NTA यू.जी.सी. नेट जेआरएफ परीक्षा दिसम्बर 2021/जून-2022 (लोक प्रशासन)

Total Questions: 100

91. निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उसके आधार पर प्रश्न सं.91 से 95 तक का उत्तर दीजिये।

1900 के प्रारंभिक दशक से, फोलेट रॉक्स बरी की एक बहुत ही सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ता थी और सामुदायिक कार्यक्रमों पर कार्य करते हुए अपनी प्रसिद्धि अर्जित किया था। फोलेट के रॉक्सबरी के अप्रवासी निवासियों द्वारा सामना किए गये आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिज्ञ समस्याओं के निकटतम ज्ञान ने उन्हें वर्ष 1902 में हाईलैंड यूनियन नाम से एक संगठन स्थापित करने के लिए बाध्य किया।

वर्ष 1900 में विद्यालय भवनों के विस्तारित उपयोग विषय पर आमेन्स म्युनिसिपल लीग्स समिति की अध्यक्ष निर्वाचित होने के बाद भी फोलेट ने अपने सामुदायिक कार्य को जारी रखा। वर्ष 1909 से, करीब एक दशक से अधिक समय तक उन्होंने बोस्टन के ओमेन्स म्युनिसिपल लीग के साथ कार्य किया।

जैसा कि सामुदायिक केंद्र में फोलेट के नेतृत्व को राष्ट्रीय अनुमोदन (स्वागत) प्राप्त हुआ, उन्होंने 1917 के वर्ष में राष्ट्रीय समुदायिक केन्द्र एशोशिएशन के उपाध्यक्ष का पद को ग्रहण किया।

उन्होंने वर्ष 1918 में प्रकाशित हुई अपनी पुस्तक द न्यू स्टेट में उनके द्वारा समुदाय के भीतर देखे गयी। संवादों की बारीकियों को संश्लेषित किया। इस पुस्तक के बहु-विषयक परिप्रेक्ष्य के कारण इसके राजनीति विज्ञान, दर्शनशास्त्र, और समाजशास्त्र जैसे विषयों के विद्वानों का इस पुस्तक ने ध्यान आकर्षित किया।

1920 के प्रारंभिक दशक से, फोलेट ने उद्योग और सार्वजनिक संस्थानों में प्रबंधन और प्रशासन के बारे में चिंतन करना प्रारंभ किया, जिसने अन्ततः वर्ष 1924 में क्रिएटिव एक्सपीरिएंस नामक पुस्तक के लेखन का मार्ग प्रशस्त किया। जिसने व्यवसायिक संगठनों के लिए वक्ता के तौर पर उनकी लोकप्रियता स्थापित करने में मदद की और उनकी ख्याति को एक अग्रगण्य प्रबंध सिद्धांतकार के रूप में स्थापित किया।

उनके दर्शनशास्त्रीय और राजनीतिक विचार, संगठनों की बारीकियों पर उनके विचार को स्पष्ट करते हैं। वर्ष 1925 में, फोलेट को उनके बौद्धिकता और दूरदर्शिता के लिए सम्मानित किया गया, उन्हें ब्यूरो ऑफ पर्सनल एडमिनिस्ट्रेशन द्वारा एक्सीक्यूटिव कांफ्रेंस ग्रुप पर बोलने हेतु वक्ता के रूप में आमंत्रित किया गया और उन्होंने व्यक्तियों और समूहों के मध्य नेतृत्व निमंत्रण प्राधिकार और संघर्ष पर ध्यान केन्द्रित करते हुए उन्होंने उसके बाद को प्रदर्शित किया।

और वैज्ञानिक प्रबंधन और मानव संबंधों संबंधी उपागमों को प्रबंधन में सम्मिश्रित कर दिया। फोलेट ने महसूस किया कि मानव संबंधों का क्षेत्र इसकी अन्तदृष्टिके बहुविध स्रोतों के लिए समृद्ध है और अन्य सामाजिक संस्थानों वाले विधि और विधिक संस्थानों के संवाद प्रभावों हेतु अतिसंवेदनशीलता को भी महसूस किया। उन्होंने विश्वास किया कि एकीकरण मूल कौशल था, किसी प्रबंधक अथवा नेता का मापदंड की है, वे कितने अंतर एकीकृत कर सकते हैं।

फोलेट ने बताया कि कोई कौशलपूर्ण नेता केवल निजी शक्ति पर ही भरोसा नहीं करता, वह अपने समूह को अपने वर्चस्व को दिखाकर नियंत्रित नहीं करता बल्कि इसे अभिव्यक्त के माध्यम से नियंत्रित करता है। इसके अतिरिक्त, फोलेट ने महसूस किया कि एकीकरण संबंधी अंतर एक निशि चत प्रकार के सतत शक्ति को उत्पन्न करता है और इसे अभ्यास और कौशल की जरूरत होती है। फोलेट और मेयो अमेरिका में सिराकस व्याख्यानों के समय दो बार और एक बार हावर्ड में मिले थे।

मेयो ने स्वीकार किया कि उन्होंने पहले इस पर विचार नहीं किया कि किसी वैज्ञानिक शोध अथवा मानव ज्ञान के एक भाग की अन्य के साथ तुलना करने में एकीकरणात्मक एक महत्वपूर्ण अवधरण है। 1926 के अपने व्याख्यान में, फोलेट ने व्यवसायिक प्रबंधन के वर्तमान विकास द्वारा आवश्यक होने वाले प्रशासनिक नेतृत्व के प्रकार को अपने विकास अपने विषय के रूप में मानकर व्याख्यान दिया।
निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही ढंग से सुमेलित है?

Correct Answer: (b) न्यू स्टेट - B 1925
Solution:

सही युग्म सुमेलित है-
• हाईलैंड यूनियन - A 1902
• एडमिनिस्ट्रेटिव लीडरशिप - C 1926
• किएटिव एक्सपीरिएस - D 1924
* न्यू स्टेट- B 1925 में नहीं प्रकाशित हुई जबकि 1918 में प्रकाशित हुई थी।

92. फोलेट ने महसूस किया कि एकीकरण संबंधी अंतर किस एक निश्चित प्रकार को उत्पन्न करते हैं।

Correct Answer: (c) सतत शक्ति का एक प्रकार
Solution:

फोलेट ने महसूस किया कि एकीकरण संबंधी अंतर एक निश्चित प्रकार के सतत शक्ति को उत्पन्न करता है और इसे अभ्यास और कौशल की जरूरत होती है।

93. निम्नलिखित में से कौन-सा एक कथन फोलेट और मेयो संवादों के संबंध में सही है?

Correct Answer: (b) एकीकरणात्मक एकता एक महत्वपूर्ण अवधारणा थी।
Solution:

फोलेट और मेयो अमेरिका में दो बार व्याख्यानों में और एक हावर्ड में मिले और मेयो ने ये बात स्वीकार किया कि उन्होंने पहले इस पर विचार नहीं किया कि किसी वैज्ञानिक शोध अथवा मानव ज्ञान के एक भाग की अन्य के साथ तुलना करने में एकीकरणात्मक एकता एक महत्त्वपूर्ण अवधारणा है।

94. फोलेट के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।

(A) एक कौशलपूर्ण नेता निजी शक्ति पर भरोसा नहीं करता।
(B) बिना वर्चस्व दिखाए नेता अपने समूह को नियंत्रित करता है।
(C) नेता अपने मत को व्यक्त करता है।
(D) व्यवसायिक बारीकियों से प्रशासनिक नेतृत्व विकास ।
दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कजिए:

Correct Answer: (c) केवल B और C
Solution:

फोलेट के बारे में सही कथन इस प्रकार है-
• इनका मानना था कि बिना वर्चस्व दिखाए नेता अपने समूह को नियंत्रित करता है।
• नेता अपने मतों को व्यक्त करता है।

95. फोलेट के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

A. वह विश्वास करती थी कि एकीकरण मूल कौशल था।
B. फोलेट ने महसूस किया कि मानव संबंधों का क्षेत्र इसकी अन्तर्दृष्टियों के बहु-विधि स्रोतों हेतु समृद्ध है।
C. बोस्टन में सामुदायिक कार्यक्रमों पर कार्य करते हुए स्वयं के नाम प्रसिद्धि को प्राप्त किया। D. बोस्टन में सामुदायिक कार्यक्रमों पर काय करते हुए स्वयं के नाम प्रसिद्धि को प्राप्त किया।  दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (c) केवल A, B और D
Solution:

फोलेट के बारे में सही कथन इस प्रकार है-
• वह विश्वास करती थी कि एकीकरण मूल कौशल था।
• फोलेट ने महसूस किया कि मानव संबंधों का क्षेत्र इसकी अन्तर्दृष्टियों के बहु-विधि हेतु समृद्ध है।
• फोलेट और मेयो हावर्ड में दो बार मिले थे।

96. निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उसके आधार पर प्रश्न सं. 96 से 100 के उत्तर दीजिये।

हाल के दशकों में शासन पर देश भर के आंकड़े का उपयोग करके किए गए अध्ययनों की संपदा में नितांत वृद्धि देखी गई है। इनमें से सर्वाधिक रूप से शासन के स्वीकृत और व्यापक स्तर पर उपयोग किए गए उपागम । विश्व बैंक शासन संकेतक या अंतर्राष्ट्रीय भ्रष्टाचार पारदर्शिता दृष्टिकोण सूचकांक आदि हैं।

यद्यपि शासन के सूचकांकों की अच्छी खासी आलोचनाएं की गई हैं, और इसके दृष्टिकोण आधारित न होने के कारण इनका शोधकर्ताओं तथा नीति निर्माताओं ने व्यापक रूप से प्रयोग करते हैं। पारदर्शिता सूचकांक की अब तक जितनी स्वीकृति प्राप्त हुई है, उतनी स्वीकृति किसी और को नहीं मिली है।

आर टी आई का अर्थ है सूचना का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 19(1) के अंतर्गत सूचना का अधिकार, मूल अधिकार था एक भाग है। अनुच्छेद 19 (1) से अभिप्रेत है कि प्रत्येक नागरिक को वाक् और अभिव्यक्ति का अधिकार है। वर्ष 1976 के आरंभ में राज नारायण बनाम उत्तर प्रदेश राज्य के मामले में उच्चतम ने कहा था कि जब तक लोगों को जानकारी नहीं होगी, वे स्वयं वाक् या अभिव्यक्ति नहीं कर सकते हैं। विश्व के 65 देशों से अधिक देशों में सूचना का अधिकार कानून विद्यमान था।

इस कानून के संसद में पारित होने से पहले देश के 9 राज्यों में वह विद्यमान था। सूचना का अधिकार सच्चाई को मात्र लोक अधिकार क्षेत्र में लाता है। यह कोई सूचना का सृजन नहीं करता है। यह मात्र पर्दा हटाता है और सच्चाई को लोक प्रमाण में अवस्थित करता है। सूचना का अधिकार का आवेदन करने और अनुवर्तन करने में, समय, श्रम और संस्थापनों का व्यय होता है।

लोक प्राधिकरण से कुछ सूचनाएँ प्राप्त करने के इच्छुक एक नागरिक को आवेदन के साथ लोक प्राधिकरण द्वारा विहित शुल्क की राशि, का पोस्ट आर्डर या डी डी (मांग पत्र) या बैंक चेक जो लोक प्राधिकरण के लेखा अधिकारी के नाम देता है, भेजना होता है। यदि व्यक्ति अपवंचित समुदाय का है, उसे आवेदन शुल्क भुगतान करने की आवश्यकता नहीं है।

इसके लिए एक सूत्र का अधिकार डिजीटल पोर्टल बनाया गया है। इसमें प्रथम अपीली प्राधिकरणों और जन सूचना अधिकारियों के विवरणों सहित सूचनाएँ उपलब्ध होती हैं जिसके गेटवे प्रवेशद्वारा से नागरिक शीघ्र सूचना प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा भारत सरकार और राज्य सरकारों के अंतर्गत विविध लोक प्राधिकरणों द्वारा सूचना का अधिकार से बंधी सूचनाएँ उनके बेबसाइट पर प्रकाशित की जाती है। सरकार के स्वामित्व नियंत्रण के अधीन या पर्याप्त रूप से वित्तपोषित सभी निजी निकाय सूचना के अधिकार के अंतर्गत प्रत्यक्षतः आच्छादित है।

अन्य अप्रत्यक्ष रूप से कवर आच्छादित हैं। यदि सरकारी विभाग, किसी अन्य अधिनियम के अंतर्गत किसी निजी निकाय से सूचना प्राप्त कर सकता है, उस सूचना को सरकार के विभाग के माध्यम से सूचना का अधिकार के अंतर्गत नागरिकों को सुलभ किया जा सकता है। सूचना का अधिकार के संबंध में यह विवादास्पद है कि अन्य आधिकारिक गोपनीयता संविधि अधिनियम के द्वारा सूचना के अधिकार की बाधाओं को कैसे चूर किया जाए।

यद्यपि सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 22 में स्पष्टतः कहा गया है कि आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम सहित सभी वर्तमान अधिनियम प्रत्यादेशित हो जाएँगे।
देश भर में शासन संबंधी आंकड़ों का उपयोग करके किए गए अध्ययनों की संढणा में त्वरित वृद्धि का क्या कारण है?

Correct Answer: (d) विश्व बैंक सूचकांक
Solution:

विश्व बैंक सूचकांक के कारण देश भर में शासन संबंधी आंकड़ों का उपयोग करके किए गए अध्ययनों की संख्या में त्वारित वृद्धि हुई है।

97. पारदर्शिता के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

(A) वैश्विक सूचकांकों की स्वीकृति
(B) सूचना कानून
(C) राजनीतिक और प्रशासनिक संस्थानों द्वारा मुक्त रूप से प्रदान की गई सूचनाओं की सुलभता
(D) पारदर्शिता के व्यापक रूप से समान स्वीकृत युक्तियों का अभाव
दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (d) केवल A, B और D
Solution:

पारदर्शिता के संबंध में सही कथन -
• वैश्विक सूचकांकों की स्वीकृति
• सूचना कानून
• पारदर्शिता के व्यापक रूप से समान स्वीकृत युक्तियों का अभाव

98. सूचना का अधिकार पर दिए गए निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

(A) सूचना का अधिकार मूलाधिकार का एक भाग है।
(B) उच्चतम न्यायालय ने कहा था कि जब तक लोग जानकारी नहीं रखेंगे, वे वाक और अभिव्यक्ति नहीं कर सकते हैं।
(C) संगठन सूचना के अधिकार के अन्तर्गत प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से आच्छादित हैं।
(D) सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 22 में स्पष्टतः कहा गया है कि आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम को छोड़कर सभी वर्तमान अधिनियम प्रत्यादेशिक हो जाएंगे।
दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (a) केवल A, B और C
Solution:

सूचना का अधिकार पर सही कथन इस प्रकार है-
• सूचना का अधिकार मूलाधिकार का एक भाग है।
• उच्चतम न्यायालय ने कहा था कि जब तक लोग जानकारी नही रखेंगे, वे वाक् और अभिव्यक्ति नहीं कर सकते है।
• संगठन सूचना के अधिकार के अंतर्गत प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से आच्छादित है।

99. निम्नलिखित में सूचना का अधिकार के संबंध में क्या सही नहीं है?

Correct Answer: (b) भारत में संसद द्वारा सूचना का अधिकार कानून पारित होने से पहले 19 राज्यों में सूचना का अधिकार कानून विद्यमान था।
Solution:

भारत में संसद द्वारा सूचना का अधिकार कानून पारित होने से पहले 19 राज्यों में सूचना का अधिकार कानून विद्यमान था।

100. कोई नागरिक जो लोक प्राधिकरण से कुछ सूचना प्राप्त करने के इच्छुक है तो इसके लिए उसे क्या करना होगा?

Correct Answer: (a) केवल डिमांड ड्राफ्ट के साथ आवेदन करना
Solution:कोई नागरिक जो लोक प्राधिकरण से कुछ सूचनाएँ प्राप्त करने के इच्छुक एक नागरिक को आवेदन के साथ लोक प्राधिकरण द्वारा विहित शुल्क की राशि का पोस्ट आर्डर या डी डी (मांग पत्र) या बैंक चेक जो लोक प्राधिकरण के लेखा अधिकारी के नाम देता है, भेजना होता है, यदि व्यक्ति अपवंचित समुदाय का है, उसे आवेदन शुल्क भुगतान करने की आवश्यकता नही है।