NTA यू.जी.सी. नेट जेआरएफ परीक्षा, जून 2023 राजनीति विज्ञान (Political Science) (SHIFT-II)

Total Questions: 100

1. किसने कहा था, "उग्रवादी न तो राष्ट्र न ही वर्ग के संबंध में चिंतन करता है इसकी चिंता मानव है, इसकी चिंता व्यक्तिगत स्वतंत्रता के रूप में स्वतंत्रता है।"

Correct Answer: (c) एम.एन. राय
Solution:

एम.एन.रॉय का कथन है कि "उग्रवादी न तो राष्ट्र न ही वर्ग संबंध में चितन करता है इसकी चिंता मानव है, इसकी चिंता व्यक्तिगत स्वतंत्रता के रूप में स्वतंत्रता है"। एम.एन.रॉय का महत्वपूर्ण विचार मौलिक मानववाद है। इस सिद्धांत के अनुसार सामाजिक व्यवस्था का उद्देश्य व्यक्तिगत तथा सामूहिक स्वंतत्रता की अधिकतम उपलब्धि है।

सर्वोत्तम समाज वह है, जो अपने घटकों को अपनी अंतर्निहित शक्तियों को विकसित करने हेतु अधिकतम क्षमता प्रदान करता है। इसका दूसरा सिद्धांत है, कि व्यक्ति को प्राथमिकता दी जानी चाहिये, उसने अपने विकास के लिए समाज का सृजन किया है।

2. फ्रेडरिक टेलर के प्रकार्यात्मक फोरमैनशिप के अनुसार, शॉप फ्लोर के सेवार्थ निम्नांकित में से कौन-से अवयव सम्मिलित हैं जिसकी व्याख्या उन्होंने प्रबंध सिद्धांत में की हैं?

A. स्पीड बॉस
B. रिपेयर बॉस
C. ट क्लर्क
D. टाइम क्लर्क
E. निरीक्षण फोरमैन

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए।

Correct Answer: (c) केवल A, B और E
Solution:

प्रकार्यात्मक फोरमैनशिप का सिद्धांत 'आदेश की एकता' का उल्टा है। टेलर के अनुसार इस सिद्धांत में आदेश की एकता की बजाए प्रत्येक श्रमिक पर 8 पर्यवेक्षक होगे। जो इस प्रकार है :-

3. भारतीय राज्य व्यवस्था के पुनर्गठन की जे.पी. नारायण योजना के बारे में निम्नलिखित में कौन-से कथन सही हैं?

A. उन्होंने निचले स्तर से स्वराज्य को पुनर्जीवित करने की अपेक्षा की।
B. राजनीतिक संगठन की मूलभूत इकाई ग्राम पंचायत होगी।
C. ग्राम सभा जमीनी स्तर के लोकतंत्र के आधार के रूप में कार्य करेगी।
D. यह पंचायती राज की विभिन्न इकाइयों के बीच सांगठनिक संबंध स्थापित करने में भी संलग्न होगा।

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए।

Correct Answer: (d) केवल A, C और D
Solution:

जय प्रकाश नारायण की भारतीय राज्य व्यवस्था के पुनगठन की योजना निम्न है:- जय प्रकाश नारायण की धारणा है कि ग्राम राज्य का आर्दश तभी साक्षात्कार किया जा सकता है, जब सम्पूर्ण राजनीतिक सत्ता का प्रयोग ग्रामवासी स्वयं करे और जनता द्वारा प्रशासन का यही सिद्धांत तब जिला तथा प्रान्त स्तर पर भी यह व्यवहार में लाया जाना चाहिये जे.पी. नारायण ने इस सम्बन्ध में निम्न सुझाव दिये हैं

(1) संपूर्ण योजना की आधारशिला ग्राम सभा को बनाया जाना चाहिये, ग्राम पंचायत को नहीं।
(2) ग्राम सभा जमीनी स्तर के लोकतंत्र के आधार पर कार्य करेगी।
(3) उन्होंने निचले स्तर से स्वराज्य को पुनर्जीवित करने की अपेक्षा की।
(4) यह पंचायती राज की विभिन्न इकाइयों के बीच सांगठनिक संबंध स्थापित करने में भी संलग्न होगा।

4. कल्याणकारी राज्य का निम्नलिखित में से कौन-सा शासन रिचर्ड टिटमस के कल्याणकारी राज्य के वर्गीकरण के सांस्थानिक पुनर्वितरण के अनुरूप है?

Correct Answer: (b) स्कैडीनेवियाई सामाजिक लोकतांत्रिक शासन
Solution:

कल्याणकारी राज्य का स्कैन्डीनेवियाई सामाजिक लोकतांन्त्रिक शासन प्रणाली रिचर्ड टिटमस के कल्याणकारी राज्य के वर्गीकरण के सांस्थानिक पुनर्वितरण के अनुरूप हैं।

5. तुलनात्मक राजनीति में सामाजिक आंदोलनों के 'प्रक्रिया मॉडल' के प्रस्तावक निम्नलिखित में से कौन हैं?

Correct Answer: (c) डग मैक एडम्स
Solution:

राजनीतिक अवसर सिद्धांत जिसे राजनीतिक प्रक्रिया सिद्धांत या राजनीतिक अवसर संरचना के रूप में भी जाना जाता है, सामाजिक आंदोलनों का एक दृष्टिकोण है जो राजनीतिक समाज शास्त्र से काफी प्रभावित है।

इसका तर्क है कि सामाजिक आंदोलनो की सफलता या विफलता मुख्य रूप से राजनीतिक अवसरो से प्रभावित होती है। सामाजिक सिद्धांतकार डग मैक एडम, डेविड एस मेयर और सिडनी टैरो इस सिद्धांत के सबसे प्रमुख समर्थकों में से एक माना जाता है।

6. अंतर्राष्ट्रीय संबंधों में 'शक्ति का संतुलन प्रतिस्थापित करने के लिए प्रस्तावित आदर्शवादी विचार का मत है-

Correct Answer: (b) निरस्त्रीकरण
Solution:

निरस्त्रीकरण, अंतर्राष्ट्रीय संबंधों में शक्ति का संतुलन, प्रतिस्थापित करने का आदर्शवादी विचार है। वर्तमान में निरस्त्रीकरण ने संकर्षण प्राप्त कर लिया है जहां देशों को रक्षा और अपराध तंत्र में हथियारों के उपयोग को कम करने और धीरे-धीरे समाप्त करने के लिए कहा जाता है। व्यापक परीक्षण प्रतिबंध संधि (CTBT) परमाणु हथियारों पर प्रतिबंध लगाने के लिए कहता है।

7. नीचे दो कथन दिए गए हैं-

कथन I: फ्रांस में समाजवादी आंदोलन श्रेणीवाद के रूप में उत्पन्न हुआ।
कथन II: श्रेणीवाद में वर्ग संघर्ष के विचार को स्वीकार्यता नहीं दी गई है।

उपर्युक्त कथन के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए।

Correct Answer: (c) कथन I सही है, लेकिन कथन II गलत है।
Solution:

फ्रांस में समाजवादी आन्दोलन श्रेणीवाद या श्रमाधिपत्यवाद के रूप में विकसित हुआ। मूलतः यह फ्रासीसी श्रम आन्दोलन की एक धारा थी जिसके अनुसार श्रम संगठन और उनके संघ भावी समाज व्यवस्था के केन्द्र होगे।

श्रेणीवाद मार्क्स के वर्ग संघर्ष के सिद्धांत को स्वीकार करते हुए यह तर्क दिया कि पूंजीवादके विरूद्ध वर्ग संघर्ष का संचालन औद्योगिक कार्रवाई के क्षेत्र में का. होना चाहिए, राजनीति के क्षेत्र में नही।

8. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन न्याय संगत युद्ध के सिद्धांतों का प्रतिनिधित्व करता है?

A. अंतिम उपाय के रूप में युद्ध ।
B. युद्ध का प्रयोजन प्रतिशोध है।
C. युद्ध अनिवार्यतः नैतिक रूप से स्वीकार्य लक्ष्यों केआधार पर ही घोषित किया जाना चाहिए।
D. युद्ध के फलस्वरूप हानि से अधिक लाभ होना चाहिए।
E. समग्रतः बड़े स्तर पर आक्रमण सीमा पर होने वालेआक्रमण की यायोचित अनुक्रिया है।

नीचे दिए गए विकल्पों में सेसही उत्तर को चयन कीजिए -

Correct Answer: (a) केवल A, C और D
Solution:

न्यायपूर्ण युद्ध (Just war) की अवधारणा मध्यकालीनविचारक थॉमस एक्विनास ने दी। एक्विनास इसाई दर्शन के अनुसरण के कारण हिसां व युद्ध को अनावश्यक मानता है। पर वह न्यायपूर्ण युद्ध को आवश्यक मानता है। न्याय संगत युद्ध कीअवधारणा इस प्रकार है:-

(1) ऐसा युद्ध जो 'न्यायपूर्ण ध्येय की पूर्ति' के लिए लड़ा जाए।

9. "एन्वाय टु नेहरू" नामक आलोचनात्मक विद्वत्तापूर्ण इतिवृत्त के लेखक कौन हैं?

Correct Answer: (a) स्कॉट रीड
Solution:

"एन्वाय टु नेहरू" नामक आलोचनात्मक विद्वत्तापूर्ण इतिवृत्त के लेखक स्कॉट रीड है।

10. नीचे दो कथन दिए गए हैं: एक अभिकथन के रूप में लिखित है, तो दूसरा उसके कारण के रूप में।

अभिकथन A: आर्थिक वैश्वीकरण, समृद्धि एवं सभी के लिए अवसर को प्रोत्साहित करता है।
कारण R: आर्थिक वैश्वीकरण ऐसी मुक्त बाजार आधारित अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन देती हैं जिससे सामाजिक एवं राजनीतिक लाभ प्राप्त होता है।

उपर्युक्त कथन के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए।

Correct Answer: (a) A और R दोनों सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या है।
Solution:

आर्थिक वैश्वीकरण समृद्धि एवं सभी के लिए आवाजाही के अवसर को प्रोत्साहित करता है। क्योंकि आर्थिक वैश्वीकरण की अवधारणा ऐसी मुक्त बाजार आधारित अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन देती हैं जिससे सामाजिक एवं राजनीतिक लाभ प्राप्त होता है।