NTA यू.जी.सी. नेट जेआरएफ परीक्षा, दिसम्बर-2022 दर्शनशास्त्र (PHILOSOPHY)

Total Questions: 100

41. सभी बुद्धिवादियों में क्या सामान्य है?

Correct Answer: (b) तर्क और केवल तर्क सभी दार्शनिक ज्ञान के स्त्रोत है।
Solution:

तर्क सभी बुद्धिवादियों में सामान्य है, क्योंकि सभी दार्शनिक तर्क और केवल तर्क को ज्ञान का श्रोत मानते हैं।

42. ह्यूम को निम्नांकित में से क्या स्वीकार्य नहीं हैं?

Correct Answer: (d) मनस प्रत्यय का उपस्तर है।
Solution:

'मनस प्रत्यय का उपस्तर है' यह ह्यूम को स्वीकार नहीं है। शेष सभी स्वीकार है।

43. निम्नांकित में से क्या काण्ट के लिए सहायक नहीं है:

Correct Answer: (d) स्थान और काल अतीन्द्रिय वास्तविकता हैं।
Solution:

'स्थान और काल अतीन्द्रिय वास्तविकता है' काण्ट इससे सहमत नहीं है शेष सभी विकल्प काण्ट के अनुसार स्वीकार्य है।

44. डेका को निम्नांकित में से क्या स्वीकार्य नहीं हैं?

(A) मनस और पदार्थ दो भिन्न द्रव्य हैं।
(B) मनस में गुण के रूप में विचार निहित होता है।
(C) मनस अभ्यांतरिक अवयव होता है।
(D) ईश्वर एकमात्र द्रव्य है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनेंः

Correct Answer: (d) केवल D
Solution:

ईश्वर एक मात्र द्रव्य है यह डेकार्ट को स्वीकार्य नहीं है। काण्ट अपने द्रव्यत्व सिद्धान्त में तीन द्रव्यों पर प्रकाश डालते है। एक तो ईश्वर, जो पर द्रव्य है, दूसरा जीव जो चेतन द्रव्य है और तीसरा जड़ जगत जो विस्तृत द्रव्य है।

45. स्पिनोजा के मत से असंगत कथन कि पहचान कीजिए

Correct Answer: (d) पर्याय केवल विचार होते हैं न कि वस्तुएं।
Solution:

'पर्याय केवल विचार होते है न कि वस्तुएँ यह स्पिनोजा के मत के अनुसार गलत है। स्पिनोजा के अनुसार पर्याय है द्रव्य के परिणामी धर्म। पर्याय का अर्थ है द्रव्य का विकार। पर्याय द्रव्य के आगन्तुक धर्म है वास्तविक नहीं। पर्याय अनित्य होते हैं। पर्याय सर्वथा द्रव्य पर आश्रित होते हैं। पर्याय के दो प्रकार होते है अनन्त या नित्य और शान्त या अनित्य ।

46. काण्ट ने निम्नांकित में से किसे अनुमोदित किया है:

Correct Answer: (a) स्थान और काल अवबोध के प्रागनुभविक रूप हैं।
Solution:

काण्ट के अनुसार स्थान और काल अवबोध के प्रागनुभविक रूप हैं। काण्ट के अनुसार देश और काल संवेद्यता के शुद्ध आकार हैं। विशुद्ध प्रत्यक्ष है, प्रागनुभाविक प्रत्यक्ष है या वे मानसिक चश्में हैं जिनके माध्यम से हम समस्त अनुभव प्राप्त करते है

47. काण्ट के अनुसार निम्नांकित में से नीतिशास्त्र की नींव क्या हैं:

Correct Answer: (b) स्वतंत्रइच्छा
Solution:

काण्ट स्वतंत्र इच्छा को नीतिशास्त्र की नींव मानते है। काण्ट नैतिकता की पूर्व मान्यता के रूप में संकल्प की स्वतंत्रता को अनिवार्य मानते है। काण्ट कहते है कि स्वतंत्र इच्छा और नैतिक नियमों में अनिवार्य संबंध है। स्वतंत्र इच्छा नैतिकता का आधार है। यदि मनुष्य को अपने कर्म के लिए स्वतंत्र न माना जाए तो उसे कर्मों के लिए उत्तरदायी नहीं ठहराया जा सकता है।

48. निम्नांकित में से बर्कले के स्वीकार्य कथनों की पहचान कीजिए:

(A) सामान्य प्रत्यय होते हैं।
(B) प्रत्यय केवल नाम हैं।
(C) अमूर्त प्रत्यय होते हैं।
(D) कोई पदार्थ नहीं होता है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनेंः

Correct Answer: (d) केवल A, B और D
Solution:

'अमूर्त प्रत्यय होता हैं। यह बर्कले को स्वीकार नहीं है। शेष सभी विकल्प स्वीकार्य हैं।

49. यदि किसी घटना के तत्काल बाद दूसरी घटना होती है तो सामान्यतया पहली घटना को दूसरी घटना का कारण माना जाता है, यद्यपि यह गलत है। यह किसका मत है:

(A) काण्ट
(B) लॉक
(C) बर्कले
(D) ह्यूम
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनेंः

Correct Answer: (d) केवल D
Solution:

'यदि किसी घटना के तत्काल बाद दूसरी घटना होती है तो सामान्यतया पहली घटना को दूसरी घटना का कारण माना जाता है।' यह मत डेविड ह्यूम का है।

50. स्पिनोजा के अनुसार निम्नांकित में से क्या सही है? सही उत्तर चिन्हित कीजिए।

(A) मनुष्य स्वतंत्र है
(B) मनुष्य के सभी प्रत्यय ईश्वर द्वारा पूर्व-अवधारित होते हैं।
(C) सृष्टि के सभी कर्म ईश्वर द्वारा पूर्व अवधारित होते हैं।
(D) मनुष्य की मनोभौतिक सत्ता है
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनेंः

Correct Answer: (d) केवल B, C और D
Solution:

स्पिनोजा के अनुसार निम्नलिखित सही है-
1. मनुष्य के सभी प्रत्यय ईश्वर द्वारा पूर्व अवधारित होते हैं।
2. सृष्टि के सभी कर्म ईश्वर द्वारा पूर्व अवधारित होते हैं।
3. मनुध्य की मनोभौतिक सत्ता है।