NTA यू.जी.सी. नेट जेआरएफ परीक्षा, दिसम्बर-2022 दर्शनशास्त्र (PHILOSOPHY)

Total Questions: 100

81. स्वयंसिद्ध प्रणाली में निम्नांकित में से क्या स्वीकृत हैं।

(A) प्रस्थापन (1) P से अभिप्रेत है कि P अनिवार्यतः सत्य है।
(B) प्रस्थापन (1) P से अभिप्रेत है कि P संभवतः सत्य है।
(C) P से अभिप्रेत है कि P अनिवार्यतः सत्य है।
(D) P से अभिप्रेत है कि P संभवतः सत्य है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनेंः

Correct Answer: (c) केवल B, C और D
Solution:

स्वयं सिद्ध प्रणाली के अनुसार निम्नलिखित स्वीकार्य है
1. प्रस्यापन f(p) से अभिप्रेत है कि P संभवतः सत्य है।
2. P से अभिप्रेत है कि P अनिवार्यतः सत्य है।
3. P से अभिप्रेत है कि P संभवतः सत्य है।

82. नीचे दो कथन दिए गए हैं: एक को अभिकथन (A) और दूसरे को तर्क (R) कहा गया है।

अभिकथन (A): रसेल के अनुसार तार्किक रूप से व्यक्ति वाचक संज्ञा परिचय कहलाता है।
तर्क (R) : तार्किक रूप से व्यक्तिवाचक संज्ञा किसी विशेष को निरूपित करती है और इसमें कोई विवरणात्मक पक्ष नहीं होता हैं।
उपयुक्त कथनों के आलोक में निम्नांकित विकल्पों में से सही उत्तर चुनेंः

Correct Answer: (a) (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है।
Solution:

रसेल के अनुसार तार्किक रूप से व्यक्ति वाचक संज्ञा परिचय कहलाता है। इसका कारण यह है कि तार्किक रूप से व्यक्तिवाचक संज्ञा किसी विशेष को निरूपित करती है और इसमें कोई विवरणात्मक पक्ष नहीं होता हैं। अतः स्पष्ट है कि कथन और तर्क दोनों सत्य हैं तथा तर्क द्वारा कथन की व्याख्या की जा रही है।

83. नीचे दो कथन दिए गए हैं: एक को अभिकथन (A) और दूसरे को तर्क (R) कहा गया है।

अभिकथन (A) : निरपेक्ष न्यायवाक्य के मामले में निष्कर्ष में मध्यम पद अनुपस्थित रहता है।
तर्क (R): निरपेक्ष न्यायवाक्य के मध्यमपद का कार्य मुख्य पद और अमुख्य पद के मध्य संबंध स्थापित करना है।
उपयुक्त कथनों के आलोक में निम्नांकित विकल्पों में से सही उत्तर चुनें

Correct Answer: (a) (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है।
Solution:

निरपेक्ष न्याय वाक्य व्यवहित अनुमान की वह प्रक्रिया है जिसमें निष्कर्ष दो आधार वाक्यों से प्राप्त होता है। निष्कर्ष और आधार वाक्य सहित तीनों तर्कवाक्य न्यायवाक्य में निरपेक्ष होते हैं। अतः इसे निरपेक्ष न्यायवाक्य कहा जाता है। निरपेक्ष न्यायवाक्य के निष्कर्ष में मध्यम पद अनुपस्थित रहता है।
इसका कारण यह है कि निरपेक्ष न्यायवाक्य के मध्यमपद का कार्य मुख्यपद और अमुरव्य पद के मध्य संबंध स्थापित करना है। अतः स्पष्ट है कि कथन और तर्क दोनों सत्य है तथा तर्क द्वारा कथन की व्याख्या की जा रहीं है।

84. नीचे दो कथन दिए गए हैं: एक को अभिकथन (A) और दूसरे को तर्क (R) कहा गया है।

अभिकथन (A) : आधुनिक (बूलियन) निर्वचन में सार्वभौमिक सत्य तर्कवाक्य के अस्तित्वपरक आशय को स्वीकार नहीं किया गया है।
तर्क (R) : सार्वभौमिक तर्कवाक्य सही तार्किक रूप में सोपाधिक हैं।
उपर्युक्त कथनों के आलोक में निम्नांकित विकल्पों में से सही उत्तर चुनेंः

Correct Answer: (a) (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है।
Solution:

आधुनिक (बूलियन) निर्वचन में सार्वभौमिक सत्य तर्कवाक्य के अस्तित्वपरक आशय को स्वीकार नहीं किया गया है। इसका कारण यह है कि सार्वभौमिक तर्कवाक्य सही तार्किक रूप से सोपाधिक है। अतः स्पष्ट है कि कथन और तर्क दोनों सत्य है तथा तर्क द्वारा कथन की व्याख्या की जा रही है।

85. हुसल के संदर्भ में निम्नांकित में से क्या सही है:

Correct Answer: (c) चेतना अंत में फेनॉमेनॉलॉजिकल अवशिष्ट के रूप में रह ही जाती है।
Solution:

'चेतना अंत में फेनामेनो लॉजिकल अवशिष्ट के रूप में रह जाती है।' यह हुसर्ल के सन्दर्भ में सत्य नहीं है। शेष सभी विकल्प हुस के संदर्भ में सत्य है।

86. निम्नांकित में से किस दार्शनिक का अभिकथन है कि "विचार तृतीय क्षेत्र है।"

Correct Answer: (a) फ्रेंगे
Solution:

विचार के तृतीय क्षेत्र को बताने वाले दार्शनिक 'फ्रेगे' हैं।

87. निम्नांकित में से कौन से कथन सही हैं?

(A) विटस्टाइन के अनुसार जगत विशेषों का समुच्चय हैं।
(B) हाइडेगर के अनुसार जगत उपस्करों का समग्र रूप है।
(C) स्ट्रासन के अनुसार जगत तथ्यों की समग्रता है।
(D) रसेल के अनुसार जगत में निराश्रित पृथक अस्तित्वों की बहुलता अंतर्विष्ट है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनेंः

Correct Answer: (b) केवल B और D
Solution:

हाइडेगर के अनुसार, यह जगत उपस्करों का समग्ररूप है तथा रसेल के अनुसार, जगत में निरास्त्रित पृथक अस्तित्वों की बहुलता अंतर्विष्ट है। अतः स्पष्ट है कि हाइडेगर और रसेल से संबंधित दोनों कथन सत्य हैं शेष सत्य नहीं है।

88. सत्यता फलन तर्क में निम्नांकित में क्या स्वीकृत हैं?

(A) पुनरूक्ति का निषेध विरोध है।
(B) आपातिक का निषेध आपातिक है।
(C) विरोध का निषेध विरोध है।
(D) विरोध का निषेध पुररूक्ति है।
(E) आपातिक का निषेध पुनरूक्ति है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनेंः

Correct Answer: (c) केवल A, B और D
Solution:

सत्यता फलन की निम्नलिखित विशेषताएँ होती है-
1. पुनरूक्ति का निषेध विरोध है।
2. आपातिक का निषेध आपातिक है।
3. विरोध का निषेध विरोध है।
सत्यता फलन तर्क वाक्य वह होता है, जिसका सत्यता मूल्य उनके अवयवों के सत्यता मूल्य से निर्धारित होता है।

89. सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए:

सूची–I सूची–II
A. नीत्शेI. सत्त्वानुशासन की विधि प्रत्यक्ष अंतःप्रज्ञा की एक विधि है।
B. मर्लो-पोंटीII. ईश्वर मृत है।
C. हुस्सर्लIII. मानव अनिवार्य रूप से अग्र प्रक्षेपित प्राणी है।
D. हाइडेगरIV. संवृत्तीशास्त्र को चिंतन के एक साधन के रूप मान्य किया जा सकता है।

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिएः

Correct Answer: (c) А-II, B-IV, C-I, D-III
Solution:

सही सुमेल निम्नलिखित है-

सूची–Iसूची–II
A. नीत्शेII. ईश्वर मृत है।
B.मर्लोपोंटीIV. संवृत्ति शास्त्र को चिंतन के एक साधन के रूप में मान्य किया जा सकता है।
C. हुसर्लI. संवृत्तिशास्त्र की विधि प्रत्यक्ष अंतःप्रज्ञा की एक विधि है।
D.हाइडेगरIII. मानव अनिवार्य रूप से अग्र प्रक्षेपित प्राणी है।

90. निम्नलिखित में से कौन सा एक कथन सत्य है?

Correct Answer: (b)
Solution:

कथन Py/ ∴ (x) Px सत्य है शेष सभी कथन असत्य है।