NTA यू.जी.सी. नेट जेआरएफ परीक्षा, जून 2023 राजनीति विज्ञान (Political Science) (SHIFT-II)

Total Questions: 100

91. दिए गए गद्यांश को पढ़िए और प्रश्नों के उत्तर दीजिए।

यह दिलचस्प है कि जॉन स्टुअर्ट मिल का संकीर्ण उपयोगितावाद से दूर होना रोमांटिक कवियों वसवर्थ और कोलरिज को पढ़ने के साथ शुरू हुआ था, जिन्होंने साहित्य में उस बात का समर्थन किया जिसे एडमंड बर्क ने दार्शनिक रूप से स्वीकार किया था। उन्होंने केवल तर्क और विचार की तर्कसंगत श्रेणियों के बजाए भावना और अंतर्ज्ञान पर बल दिया और यह मानव अनुभव के भावनात्मक स्तर पर जोर था जिसने युवा व्यक्ति के रूप में उपयोगितावाद के वैज्ञानिक तथा तटस्थ तर्कवादी सिद्धांत अत्यधिक रूप से अवगत था और यह सिद्धांत में उसकी परवरिश ने उसे इस संबंध में बहुत हद तक पृथक कर दिया था कि वास्तव में मानव का स्वरूप क्या है।

लेकिन मिल ने डी० टॉकविले को भी पढा था और जिस तरह रोमांटिक कवियों ने मिल को सिखाया कि उपयोगितावादी मनोविज्ञान में मानवीय दृष्टि से कमी थी, डी टेकोविले ने उन्हें इसकी समाजशास्त्रीय अपर्याप्तता की और इशारा किया। दोनों ने मानवता और समाज पर एक निश्चित रूढ़िवादी दृष्टिकोण की आवश्यकता का प्रदर्शन किया।

साथ में, उन्होंने बर्क के साथ-साथ मानव व्यवहार के भावनात्मक पहलुओं पर जोर दिया और शास्त्रीय उदारवाद के कुछ कड़ाई से तर्कसंगत व्यक्तिवादी परिप्रेक्ष्य में मानव को एकीकृत करने की आवश्यकता पर बल दिया। जॉन स्ट्अर्ट मिल शास्त्रीय सिद्धांत की अंतर्निहित मान्यताओं के अपने संशोधन में उदार विचार के विकास में विशिष्ट रूप से क्या महत्वपूर्ण बनाता है।

यह डी० टोकेविले ने नहीं किया, यह उदारवादी विचारधारा के वैधता पर विमर्श करने के बजाय उदार लोकतंत्र के एक ठोस उदाहरण का आलोचनात्मक विश्लेषण करने की दार्शनिक वैधता से ठीक-ठीक रूचि रखते थे। उनके विचार से अमरीका में लोकतंत्र में डी टॉकविले के समर्थन करने वाले ठोस सुधारों के लिए उदारवाद की बुनियादी दार्शनिक मान्यताओं के अधिक मौलिक सुधार की आवश्यकता थी।

नीचे दो कथन दिए गए हैं-

कथन I: रोमांटिक कवियों ने मिल को सिखाया कि उपयोगितावाद मनोविज्ञान में मानवीय दृष्टि से कमी थी।
कथन II: टॉकविले ने दर्शनशास्त्र की वैज्ञानिक उपयोगिता की अपर्याप्तताओं की ओर इशारा किया।

उपर्युक्त कथन के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए।

Correct Answer: (c) कथन I सत्य है, लेकिन कथन II असत्य है।
Solution:

रोमांटिक कवियों ने मिल को सिखाया कि उपयोगितावादी मनोविज्ञान में मानवीय दृष्टि से कमी थी, डी टॉकविले ने उन्हें इसकी समाज शास्त्रीय अपर्याप्तता की ओर इशारा किया।

92. निम्नलिखित चिंतकों में से किसके लेखन /रचनाओं से प्रभावित होने के बाद जॉन स्टुअर्ट मिल ने भावना और अंतर्ज्ञान पर बल दिया?

Correct Answer: (c) वसवर्थ
Solution:

वसवर्थ के लेखन से प्रभावित होकर उन्होंने केवल तर्क और विचार की तर्क संगत श्रेणियों के बजाए भावना और अंतर्ज्ञान पर बल दिया।

93. निम्नलिखित में से टॉकविले की रचनाओं लेखन में स्पष्ट रूप से प्रतिबिंबित होता है?

Correct Answer: (b) आलोचनात्मक विश्लेषण
Solution:टॉकविले की रचनाओं लेखन में स्पष्ट रूप में आलोचनात्मक विश्लेषण का रूप प्रतिबिंबित होता है।

94. नीचे दो कथन दिए गए हैं: एक अभिकथन के रूप में लिखित है तो दूसरा उसके कारण के रूप में-

अभिकथन A: युवा मिल उपयोगितावाद के वैज्ञानिक सिद्धांत के बारे में अत्यधिक रूप से अवगत थे।
कारण R: उपयोगितावाद सिद्धांत ने उसे मानव के वास्तविक स्वरूप से पृथक कर दिया थ।

उपर्युक्त कथन के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए।

Correct Answer: (b) A और R दोनों सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या नहीं है।
Solution:

युवा मिल उपयोगितावाद के वैज्ञानिक सिद्धांत के बारे में अत्यधिक रूप से अवगत थे। साथ ही उपयोगिता वादी सिद्धांत में उसे मानव के वास्तविक स्वरूप से पृथक कर दिया था।

95. सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए:

सूची-I सूची-II
(A) टॉकविले(I) तर्कवादी सिद्धांत
(B) यांग मिल(II) अमरीका में लोकतंत्र
(C)  एडमंड बर्क(III) साहित्य में समर्थित
(D) वर्डसवर्थ(IV)  दार्शनिक रूप से समर्थित
दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
कूट:ABCD
(a)IIIIIIIV
(b)IIIIIIIV
(c)IIIIVIII
(d)IIIIVIII
Correct Answer: (d)
Solution:सही सुमेलित है-
सूची-I सूची-II
(A) टॉकविले(II) अमरीका में लोकतंत्र
(B) यांग मिल(I) तर्कवादी सिद्धांत
(C)  एडमंड बर्क(IV)  दार्शनिक रूप से समर्थित
(D) वर्डसवर्थ(III) साहित्य में समर्थित

96. दिए गए गद्यांश को पढ़िए और प्रश्नों के उत्तर दीजिए।

नीति का मूल्यांकन चुनौतीपूर्ण अनुभव है जिसमें जटिल (समिश्र) ज्ञान और सांख्यिकीय एवं आर्थिक तकनीकों का कुशाग्र अनुप्रयोग अपेक्षित होता है। नीतिगत परिवर्तन के बारे में चौकाने वाला तथ्य यह है न तो रातो रात होता है न ही जहाँ पर्यावरणीय तत्व स्थैतिक रहते हैं। इसके परिणाम स्वरूप प्रेक्षित परिणाम में विशिष्ट परिवर्तन गंभीर पध्दति परक चुनौती बन जाते है।

तथापि विशिष्ट नीतिगत विमर्श की प्रभाविता के मूल्या न के लिए अनेक मानक प्रावधियाँ उभरकर सामने आए हैं। इनमें से कुछ उपागमों के बारे में व्यापक विमर्श से नीति के मूल्यांकन के बारे में चिंतन के तर्क को समझने में सहायता मिलती है। प्रभाव मूल्यांकन में प्रायः "स्वर्ण मानक" कहे जाने वाले नीति प्रभाव मापक के लिए सर्वाधिक सुविख्यिात तकनीक यादृच्छिक नियंत्रण पुच्छक (आर सी टी) है।

औषधि और भेषज शोध आर सी टी विधि का सर्वोत्तम उदाहरण है। मानक पध्दति उत्तरदाताओं के समूह का चयन करना है। जिन पर औषधि के कार्य की संभावना है। तत्पश्चात वह औषधि उस समूह से अकस्मात चयनित व्यक्ति को दी जाती है।

यहाँ आर सी टी उपागम पूर्णतः हस्तक्षेप के प्रभाव मूल्यांकन करने हेतु संभाव्य लाभार्थी समूह में प्राप्त करने वालों के अकस्मात चयनित समूह पर हस्तक्षेप प्रदान करता है। आर सी टी प्रदानकर्ता नीति निर्माता को लाभार्थी एकक के संबंध में अपना विकल्प चुनने के 'लिए अनुनय कर सकता है। यह कार्य अन्य नियम से इसे अनुरेखित करने की बजाय अकस्मात किया जाता है।

निम्नांकित में से किस प्राविधि को 'स्वर्ण मानक' माना जाता है-

Correct Answer: (c) यादृच्छिक नियंत्रण पुच्छन
Solution:

यादृच्छिक नियंत्रण पुच्छन प्राविधि को 'स्वर्ण मानक माना जाता है।

97. 'यादृच्छिक नियंत्रण पृच्कछक' (आरसीटी) उपागम संकाव्य वृहद लाभार्थी समूह में लाभ प्राप्त करने वाले समूह में हस्तक्षेप करना है-

Correct Answer: (b) अकस्मात् चयनित
Solution:

यादृच्छिक नियंत्रण पृच्कदक (आर.सी.टी) उपागम संकाव्य वृद्ध लाभार्थी समूह से लाभप्राप्त करने वाले अकस्मात् चयनित समूह में हस्त्रक्षेप करना है।

98. 'यादृच्छिक नियंत्रण पुच्छक (अनुयान)' का प्रयोग ज्यादातर किस क्षेत्र में किया जाता है-

Correct Answer: (c) भेषज अनुसंधान
Solution:

यादृच्छिक नियंत्रण पुच्छक (अनुयान) का ज्यादातर औषधि और भेषज शोध के क्षेत्र में किया जाता है।

99. नीचे दो कथन दिए गए हैं-

कथन I: मानव विधि प्रत्यर्थियों (उत्तरदाताओं) के एक समूह का चयन करना है।
कथन II: आरसीटी पुच्छन में प्रत्येक प्रतिभागी का विचार एक-दूसरे से भिन्न होता है।

उपर्युक्त कथन के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए।

Correct Answer: (c) कथन । सही है, लेकिन कथन II गलत है।
Solution:

मानव विधि प्रत्यर्थियों (उत्तरदाताओं) के एक समूह का चयन करना है। आर.सी.टी पुच्छन में प्रत्येक प्रतिभागी का विचार एक दूसरे से भिन्न नहीं होता बल्कि एकक संबंध प्रदर्शित करते है।

100. नीचे दो कथन दिए गए हैं-

कथन I: नीति परिवर्तन के बारे में हट बुद्धिकारी चीज यह है कि न तो यह रातों-रात होता है न ही ऐसे व्यवस्थापन में होता है, जहाँ पर्यावरणीय तत्व स्थिर रहते हैं।
कथन II: प्रक्षेपित परिणामी परिवर्तन पर विशिष्ट परिवर्तन के प्रभाव का पता लगाने के फलस्वरूप पद्धति संबंधी गंभीर चुनौती उत्पन्न होती है।

उपर्युक्त कथन के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए।

Correct Answer: (a) कथन I और II दोनों सही हैं।
Solution:

नीति परिवर्तन के बारे में हट बुद्धिकारी चीज यह है कि न तो यह रातो रात होता है न ही ऐसे व्यवस्थापन में होता है जहाँ पयीवरणीय तत्व स्थिर रहते हैं। प्रक्षेपित परिणामी परिवर्तन पर विशिष्ट परिवर्तन के प्रभाव का पता लगाने के फलस्वरूप पद्धति संबंधी गंभीर चुनौती उत्पन्न होती है।