1900 के प्रारंभिक दशक से, फोलेट रॉक्स बरी की एक बहुत ही सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ता थी और सामुदायिक कार्यक्रमों पर कार्य करते हुए अपनी प्रसिद्धि अर्जित किया था। फोलेट के रॉक्सबरी के अप्रवासी निवासियों द्वारा सामना किए गये आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिज्ञ समस्याओं के निकटतम ज्ञान ने उन्हें वर्ष 1902 में हाईलैंड यूनियन नाम से एक संगठन स्थापित करने के लिए बाध्य किया।
वर्ष 1900 में विद्यालय भवनों के विस्तारित उपयोग विषय पर आमेन्स म्युनिसिपल लीग्स समिति की अध्यक्ष निर्वाचित होने के बाद भी फोलेट ने अपने सामुदायिक कार्य को जारी रखा। वर्ष 1909 से, करीब एक दशक से अधिक समय तक उन्होंने बोस्टन के ओमेन्स म्युनिसिपल लीग के साथ कार्य किया।
जैसा कि सामुदायिक केंद्र में फोलेट के नेतृत्व को राष्ट्रीय अनुमोदन (स्वागत) प्राप्त हुआ, उन्होंने 1917 के वर्ष में राष्ट्रीय समुदायिक केन्द्र एशोशिएशन के उपाध्यक्ष का पद को ग्रहण किया।
उन्होंने वर्ष 1918 में प्रकाशित हुई अपनी पुस्तक द न्यू स्टेट में उनके द्वारा समुदाय के भीतर देखे गयी। संवादों की बारीकियों को संश्लेषित किया। इस पुस्तक के बहु-विषयक परिप्रेक्ष्य के कारण इसके राजनीति विज्ञान, दर्शनशास्त्र, और समाजशास्त्र जैसे विषयों के विद्वानों का इस पुस्तक ने ध्यान आकर्षित किया।
1920 के प्रारंभिक दशक से, फोलेट ने उद्योग और सार्वजनिक संस्थानों में प्रबंधन और प्रशासन के बारे में चिंतन करना प्रारंभ किया, जिसने अन्ततः वर्ष 1924 में क्रिएटिव एक्सपीरिएंस नामक पुस्तक के लेखन का मार्ग प्रशस्त किया। जिसने व्यवसायिक संगठनों के लिए वक्ता के तौर पर उनकी लोकप्रियता स्थापित करने में मदद की और उनकी ख्याति को एक अग्रगण्य प्रबंध सिद्धांतकार के रूप में स्थापित किया।
उनके दर्शनशास्त्रीय और राजनीतिक विचार, संगठनों की बारीकियों पर उनके विचार को स्पष्ट करते हैं। वर्ष 1925 में, फोलेट को उनके बौद्धिकता और दूरदर्शिता के लिए सम्मानित किया गया, उन्हें ब्यूरो ऑफ पर्सनल एडमिनिस्ट्रेशन द्वारा एक्सीक्यूटिव कांफ्रेंस ग्रुप पर बोलने हेतु वक्ता के रूप में आमंत्रित किया गया और उन्होंने व्यक्तियों और समूहों के मध्य नेतृत्व निमंत्रण प्राधिकार और संघर्ष पर ध्यान केन्द्रित करते हुए उन्होंने उसके बाद को प्रदर्शित किया।
और वैज्ञानिक प्रबंधन और मानव संबंधों संबंधी उपागमों को प्रबंधन में सम्मिश्रित कर दिया। फोलेट ने महसूस किया कि मानव संबंधों का क्षेत्र इसकी अन्तदृष्टिके बहुविध स्रोतों के लिए समृद्ध है और अन्य सामाजिक संस्थानों वाले विधि और विधिक संस्थानों के संवाद प्रभावों हेतु अतिसंवेदनशीलता को भी महसूस किया। उन्होंने विश्वास किया कि एकीकरण मूल कौशल था, किसी प्रबंधक अथवा नेता का मापदंड की है, वे कितने अंतर एकीकृत कर सकते हैं।
फोलेट ने बताया कि कोई कौशलपूर्ण नेता केवल निजी शक्ति पर ही भरोसा नहीं करता, वह अपने समूह को अपने वर्चस्व को दिखाकर नियंत्रित नहीं करता बल्कि इसे अभिव्यक्त के माध्यम से नियंत्रित करता है। इसके अतिरिक्त, फोलेट ने महसूस किया कि एकीकरण संबंधी अंतर एक निशि चत प्रकार के सतत शक्ति को उत्पन्न करता है और इसे अभ्यास और कौशल की जरूरत होती है। फोलेट और मेयो अमेरिका में सिराकस व्याख्यानों के समय दो बार और एक बार हावर्ड में मिले थे।
मेयो ने स्वीकार किया कि उन्होंने पहले इस पर विचार नहीं किया कि किसी वैज्ञानिक शोध अथवा मानव ज्ञान के एक भाग की अन्य के साथ तुलना करने में एकीकरणात्मक एक महत्वपूर्ण अवधरण है। 1926 के अपने व्याख्यान में, फोलेट ने व्यवसायिक प्रबंधन के वर्तमान विकास द्वारा आवश्यक होने वाले प्रशासनिक नेतृत्व के प्रकार को अपने विकास अपने विषय के रूप में मानकर व्याख्यान दिया।
निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही ढंग से सुमेलित है?