Correct Answer: (a) (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है।
Solution:निरपेक्ष न्याय वाक्य व्यवहित अनुमान की वह प्रक्रिया है जिसमें निष्कर्ष दो आधार वाक्यों से प्राप्त होता है। निष्कर्ष और आधार वाक्य सहित तीनों तर्कवाक्य न्यायवाक्य में निरपेक्ष होते हैं। अतः इसे निरपेक्ष न्यायवाक्य कहा जाता है। निरपेक्ष न्यायवाक्य के निष्कर्ष में मध्यम पद अनुपस्थित रहता है।
इसका कारण यह है कि निरपेक्ष न्यायवाक्य के मध्यमपद का कार्य मुख्यपद और अमुरव्य पद के मध्य संबंध स्थापित करना है। अतः स्पष्ट है कि कथन और तर्क दोनों सत्य है तथा तर्क द्वारा कथन की व्याख्या की जा रहीं है।