमें किसी इन्द्रिय विशेष के माध्यम से ही इसके बारे में पता चलता है।' उपगुण, द्रव्य के वास्तविक धर्म नहीं होते है यह द्रव्य में नहीं रहते हैं। यह हमारी आत्मा में ही उत्पन्न होते है।