NTA यू.जी.सी. नेट जेआरएफ परीक्षा, दिसम्बर 2022 राजनीति विज्ञान (Political Science) (SHIFT-I)

Total Questions: 100

51. प्रशासन के क्लासिकल (शास्त्रीय) सिद्धांत के बारे में निम्नलिखित में से कौन सही है?

A. इसने विवेकपरक एवं यहाँ तक कि उत्पादन अभिप्रेरक में ध्यान देने योग्य भूमिका का निवर्हन किया है।
B. इसने प्रशासन में अवधारणाओं के एक समूह (समूच्चय) को सूत्रबद्ध किया।
C. यह इस विचार का प्रतिपादित करने वाला प्रथम सिद्धांत था कि प्रशासन एक पृथक गतिविधि है।

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (d) (A), (B) और (C)
Solution:

प्रशासन के क्लासिकल (शास्त्रीय) सिद्धांत के समर्थक हेनरी फेयोल, लूथर गुलिक एवं उर्विक है। इस सिद्धांत की निम्न विशेषताएँ हैं।

• इसने विवेकपरक एवं यहाँ तक कि उत्पादन अभिप्रेरक में ध्यान देने योग्य भूमिका का निर्वहन किया है।
• यह इस विचार को प्रतिपादित करने वाला प्रथम सिद्धांत था कि - प्रशासन एक पृथक गतिविधि है।
• इसने प्रशासन में अवधारणाओं के एक समूह (समुच्चय) को सूत्रबद्ध किया।

इसे शास्त्रीय नाम से इसलिए पुकारा जाता है क्योंकि (i) संगठन के क्रमबद्ध विश्लेषण पर आधारित यह सर्वप्रथम सिद्धांत है। (ii)इसका प्रशासकीय सिद्धांत के क्षेत्र में वर्चस्व है। (iii)यह प्रशासकीय साहित्य में सर्वथा स्थापित और सामान्यतः स्वीकार्य सिद्धांत है।

52. फेरल हेडी के अनुसार, तुलनात्मक लोक प्रशासन निम्नलिखित में से किन मुद्दों से संबंधित है?

A. सिद्धांत की खोज ।
B. व्यवहारिक अनुप्रयोग का आग्रह ।
C. तुलनात्मक राजनीतिक के सीमा क्षेत्र का योगदान ।
D. लोक प्रशासन में विद्यमान समस्यायों का तुलनात्मक विश्लेषण।

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (a) (A), (B), (C) और (D)
Solution:

फेरल हेडी के अनुसार, तुलनात्मक लोक प्रशासन निम्नलिखित मुद्दों से संबंधित हैं।

सिद्धांत की खोज करना।
लोक प्रशासन में विद्यमान समस्याओं का तुलनात्मक विश्लेषण।
तुलनात्मक राजनीति के सीमा क्षेत्र का योगदान ।
व्यवहारिक अनुप्रयोग का आग्रह ।

53. निम्नांकित में से जनहित याचिका (पी आई एल) के बारे में कौन सा से कथन सहीं नहीं है हैं?

A. केवल पंजीकृत नागरिक समाज संगठन पी आई एल दाखिल (फाइल) कर सकता है।
B. पी आई एल, अनुच्छेद 32 के अन्तर्गत उच्चतम न्यायालय में दाखल की जा सकती है।
C. पी आई एल, अनुच्छेद 226 के अन्तर्गत उच्च न्यायालय में दाखिल की जा सकती है।
D. मी आई एल को दाखिल करने के लिए कोई कोर्ट शुल्क (फीस) नहीं लगाया जाता है।

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (d) केवल (A) और (D)
Solution:

जनहित याचिका का अर्थ है "जनहित" की सुरक्षा के लिए कानून की अदालत में दायर मुकदमेंबाजी, जैसे प्रदूषण, आंतकवाद, सड़क, सुरक्षा, निर्माण संबंधी खतरे आदि। कोई भी मामला जहाँ बड़े पैमाने पर जनता के हित प्रभावित होते हैं, हो सकता है।

जनहित याचिका कोई भी नागरिक दायर कर सकता है, बशर्ते मामला सार्वजनिक हो न कि व्यक्तिगत । -पी.आई.एल. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 32 के अन्तर्गत उच्चतम न्यायालय में तथा अनुच्छेद, 226 के अन्तर्गत उच्च न्यायालय में दाखिल की जा सकती है। पी.आई.एल को दाखिल करने के लिए कोर्ट शुल्क (फीस) लगाता है।

54. वर्ष 2019 में आरटीआई अधिनियम में किए गए संशोधन के बारे में निम्नलिखित में से क्या सही है?

A. पाँच वर्ष की निश्चित अवधि से अब आयुक्त का पद सरकार की इच्छा कृपा पर निर्भर करेगा।
B. अब 10 से अधिक केन्द्रीय सूचना आयुक्त हो सकते हैं।
C. अब आयुक्त के वेतन एवं भत्ते भी सरकार द्वारा निर्धारित किए जाते है।
D. अब मुख्य सूचना आयुक्त की सेवानिवृत्ति हेतु आयु 62 वर्ष होगी।

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (c) केवल (A) और (C)
Solution:सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के अन्तर्गत मुख्य सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्तों का कार्यकाल 5 वर्षों का होता है, परंतु संशोधन के तहत इसे परिवर्तित करने का प्रावधान किया गया है।

प्रस्तावित संशोधन के अनुसार मुख्य सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्तों का कार्यकाल केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित किया जाएगा। नए विधेयक के तहत केन्द्र और राज्य स्तर पर मुख्य सूचना आयुक्त एवं सूचना आयुक्तों के वेतन, भत्ते तथा अन्य रोजगार की शर्तें भी केंद्र सरकार द्वारा ही तय की जाएगी।

55. भारतीय विदेश नीति के मूल मूल्य कौन-से हैं?

A. आदर्शवाद और यथार्थवाद का सम्मिश्रण
B. सहिष्णुता का मूल्य
C. साम्राज्यवाद-विरोध और उपनिवेशवाद-विरोध
D. प्रादेशिक विस्तार
E. पड़ोस सर्वप्रथम (नैबरहुड फर्स्ट) का राजनय

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (a) केवल (A), (B), (C)
Solution:

पंडित जवाहर लाल नेहरू ने भारतीय विदेश नीति के 3 प्रमुख आधार स्तम्भ बताए

शान्ति, मित्रता एवं समानता।

भारतीय विदेश नीति के मूल्यः-

(1) गुट निरपेक्षता को प्रोत्साहन
(2) आदर्शवाद और यथार्थवाद का मिश्रण
(3) उपनिवेशवाद का विरोध
(4) जातिभेद, रंगभेद, साम्राज्यवाद का विरोध
(5) विश्व शान्ति को बनाए रखना
(6) विवादों की मध्यस्थता या पंच द्वारा निपटारा
(7) राष्ट्रीय हितों की रक्षा प्राथमिक उद्देश्य

56. निम्नलिखित में से कौनसी शीत युद्ध की विशेषताएं नहीं हैं?

A. परमाणु हथियारों की होड़ थी।
B. प्रोपेगेन्डा युद्ध था।
C. गुट निरपेक्ष देशों के विरुद्ध आर्थिक नाकाबंदी थी।
D. तीसरे विश्व के देश इसमें प्रत्यक्ष रूप से सम्मिलित थे।

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (c) केवल (C) और (D)
Solution:

शीत युद्ध एक प्रकार से प्रोपेगेंडा युद्ध था जिसमें कोई भी देश युद्ध के मैदान में युद्ध नहीं करता। जब दो देशों के बीच युद्ध की स्थिति बनी रही लेकिन युद्ध न हो ऐसे युद्ध की स्थिति को शीत युद्ध कहा जाता है।

शीत युद्ध शब्द बर्नाड बरूच ने दिया। यह अवधारणा द्वितीय विश्वयुद्ध की समाप्ति के बाद आयी जब पूरा विश्व दो विरोधी गुटों में बट गया और दोनों गुटों के द्वारा परमाणु हथियारों की होड़ लग गई तथा एक दूसरे के ऊपर परमाणु हमले की धमकी दी जाने लगी।

57. नीचे दो कथन दिए गए हैं: एक अभिकथन के रूप में लिखित है तो दूसरा उसके कारण के रूप में:

अभिकथन (A): द्वितीय विश्व युद्ध की समाप्ति के बाद से ही अंतर्राष्ट्रीय वातावरण पर सोवियत संघ के साथ अमेरिकी संबंधों का प्रभुत्व रहा है, जिसका शीत युद्ध के लक्षण के रूप में वर्णन किया जाता है।
कारण (R) : युद्ध ने न केवल अमेरिकी एवं सोवियत संघ के साथ अमेरिका से संबद्ध देशों और सोवियत संघ के मित्र राष्ट्रों, बल्कि अन्य गुट निरपेक्ष देशों के साथ अमेरिका और उसके मित्रों के संबंधों को भी रंग-रंजित किया।

उपरोक्त कथन के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए

Correct Answer: (a) (A) और (R) दोनों सत्य हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है
Solution:

द्वितीय विश्व युद्ध की समाप्ति के बाद अंतर्राष्ट्रीय राजनीति दो ध्रुवों में विभाजित हो गया। एक तरफ साम्यवादी गुटों का नेतृत्वकर्ता सोवियत संघ दूसरी तरफ पूँजीवाद का नेतृत्वकर्ता संयुक्त राज्य. अमेरिका का अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था में प्रभुत्व रहा। इस दौर को शीत युद्ध की संज्ञा दी जाती हैं।

शीत युद्ध न केवल अमेरिकी एवं सोवियत संघ के साथ अमेरिका में संबद्ध देशों और सोवियत संघ के मित्र राष्ट्रों, बल्कि अन्य गुटनिरपेक्ष देशों के साथ अमेरिका और उसके मित्रों के संबंधों को भी रंग रंजित किया। इस प्रकार कथन व कारण दोनों सही है और कारण कथन की सही व्याख्या है।

58. नीचे दो कथन दिए गए हैं एक अभिकथन के रूप में लिखित है तो दूसरा उसके कारण के रूप में:

अभिकथन (A): हमारे समय में, इतिहास वह हे जो कि दस्तावेजों को स्मारकों में रूपान्तरित करता है।
कारण (R): ज्ञान का पुरातत्व विज्ञान स्मारकों के अन्तर्भूत वर्णन (अंकन) की खोज करता है।

उपरोक्त कथन के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए

Correct Answer: (a) (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है
Solution:

हमारे समय में इतिहास वह है जो कि दस्तावेजों को स्मारकों में, रूपान्तरित करता है। क्योंकि ज्ञान का पुरातत्व-विज्ञान स्मारकों के अंतर्गत वर्णन (अंकन) की खोज करता है। वर्तमान में इतिहास दस्तावेजों में लिखित तथ्यों को उसके वास्तविक रूप में वर्णित करता है। उपरोक्त कथन व कारण दोनों सही है, कारण कथन की सही व्याख्या भी है।

59. नीच दो कथन दिए गए हैं: एक अभिकथन के रूप में लिखित है तो दूसरा उसके कारण के रूप में:

अभिकथन (A): पूँजीवाद के आन्तरिक विरोधाभास, पूँजीवाद को समाप्त कर देंगे।
कारण (R): अधिशेष मूल्य का शोषण (संदोहन) पूँजीवाद का सबसे बड़ा विरोधभास है।

उपरोक्त कथन के आलोक में, नीचे दिए बए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए

Correct Answer: (a) (A) और (R) दोनों सत्य हैं और (R), (A) की सही व्याख्या, है
Solution:

पूँजीवाद के आन्तरिक विरोधाभास, पूँजीवाद को समाप्त कर देंगे। कार्ल मार्क्स पूँजीवाद को मानव इतिहास की ऐसी स्थिति मानता है जो पिछली स्थिति के अंतर्विरोधों से पनपी है। पूँजीवाद के भी अपने अंतर्विरोध हैं। इस ऐतिहासिक चरण में वर्ग संघर्ष सबसे तीव्र होता है, क्योंकि उत्पादन के साधन कुछ ही हाथों में सकेन्द्रित होते हैं।

अधिशेष मूल्य का शोषण पूँजीवाद का सबसे बड़ा विरोधाभाषा है। अधिशेष मूल्य वह होता है श्रमिक जो पैदा करता है तथा वास्तव में जो प्राप्त करता है उनका अन्तर ही अधिशेष मूल्य कहलाता है। इस मूल्य को पूँजीपति लाभ के रूप में हड़प जाता है क्योंकि उसके पास उत्पादन के साधनों पर नियंत्रमा होता है।

60. नीचे दो कथन दिए गए हैं: एक अभिकथन के रूप में लिखित है तो दूसरा उसके कारण के रूप में:

अभिकथन (A): आर्थिक रूप से, 'सर्वोदय' व्यवस्था की रूपरेखा देश में एक संतुलित एवं साम्यिक आर्थिक व्यवस्था स्थापित करने का प्रयत्न करेगी।
कारण (R): जय प्रकाश (जे.पी.) लोगों के आर्थिक जीवन में कृषिगत क्रियाकलापों को प्रथम स्थान प्रदान करना चाहते थे।

उपरोक्त कथन के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए

Correct Answer: (b) (A) और (R) दोनों सही हैं लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं हैं।
Solution:

देश की आजादी के बाद जे.पी. विनोबा भावे, दादा धर्माधिकारी आदि की तरह सर्वोदयी हो गये। 1954 में उन्होंने सक्रिय राजनीति से सन्यास ले लिया और सर्वोदय आंदोलन को 'जीवनदान' दे दिया। आर्थिक रूप से सर्वोदय व्यवस्था देश में संतुलित तथा समता आधारित आर्थिक व्यवस्था की स्थापना करती है।

चूंकि भारत एक कृषि प्रधान देश है। अतः जय प्रकाश ने कृषि को सर्वोच्चस्थान दिया। जे.पी. ने कृषि जोतों के व्यक्तिगत स्वामीत्व की बजाए पूरे गाँव के सामूहिक स्वामीत्व के अन्तर्गत 'सामूहिक व सहकारी खेती' का सुझाव दिया तथा गाँधी जी के प्रभाव के कारण ग्रामीण व कुटीर उद्योगों का समर्थन किया।