NTA यू.जी.सी. नेट /जेआरएफ परीक्षा दिसम्बर, 2022 (लोक प्रशासन)

Total Questions: 100

1. निम्नलिखित में से किसका विचार था, कि नौकरशाही, अधिकारियों के शासन से कम के रूप में नहीं है, जो प्रतिनिधिक सरकार के साथ टकराती है?

Correct Answer: (a) जे.एस. मिल
Solution:

जे.एस. मिल का विचार था कि 'नौकरशाही, अधिकारियों के शासन से कम के रूप में नहीं है, जो प्रतिनिधिक सरकार के साथ टकराती है। मिल अपनी पुस्तक (Representative Government - 1861) में प्रत्यक्ष लोकतंत्र के बजाय प्रतिनिधियात्मक लोकतंत्र का समर्थक किया है। मिल का मानना था कि लोकतंत्र में बहुसंख्यक अत्याचार को रोकने के लिए तथा अल्पसंख्यकों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व देने के लिए 'आनुपातिक प्रतिनिधित्व' प्रणाली का समर्थन करता है।
जे.एस. मिल की प्रमुख रचनाएँ-

  • System of Logic (1843)
  • Principles of political eсопотy (1848)
  • On the improvement in the administration of India
    (1858)
  • On liberty (1859)
  • Consideration on represetative governemnt (1861)
  • Utilateriaism (1863)
  • The subjection of women (1869)

2. वारेन बेनिस के अनुसार अकादमिक विद्वानों और लोक प्रबंधकों के बीच सहयोग संगठनात्मक ___ का मार्ग प्रशस्त करता है।

Correct Answer: (c) पुनर्जीवन (रिवाइटेलाइजेशन)
Solution:

वारेन बेनिस के अनुसार, अकादमिक विद्वानों और लोक प्रबंधकों के बीच सहयोग संगठनात्मक पुनर्जीवन (रिवाइटेलाइजेशन) का मार्ग प्रशस्त करता है।

3. निम्नलिखित में से किसने विशेषज्ञों के हाथों में ज्ञान की शक्ति को संदर्भित करने के लिए 'टैक्नोस्ट्रक्चर शब्द की रचना की थी।

Correct Answer: (a) जे. के. गाल थ
Solution:

'टेक्नोस्ट्रक्चर' शब्द की रचना जे. के. गालब्रेथ द्वारा की गयी। उन्होंने इस शब्द का प्रयोग विशेषज्ञों के हाथों में ज्ञान की शक्ति के रूप में प्रदर्शित किया है।

4. किसने कहा था - "समाकलन के लिए उच्च बुद्धिमत्ता, गहन प्रत्यक्षण, विभेदीकरण और उत्प्रेरकपन आवश्यक है?"

Correct Answer: (d) मैरी पार्कर फॉलेट
Solution:'समाकलन के लिए उच्च बुद्धिमत्ता, गहन प्रत्यक्षण, विभेदीकरण और उत्प्रेरकपन आवश्यक है' यह कथन मेरी पार्कर फॉलेट द्वारा कहा गया है।
मैरी पार्कर फॉलेट की प्रमुख रचनाएँ-
  • The speaker of the House of Representatives (1896)
  • The New State (1920)
  • Creative Experience (1924)
  • Dynamic Administration: The collected work of M.P.
    प्रमुख अवधारणाएँ-
  • रचनात्मक संघर्ष
  • शक्ति, प्राधिकार और नियंत्रण
  • समन्वय
  • नेतृत्व

5. निम्नलिखित में से कौन-सी पद वर्गीकरण की एक विशेषता नहीं है?

Correct Answer: (c) विशेषज्ञता
Solution:पद-वर्गीकरण की विशेषताएँ जो कि इस प्रकार है-
  • कर्तव्य
  • अर्हता
  • पदों का समूह
  • तर्कता व्यवस्था
  • कार्मिक प्रशासन में अहम भूमिका
  • विशिष्टीकरण को उच्च स्तर प्रदान करना
  • संगठनात्मक स्पष्टता
  • प्रशिक्षण नीति में सहायक
  • 'विशेषता' पद वर्गीकरण की विशेषता नहीं है।

6. किस समिति ने आई.ए.एस. अधिकारियों के लिए सेवा के 12वें, 20वें और 28वें वर्ष में मध्य वृत्तिक (मिड कैरियर) प्रशिक्षण की अनुशंसा की थी?

Correct Answer: (d) युगांधर समिति
Solution:

लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी में प्रशिक्षण कार्यक्रम समय-समय पर किए गए प्रशिक्षण आवश्यकताओं और मूल्यांकन के आधार पर डिजाइन और विकसित किए जाते हैं। प्रवेश स्तर से लेकर वरिष्ठता के उच्चतम स्तर तक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम की समीक्षा, मूल्यांकन और सुधार के उपायों की सिफारिश करने के लिए समय-समय पर विभिन्न अध्ययन समूहों और समितियों का गठन किया गया है।

जिसमें युगांधर समिति का गठन अगस्त, 2000 में, प्रशिक्षण आवश्यकताओं के लिए प्रशिक्षण को और अधिक उपयोगी बनाने के तरीकों पर विचार करने के लिए सेवाकालीन प्रशिक्षण कार्यक्रमों की समीक्षा करने के लिए अकादमी के पूर्व निदेशक, श्री बी.एन. युगांधर के अध्यक्षता में समिति बनाई गयी। समिति ने 2003 में अपनी रिपोर्ट पेश की। जिसमें आई.ए.एस. अधिकारियों के लिए सेवा के 12वें, 20वें और 28वें वर्ष में मध्य वृत्तिक (मिड केरियर) प्रशिक्षण की अनुशंसा की।
कुछ अन्य अध्ययन समूह समितियों-

  • यू.सी. अग्रवाल और अन्य का अध्ययन समूह (1984)
  • डॉ. एस. रमेश, श्री पी.के. लाहिड़ी और श्री पी.के. पटनायक की समिति (1996)।
  • सुरिन्दरनाथ समिति रिपोर्ट (2003)
  • आर.वी.वी. अय्यर समिति रिपोर्ट (2007)
  • डॉ. वाई.के. अलघ समिति रिपोर्ट (2009)
  • एन.आई.ए.आर. द्वारा आई.ए.एस. अधिकारियों के लिए
  • एम.सी.टी.पी. की मूल्यांकन रिपोर्ट (2010)
  • किरण अग्रवाल समिति रिपोर्ट (2014)
  • बसवान रिपोर्ट (2016)
  • होता समिति रिपोर्ट (2010)

7. निम्नलिखित में से किसके द्वारा नयी अखिल भारतीय सेवाओं की रचना की पहल की जा सकती है?

Correct Answer: (c) राज्य सभा
Solution:

अनुच्छेद-312 के तहत संसद को विधि द्वारा संघ और राज्यों के लिए सम्मिलित एक या अधिक अखिल भारतीय सेवाओं के सृजन करने की शक्ति प्रदान करता है।

इसके अनुसार, यदि राज्यसभा राष्ट्रहित में आवश्यक या इष्टकार समझती है, सदन के 2/3 सदस्यों के बहुमत से संकल्प पारित करके ऐसी सेवाओं का सृजन कर सकती है। अखिल भारतीय सेवाएँ अधिनियम, 1951 में यह प्रावधान किया गया है कि केंद्रीय सरकार, अखिल भारतीय सेवाओं पर नियुक्त व्यक्तियों की भार और सेवा की शर्तों को विनियमित करने के लिए नियमावली बना सकती है। वर्तमान में केवल भारतीय प्रशासनिक सेवा, भारतीय पुलिस सेवा और भारतीय वन सेवा को अखिल भारतीय सेवाओं के रूप में गठित किया गया है।

8. लोकसभा के सत्र के आयोजन के लिए कितनी संख्या का कोरम आवश्यक है?

Correct Answer: (d) संख्या बल का 10 प्रतिशत
Solution:

'कोरम' या गणपूर्ति सदस्यों की न्यूनतम संख्या है, जिनकी उपस्थिति से सदन का कार्य संपादित होता है। यह प्रत्येक सदन में पीठासीन अधिकारी समेत कुल सदस्यों का दसवाँ (10) हिस्सा होता है। इसका अर्थ है कि यदि कोई कार्य करना है, तो लोकसभा में कम-से-कम 55 सदस्य एवं राज्यसभा में कम-से-कम 25 सदस्य अवश्य होने चाहिए। यदि सदन के संचालन के समय कोरम पूरा नहीं होता है, तो यह अध्यक्ष या सभापति का दायित्व है। कि वह या तो सदन को स्थगित कर दे या गणपूर्ति तक कोई कार्य संपन्न न करें।

9. 42वें संशोधन अधिनियम, 1976 ने निम्नलिखित में से किस विषय को राज्य सूची से समवर्ती सूची में स्थानांतरित नहीं किया था?

Correct Answer: (c) पुलिस
Solution:

भारतीय संविधान को एक संघीय संविधान कहा जाता है, जिसमें केंद्र सरकार और राज्य सरकार की शक्तियों का विभाजन किया गया है। इससे भारतीय प्रशासनिक ढाँचे को मजबूती प्रदान की गयी है। संविधान की सातवीं अनुसूची में केंद्र और राज्य की शक्तियों को स्पष्ट किया गया है। इस विभाजन में तीन सूचियों का निर्माण किया गया है, जो कि इस प्रकार है-

  • संघ सूची
  • राज्य सूची
  • समवर्ती सूची
  • संघ सूची (Union List)- संघ सूची में शामिल किए गए विषयों में राष्ट्रीय महत्व पर विशेष ध्यान दिया गया है, इनमें जिन विषयों को शामिल किया गया उस पर केवल संसद को कानून बनाने का अधिकार दिया गया है। इसमें 100 विषय शामिल किया गया है, जैसे-विदेशी मामले, रेडियो. टेलीविजन, डाकघर बचत बैंक, शेयर बाजार, बैंकिंग, बीमा रक्षा, रेलवे, जनगणना, निगम कर इत्यादि।
  • राज्य सूची (State List) - राज्य सूची में क्षेत्रीय महत्व पर विशेष ध्यान दिया गया है। इसमें उन विषयों को शामिल किया गया, जो क्षेत्रीय महत्व रखते हैं। इन विषयों पर कानून बनाने का अधिकार राज्य विधानमंडल को प्रदान किया गया है। वर्तमान में राज्य सूची में 61 विषयों को सम्मिलित किया गया। है, जैसे-न्यायालय, राज्य पुलिस, जिला अस्पताल, सफाई, पशु, सिंचाई, कृषि, सड़क, रेलवे पुलिस, लोक व्यवस्था, लोक स्वास्थ्य, भूमि सुधार, प्रति व्यक्ति कर, पंचायतीराज, कारागार इत्यादि ।
  • समवर्ती सूची (State List )- ऐसे विषय जिस पर केंद्र और राज्य सरकार दोनों कानून निर्माण कर सकती है। केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए कानून को राज्य सरकार द्वारा अनिवार्य रूप से स्वीकार किया जाता है। यह प्रावधान ऑस्ट्रेलिया के संविधान से लिया गया है। जिसमें कुल 52 षियों सम्मिलित किया गया है, जैसे-शिक्षा, आर्थिक नियोजन, दीवानी एवं फौजदारी मुख्य श्रम कल्याण, कारखाने, समाचार-पत्र, वन, आपराधिक में जनसंख्या नियंत्रण व परिवार नियोजन, विद्युत, विवाह, विवाहविच्छेद, गोद लेना, बाँट माप इत्यादि ।

10. निम्नलिखित में से कौन भारत के संविधान के अंतर्गत एक 'रिट' (आदेश) नहीं है?

Correct Answer: (d) व्यादेश (इंजंक्शन)
Solution:

भारतीय संविधान के मूल अधिकार के 'अनुच्छेद 32' संवैधानिक उपचार का अधिकार प्रदान करता है। जिसे डॉ अंबेडकर ने संविधान का सबसे महत्वपूर्ण अनुच्छेद बताया, “एक अनुच्छेद जिसके बिना संविधान अर्थविहीन है, यह संविधान की आत्मा और हृदय है।" अनुच्छेद 32 द्वारा प्रदत्त अधिकार स्वयं ही मूल अधिकार है (मूल अधिकारों का हनन होने पर उच्चतम न्यायालय व उच्च न्यायालय में जाने का अधिकार)।

उच्चतम न्यायालय (अनुच्छेद 32) के तहत एवं उच्च न्यायालय (अनुच्छेद 226 के तहत) रिट जारी कर सकते हैं। ये हैं- बंदी प्रत्यक्षीकरण, परमादेश प्रतिषेध, उत्प्रेषण, अधिकार पृच्छा उपयुक्त प्रश्नानुसार समादेश या 'व्यादेश' (Injunction) रिट नहीं है। 'व्यादेश' वह आदेश है, जिसे न्यायालय अपने समता संबंधी अधिकारों के अंतर्गत किसी पक्ष या निगम के नाम किसी को करने के लिए, किसी काम को करने से रोकने के लिए वह कोई ऐसा काम करते रहने के लिए जारी करता है, जिसे करने या न करने की उसे बाध्यता हो ।