NTA यू.जी.सी. नेट जेआरएफ परीक्षा, दिसम्बर 2022 राजनीति विज्ञान (Political Science) (SHIFT-I)

Total Questions: 100

91. निम्नलिखित गद्यांश को पढ़ें और इसके बाद प्रश्न के उत्तर दीजिए।

अधिनायकवाद को अत्यधिक संकेन्द्रित और केन्द्रित शक्ति से चित्रित किया जाता है, जिसे राजनीतिक दमन और राजनीतिक चुनौतियों के बहिष्करण के माध्यम से बनाए रखा जाता है। इसमें शासन के लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए राजनीतिक दलों एवं जन-संगठनों का उपयोग करते हुए जनता को लामबन्द किया जाता है।

अधिनायकवाद में सत्ता के प्रति कोई भी प्रश्न किए बिना आज्ञापालन की अपेक्षा, इस विश्वास के साथ की जाती है कि यह सामाजिक व्यवस्था को बनाए रखने और अस्त-व्यवस्तता की रोकथाम के लिए महत्वपूर्ण है। उनकी रूपात्मक भिन्नताओं के वर्णन के लिए अनेक प्रारूप विकसित किए गए हैं।

दल, नेता या सैन्य शासन के आधार पर, शासन व्यवस्थाएँ प्रकृति में निरंकुश या अल्पतंत्रीय हो सकती हैं। अधिनायकवादी सरकारों में प्रायः नेताओं के स्वतंत्र एवं प्रतिस्पर्धात्मक प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष चुनाव या दोनों का अभाव होता है। ये वाक् एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता जैसी नागरिक स्वतंत्राओं पर भी नियंत्रण रखती हैं।

सत्तावादी राज्य नामिक रूप में लोकत्रांतिक संस्थाओं, जैसे- राजनीतिक दलों, संसद और चुनाव को सम्मिलित कर सकते हैं ताकि कपटपूर्ण तथा अप्रतिस्पर्धात्मक तरीकों से चुनाव के माध्यम से तानाशाही को वैध ठहराया जा सके।

निम्नलिखित में से कौनसी अधिनायकवादी शासन की एक विशेषता नहीं है?

Correct Answer: (d) लोकतंत्र की मजबूती के लिए जन-संगठनों का उपयोग करना
Solution:

लोकतंत्र की मजबूती के लिए जन संगठनों का उपयोग करना अधिनायकवादी शासन की विशेषता नहीं है। अधिनायक तंत्र में सत्ता किसी एक ही संस्था/व्यक्ति में समाहित रहती है।

92. नीचे दो कथन दिए गए हैंः

कथन (I) : अधिनायकवाद में सत्ता के प्रति कोई भी प्रश्न किए बिना आज्ञापालन की अपेक्षा की जाती है।
कथन (II) : अधिनायकवादी सरकारों में प्रायः नेताओं के स्वतंत्र एवं प्रतिस्पर्धात्मक चुनाव का अभाव होता है।

उपरोक्त कथन के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए

Correct Answer: (a) कथन (I) और (II) दोनों सत्य हैं
Solution:

अधिनायकवादी शासन व्यवस्था में सत्ता के खिलाफ कोई भी प्रश्न किये बिना उनके आज्ञाओं का पालन करने पर बल दिया जाता है। इस प्रकार की शासन व्यवस्था में स्वतंत्र व प्रतिस्पर्धात्मक चुनाव का आभाव होता है।

93. अधिनायकवादी शासन व्यवस्थाएं क्यों अपनी राजनीतिक सत्ता की अविवेकी स्वीकार्यता का आदेश देती है?

Correct Answer: (d) राजनीतिक अस्त-व्यवस्तता की रोकथाम के लिए
Solution:

राजनीतिक अस्त-व्यवस्तता की रोकथाम के लिए अधिनायकवादी शासन व्यवस्थाएं अपनी राजनीतिक सत्ता की अविवेकी स्वीकार्यता का आदेश देती है।

94. निम्नलिखित में से किन पद्धतियों के माध्यम से अधिनायकवादी शासन व्यवस्थाएं अपनी तानाशाही को वैध बनाती है?

A. आवधिक निष्पक्ष चुनाव के माध्यम से
B. नेताओं के प्रतिस्पर्धात्मक चुनाव के माध्यम से
C. कपटपूर्ण और अप्रत्यक्ष चुनाव के माध्यम से
D. संभाव्य चुनौतियों हेतु अवसरों को रोकने के माध्यम से

नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (c) केवल (c) और (d)
Solution:

अधिनायकवादी शासन व्यवस्थाएं निम्न साधनों के द्वारा अपनी तानाशाही को वैध बनाती हैं:-

कपटपूर्ण और अप्रत्यक्ष चुनाव के माध्यम से। संभाव्य चुनौतियों हेतु अवसरों को रोकने के माध्यम से।

95. अधिनायकवादी शासन व्यवस्थाओं में नागरिक स्वतंत्रताओं की प्रस्थिति क्या रहती है?

Correct Answer: (d) उपर्युक्त सभी गलत हैं।
Solution:अधिनायकवादी सत्ता में नागरिक स्वतंत्रताओं पर नियंत्रण रखा जाता है। इन्हें वाक एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता प्राप्त नहीं होती। अधिनायकवाद में सत्ता के प्रति कोई भी प्रश्न पूछने का अधिकार प्राप्त नहीं होता।

96. निम्नलिखित गद्यांश को पढ़िये और उससे संबंधित प्रश्नों के उत्तर दीजिए:

लोकप्रशासन संक्रमणकाल का विषय है। वास्तव में, इसमें सदैव निरंतर गतिविधियाँ होती रही हैं, किन्तु इसकी गतिविधियाँ सदैव एक ही रही हैं। नौकरशाही की भारी, औपचारिक एवं दृढ़ छवि के विपरीत अमेरिका, यूरोप और अन्यत्र के सार्वजनिक क्षेत्र के निकायों में 1990 से ही द्रुतगति से तीव्र संक्रमण हुआ। पिछली सदी के दौरान, लोकप्रशासन में संकटों के अलावा अति सक्रिय वातावरण में भेदन के परिणाम महत्वपूर्ण परिवर्तन आये।

करीब 30 वर्ष पूर्व, वाल्डो (1968) ने यह पाया कि इन चल रहे रूपांतरणों ने एक विज्ञान, जो निर्माण की प्रक्रिया उसकी पहचान के संकट को प्रतिबिंबित किया। उन्होंने कला, ज्ञान के निकाय और एक व्यवसाय के रूप में लोक प्रशासन के अभिज्ञान और संघर्ष का भी संकेत किया है (लिन, 1996)।

ऐसा प्रतीत होता है कि आज 21 वीं सदी के आरंभ में, लोक प्रशासन का निर्माण अभी भी यह समूचे विश्व के अकादमिक सदस्यों और व्यवहारकर्ताओं के मध्य वाद-विवाद का विषय है, जो उच्च एवं अत्यधिक व्यापक वैज्ञानिक अधिक परिशुद्ध आत्म-व्याख्या और आधुनिक जीवन में द्रुत परिवर्तनों के क्षेत्र की उत्तम प्रयोजनीयता की जिज्ञासा रखते हैं। यह प्रक्रिया के समक्ष नई चुनौतियाँ खड़ी करती हैं।

कदचित् सर्वाधिक महत्वपूर्ण समर्थ जन कार्रवाई और गुणवत्तापूर्ण शासकीय कार्यकलापों से युक्त विज्ञानों के अधिक विस्तृत मौजूदा ज्ञान को एकीकृत करना हैं आगामी वर्षों में लोक प्रशासन का मूल्यांकन सिद्धांत संसेजकता के उच्चतर वैज्ञानिक क्षेत्रों के वैविध्य मूलक अधिक विस्तृत निष्पादन सूचकों के द्वारा होगा। 'प्रशासन' के 'लोक' पर विचार-विमर्श और उपयोगी क्षेत्र में दो निर्मितियों के एकीकरण की जटिलताओं के साथ-साथ आश्वासनों को शामिल करता है।

किन्तु, कम से कम एक मुद्दे पर आम राय है : वह यह कि लोगों को बेहतर नौकरशाही की आवश्यकता है। लोगों को कुशल प्रशासकों की भी अपेक्षा है, जो गुणवत्तापूर्ण सेवाओं और प्रभावी प्रबंधन के गूढ़ार्थों से परिचित हों। केवल वही बेहतर 'सार्वजनिक कर सकते हैं और न्यूनतम समय एवं कीमत में उसे समाज के सभी क्षेत्रों में पहुँचा सकते हैं।

यह वर्तमान समय के अनुप्रयोज्य लोक प्रशासन आदर्श प्रकार का संशोधित संस्करण है। राज्य की भूमिका और इसका नौकरशाहीतथा नागरिकों के साथ संबंध, न केवल लोगों के मन में अपितु वैज्ञानिक चिंतन में भी, महत्त्वपूर्ण का अनुभव कर रहा है। द्रुत गति से परिवर्तनशील वातावरण में, लोक प्रशासन के प्रमुख कार्य एवं नये लक्ष्यों को स्पष्ट तौर पर मान्यता मिला।

भविष्य में लोक प्रशासन की प्रमुख भूमिका का मुख्य कारण क्या है?

Correct Answer: (a) लोगों के बीच वैज्ञानिक चिंतन
Solution:

भविष्य में लोक प्रशासन की प्रमुख कारण लोगों के बीच वैज्ञानिक चिंतन था।

97. निम्नलिखित में से लोक प्रशासन के एक व्यवसाय के रूप में संक्रमण को किसने चिन्हित किया?

Correct Answer: (c) लिन
Solution:

लिन ने लोक प्रशासन के एक व्यवसाय के रूप में संक्रमण को चिन्हित किया। उन्होंने कला, ज्ञान के निकाय और एक व्यवसाय के रूप में लोक प्रशासन के अभिज्ञान और संघर्ष का भी संकेत किया है।

98. निम्नलिखित कथनों में से कौनसा लोक प्रशासन विषय के संक्रमण से संबंधित नहीं है?

Correct Answer: (d) बाजारों का आर्थिक एवं वित्तीय संकट
Solution:

बाजारों का आर्थिक एवं वित्तीय संकेत का संबंध लोक प्रशासन विषय के संक्रमण से संबंधित नहीं हैं।

99. नीचे दो कथन दिए गए हैं: एक अभिकथन के रूप में लिखित है तो दूसरा उसके कारण के रूप में :

अभिकथन (A) : भविष्य में, लोकप्रशासन का मूल्यांकन वैज्ञानिक उपकरणों अर्थात निष्पादन सूचकों और उच्च मानकीकृत सिद्धांत द्वारा होगा।
कारण (R) : लोक विकल्प एवं एन पी एम का प्रभाव वर्तमान समय के प्रशासन पर अधिक है।

उपरोक्त कथन के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए

Correct Answer: (a) (A) और (R) दोनों सही हैं और (R),(A) की सही व्याख्या है
Solution:

भविष्य में, लोकप्रशासन का मूल्यांकन वैज्ञानिक उपकरणों अर्थात निष्पादन सूचकों और उच्च मानकीकृत सिद्धांत द्वारा होगा क्योंकि लोक विकल्प एवं एन.पी.एम. का प्रभाव वर्तमान समय के प्रशासन पर अधिक है।

100. लोक प्रशासन विषय से संबंधित निम्नलिखित कथनों में से सही विकल्प को चिन्हित कीजिए:

A. लोगों को अच्छे और कुशल प्रशासकों की अपेक्षा है। .
B. लोगों को गुणवत्तापूर्ण सेवाओं की अपेक्षा है।
C. लोगों को संस्थानों के प्रभावी प्रबंधन की अपेक्षा है।
D. लोग नौकरशाही के वर्तमान प्रारूप के साथ ही आगे बढ़ना चाहते हैं।

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (a) केवल (A), (B) और (C)
Solution:

लोक प्रशासन विषय से संबंधित निम्न कथन सत्य हैः-

• लोगों को अच्छे और कुशल प्रशासकों की अपेक्षा है।
• लोगों को गुणवत्तापूर्ण सेवाओं की अपेक्षा है।
• लोगों को संस्थानों के प्रभावी प्रबंधन की अपेक्षा है।
• लेकिन वे नौकरशाही के वर्तमान प्रारूप के साथ आगे नहीं बढ़ना चाहते है। लोगों को अधिक कुशल प्रशासकों की भी अपेक्षा है।