लोकप्रशासन संक्रमणकाल का विषय है। वास्तव में, इसमें सदैव निरंतर गतिविधियाँ होती रही हैं, किन्तु इसकी गतिविधियाँ सदैव एक ही रही हैं। नौकरशाही की भारी, औपचारिक एवं दृढ़ छवि के विपरीत अमेरिका, यूरोप और अन्यत्र के सार्वजनिक क्षेत्र के निकायों में 1990 से ही द्रुतगति से तीव्र संक्रमण हुआ। पिछली सदी के दौरान, लोकप्रशासन में संकटों के अलावा अति सक्रिय वातावरण में भेदन के परिणाम महत्वपूर्ण परिवर्तन आये।
करीब 30 वर्ष पूर्व, वाल्डो (1968) ने यह पाया कि इन चल रहे रूपांतरणों ने एक विज्ञान, जो निर्माण की प्रक्रिया उसकी पहचान के संकट को प्रतिबिंबित किया। उन्होंने कला, ज्ञान के निकाय और एक व्यवसाय के रूप में लोक प्रशासन के अभिज्ञान और संघर्ष का भी संकेत किया है (लिन, 1996)।
ऐसा प्रतीत होता है कि आज 21 वीं सदी के आरंभ में, लोक प्रशासन का निर्माण अभी भी यह समूचे विश्व के अकादमिक सदस्यों और व्यवहारकर्ताओं के मध्य वाद-विवाद का विषय है, जो उच्च एवं अत्यधिक व्यापक वैज्ञानिक अधिक परिशुद्ध आत्म-व्याख्या और आधुनिक जीवन में द्रुत परिवर्तनों के क्षेत्र की उत्तम प्रयोजनीयता की जिज्ञासा रखते हैं। यह प्रक्रिया के समक्ष नई चुनौतियाँ खड़ी करती हैं।
कदचित् सर्वाधिक महत्वपूर्ण समर्थ जन कार्रवाई और गुणवत्तापूर्ण शासकीय कार्यकलापों से युक्त विज्ञानों के अधिक विस्तृत मौजूदा ज्ञान को एकीकृत करना हैं आगामी वर्षों में लोक प्रशासन का मूल्यांकन सिद्धांत संसेजकता के उच्चतर वैज्ञानिक क्षेत्रों के वैविध्य मूलक अधिक विस्तृत निष्पादन सूचकों के द्वारा होगा। 'प्रशासन' के 'लोक' पर विचार-विमर्श और उपयोगी क्षेत्र में दो निर्मितियों के एकीकरण की जटिलताओं के साथ-साथ आश्वासनों को शामिल करता है।
किन्तु, कम से कम एक मुद्दे पर आम राय है : वह यह कि लोगों को बेहतर नौकरशाही की आवश्यकता है। लोगों को कुशल प्रशासकों की भी अपेक्षा है, जो गुणवत्तापूर्ण सेवाओं और प्रभावी प्रबंधन के गूढ़ार्थों से परिचित हों। केवल वही बेहतर 'सार्वजनिक कर सकते हैं और न्यूनतम समय एवं कीमत में उसे समाज के सभी क्षेत्रों में पहुँचा सकते हैं।
यह वर्तमान समय के अनुप्रयोज्य लोक प्रशासन आदर्श प्रकार का संशोधित संस्करण है। राज्य की भूमिका और इसका नौकरशाहीतथा नागरिकों के साथ संबंध, न केवल लोगों के मन में अपितु वैज्ञानिक चिंतन में भी, महत्त्वपूर्ण का अनुभव कर रहा है। द्रुत गति से परिवर्तनशील वातावरण में, लोक प्रशासन के प्रमुख कार्य एवं नये लक्ष्यों को स्पष्ट तौर पर मान्यता मिला।
भविष्य में लोक प्रशासन की प्रमुख भूमिका का मुख्य कारण क्या है?