NTA यू.जी.सी. नेट जेआरएफ परीक्षा, दिसम्बर 2023 राजनीति विज्ञान (Political Science)

Total Questions: 100

91. नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़िए और प्रश्नों के उत्तर दीजिए।

नागरिक सद्‌गुण की बीजभूमि क्या है? उदारवादी समाज के अनेक पहलू हो सकते हैं जिन्हें नागरिक सद्गुणों के प्रेरक तत्वों के रूप में देखा जा सकता है जिनमें बाजार, नागरिक संघ और परिवार शामिल हैं। मैं इनमें से प्रत्येक को संक्षेप में बताता हूँ। 'नव दक्षिणपंथ' के सिद्धांतकार प्रायः बाजार की प्रशंसा नागरिक सद्गुणों के विद्यालय के रूप में करते हैं।

1980 के दशक के थैचर रीगन के अनेक सुधारों का लक्ष्य मुक्त व्यापार, विनियमन हटाने, कर कटौतियाँ, ट्रेड यूनियनों को कमजोर बनाने और कल्याणकारी लाभों में कमी करने के जरिये अंशतः लोगों के जीवन में बाजार के दायरे का विस्तार करना था ताकि लोगों को पहल करने और आत्मनिर्भरता के सद्गुणों को सिखाया जा सके।

कल्याणकारी राष्ट्र के बारे में हाल के अधिकांश दक्षिणपंथी हमले यथार्थ रूप में नागरिकता के अनुसार निर्मित हैं। कल्याणकारी राष्ट्र को गरीबों के बीच निष्क्रियता, आश्रितता की संस्कृति के निर्माण को बढ़ावा देने वाला, नौकरशाही की सरपरस्ती में नागरिकों को निष्क्रिय आश्रित बना देने वाला कहा जाता है। इसके विपरीत, बाजार लोगों को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोत्साहित करता है।

नव दक्षिणपंथ मानता है कि आत्मनिर्भर होना न केवल स्वयं में एक महत्वपूर्ण नागरिक सद्‌गुण है बल्कि समाज के एक पूर्ण सदस्य के रूप में स्वीकृत किए जाने की एक पूर्व शर्त भी है। आत्मनिर्भर होने के दायित्व को पूरा नहीं करने पर, दीर्घावधिक बेरोजगार समाज तथा स्वयं के लिए शर्म का कारण होते हैं।

नीचे दिए गए पहलुओं में से कौन-सा ऐसा निर्देश नहीं है जिसका थैचर/रीगन सुधारों द्वारा पक्ष लिया गया?

Correct Answer: (c) मजबूत ट्रेड यूनियनें
Solution:

1980 के दशक के थैचर/रीगन के अनेक सुधारों का लक्ष्य मुक्त व्यापार, विनियमन हटाने कर कटौतियाँ ट्रेड यूनियनों को कमजोर बनाने और कल्याणकारी लाभ कम करने का पक्ष लिया।

92. निम्नलिखित में से कौन-सा नागरिक सद्गुण का एक स्त्रोत नहीं है?

Correct Answer: (a) सेना
Solution:

नागरिक सद्‌गुणों के प्रेरक तत्वों के रूप में देखा जा सकता है। जिनमें बाजार, नागरिक संघ और परिवार शामिल हैं।

93. नव-दक्षिणपंथी सिद्धांतकारों के अनुसार बाजार कैसे नागरिक सद्‌गुण को मन में बैठाता है?

Correct Answer: (c) आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहित करके
Solution:

नव-दक्षिणपंथी सिद्धांतकारों के अनुसार बाजार आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहित करके नागरिक सद्गुण को मन में बैठाता है।

94. नव-दक्षिणपंथ किस बात को नागरिक सद्‌गुण के रूप में 'आत्मनिर्भरता के साथ नहीं जोड़ता है?

Correct Answer: (c) एक कैरियर उन्मुखी स्वार्थी व्यक्ति होना
Solution:

'एक कैरियर उन्मुखी स्वार्थी व्यक्ति होना' नव-दक्षिणपंथ नागरिक सद्‌गुण के रूप में 'आत्मनिर्भरता के साथ नहीं जोड़ता है।

95. कल्याणकारी राष्ट्र गरीबों में निष्क्रियता को कैसे बढ़ावा देता है?

Correct Answer: (b) आश्रीतता की संस्कृति का निमार्ण करके
Solution:

कल्याणकारी राष्ट्र आश्रीतता की संस्कृति का निर्माण करके गरीबों में निष्क्रियता को बढ़ावा देता है।

96. नीचे दिये गये गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़े और उनके नीचे दिये गये प्रश्नों के उत्तर दें :

ग्रुप ऑफ ट्वंटी या जी-20 पिछले कुछ समय में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के एक प्रमुख मंच के रूप में उभरा है। इसका महत्त्व इस तथ्य से है कि इसके सदस्य विश्व की विकसित और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं वाले हैं। जी-20 के सदस्य लगभग 85% वैश्विक जीडीपी 80% वैश्विक व्यापार और विश्व की दो तिहाई जनसंख्या का प्रतिनिधित्व करते हैं।

जी-20 की स्थापना एशिया की उभरती अर्थव्यवस्थाओं में 1990 के दशक में आए वित्तीय संकट से उभरने के लिए की गई थी। यह संगठन व्यापक प्रतिनिधित्व वाला और समावेशी है क्योंकि जी-20 की अध्यक्षता वार्षिक रूप से चक्रानुक्रम में प्रदान की जाती है और विभिन्न देश के क्षेत्रीय समूह में किसी सदस्य को इसकी अध्यक्षता के लिए निर्वाचित किया जाता है।

भारत ने इसके प्रारंभ में ही जी-20 की प्रक्रियां में सक्रिय रूप में भाग लिया है। भारत एक प्रमुख हितधारक है और विश्व अर्थव्यवस्था के स्थायित्व में रूचि रखता है। सियोल में रुचि रखता है। सियोल शिखर सम्मेलन के दौरान भारत के समर्थन में विकास को एजेंडा की मद के रूप में शामिल किया गया और सियोल में विकास के संबंध में आम सहमति भी बनी।

जी-20 में भारत की रुचि ने जी-20 की चर्चाओं में जीवंत और विश्वसनीय बना दिया है। हाल ही में भारत द्वारा नई दिल्ली में जी-20 शिखर सम्मेलन के सफल आयोजन ने मजबूत सतत् और संतुलित विकास के लिए एक फ्रेमवर्क और वैकल्पिक विश्व व्यवस्था की स्थापना की आशाओं को पुनः जागृत कर दिया है।

निम्नलिखित में से कौन सा जी 20 का उद्देश्य है? 

Correct Answer: (a) अंतरराष्ट्रीय सहयोग
Solution:ग्रुप ऑफ G-20 का मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय सहयोग स्थापित करना है।

97. हाल ही में संपन्न हुए जी 20 शिखर सम्मेलन का महत्व क्या है?

Correct Answer: (d) उपर्युक्त सभी
Solution:

हाल ही में भारत द्वारा नई दिल्ली में G-20 शिखर सम्मेलन के सफल आयोजन ने मजबूत सतत् और संतुलित विकास के लिए एक फ्रेमवर्क और वैकल्पिक विश्व व्यवस्था की स्थापना की। महिलाओं के नेतृत्व में विकास प्रक्रिया को आगे बढ़ाना तथा ग्लोबल साउथ का एक आवाज के रूप में उभरना इसका उद्देश्य है।

98. भारत ने जी 20 में सक्रिय रुचि क्यों ती है?

Correct Answer: (b) वैश्चिक आर्थिक स्थायित्व का सुनिश्चित करने के लिए
Solution:

भारत ने वैश्विक आर्थिक स्थायित्व को सुनिश्चित करने के लिए जी-20 में सक्रिय रूचि ली।

99. जी 20 की स्थापना का निम्नलिखित में से कौन-सा कारण है?

Correct Answer: (b) एशियाई वित्तीय संकट
Solution:

G-20 की स्थापना एशिया की उभरती अर्थव्यवस्थाओं में 1990 के दशक में आए वित्तीय संकट से उभरने के लिए की गई थी।

100. जी 20 को एक प्रतिनिधिक मंच क्यों माना जाता है?

Correct Answer: (c) अध्यक्षता वार्षिक रूप से और अलग-अलग क्षेत्र से चक्रानुक्रम में होता है
Solution:

जी-20 की अध्यक्षता वार्षिक रूप से और अलग-अलग क्षेत्र से चक्रानुक्रम में होती है इसलिए इसे एक प्रतिनिधिक मंच माना जाता है।