Solution:रूसो, मार्क्स और एंजेल्स का मत है कि स्वतंत्रता नष्ट हो जाती है क्योंकि संपत्ति सम्पत्र वर्ग के पास अन्य व्यक्तियों पर प्रभुत्व की शक्ति होती है। रूसो के अनुसार प्रकृति अवस्था में सम्पत्ति नही थी मनुष्य स्वतंत्रता पूर्वक रहते थे, निजी सम्पत्ति के कारण खुशी पर आधारित प्राकृतिक अवस्था खो गयी।
मार्क्स और एंजेल्स के अनुसार संपत्तिशाली, वर्ग, सर्वहारा वर्ग का संपत्ति के माध्यम से शोषण करते है। वे बड़ी-बड़ी फैक्ट्री लगा के मजदूरो से काम लेते है। और उनके कार्यों का उचित दाम नहीं देते।