NTA यू.जी.सी. नेट जेआरएफ परीक्षा, जून 2023 समाजशास्त्र

Total Questions: 100

71. निम्नांकित में से किससमाज विज्ञानी ने प्रतिवर्त समाजशास्त्र के विचार का प्रतिपादन कियाः

Correct Answer: (c) केवल C और D
Solution:पी. बॉर्ड और ए. गिड्डेन्स समाज विज्ञानी ने प्रतिवर्त (रिफ्लेक्टिव) समाजशास्त्र के विचार का प्रतिपादन किया। गिडेंस ने 'रिक्लेक्टिव आधुनिकता' की अपनी धारणा के साथ बल दिया और यह तर्क दिया कि समय के साथ समाज तेजी से अधिक आत्मजागरूक और चिंतनशील होता जा रहा है। और इस लिए रिक्लेक्टिव होता जा रहा है।
बॉ ने तक दिया कि सामाजिक वैज्ञानिक स्वाभाविक रूप से पूर्वाग्रह से भरा हुआ है, और केवल उन पूर्वाग्रहों के प्रति सजगता से जागरूक होकर ही सामाजिक वैज्ञानिक खुद को उनसे मुक्त कर सकते है। और एक वस्तुनिष्ठ विज्ञान के अभ्यास की आकांक्षा कर सकते हैं।

72. निम्नांकित में से कौन शरीर के समाजशास्त्रीय अध्ययन के लिए प्रसिद्ध हैं:

A. बी.एस. टर्नर और स्यूस्कॉट
B. डेविड मोर्गन और बी.एस. टर्नर
C. बी. एस.टर्नर और मिशेल फूको
D. टैलकॉट पार्स और पिटीम सोरोकिन
E. ई. इवांस-प्रिचर्ड और मार्क ब्लोच

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (a) केवल A, B और C
Solution:बी.एस. टर्नर, स्यू स्कॉट, डेविड मॉर्गन एवं मिशेल फूको शरीर के समाजशास्त्रीय अध्ययन के लिए प्रसिद्ध है।

73. निम्नलिखित में से किन्होंने अपने समकालीन पूंजीवाद समाज के विश्लेषण में महत्तपूर्ण योगदान नहीं किया हैं?

A. कार्ल मार्क्स
B.  ए. आर.रेडक्लिफ ब्राउन
C.  मैक्स वेबर
D.  क्लौडी लेवी स्ट्रॉस
E.  एमिल दुखम

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (b) केवल B और D
Solution:ए. आर. रेडक्लिफ ब्राउन एवं क्लौडी लेवी स्ट्रॉस समकालीन पूंजीवाद समाज के विश्लेषण में महत्तपूर्ण योगदान नहीं दिया है जबकि कार्ल मार्क्स, मैक्स वेबर और इमाइल दुखम समकालीन पूंजीवादी समाज के विश्लेषण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

74. निम्नांकित में से किनके समाजशास्त्र ने सामाजिक अन्तर्गस्तता के प्रकार्य के रूप में विचारों के अध्ययन की विधि की रूपरेखा प्रस्तुत की थी?

Correct Answer: (a) कार्ल मैनहीम
Solution:कार्ल मैनहीम ने समाजशास्त्र के अंतर्गत सामाजिक अन्तर्गस्तता (सहभागिता) के प्रकार्य के रूप में विचारों के अध्ययन की विधि की रूपरेखा प्रस्तुत की थी। मैनहीम के अनसार, विचारधारा अनिवार्यतः एक विशिष्ट परिप्रेक्ष्य को प्रतिबिम्बिन करती है। यह स्थान विशेष के संदर्भ में सापेक्षिक होती है। ज्ञान के समाजशास्त्र के बारे में उनका प्रमुख तर्क यह रहा है कि समाज में जो ज्ञान की रचना होती है, वह समाज के संगठन, अर्थात उसकी संस्कृति और संरचना द्वारा निर्धारित होती है।

75. निम्नांकित में से किन्होंने एकटक देखने (गेज़) को एक प्रकार की भाषा अर्थात निःशब्द भाषा माना ?

Correct Answer: (b) मिशेल फूको
Solution:मिशेल फूको ने एकटक देखने (गेज़) को एक प्रकार की भाषा अर्थात निःशब्द भाषा माना है। फूको ने अपनी प्रस्तक डिसिप्लिन एंड पनिशः द बर्थ ऑफ द प्रिजन में सामाजिकराजनीतिक शक्ति संबंधों की गतिशीलता और समाज के अनुशासन क्षेत्र की सामाजिक गतिशीलता को टकटकी (गेज) की अवधारणा विकसित की।

76. निम्नांकित में से किन्होंने व्यक्तिगत प्रघटना की व्याख्या सामूहिकता की अवस्था के द्वारा करने का मूलभूत विचार प्रस्तुत किया था ना कि व्यक्तिगत प्रघटना द्वारा सामूहिकतता की अवस्था द्वारा ।

Correct Answer: (d) इमाइल दुखम
Solution:इमाइल दुखम ने व्यक्तिगत प्रघटना की व्याख्या सामूहिकता की अवस्था के द्वारा करने का मूलभूत विचार प्रस्तुत किया था ना कि व्यक्तिगत प्रघटना द्वारा सामूहिकतता की अवस्था द्वारा ।

77. निम्नांकित में से किन्होंने धर्म की परिभाषा 'पवित्र चीजों से संबंधित सामान्यताओं और प्रथाओं की एकीकृत प्रणाली' के रूप में दीः

Correct Answer: (c) ई. दुखम
Solution:ई. दुखीम ने धर्म की परिभाषा 'पवित्र चीजों से संबंधित सामान्यताओं और प्रथाओं की एकीकृत प्रणाली' के रूप में दी। अपने बाद के लेखन में, दुखीम ने धर्म को एक सामूहिक चीज के रूप में परिभाषित किया है।

78. राधा कमल मुखर्जी निम्न में से किस दार्शनिक परंपरा से समाजशास्त्र का वैकल्पिक वैश्विक दृष्टिकोण प्रस्तुत नहीं करते हैं:

Correct Answer: (c) पारसी धर्म
Solution:कमल मुखर्जी ने पारसी धर्म परंपरा से समाजशास्त्र का वैकल्पिक वैश्विक दृष्टिकोण प्रस्तुत नहीं करते है।

79. धर्मनिरपेक्षीकरण के व्याख्या की गई है:____

A. औद्योगिक समाज का उदय
B.  संस्कृति का आधुनिकीकरण
C. जीवन जगत का बहुलीकरण
D. बाजार का अपराधीकरण
E. राजनीतिक समूहों का हाशियाकरण

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (a) केवल A, B और C
Solution:धर्मनिरपेक्षीकरण के व्याख्या औद्योगिक समाज का उदय, संस्कृति का आधुनिकीकरण एवं जीवन जगत का बहुलीकरण के संदर्भ में की गई है। धर्मनिरपेक्षीकरण इस विचार को व्यक्त करता है कि यूरोपीय ज्ञानोदय आधुनिकीकरण, युक्तिकरण के लेस के माध्यम से, विज्ञान और प्रौद्योगिकी के उत्थान के साथ, सामाजिक जीवन और शासन के सभी पहुलुओं में आर्थिक अधिकार कम हो जाता है।

80. दुखम के अनुसार निम्नांकित में से किस के कारण यांत्रिक एकता सावयवी एकता में परिवर्तित हो जाती है?

Correct Answer: (a) गत्यात्मक (पारिवर्तनशील) घनत्व
Solution:दुखम के अनुसार, गत्यात्मक (पारिवर्तनशील) घनत्व के कारण यांत्रिक एकता सावयवी एकता में परिवर्तित हो जाती है।