NTA यू.जी.सी. नेट जेआरएफ परीक्षा, जून 2023 राजनीति विज्ञान (Political Science) (SHIFT-II)

Total Questions: 100

81. पीटर ड्रकर के अनुसार प्रबंधन के बारे में निम्नांकित में से कौन-से कथन सही नहीं हैं?

A. प्रबंधन व्यक्तिनिष्ठ होता है।
B. प्रबंधन को विशिष्ट भूमिका का निर्वहन करना पड़ता है।
C. प्रबंधन का अभिकल्प साधारण नागरिक के लिए भी होता है।
D. प्रबंधन में संगठनात्मक प्रबंध के यांत्रिक प्रारू (निदर्श) को स्वीकृति दी गई है।

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए।

Correct Answer: (d) केवल A और D
Solution:

पीटर ड्रकर का जन्म 19 नवंबर 1909 को कासग्रावेन (वियाना) में हुआ। 11 नवंबर 2005 को कैलीफोर्निया में मृत्यु हुई। इकर 'प्रबंधन के विकास' के शिक्षक रहे। पीटर ड्रकर ने लोक प्रशासन में प्रबंधन पर बल दिया। बेहतर प्रबंधन के लिए कुशल नेतृत्व की बात की।

ड्रकर के अनुसार प्रबंधन को विशिष्ट भूमिका का निर्वहन कैरना पड़ता है। प्रबंधन का अभिकल्प साधारण नागरिक के लिए भी होता है। L प्रबंधन व्यक्तिनिष्ठ नहीं बल्कि वस्तुनिष्ठ होता है।

82. नीचे दो कथन, दिए गए हैं एक अभिकथन के रूप में लिखित है तो दूसरा उसके कारण के रूप में।

अभिकथन A: एक मजबूत मूल परिवर्तनकारी सिद्धांत के साथ धुवीकृत बहुदलीय व्यवस्था में राजनीतिक दलों के बीच एक व्यापक वैचारिक अंतर होता है।
कारण R: धुव्रीकृत बहुदलीय व्यवस्था में राजनीतिक गठबंधन व्यवहार्य है।

उपर्युक्त कथन के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर की चयन कीजिए।

Correct Answer: (c) A सत्य है, लेकिन R असत्य है।
Solution:

एक मजबूत मूल परिवर्तनकारी सिद्धांत के साथ ध्रुवीकृत बहुदलीय व्यवस्था में राजनीतिक दलों के बीच एक व्यापक वैचारिक अंतर होता है। इसलिये ध्रुवीकृत बहुदलीय व्यवस्था में राजनीतिक गठबंधन व्यवहारिक नहीं होता। इस व्यवस्था में गठबंधन अपनी- अपनी शर्तों के आधार पर किया जाता है जो स्थाई नहीं होता।

83. निम्नलिखित में से किन सिद्धांतों का प्रयोग 'लोगों की अभिवृत्ति' अर्थात तुलनात्मक राजनीति में राजनैतिक संस्कृति के अध्ययन के लिए किया गया है?

A. रिकर का रणनीतिक सिद्धांत
B. व्युत्क्रम सिद्धांत
C. रॉबिन्सन का सिद्धांत
D. गैलीगस का न्यूनतम वर्ग सूचक
E. रे का गुटबंदीकरण सूचक

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए।

Correct Answer: (a) केवल B और C
Solution:

निम्नलिखित सिद्धांतो का प्रयोग 'लोगो' की अभिवृत्ति' अर्थात् तुलनात्मक राजनीति में राजनैतिक संस्कृति के अध्ययन के लिए किया गया है:-
(1) रॉबिन्सन का सिद्धांत,
(2) व्युत्क्रम सिद्धांत

84. सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए:

सूची-I सूची-II
(A) रविंद्रनाथ टैगोर(I) वास्तविक सच्ची स्वतंत्रता
(B) जे०पी० नारायण(II) चोखंबा मॉडल
(C) राममनोहर लोहिया(III)  हिंदू राष्ट्र
(D) वी० डी० सावरकर(IV)  संपूर्ण क्रांति
दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
कूट:ABCD
(a)IIIIIIIV
(b)IIIIIIIV
(c)IIVIIIII
(d)IVIIIIII
Correct Answer: (c)
Solution:सही सुमेलित है-
सूची-I सूची-II
(A) रविंद्रनाथ टैगोर(I) वास्तविक सच्ची स्वतंत्रता
(B) जे०पी० नारायण(IV)  संपूर्ण क्रांति
(C) राममनोहर लोहिया(II) चोखंबा मॉडल
(D) वी० डी० सावरकर(III)  हिंदू राष्ट्र

85. निम्नलिखित विधायी अधिनियमों को कालक्रमानुसारव्यवस्थित कीजिए।

A. सूचना का अधिकार अधिनियम
B. उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम
C. शिक्षा का अधिकार अधिनियम
D. लोकपाल और लोकायुक्त अधिनियम

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तरका चयन कीजिए।

Correct Answer: (b) A, C, D, B
Solution:

निम्नलिखित विधायी अधिनियमों का सही कालानुक्रमाइस प्रकार है:-

(1) सूचना का अधिकार अधिनियम (2005)
(2) शिक्षा का अधिकार अधिनियम (2009)
(3) लोकपाल और लोकायुक्त अधिनियम (2013)
(4) उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम (2019)

86. निम्नलिखित में से कौन-सा समझौता देश विशिष्टउत्सर्जन लक्ष्यों संबंधी रूपरेखा नहीं निर्धारित करता है, किंतु जलवायु परिवर्तन उपशमन पर बल देता है।

Correct Answer: (d) पेरिस समझौता
Solution:

पेरिस समझौता जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिये एक अंतर्राष्ट्रीय समझौता है। वर्ष 2015 में 30 नवंबर से लेकर 11 दिसंबर तक 195 देशों की सरकारों के प्रतिनिधियों ने पेरिस मेंजलवायु परिवर्तन से निपटने के लिये संभावित नए वैश्विक समझौते पर चर्चा की।

पेरिस समझौता मूलतः मानवीय गतिविधियों द्वारा उत्सर्जितग्रीन हाउस गैसों की मात्रा को सीमित करने पर आधारित है साथ हीयह समझौता उत्सर्जन को कम करने के लिये प्रत्येक देश के योगदानकी समीक्षा करने की आवश्यकता का उल्लेख भी करता है।

87. भारतीय संविधान संशोधन द्वारा किस वर्ष पंचायती राज के उपबंधों का विस्तार अनुसूचित क्षेत्रों तक किया गया?

Correct Answer: (c) 1996
Solution:

अनुसूचित क्षेत्रों में पंचायती राज का विस्तार (Panchayals Extension to the scheduled areas Act 1996 PESA): दिलीप सिंह भूरिया की अध्यक्षता में एक समिति (1996) ने यह अनुशंसा की कि पंचायतों का विस्तार अनुसूचित क्षेत्रों में भी होना चाहिए।

इन पंचायतों में ज्यादातर अनुसूचित जनजाति के लिए ही आरक्षित होने चाहिए। यह कानून उन स्थानों हेतु निर्मित किया गया है, जहाँ पंचायती राज अधिनियम 1993 लागू नहीं होते। यह कानून वर्ष 1994 में निर्मित हुआ तथा वर्ष 1996 में लागू हुआ। यह मुख्यतः पांचवीं अनुसूची वाले क्षेत्रों के लिए है।

88. निम्नांकित में से कौन-से कथन आतंकवाद 'पर वैश्वीकरण के प्रभाव को निरूपित करता है-

A. वैश्वीकरण के फलस्वरूप उन पर विचार और वस्तु का विनिमय करना सुगम हो गया है, जिसका प्रयोग आतंकवादी समूह करते हैं।
B. इंटरनेट के कारण आतंकवादी नए अनुयायियों की भर्ती करने लगे हैं।
C. नई प्रौद्योगिकियों के कारण आतंकवादी अत्यधिक विस्तृत वैश्विक नेटवर्क में अपने कृत्य का निष्पादन कर पाते हैं।
D. इराक और सीरिया के विद्रोही और आतंकवादी समूह वैश्विक संसाधन की उपलब्धता के बावजूद समुन्नत विस्फोटक उपकरण (आई०ई० डी०) नहीं बना पाए हैं।

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए।

Correct Answer: (c) केवल A, B और C
Solution:

वैश्वीकरण के द्वारा बिना रोक टोक के आवाजाही ने आतंकवाद को फैलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वैश्वीकरण के फल स्वरूप उन विचारो और वस्तुओं का विनमय करना सुगम हो गया है जिसका प्रयोग आतंकवादी समूह करते हैं।

इंटरनेट के बढ़ते प्रयोग ने आंतकवाद के नए अनुयायियों की भर्ती करने लगे हैं। नई प्रौद्योगिकियों के कारण आतंकवादी अत्यधिक विस्तृत वैश्विक नेटवर्क में अपने कृत्य का निष्पादन कर पाते हैं।

89. यदि सत्याग्रह के गाँधीवादी विचार को एक संवाद के रूप में माना जाता है, तो निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही नहीं हैं?

A. गाँधी के सत्य का स्वरूप संवाद को सुसाध्य बनाता है।
B. गाँधी के सत्य का स्वरूप समानता का विरोधी है।
C. ऐसे संवाद में, दल विरोधी रूप में निर्मित किए जाते हैं।
D. सत्य की खोज एक साझा प्रयोग है।

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए।

Correct Answer: (c) केवल B और C
Solution:

सत्याग्रह का आशय, 'सत्य का आग्रह है।' सत्याग्रह कमजोर का नहीं, बल्कि शक्तिशाली व्यक्ति का अस्त्र है। सत्याग्रह के गाँधीवादी विचार को एक संवाद के रूप में माना जाता है तो गाँधी के सत्य का स्वरूप संवाद को सुसाध्य बनाता है। यह समानता का विरोधी नहीं है। ऐसे संवाद में दलो के बीच सहयोग निर्मित किए जाते हैं। यह सत्य की खोज एक साझा प्रयोग है।

90. आधुनिक पूँजीवाद के संकटों की अवधि का कालक्रमानुसार व्यवस्थित कीजिए-

A. यू०एस० सब प्राइम बंधन (मोर्टगेज) संकट
B. अर्जेंटेनियाई आर्थिक संकट
C. आईटी से संबंधित स्टॉक में डॉट काम संकट
D. मैक्सिको का आर्थिक संकट

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए।

Correct Answer: (a) D, B, C और A
Solution:

आधुनिक पूंजीवाद के संकटों की अवधि का सही कालानुक्रमः-

(1) मेक्सिको का आर्थिक संकट (1994)
(2) अर्जेटेनियाई आर्थिक संकट (1998)
(3) आई.टी से संबंधित स्टॉक में डाट काम संकट (2000)
(4) यू.एस.सब प्राइम बंधन (मेटिगेज) संकट (2007)