NTA यू.जी.सी. नेट जेआरएफ परीक्षा, जून 2023 राजनीति विज्ञान (Political Science) (SHIFT-II)

Total Questions: 100

41. नीचे दो कथन दिए गए हैं : एक अभिकथन के रूप में लिखित है तो दूसरा उसके कारण के रूप में।

अभिकथन A: एक समपाय समाज में असमान संरचनाएँ साथ-साथ अस्तित्व में होती हैं, जो बिल्कुल एक दूसरे के विरोधी होती है।
कारण R: समपाश्वय समाज में सामाजिक परिवर्तन असंगत, अपूर्ण और अनुत्तरदायी होगी।

उपर्युक्त कथन के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए -

Correct Answer: (a) A और R दोनों सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या है।
Solution:

एक समपार्श्वय समाज में असमान संरचनाएँ साथ-साथ अस्तित्व में होती है जो बिल्कुल एक दूसरे के विरोधी होती है। क्योंकि समपार्श्वय समाज में सामाजिक परिवर्तन असंगत अपूर्ण और अनुत्तरदायी होगी।

42. निम्नांकित में से किस चिंतक ने कहा था कि "अमूर्त तथ्य अभिमत, सुझाव और संदेश जिन्हें औपचारिक माध्यमों से नहीं प्रेषित किया जा सकता है, उन्हें अनौपचारिक माध्यमों से संप्रेषित किया जाता है"?

Correct Answer: (d) चेस्टर बर्नार्ड
Solution:

चेस्टर बर्नार्ड के अनुसार "अमूर्त तथ्य अभिमत सुझाव और सन्देश जिन्हे औपचारिक माध्यमों से नहीं प्रेषित किया जा सकता है, उन्हें अनौपचारिक माध्यमों से संप्रेषित किया जाता हैं।

43. निम्नांकित में से क्या भारत में जाति आधारित राजनीति के बारे में एम० एन० श्रीनिवास के कथन नहीं है।

A. भारत में जाति के आधार पर क्षैतिज एकजुटता है।
B. आधुनिक प्रौद्योगिकी के कारण जाति सहंति (एकात्मकता) के मार्ग में बाधा उत्पन्न हुई।
C. विभिन्न जातियों के साथ उधर एकात्मकता भी थी।
D. राजनीतिक आर्थिक क्षेत्र में विभिन्न जातियों के मध्य प्रतिस्पर्धी थी।

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए।

Correct Answer: (b) केवल B और C
Solution:

भारत में जाति आधारित राजनीति के बारे में एम.एन. श्रीनिवास के निम्न कथन सत्य नहीं है -

* विभिन्न जातियों के मध्य उर्ध्वाधर एकात्मकता भी थी।
* आधुनिक प्रौद्योगिकी के कारण जाति संहति (एकात्मकता) के मार्ग में बाधा उत्पन्न हुई।

44. सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए:

सूची-I (एसजीडी लक्ष्य संख्या)
सूची-II (लक्ष्य)
(A) 5(I) वहनीय एवं स्वच्छ ऊर्जा
(B) 7(II) पृथ्वी पर जीवन
(C) 10(III) लिंग (जेंडर) समानता
(D) 15(IV) असमानताओं को कम करना
दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
कूट:ABCD
(a)IIIIIIIV
(b)IIIIIIIV
(c)IIIIIVII
(d)IVIIIIII
Correct Answer: (c)
Solution:सही सुमेलित है-
सूची-I (एसजीडी लक्ष्य संख्या)
सूची-II (लक्ष्य)
(A) 5(III) लिंग (जेंडर) समानता
(B) 7(I) वहनीय एवं स्वच्छ ऊर्जा
(C) 10(IV) असमानताओं को कम करना
(D) 15(II) पृथ्वी पर जीवन

45. लोक प्रशासन के उविकास के किस काल को "गवेषणात्मक काल" कहा जाता है-

Correct Answer: (c) 1947-1970
Solution:

(1887-1910) के समय को लोक प्रशासन के उद्विकास का 'गवेषणात्मक काल' कहा जाता है। एक स्वतंत्र शैक्षिक विषय के रूप में लोक प्रशासन का विकास इसी काल में हुआ। इस विषय का व्यवस्थित अध्ययन शुरू करने का श्रेय वुडरो विल्सन को जाता है, जो कि पहले प्रिस्टन विश्वविद्यालय अमेरिका में राजनीति विज्ञान के प्रोफेसर थे।

सन् 1887 में इनका चर्चित लेख 'The Study of Administration' राजनीतिक विज्ञान की त्रैमासिक पत्रिका (Political Science Quarterly) में प्रकाशित हुआ। इस लेख ने लोक प्रशासन के एक पृथक स्वतंत्र और व्यवस्थित अध्ययन की बुनियादी नीव डाली।

46. निम्नलिखित में किस चिंतक ने 'मानसिक क्रांति' की अवधारणा का प्रस्ताव दिया था?

Correct Answer: (a) एफ० डब्ल्यू० टेलर

47. भारतीय विदेश नीति पर वैकल्पिक दृष्टिकोण के उदय के बारे में निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही हैं?

A. 1960 के दशक के मध्य में स्वतंत्रता पार्टी ने विदेश नीति पर क्लासिक रूढ़िगत दृष्टिकोण परिप्रेक्ष्य प्रस्तुत किया।
B. आई के० गुजराल ने उसका नेतृत्व किया।
C. इसके समर्थक पूर्व नौकरशाहों, व्यापार समुदाय और रियासती परिवारों के सदस्यों से आए थे।
D. वे नेहरू की फेबियन अर्थव्यवस्थाओं के विरोध हेतु एकजुट हुए थे।
E. वे बाजार तथा निजी उद्यमों की शक्तियों पर विश्वास करते थे।

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए।

Correct Answer: (b) केवल A, C, D, E
Solution:

भारतीय विदेश नीति पर वैकल्पिक दृष्टिकोण स्वतन्त्र पार्टी ने प्रदान किया। यह एक राजनीतिक दल है जिसकी स्थापना चक्रवर्ती राजगोपालाचारी ने अगस्त 1959 में की थी। 1960 के दशक के मध्य में इस पार्टी ने विदेश नीति पर क्लासिकै रूढिगत दृष्टिकोण प्रस्तुत किया।

इस पार्टी ने नेहरू की समाजवादी नीति का विरोध किया और लाइसेस परमिट राज को समाप्त कर मुक्त अर्थव्यवस्था की वकालत की। भारत की उस समय कि स्थिती ऐसी थी, कि दुर्भाग्य से इसे जमीदारो और उद्योगपतियों की हितैषी पार्टी माना गया।

48. निम्नलिखित में से किस विचारक का यह मत है कि, "कोई भी नागरिक इतना अधिक धनी नहीं होना चाहिए कि वह किसी दूसरे को खरीदने में सक्षम हो जाए,और कोई इतना निर्धन नहीं हो कि उसे स्वयं को बेचने हेतु विवश होना पड़े ?

Correct Answer: (c) रूसो
Solution:

रूसो समानता के समर्थक थे। वे संजति को समाज में फैली विषमता का प्रमुख कारण मानते थे। रूसो कहता है प्राकृतिक अवस्था में सभी प्राणी उदात्त पशु की तरह थे। संजति के लालच में समाज में तेरे मेरे की भावना उत्पन्न हुई।

जिसके कारण समाज में विषमता व्याप्त हो गई। रूसो का महत्वपूर्ण कथन है कि "कोई भी नागरिक इतना अधिक धनी नही होना चाहिए कि वह किसी दूसरे को खरीदने में सक्षम हो जाए और कोई इतना निर्धन नहीं हो कि उसे स्वंय को बेचने हेतु विवश होना पड़े।

49. निम्नांकित में से किस विद्वान का कथन है कि "समयानुक्रम में यद्यपि (जब नेहरू जीवित थे), कांग्रेस पार्टी आंदोलन न होकर एक दल और सरकार का स्वरूप ग्रहण कर ली।"

Correct Answer: (c) रजनी कोठारी
Solution:

रजनी कोठारी का कथन है कि "समयानुक्रम में यदपि (जब नेहरू जीवित थे), कांग्रेस पार्टी आंदोलन न होकर एक दल और सरकार का स्वरूप ग्रहण कर ली।

50. निम्नलिखित कौन-से सी आयोग समितियों ने पहली बार लोकपाल एवं लोकायुक्त की स्थापना की संस्तुति किया था?

Correct Answer: (a) प्रथम प्रशासनिक सुधार आयोग
Solution:

प्रथम प्रशासनिक सुधार आयोग ने सबसे पहले लोकपाल और लोकायुक्त के निर्माण की सिफारिश की। इस आयोग का गठन 5 जनवरी 1966 को मोरारजी देसाई की अध्यक्षता में किया गया था। संसद में पहला लोकपाल विधेयक 1968 में चौथी लोकसभा में रखा गया था।

दुनिया में सबसे पहले लोकपाल संस्था का निर्माण स्वीडन (1809) में स्थापित हुआ था। लोकायुक्त संस्था पहली बार महाराष्ट्र में 1971 में स्थापित हुई थी।