NTA यू.जी.सी. नेट जेआरएफ परीक्षा, दिसम्बर 2023 राजनीति विज्ञान (Political Science)

Total Questions: 100

21. निम्नलिखित में से कौन-सा नॉजिक के 'अधिकारिता सिद्धांत' का एक सिद्धांत नहीं है?

Correct Answer: (c) अंतिम अधिग्रहण का सिद्धांत- इस बात का विवरण कि लोग कैसे वस्तुओं के अंततः स्वामी बनते हैं जिन्हें (1) के अनुसार हस्तांतरित किया गया है।
Solution:

नॉजिक (एक स्वेच्छातंत्रवादी) का तर्क है कि 'न्यायसंगत परिणाम वे होते हैं जो वस्तुओं के न्यायसंगत अधिग्रहण एवं विनिमय की शर्ते पूरी करते हुए व्यक्तियों की विभिन्न कार्रवाइयों से प्राप्त किए जाते हैं।

नॉजिक अधिकारिता सिद्धांत प्रस्तुत करते हैं जिसमें लोगों की वर्तमान उपलब्धियाँ न्यायसंगत रूप से अर्जित होती है और केवल अंतरण सिद्धांत यह तय करता है कि उत्तरवर्ती वितरण न्यायसंगत है या नहीं। किसी व्यक्ति की अधिकारिता पूर्व स्वामियों की अधिकारिता की वैधता पर निर्भर होती है, और उनकी अधिकारिता उनके पूर्व स्वामियों की अधिकारिता की वैधता पर।

22. निम्नलिखित में से किसने "शक्ति का संतुलन " शब्द के आठ अलग-अलग अर्थ बताए हैं?

Correct Answer: (b) अर्नस्ट बी. हास
Solution:

अर्नस्ट बी हास ने "शक्ति का संतुलन” शब्द के आठ अलग-अलग अर्थ बताए हैं, जो निम्न हैं:-

(1) शक्ति संतुलन का अभिप्राय शक्ति वितरण से है।
(2) शक्ति संतुलन शक्ति की साम्यावस्था है।
(3) यह शक्ति की प्रबलता को दर्शाता है।
(4) यह स्थिरता एवं शांति को बनाए रखते हैं।
(5) शक्ति संतुलन से अभिप्राय अस्थिरता तथा युद्ध
(6) शक्ति संतुलन से अभिप्राय शक्ति की राजनीति से है।
(7) यह एक सार्वभौमिक सिद्धांत के रूप में है।
(8) यह एक व्यवस्था का द्योतक है।

23. भारत ने किस देश के साथ "शांति और समृद्धि के लिए रणनीतिक और सहयोगात्मक भागीदारी विकसित करके स्थायी शांति और साझा समृद्धि वाले समरसतापूर्ण विश्व के निर्माण को बढ़ावा देने के लिए " एक घोषणापत्र पर हस्ताक्षर किए?

Correct Answer: (b) चीन
Solution:

भारत ने चीन के साथ 'शांति और समृद्धि के लिए रणनीतिक और सहयोगात्मक भागीदारी विकसित करके स्थायी शांति और साझा समृद्धि वाले समरसतापूर्ण विश्व के निर्माण को बढ़ावा देने के लिए एक घोषणापत्र पर हस्ताक्षर किए।

14 जनवरी, 2008 को बीजिंग में अपनी बैठक के दौरान भारत गणतंत्र के प्रधानमंत्री महामहिम डॉ. मनमोहन सिंह और चीन जनवादी गणतंत्र की राज्य परिषद के प्रधानमंत्री श्री वेन जिआबाओ में दोनों देशों के बीच शांति एवं समृद्धि के लिए सामरिक और सहयोगात्मक साझेदारी विकसित करके स्थाई सामंजस्यपूर्ण विश्व के विकास को बढ़ावा देने का संकल्प व्यक्त किया गया।

24. राज्यपाल की योग्यता और नियुक्ति के बारे में क्या सही है?

A. वह भारत का नागरिक हो
B. उसने 25 वर्ष की आयु पूरी कर ली हो
C. उसे प्रधान मंत्री द्वारा नियुक्त किया जाता है
D. वह 6 वर्षों के कार्यकाल के लिए राज्यपाल के पद पर रहता है
E. वह प्रधान मंत्री को संबोधित स्वयं लिखकर अपने पद से त्यागपत्र दे सकता है

Correct Answer: (a) केवल A
Solution:

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 153 के तहत प्रत्येक राज्य के लिये एक राज्यपाल का प्रावधान किया गया है। एक व्यक्ति दो या दो से अधिक राज्यों का राज्यपाल के रूप में नियुक्त किया जा सकता है। राज्यपाल केंद्र सरकार का एक नामित व्यक्ति होता है, जिसे राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त किया जाता है।

अनुच्छेद 157 और 158 के तहत राज्यपाल पद के लिये पात्रता संबंधी आवश्यकताओं को निर्दिष्ट किया गया है। इसके लिये पात्रताएँ हैं-

• वह भारत का नागरिक हो।
• आयु कम-से कम 35 वर्ष हो।
• लाभ का पद धारण न करता हो ।

संसद के किसी भी सदन या राज्य विधायिका का सदस्य नहीं होना चाहिये। राज्यपाल का कार्यकाल 5 वर्ष का होता है, वह राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत ही पद पर बना रह सकता है।

25. 1887 में पॉलिटिकल साइंस क्वार्टरली में प्रकाशित शोधपत्र 'द स्टडी ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन' का लेखक कौन था?

Correct Answer: (b) वुडरो विल्सन
Solution:

द स्टडी ऑफ "एडमिनिस्ट्रेशन", 1887 में पॉलिटिकल साइस क्वार्टरली में प्रकाशित एक शोधपत्र है जिसके लेखक वुडरो विल्सन हैं। इसे सार्वजनिक प्रशासन के क्षेत्र में व्यापक रूप से एक मूलभूत लेख माना जाता है, जो विल्सन को मैक्स वेबर और फ्रेडरिक टेलर के साथ इस क्षेत्र के संस्थापकों में से एक बनाता है।

26. भारत में भ्रष्टाचार एवं प्रशासनिक सुधारों के संदर्भ में निम्नलिखित समितियों को कालक्रमानुसार ढंग से व्यवस्थित कीजिए।

A. गोरवाला समिति
B. प्रथम प्रशासनिक सुधार आयोग
C. वोहरा समिति
D. संथानम समिति

Correct Answer: (c) A, D, В, С
Solution:

भारत में भ्रष्टाचार एवं प्रशासनिक सुधारों के संदर्भ में निम्न समितियों का सही कालक्रम है-

गोरवाला समिति (1951) : इस समिति की स्थापना भारत में प्रशासनिक व्यवस्था की योजना और विकास पर ध्यान केन्द्रित करके प्रशासनिक सुधार लाने के लिए की गई थी।

संधानम समिति (1964) : भ्रष्टाचार निवारण समिति, जिसमें अध्यक्ष के रूप में सांसद के संथानम चार अन्य सांसद और दो वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।

प्रथम प्रशासनिक सुधार आयोग (1966): भारत के सार्वजनिक प्रशासन में सहत्त्वपूर्ण सुधार करने के लिए पहली (ARC) 1966 में स्थापित किया गया था।

वोहरा समिति (1993) : 1993 के विस्फोटों के बाद स्थापित एन एन वोहरा समिति ने राजनीति के अपराधीकरण की समस्या का C अध्ययन किया।

27. सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए:

सूची-I सूची-II
(A) वैज्ञानिक प्रबंधन सिद्धांत(I) निर्णय प्रक्रिया में तीन चरण बौद्धिक क्रियाकलाप, डिजाइन संबंधी क्रियाकलाप और विकल्प क्रियाकलाप शामिल होते हैं।
(B) नया लोक प्रबंधन(II) वास्तविक कार्य विज्ञान का विकास, जो श्रमिकों और प्रबंधकों दोनों के लिए समान रूप से लाभकारी होगा।
(C) मानव संबंध सिद्धांत(III) सरकार को अपने कार्यक्रमों और सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार के लिए सतत प्रयास करना चाहिए और मांगों के अनुसार समायोजन करना चाहिए।
(D) तार्किक निर्णय प्रक्रिया सिद्धांत(IV) संगठन को एक सामाजिक प्रणाली के रूप में देखा जाता है और संगठन के समग्र उत्पादन में अनौपचारिक तत्व महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
कूट:ABCD
(a)IIIIIIVI
(b)IIIIIIIV
(c)IIIIVIII
(d)IVIIIIII
Correct Answer: (a)
Solution:सही सुमेलित है-
सूची-I सूची-II
(A) वैज्ञानिक प्रबंधन सिद्धांत(II) वास्तविक कार्य विज्ञान का विकास, जो श्रमिकों और प्रबंधकों दोनों के लिए समान रूप से लाभकारी होगा।
(B) नया लोक प्रबंधन(III) सरकार को अपने कार्यक्रमों और सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार के लिए सतत प्रयास करना चाहिए और मांगों के अनुसार समायोजन करना चाहिए।
(C) मानव संबंध सिद्धांत(IV) संगठन को एक सामाजिक प्रणाली के रूप में देखा जाता है और संगठन के समग्र उत्पादन में अनौपचारिक तत्व महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
(D) तार्किक निर्णय प्रक्रिया सिद्धांत(I) निर्णय प्रक्रिया में तीन चरण बौद्धिक क्रियाकलाप, डिजाइन संबंधी क्रियाकलाप और विकल्प क्रियाकलाप शामिल होते हैं।

28. निम्नलिखित में से कौन-से कथन भीखू पारेख की मानव प्रकृति की अवधारणा को स्पष्ट करते हैं:-

A. मानव प्रकृति के सभी संदर्भों की कड़ी जाँच की जानी चाहिए और उसे पर्याप्त संदेह के साथ देखा जाना चाहिए।
B. मानव जाति सांस्कृतिक रूप से इस समझ में सन्निहित है कि वे अपने सांस्कृतिक समुदाय में पैदा हुए, पले बढ़े और उसके द्वारा गहनता से आकार दिए गए हैं।
C. अपने अलग-अलग सांस्कृतिक संदर्भों पर विचार नहीं करते हुए, मानव जाति, जब महत्वपूर्ण मामलों की बात आती है तो कमोबेश एकसमान रूप से व्यवहार करती है।
D. यद्यपि त्वचा का रंग, लिंग, लम्बाई और अन्य शारीरिक विशेषताएं सार्वभोमिक रूप से साझी हैं तथापि भिन्न-भिन्न समाजों में उन सभी को अलग-अलग ढंग से अवधारित किया जाता है। और इनके भिन्न-भिन्न अर्थ और महत्व हो जाता है।
E. त्वचा के रंग को एक गहन तात्विक अर्थ दिया गया है और सभी सोसाइटियों में शक्ति के विभेदात्मक वितरण और दर्जे का आधार बनाया गया है।

Correct Answer: (c) केवल A, B और D
Solution:

निम्नलिखित अवधारणाएँ भीखू पारेख की मानव प्रकृति की अवधारणा को स्पष्ट करते हैं- मानव प्रकृति के सभी संदर्भों की कड़ी जाँच की जानी चाहिए और उसे पर्याप्त संदेह के साथ देखा जाना चाहिए।

मानव जाति सांस्कृतिक रूप से इस समझ में सन्निहित है कि वे अपने सांस्कृतिक समुदाय में पैदा हुए पले बढ़े और उसके द्वारा गहनता से आकार दिए गए हैं। यद्दपि त्वचा का रंग, लिग, लम्बाई और अन्य शारीरिक विशेषताएं सार्वभौमिक रूप से साझी हैं तथापि भिन्न-भिन्न समाजो में उन सभी को अलग-अलग ढंग से अवधारित किया जाता है।

29. गांधी के सत्याग्रह के सिद्धांत के निम्नलिखित में से कौन से पहलू आपसी अविश्वास से ग्रस्त बहुल समाजों में संवाद की प्रक्रिया में सहायक हो सकते हैं?

A. संवाद की पूर्व शर्तों पर ध्यान देने से भागीदारों का नैतिक दृष्टिकोण स्थापित करने में मदद मिलती है।
B. सत्य पर हमारी पकड़ का ज्ञान आंशिक रूप से आत्मसंयम उत्पन्न करता है।
C. सत्याग्रही संवादात्मक स्थिति का सृजन और पुनः सृजन करने के लिए उत्तरदायी नहीं होता है।
D. सत्याग्रही संवादात्मक स्थिति का सृजन और पुनः सृजन करने के लिए उत्तरदायी नहीं होता है।
E. समझौता करने की तत्परता भागीदारों के नैतिक दृष्टिकोण को निष्प्रभावी कर सकती है।

Correct Answer: (b) केवल A, B और D
Solution:

गांधी के सत्याग्रह के सिद्धांत के निम्नलिखित पहलू आपसी अविश्वास से ग्रस्त बहुल समाजों में संवाद की प्रक्रिया में सहायक हो सकते हैं:- संवाद की पूर्व शर्तों पर ध्यान देने से भागीदारों का नैतिक दृष्टिकोण स्थापित करने में मदद मिलती है।

सत्य पर हमारी पकड़ का ज्ञान आंशिक रूप से आत्मसंयम उत्पन्न करता है। अंहिसा की प्रतिबद्धता अलगाव और अन्यता की भावना को दूर करती है।

30. नीचे दिए गए भारत सरकार एवं इसके प्रांतीय / प्रादेशिक संगठनों के मध्य हस्ताक्षरित समझौतों / अकार्डों के आरोही क्रम को ज्ञात कीजिए।

A. असम समझौता (अकॉर्ड)
B. आनन्दपुरसाहिब संकल्प (प्रस्ताव)
C. राजीव गाँधी - लोंगोवाल समझौता (अकॉर्ड)
D. शिलाँग समझौता
E. मिजो शांति समझौता (अकॉर्ड)

Correct Answer: (a) B, D, C, A, E
Solution:

भारत सरकार एवं इसके प्रांतीय प्रादेशिक संगठनों के मध्य हस्ताक्षरित समझौतेः-

आनन्द पुर साहिब संकल्प (प्रस्ताव) (1973)
शिलाँग समझौता (1975)
राजीव गाँधी -लोगोवाल, समझौता (अकॉर्ड) (1985) July.
असम समझौता (अकॉर्ड) (1985) August.
मिजों शांति समझौता (अकॉर्ड) (1986)