NTA यू.जी.सी. नेट जेआरएफ परीक्षा, दिसम्बर 2023 राजनीति विज्ञान (Political Science)

Total Questions: 100

1. सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए:

सूची-I सूची-II
(A) एडमिनिस्ट्रेशन इन डेवलपिंग कंट्रीज-दि थ्योरी आफ प्रिज्मैटिक सोसाइटी(I) हर्बर्ट साइमन
(B) एडमिनिस्ट्रेटिव बिहेवियर(II) जेराल्ड ई. काइडेन
(C) दि डायनामिक्स ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशनः गाइडलाइन्स टू करेंट ट्रांसफार्मेशंस इन थ्योरी एण्ड प्रैक्टिस(III) फ्रेड डब्ल्यू. रिग्स
(D) दि ह्यूमन प्राब्लम्स ऑफ दि इंडस्ट्रियल सिविलाइजेशन(IV) एल्टन मेयो
दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
कूट:ABCD
(a)IIIIIIIV
(b)IIIIIIIV
(c)IIIIIIIV
(d)IVIIIIII
Correct Answer: (c)
Solution:सही सुमेलित है-
सूची-I सूची-II
(A) एडमिनिस्ट्रेशन इन डेवलपिंग कंट्रीज-दि थ्योरी आफ प्रिज्मैटिक सोसाइटी(III) फ्रेड डब्ल्यू. रिग्स
(B) एडमिनिस्ट्रेटिव बिहेवियर(I) हर्बर्ट साइमन
(C) दि डायनामिक्स ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशनः गाइडलाइन्स टू करेंट ट्रांसफार्मेशंस इन थ्योरी एण्ड प्रैक्टिस(II) जेराल्ड ई. काइडेन
(D) दि ह्यूमन प्राब्लम्स ऑफ दि इंडस्ट्रियल सिविलाइजेशन(IV) एल्टन मेयो

2. लोक लेखा समिति की संरचना की निम्नलिखित में से कौन सही सही विशेषता है?

Correct Answer: (b) लोक लेखा समिति आनुपातिक प्रतिनिधित्व और एकल संक्रमणीय मत प्रणाली के सिद्धांत के अनुसार वार्षिक रूप में निर्वाचित निकाय हैं।
Solution:

लोक लेखा समिति को वर्ष 1921 में भारत सरकार अधिनियम 1919 के माध्यम से गठित किया गया था जिसे 'मोट फोर्ड सुधार' भी कहा जाता है। लोक लेखा समिति का गठन प्रतिवर्ष 'लोकसभा की प्रक्रिया और कार्य संचालन नियम' के नियम 308 के तहत किया जाता है। इसके सदस्यों का निर्वाचन आनुपातिक प्रतिनिधित्व और एकल संक्रमणीय मत प्रणाली के अनुसार वार्षिक रूप में होता है।

इसमें वर्तमान में केवल एक वर्ष की अवधि के साथ 22 सदस्य (लोकसभा अध्यक्ष द्वारा चुने गए 15 सदस्य और राज्यसभा के सभापति द्वारा चुने गए 7 सदस्य शामिल होते हैं।) सदस्यों का कार्यकाल । वर्ष का होता है। एक वर्ष बाद एक नया चुनाव होता है और सदस्यों को या तो बदल दिया जाता है या फिर से निर्वाचित किया जाता है।

3. नीचे दो कथन दिए गए हैं :

कथन- I: भारत की अर्थव्यवस्था का रूपान्तरण उतना नाटकीय नहीं रहा है जितना कि यह पूर्वी यूरोप के साम्यवादी-शासन मुक्त देशों में रहा है।
कथन-II: भारत ने वर्ष 2010 दशक में चीन के जितनी उच्च विकासदर प्रस्तुत किया है।

उपयुक्त कथनों के आलोक में निम्नलिखित विकल्पों में से सही उत्तर चुनें :

Correct Answer: (c) कथन I सत्य है, किन्तु कथन II असत्य है।
Solution:

भारत की अर्थव्यवस्था का रूपान्तरण उतना नाटकीय नही रहा है जितना कि यह पूर्वी यूरोप के साम्यवादी-शासन मुक्त देशो में रहा है। 2010 के दशक में चीन की अर्थव्यवस्था ने 10.3% की वृद्धि के साथ अपनी जबरदस्त वृद्धि जारी रखी।

जबकि 2010 के दशक में भारत की विकास दर 8.6 फीसदी रही है। वर्तमान में चीन विश्व की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, जबकि भारत इस मामले में पाँचवें स्थान पर है।

4. सत्यशोधक समाज की स्थापना किसने की थी?

Correct Answer: (b) ज्योतिबा फुले
Solution:

ज्योतिबा फुले ने 24 सितंबर 1873 को पुणे, महाराष्ट्रमें सत्यशोधक समाज की स्थापना की। यह एक सुधारात्मक समाजथा जिसने शिक्षा को बढ़ावा दिया वंचित वर्गों में सामाजिक अधिकारन्याय और राजनीतिक पहुँच बढ़ाई।

इसके अलावा इसका प्राथमिकध्यान महाराष्ट्र में दलितों शुद्रों और महिलाओं के उत्थान औरसमर्थन पर था। ज्योतिबा फुले की पत्नी साबित्री बाई फूले महिलावर्ग की सामाजिक गतिविधियों का संचालन करती थीं।

प्रमुख पुस्तकें

शेतकाशयचा (1881)
गुलामगिरी (1873)
तृतीया रत्न (1855)

5. निम्नलिखित अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के साथ भारत केजुड़ने को कालक्रमानुसार लगाइये :

A. संयुक्त राष्ट्र
B. जी 77
C. नाम (NAM)
D. जी 20

Correct Answer: (b) A, C, B, D
Solution:

भारत संयुक्त राष्ट्र के संस्थापक सदस्यों में से एक है।26 जून 1945 को भारत अन्य भाग लेने वाले देशों के साथ संयुक्तराष्ट्र के चार्टर पर हस्ताक्षर करता है। संयुक्त राष्ट्र चार्टर की पुष्टि केबाद 30 अक्टूबर 1945 को भारत संयुक्त राष्ट्र में शामिल हुआ।भारत NAM का संस्थापक सदस्य है। इसकी स्थापना इंडोनेशिया केबांडुग सम्मेलन (1955) के दौरान की गई थी।

इसका पहलासम्मेलन 1961 में बेलग्रेड में आयोजित किया गया। G-77 यहसंयुक्त राष्ट्र में विकासशील देशों का सबसे बड़ा अंतरसरकारी संगठनहै। भारत इस समूह का सदस्य है। G-77 की स्थापना 15 जून1964 को 77 विकासशील देशों के द्वारा की गई थी।

G-20:- सितंबर 1999 में अस्तित्व में आने के बाद अब G-20विश्व का सबसे शक्तिशाली वार्धिक मंच बन गया है। इसकी स्थापना1999 में 7 देशों अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, जर्मनी फ्राँस औरइटली के विदेश मंत्रियों ने की थी। भारत (1999) में इसका सदस्यबना।

6. मजदूर किसान शक्ति संगठन (एम.के.एस.एस) ने भारत में किस आन्दोलन में अग्रणी भूमिका निभाई

Correct Answer: (c) जन सुनवाई
Solution:

मजदूर किसान शक्ति संगठन (एम.के.एस.एस) नीति निर्माण में सामाजिक आंदोलनों और गैर सरकारी संगठनों की भूमिका का उत्कृष्ट उदाहरण है। इसकी स्थापना 1 May 1990 में राजस्थान के सुदूर गाँव में, गरीब किसानों और श्रमिकों के लिए सहभागी लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं तक पहुँच को सुनिश्चित करने के लिए मिशन की स्थापना की गई। यह बहुत कम जमीनी स्तर के संगठनों में से एक है, जिसे लोगों को जुटाने और सरकारी प्रदर्शनों और जनसुनवाई में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए श्रेय दिया जा सकता है।

7. निम्नलिखित में से कौन सा प्राक्कलन समिति का कार्य नहीं है?

Correct Answer: (c) सीएजी की रिपोर्ट की इस दृष्टिकोण से जांच करना कि संसद द्वारा स्वीकृत धन का संबंधित प्राधिकरण द्वारा उपयोग किया गया है।
Solution:

प्राक्कलन समिति में 30 सदस्य होते हैं। सभी सदस्य लोकसभा से लिए गए हैं। इसका मतलब है कि राज्यसभा का कोई प्रतिनिधित्व नहीं है। लोकसभा अपने सदस्यो में से प्राक्कलन समिति के सदस्यों का चुनाव करती है। इनका चुनाव एकल हस्तांतरणीय बोट के माध्यम से आनुपातिक प्रतिनिधित्व है। इनका कार्यकाल वर्ष होता है। वे पुनः निर्वाचित भी हो सकते हैं।

कार्य:-
(i) सरकारी प्रशासन में दक्षता और मितव्ययिता लाने के लिए यह वैकल्पिक नीतियों का सुझाव देता है।
(ii) यह जांच करता है कि क्या पैसा अनुमान में निहित नीति की सीमा के भीतर अच्छी तरह से रखा गया है।
(iii) आगे का सुझाव देना जिसमें अनुमान संसद में प्रस्तुत किया जाता है।
(iv) यह रिपोर्ट करता है कि क्या बजट अनुमान नीति के अनुरूप अर्थव्यवस्थाओं संगठन में सुधार, दक्षता और प्रशासनिक सुधार को प्रभावित करते हैं।

8. निम्नलिखित में से सही कथनों को चुनिए

A. समाज और राजनीति में संघर्ष अपरिहार्य है।
B. संघर्षों में हिंसा के प्रयोग को ऐसी हिंसा के विरुद्ध प्रदर्शनों से समाप्त नहीं किया जा सकता है।
C. अहिंसक कार्रवाई को तीन पद्धतियों में वर्गीकृत किया जा सकता है: प्रदर्शन और आग्रह, असहयोग और अहिंसक हस्तक्षेप।
D. अहिंसक पद्धतियों का प्रयोग सफलता की गारंटी है।

Correct Answer: (d) केवल A, B और C
Solution:

समाज और राजनीति में संघर्ष अपरिहार्य है। राजनीति अनिवार्य रूप से सामाजिक समस्याओं को सुलझाने निर्णय लेने और किसी दिए गए समाज या समुदाय के भीतर संघर्षों को हल करने की प्रणाली है। संघर्षों में हिंसा के प्रयोग को ऐसी हिंसा के विरुद्ध प्रर्दशनों से समाप्त नही किया जा सकता है। अहिंसक कार्रवाई का तीन पद्धतियों में वर्गीकृत किया गया है।

(i) अहिंसक प्रदर्शन और अनुनय
(ii) असहयोग (राजनीतिक सामाजिक और आर्थिक)
(iii) अहिंसक हस्तक्षेप

9. सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए:

सूची-I सूची-II
(A) उदारवाद(I) साझा इतिहास, संस्कृति और विश्व दृष्टिकोण के आधार पर साझा समझ और सामान्य अर्थ
(B) समुदायवाद(II) सदस्यों को साझा संस्कृति, इतिहास, विश्व दृष्टिकोण, भाषा या मूल्य प्रणाली को साझा करने की आवश्यकता नहीं होती है।
(C) उदार राष्ट्रवाद(III) स्वतंत्र और समान नागरिकों के रूप में एक दूसरे के लिए नैतिक चिंता
(D) बहुसंस्कृतिवाद / भिन्नता सिद्धांत(IV) साझा इतिहास, भाषा और संस्कृति के आधार पर साझा राष्ट्रीयता
दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
कूट:ABCD
(a)IIIIIIIV
(b)IIIIIIIV
(c)IVIIIIII
(d)IIIIIIVI
Correct Answer: (d)
Solution:सही सुमेलित है-
सूची-I सूची-II
(A) उदारवाद(III) स्वतंत्र और समान नागरिकों के रूप में एक दूसरे के लिए नैतिक चिंता
(B) समुदायवाद(II) सदस्यों को साझा संस्कृति, इतिहास, विश्व दृष्टिकोण, भाषा या मूल्य प्रणाली को साझा करने की आवश्यकता नहीं होती है।
(C) उदार राष्ट्रवाद(IV) साझा इतिहास, भाषा और संस्कृति के आधार पर साझा राष्ट्रीयता
(D) बहुसंस्कृतिवाद / भिन्नता सिद्धांत(I) साझा इतिहास, संस्कृति और विश्व दृष्टिकोण के आधार पर साझा समझ और सामान्य अर्थ

10. नीचे दो कथन दिए गए है: एक को अभिकथन (A) और दूसरे का तर्क (R) कहा गया है।

अभिकथन : A 'अहिंसा' गांधी के द्वन्द्व समाधान मॉडल की अनुपूरक थी, जो सामाजिक परिवर्तन और राजनीतिक कार्रवाई का निश्चित रूप से सबसे मूल और रचनात्मक मॉडल था।
कारण R : यह राजनीतिक सिद्धान्त धीरे-धीरे राष्ट्रीय राजनीतिक आंदोलन की प्रमुख विचारधारा बन गया जिसमें गांधी सर्वोपरि रहे।

उपर्युक्त कथनों के आलोक में निम्नांकित विकल्पों में से सही उत्तर चुनें :

Correct Answer: (a) A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है
Solution:

अहिंसा गांधी के द्वन्द्व समाधान मॉडल की अनुपूरक थी जो सामाजिक परिवर्तन और राजनैतिक कार्रवाई का निश्चित रूप से सबसे मूल और रचनात्मक मॉडल था। यह राजनीतिक सिद्धांत धीरे- धीरे राष्ट्रीय राजनीतिक आंदोलन की एक प्रमुख विचारधार बन गया जिसमें गाँधी सर्वपरि रहें।

गाँधीजी के अनुसार अंहिसा शक्तिशाली का हथियार है कायरों का नहीं। गाँधी जी जायत अहिंसा के पक्षधर हैं। गाँधीजी नकारात्मक की बजाए सकारात्मक अहिंसा के पक्षधर हैं।

वे कहते हैं "मेरे लिए अहिंसा का स्थान स्वराज से पहले है" गाँधी जी ने अहिंसा के तीन रूप बताये हैं-

(i) जाग्रत अहिंसा
(ii) औचित्यपूर्ण अहिंसा
(iii) कायरों की अहिंसा