NTA यू.जी.सी. नेट जेआरएफ परीक्षा, दिसम्बर 2022 राजनीति विज्ञान (Political Science) (SHIFT-I)

Total Questions: 100

41. मैकियावेली की पुस्तक 'द प्रिंस' के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

A. यह पुस्तक लोकतांत्रिक भावना के साथ लिखी गयी है।
B. इस पुस्तक में द्वि-नैतिकता को स्थापित किया गयी है।
C. यह पुस्तक अपने धर्मनिरपेक्षता विरोधी दृष्टिकोण (उपागम) के लिए प्रसिद्ध है।
D. यह पुस्तक एक नागरिक सेना के पक्ष में बात है।

नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजीए:

Correct Answer: (a) केवल (B) और (D)
Solution:

मैकियावेली ने 1513 ई.में 'द प्रिंस' लिखी। राजनीतिक विचारों के संदर्भ में यह महत्वपूर्ण पुस्तक है।
• प्रिंस में सशक्त व निरंकुश राजतंत्र का समर्थन किया गया है।
• इस पुस्तक में द्वि नैतिकता (व्यक्तिगत नैतिकता व जन नैतिकता) को स्थापित किया गया है।
• मैकियावेली इस पुस्तक में नागरिक सेना के पक्ष में बात करता है।

42. जॉन लॉक के बारे में निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही हैं?

A. वे अनुभववाद के समर्थक थे।
B. उन्होंने मानव समझ से संबंधित सरोकारों पर निबंध लिखा है।
C. वे सीमित (लिमिटेड) राज्य में विश्वास करते थे।
D. वे लोकप्रिय संप्रभुता के प्रतिपाक हैं।

नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (a) केवल (A), (B), (C)
Solution:

जॉन लॉक को अनुभववाद का पिता कहा जाता है। अनुभववाद के अनुसार मानव का समस्त ज्ञान अनुभव पर आधारित है। जो उसने पाँचों ज्ञानेन्द्रियों से प्राप्त किया है। जॉन लॉक ने मानव समझ से संबंधित सरोकारों पर निबंध लिखा (An essay concerning human understanding -1687) हैं।

लॉक सीमित राज्य में 'विश्वास करते है। वे कहते है, समझौते द्वारा जिस राज्य का निर्माण होगा उसे केवल तीन प्राकृतिक अधिकार सौंपते हैं।
(1) कानून की व्याख्या
(2) कानून का क्रियान्वयन
(3) उल्लंघनकारी को दण्ड

जॉन लाक सीमित सम्प्रभुता के समर्थक थे।

43. टैगोर के दर्शन के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-से सही है?

A. 'टैगोर 'सच्ची स्वतंत्रता' के प्रतिपादक थे।
B. टैगोर शाश्वत सत्य के अन्वेषक बनकर उभरे ।
C. टैगोर ने विविधता में सृजनात्मक एकता को प्रोत्साहित किया।
D. टैगोर ने आक्रामक राष्ट्रवाद का समर्थन किया।

नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (a) केवल (A), (B), (C)
Solution:

टैगोर ने व्यक्ति की सृजनात्मक व सकारात्मक स्वतंत्रता पर विशेष बल दिया है जो उसके आत्म साक्षात्कार में निहित है। वास्तविक स्वतंत्रतापूर्ण जागरण व पूर्ण स्व-अभिव्यक्ति का रूप है। टैगोर ने आक्रामक राष्ट्रवाद की आलोचना की उनका मानना था कि उम्र राष्ट्रवाद साम्राज्यवाद, उपनिवेशवाद व युद्धों का बढ़ावा देता है। अपनी महत्वपूर्ण पुस्तक 'सृजनात्मक एकता' 1925 के अन्तर्गत टैगोर ने विविधता में सृजनात्मक एकता को प्रोत्साहित किया। टैगोर शाश्वत सत्य के अन्वेषक बनकर उभरे ।

44. कौटिल्य के अनुसार दण्डनीति के उद्देश्य कौन-से है?

A. अनार्जित का 'अधिग्रहण
B. अर्जित का प्रस्तुतीकरण
C. राज्य के भीतर कानून एवं व्यवस्था का प्रबंध करना
D. संरक्षित का संवर्धन
E. संवर्धित का उचित वितरण

नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (d) केवल (A), (B), (D), (E)
Solution:

कौटिल्य ने दंडनीति के चार उद्देश्यों की पहचान की:-

1- अप्राप्त का अधिग्रहण; अर्थात् जो अभी तक प्राप्त नही हो सका है उसे प्राप्त करने का प्रयास किया जाए।
2- प्राप्त का संरक्षणः जो धन सम्पदा प्राप्त है उसका संरक्षण किया जाए।
3- संरक्षित का संवर्धनः- जो कुछ प्राप्त है उसमें वृद्धि की जाए।
4- संवर्धित का उचित वितरणः - जो कुछ प्राप्त किया गया है उसका समाज में उचित बटवारा कैसे किया जाए।

45. निम्नलिखित में से राजनीतिक प्रणालियों के कार्य कौन से हैं?

A. राजनीतिक समाजीकरण
B. राजनीतिक अपक्षय
C. राजनीतिक भर्ती
D. राजनीतिक क्रांतियां

नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (c) केवल (A) और (C)
Solution:

आमण्ड ने अपनी पुस्तक 'The Politics of Developing Area' कृति में आमण्ड ने निवेश एवं निर्गत प्रकार्य इस प्रकार बताये हैं:-

राजनीतिक प्रणालियों में (4) प्रकार के निवेश कार्य है।

(i) राजनीतिक सामाजीकरण एवं भर्ती
(ii) हित स्पष्टीकरण
(iii) हित समूहीकरण
(iv)राजनीतिक संचार

आमण्ड ने राजनीतिक प्रणाली में (3) प्रकार के निर्गत प्रकार्य भी बताये हैं:-

(i)नियम निर्माण
(ii) नियम प्रयोग
(iii) नियम निर्धारण

46. निम्नलिखित में से कौन-से कारक राजनीतिक व्यवस्था में क्रांतियों का मार्ग प्रशस्त करते हैं?

A. तीव्र वर्ग विभाजन
B. जनता को एकजुट करने में बुद्धिजीवियों की भूमिका
C. सामाजिक असंतुलन
D. शांति की तीव्र इच्छा
E. अभिवृद्धि परिवर्तन

नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (c) केवल (A),(B), और (C)
Solution:

राजनीतिक व्यवस्था में क्रांतियों का मार्ग प्रशस्त करने में निम्नलिखित कारक उत्तरदायी है:- जनता में तीव्र वर्ग विभाजनः जब जनता कई वर्गों में विभाजित हो जाती है, कभी आर्थिक आधार पर कभी सामाजिक आधार पर यहाँ तक की जातिगत आधार पर तब समाज में वंचित वर्ग क्रांति का कदम उठाता है। कभी-कभी बुद्धिजीवियों द्वारा प्रचलित शासन व्यवस्था के विरूद्ध क्रान्ति हतु जनता को एकजुट किया जाता है।

47. निम्नलिखित में कौन से कथन लोक सभा के अध्यक्ष की शक्तियों के बारेमें सही है हैं?

A. दल-बदल विरोधी, कानून स्पीकर पर अपनी पार्टी को छोड़ने की स्थिति में भी अनुप्रयोज्य होता है।
B. जब स्पीकर को उसके पद से हटाए जाने का प्रस्ताव विचाराधीन हो तो वह अध्यक्षता नहीं करता है।
C. स्पीकर के पद से हटाए जाने के किसी भी मामले में वह सदन में मतदान कर सकता है।

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (b) केवल (B) और (C)
Solution:

जब अध्यक्ष को हटाने के लिए संकल्प विचाराधीन तब अध्यक्ष पीठासीन नहीं होगा किंतु उसे लोकसभा में बोलने और उसकी कार्यवाही में भाग लेने का अधिकार होगा।

ऐसी स्थिति में उसे मत देने का अधिकार होगा परंतु मतों के बराबर होने की दशा में मत देने का अधिकार नही होगा। जब लोकसभा विघटित होती है, अध्यक्ष अपना पद नहीं छोड़ता वह नई लोकसभा की,बैठक तक पद धारण करता है।

48. भारतीय संविधान की उद्देशिका के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन से कथन सहीं है?

A. बेरुबारी मामले में उच्चतम न्यायलय ने निर्णय दिया कि उद्देशिका संविधान का भाग नहीं है।
B. केशवानन्द भारती मामले में उच्चतम न्यायलय ने निर्णय दिया कि उद्देशिका संविधान का एक भाग है।
C. भारतीय जीवन बीमा निगम (एल आई सी) मामले में उच्चतम न्यायालय ने निर्णय दिया कि उद्देशिका संविधान का भाग नहीं है।

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (c) केवल (A) और (B)
Solution:

बेरूबारी यूनियन केस (1960) मामले में उच्चतम न्यायालय ने निर्णय दिया कि उद्देशिका संविधान का भाग नहीं है। सर्वोच्च न्यायालय के अनुसार, बेरूबारी संघ मामले में प्रस्तावना संविधान में कई प्रावधानों के पीछे सामान्य उद्देश्यों को दर्शाती और इस प्रकार संविधान निर्माताओं के दिमाग की कुंजी है।

केशवानंद भारती मामले (1973) में सर्वोच्च न्यायालय ने निर्णय दिया कि उद्देशिका संविधान का एक अभिन्न अंग है। इसी वाद के द्वारा संविधान की उस 'मूल संरचना को निर्धारित किया गया, जिसे संसद द्वारा संशोधित नहीं किया जा सकता। 1995 के केंद्र सरकार बनाम एलआईसी ऑफ इंडिया के मामले में भी सर्वोच्च न्यायालय ने एक बार फिर माना है कि उद्देशिका संविधान का अभिन्न अंग है लेकिन यह न्याय योग्य नहीं है।

49. वैश्वीकरण को निम्नलिखित में से कौन मजबूती प्रदान करते हैं।

A. राष्टों के बीच वस्तुओं एवं सेवाओं के मुक्त व्यापार को बढ़ावा देता है।
B. विकासशील विश्व की बाजार अर्थव्यवस्थाओं को मजबूती मिलती है।
C. देशों के मध्य सामाजिक-आर्थिक, अंतःक्रिया को बढावा देता है।
D.  धनी एवं निर्धन के मध्य आर्थिक विषमता में वृद्धि होती है।
E.  यह देशों के मध्य मानवीय एवं सांस्कृतिक अंतः क्रियायों को प्रोत्साहित नहीं करता है।

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (a) केवल (A), (B) और (C)
Solution:

वैश्वीकरण के द्वारा पूरा विश्व एक वैश्विक गाँव की तरह बन गया है। इसके द्वारा राष्ट्रों के बीच वस्तुओं एवं सेवाओं के मुफ्त व्यापार को बढ़ावा मिला है। इसके द्वारा विश्व की बाजार अर्थव्यवस्थाओं को मजबूती मिलती है।

एक देश दूसरे देश के सांस्कृतिक व मानवीय क्रियाओं को प्रोत्साहित करते है। इसके द्वारा धनी एवं निर्धन देशों के बीच विषमता में कमी आती है। यह देश के सामाजिक-आर्थिक अंतःक्रिया को बढ़ावा देता है।

50. भारत के संविधान के अनुच्छेद 26 के अनुसार प्रत्येक धार्मिक पंथ के पास इस बात का अधिकार है:

A. धार्मिक एवं पूर्व (चैरिटेबल) उद्देश्य हेतु संस्थाओं की स्थापना करना एवं उसकी देखभाल करना।
B. अपने धर्म के विषयों से संबंधित कर्यों का प्रबंध करना।
C. चल संपत्ति का स्वामित्व एवं उसे अर्जित करना।
D. सामाजिक मामलों (कार्यों) का प्रबंध करना।
E. अचल संपत्ति का स्वामित्व एवं उसे अर्जित करना।

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (c) केवल (A), (B),(C), (E)
Solution:

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 26 के अनुसार, प्रत्येक धार्मिक संप्रदाय या उसके किसी अनुभाग का निम्नलिखित अधिकार प्राप्त होंगे:

• धार्मिक और मूर्त प्रयोजनों के लिए संस्थानों की स्थापना और रख-रखाव का अधिकार।
• अपने धर्म-विषयक कार्यों का प्रबंधन करने का अधिकार ।
• इसके अतिरिक्त चल और अचल संपत्ति के अर्जन तथा स्वामित्व का अधिकार, ऐसी संपत्ति कानून के अनुसार प्रशासन करने का अधिकार ।

अनुच्छेद 26 भी सार्वजनिक व्यवस्था, नैतिकता और स्वास्थ्य संबंधी अधिकार देता है।