NTA यू.जी.सी. नेट जेआरएफ परीक्षा, दिसम्बर-2022 दर्शनशास्त्र (PHILOSOPHY)

Total Questions: 100

61. निम्नलिखित में से किनका कथन है कि 'योग मानव समूह में समग्र रूप से दिव्यता का उत्प्रवाह है?

Correct Answer: (a) श्री अरविन्द
Solution:

'योग मानव समूह में समग्र रूप से दिव्यता का उत्कृष्ट है।' यह श्री अरविन्द का कथन है।

62. सूची-I को सूची-II को सुमेलित कीजिए:

सूची-Iसूची-II
A. टैगोरI. ईश्वर न तो प्रकृति के बाहर है न ही प्रकृति के भीतर किन्तु ईश्वर, प्रकृति, आत्मा और ब्रह्मांड सभी परिवर्तनीय पद हैं।
B.राधाकृष्णनII. प्रेम की परीक्षा है तपस्या और तपस्या स्वयं को कष्ट देना है।
C.विवेकानन्दIII. अपरिमित और परिमित एक हैं जैसे गीत और गान एक हैं।
D. गाँधीIV. धर्म पंथ या आचार संहिता नहीं है बल्कि वास्तविकता की अंतर्दृष्टि है।

नीचे दिएगए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिएः

Correct Answer: (b) A-III, B-IV, C-I, D-II
Solution:

सही सुमेल निम्नलिखित है-

सूची–Iसूची–II
A. टैगोरIII. अपरिमित और परिमित दोनों एक समान हैं जैसे – गीत और गायन।
B.राधाकृष्णनIV. धर्म, पंथ या आचार संहिता नहीं है बल्कि वास्तविकता की अंतर्दृष्टि है।
C.विवेकानन्दI. ईश्वर न तो प्रकृति के बाहर है न ही प्रकृति के भीतर किन्तु ईश्वर, प्रकृति, आत्मा और ब्रह्मांड सभी परिवर्तनीय पद हैं।
D. गाँधीII. प्रेम की परीक्षा तपस्या है और तपस्या स्वयं को कष्ट देना है।

63. निम्नांकित में से किसने परमतत्व की परिभाषा देते हुए कहा है कि "ओ आपदनरूप द्वैप से मुक्त है।"

Correct Answer: (d) के.सी. भट्टाचार्य
Solution:

के. सी. भट्टाचार्य ने परमतत्व की परिभाषा देते हुए कहा कि, 'जो आपदनरूप द्वैत से युक्त वह परमतत्व है।'

64. नीचे दो कथन दिए गए हैं: एक को अभिकथन (A) और दूसरे को तर्क (R) कहा गया है। श्री अरविंद की परमत्व की संकल्पना के आलोक में विचार कीजिए:

अभिकथन (A): परमतत्व सर्वसमावेशी पूर्ण ब्रह्म नहीं है।
तर्क (R): विश्व विविधताओं से परिपूर्ण है।
उपर्युक्त कथनों के आलोक में निम्नांकित विकल्पों में से सही उत्तर चुनेंः

Correct Answer: (d) (A) असत्य है, लेकिन (R) सत्य है।
Solution:

अरविन्द परम तत्व को सर्व समावेशी पूर्ण ब्रह्म मानते है इस प्रकार स्पष्ट है कि कथन (A) गलत है। सर्वसमावेशी पूर्ण ब्रह्म के पक्ष में उन्होंने तर्क दिया कि विश्व विविधताओं से परिपूर्ण है, जो कि सत्य है। इस प्रकार स्पष्ट है कि प्रश्न में दिया गया कथन (A) गलत है। परन्तु तर्क (R) सत्य है।

65. सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए:

सूची–Iसूची–II
A. उदार नारीवादI. चार्ल्स फोरियर
B. कट्टर नारीवादII. मैरी वोल्स्टोनक्राफ्ट
C. समाजवादी नारीवादIII. फ्रेडरिक एंगेल्स
D.  मार्क्सवादी नारीवादIV. शुलामिथ फायरस्टोन

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिएः

Correct Answer: (a) A-II, B-IV, C-I, D-III
Solution:

सही सुमेलन निम्नलिखित है-

सूची–Iसूची–II
A. उदार नारीवादII. मैरी वोल्स्टोनक्राफ्ट
B. कट्टर नारीवादIV. शुलामिथ फायरस्टोन
C. समाजवादी नारीवादI. चार्ल्स फोरियर
D. मार्क्सवादी नारीवादIII. फ्रेडरिक एंगेल्स

66. 'दण्ड की कठोरता अपराध की गंभीरता के' प्रत्यक्ष समानुपाती होनी चाहिए। यह कथन दण्ड के किस सिद्धांत से सहयोजित है:

Correct Answer: (b) प्रतीकारात्मक सिद्धांत
Solution:

दण्ड के प्रतिकारात्मक सिद्धान्त के अनुसार, 'दण्ड की कठोरता अपराध की गंभीरता के' प्रत्यक्ष समानुपाती होनी चाहिए। यह सिद्धान्त कहता है कि जो जैसा करे उसे वैसा फल मिलना चाहिए। इस सिद्धान्त में कहा गया है कि 'छोटी चोरी करने वाले को छोटा दण्ड और बड़ा अपराध करने वाले को बड़ा दण्ड देना चाहिए।

67. उस कूट का चयन कीजिए जिसमें दण्ड के दो सिद्धांत अंतर्विष्ट हैं:

Correct Answer: (c) प्रतीकारात्मक और सुकारात्मक
Solution:

प्रतीकारात्मक और सुकारात्मक दण्ड के सिद्धाप्न है। प्रतीकारात्मक सिद्धानत के अनुसार, जो जैसा करे उसे वैसा फल मिलना चाहिए जबकि सुधारात्मक सिद्धान्त के अनुसार, अपराधी को सुधारना हमारा ध्येय होना चाहिए। मैकेन्जी के अनुसार, सुधारात्मक सिद्धान्त लक्ष्य है "स्वयं अपराधी को शिक्षा देना, उसे सुधारना है" सुधारात्मक सिद्धज्ञनत में व्यक्ति के चरित्र को सुधारना प्राथमिक लक्ष्य है।

68. नीचे दो कथन दिए गए हैं: एक को अभिकथन (A) और दूसरे को तर्क (R) कहा गया है।

अभिकथन (A): जगत मे कोई दुःख नहीं है।
तर्क (R) : ईश्वर सर्वशक्तिमान है।
उपर्युक्त कथनों के आलोक में निम्नांकित विकल्पों में से सही उत्तर चुनें:

Correct Answer: (d) (A) सही नहीं है परन्तु (R) सही है।
Solution:

प्रश्न में दिया गया कथन (A) जगत में कोई दुःख नहीं है। गलत है परन्तु (R) ईश्वर सर्वशक्तिमान है, सत्य है। अतः स्पष्ट है कि तर्क द्वारा कथन की व्याख्या नहीं की जा रही है।

69. निम्नांकित में से किन का मत है कि जीव (व्यक्ति की आत्मा) स्वयं में ज्ञाता, कर्ता और भोक्ता है।

(A) शंकराचार्य
(B) रामानुजाचार्य
(C) मध्वाचार्य
(D) वल्लभाचार्य
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनेंः

Correct Answer: (d) केवल B, C ओर D
Solution:

रामानुजाचार्य मध्वाचार्य तथा वल्लभचार्य तीनों का मानना है कि जीव (व्यक्ति की आत्मा) स्वयं में ज्ञाता, कर्ता और भोक्ता है। ध्यातव्य है, कि रामानुजाचार्य विशिष्टाद्वैत के प्रवर्तक है मध्वाचार्य वेदात के तीन प्रमुख दर्शनों में से एक द्वैतवाद के प्रवर्तक है जबकि वल्लभाचार्य पुष्टिमार्ग के प्रणेता माने जाते हैं।

70. ज्ञान के बार में सोफिस्ट की चुनौतियों का निराकरण किनके द्वारा किया गया?

(A) सुकरात
(B) प्लेटो
(C) अरस्तु
(D) एपिक्यूरस
(E) डेमोक्रिट्स
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनेंः

Correct Answer: (b) केवल A और B
Solution:

ज्ञान के बारे में सोफिस्ट की चुनौतियों का निराकरण सुकरात और प्लेटो द्वारा किया गया।