NTA यू.जी.सी. नेट जेआरएफ परीक्षा जून, 2023 (लोक प्रशासन )

Total Questions: 100

91. निम्नलिखित गद्यांश को पढ़ें और दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए।

वुडरो विल्सन ने अपने उत्कृष्ट लेख 'द स्टडी ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन' में कहा है कि सरकार में तुलनात्मक अध्ययन के बिना हम भ्रामक धारणा से छुटकारा नहीं पा सकते हैं कि प्रशासन उस लोकतांत्रिक राज्य में आवश्यक रूप से विभिन्न आधारों पर टिका होता है, जिसमें यह एक आलोकतांत्रिक राज्य पर खड़ा है। तुलनात्मक लोक प्रशासन सरकार की अंदरूनी मशीनरों का अध्ययन करता है।

जबकि तुलनात्मक लोक नीति का नीतियों में सरोकार होता है और इसे साथ तुलनात्मक लोक प्रशासन (सी.पी.ए.) मुख्य रूप से लोक अधिकारियों और प्रशासनिक उपकरण पर सोच-विचार करता है। तुलनात्मक लोकनीति (सी.पी.पी.) के विपरीत (सी.पी.ए.) तुलनात्मक लोक प्रशासन नीतियों या नीतिगत प्रक्रियाओं के सारभूत पहलुओं में कम रूचि रखता है, जबकि यह सी.पी.पी. (तुलनात्मक लोकनीति) के आपेक्षाओं के लिए उनके शोध का एक अभिन्न अंग हैं।

यद्यपि इस बारे में साहित्य विभिन्न नामों और चरणों की संख्या के साथ फैला हुआ है, लेकिन मूल विचार यह है कि कार्यसूची- निर्धारण, नीतिगत सूचीकरण, नीति निर्माण या विधान, कार्यान्वयन, मूल्यांकन को विभाजित कर वर्णन किया जा सकता है और निरस्तगी, अनुक्रमण या परिवर्तन के विभिन्न रूपों के अंतर्गत चक्र नीति की प्रतिपुष्टि (फीडबैक) को बंद कर देता है। चक्र-विमर्श (माइकल - मॉडल) यह वर्णन करने में एक अन्वेषणात्मक उपकरण बना हुआ है।

कि किस प्रकार सरकारी कार्रवाई के लिए नीतिगत समस्याएँ चिह्नित की जाती हैं, लक्ष्य निर्धारण और समाधान ढूँढने के लिए अभिकर्ता और बारीकियाँ क्या हैं, जो वैध नीतिगत निर्णय के लिए करते हैं, किस प्रकार नीतियाँ कार्यान्वयन से बनाए रखी जाती हैं या कार्यान्वयन की प्रक्रिया से परिवर्तित की जाती हैं, कौन उनके आउटपुट का पर्यवेक्षण कर निर्णय लेते हैं और नीतिगत यथास्थिति, परिवर्तन या निरस्तगी में क्या सम्मिलित है।

इस निदर्श का अन्वेषणात्मक गुण सी.पी.ए. और सी.पी.पी.के भिन्न बिंदुओं को भी रेखांकित करता है। विशिष्ट रूप से सी.पी.ए. उन चरणों के नीतिगत चक्रों में प्रकट होता है, जहाँ सरकारी अभिकर्ता और संख्याएँ समरूप, लेकिन एकमान नहीं होती, तब न्यून केंद्रीय अभिकर्ता वैध अधिदेश से नीति निर्माण को समर्थन देते हैं।

कार्यसूची निर्धारण ने पारम्परिक रूप से सी.पी.ए. के समुदाय की अधिक अत्याधिक रूचि आकर्षित नहीं की है। नीति निर्माण सी.पी.ए. का ज्ञान रखने के लिए एक अधिक गतिमान हब है। नौकरशाहों द्वारा निष्पादित नीतिगत कार्य नौकरशाही के अध्ययन और क्षमताओं एवं नौकरशाहों के बीच संबंधन का तुलनात्मक अध्ययन रूचि का एक उत्कृष्ट विषय है।

इस बीच 'ब्यूरो पॉलिसी' के परामर्शदाताओं सरकार में नीतिगत परामर्शदाता पर मूल फोकस नीतिगत परामर्श की माध्यम की प्रवृत्ति करने स्थानांतरित हो गया है। नीतिगत कार्य के तुलनात्मक अध्ययन अब नीति निर्माण में बाह्य अभिकर्ताओं की भागीदारी को स्वीकार करते हैं और सह-सृजन तथा सह-अभिकल्प में हितधारकों की सहमति को ग्रहण करते हैं। नीति निर्माण को सामान्य रूप से नीति चक्र के अधिकांशतः राजनीतिक  चरण के रूप में देखा जाता है और उसके प्रमुख अभिकर्ता समान रूप से राजनीति विज्ञान और नीतिगत अध्ययन के विश्लेषण की पसंदीदा इकाइयाँ हैं तथा यह लोक प्रशासन की विद्वता के बारे में कम महत्वपूर्ण है।

नीति निर्माण के बारे में हाल ही के तुलनात्मक कार्य ने गौण विधान में नौकरशाहों की विवेकीय शक्ति और नीतिगत विकल्पों की विषयवस्तु के निर्धारण में इसकी शक्ति को उजागर किया है। नीतिगत चक्र का कार्यान्वयनकारी चरण पारम्परिक रूप से शासन में सरकारी अभिकरणों और उसके साझेदारों का कार्य क्षेत्र है।

कार्यान्वयन सी.पी.ए. के अनेक महत्वपूर्ण सरोकारों, विशेषीकरण और समन्वय के बीच तनाव, नियंत्रण और अनुपालन, सरकार के उपकरणों नीतिगत साधनों और विनियामक परंपराओं के साथ जोड़ता है। सरकार की मशीनरी प्रदायगी के छोर पर यथार्थताओं और नीतिगत साधनों की प्रकृति अनेक नीति क्षेत्रों में नीतिगत आउटपुट की व्याख्या से महत्वपूर्ण चर बन गई हैं।
तुलनात्मक लोक प्रशासन और तुलनात्मक लोक नीति के बीच भिन्नता अधिकांशतया किसमें होती है।

Correct Answer: (b) नीतियों और उनकी प्रक्रियाओं के सारभूत पहलू
Solution:

तुलनात्मक लोक प्रशासन और तुलनात्मक लोक नीति के बीच भिन्नता उनकी नीतियों और उनकी प्रक्रियाओं के सारभूत पहलू में है। तुलनात्मक लोकनीति (सी.पी.ए.) के विपरीत (सी.पी.पी) तुलनात्मक लोक प्रशासन नीतियों या नीतिगत प्रक्रियाओं के सारभूत पहलुओं में कम रूचि रखता है, जबकि यह सी.पी.पी (तुलनात्मक लोकनीति) के आपेक्षाओं के लिए उनके शोध का एक अभिन्न अंग है।

92. ब्येरो पॉलिसी' परामर्शदाता होते हैं।

Correct Answer: (c) स्थायी सिविल सेवक
Solution:

ब्यूरो पॉलिसी स्थायी सिविल सेवक के परामर्शदाता होते है।

93. नीतिगत प्रक्रिया का चक्र निदर्श एक उपयोगी अन्वेषणात्मक उपकरण है, क्योंकि यह निम्नलिखित में से किससे संबंधित है।

A. लक्ष्य निर्भर की बारीकियाँ
B. आउटपुट्स और परिणाम का मूल्यांकन करता है।
C. नीति के कार्यान्वयन में मुद्दे
D. एक अनन्य रूप से अलोकतांत्रिक राज्यों में नीतियाँ
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें।

Correct Answer: (a) केवल A, B और C
Solution:

नीतिगत प्रक्रिया का चक्र निर्देश एक उपयोगी अन्वेषणात्मक उपकरण है क्योंकि यह निम्नलिखित तथ्यों से संबंधित है।
→ लक्ष्य निर्धारण की बारीकियां
→ आउटपुट्स और परिणाम का मूल्यांकन करता है।
→ नीति के कार्यान्वयन में मुद्दे

94. नीचे दो कथन दिए गए हैं: एक को अभिकथन (A) और दूसरे को कारण (R) कहा गया है।

 अभिकथन (A): नीति निर्माण अधिकांशतया नीतिगत चक्र की एक राजनीति गतिविधि होती है।
कारण (R) : नौकरशाही की गौण विधान में स्वविवेकीय शक्ति होती है।
उपर्युक्त कथनों के आलोक में निम्नांकित विकल्पों में से सही उत्तर चुनें।

Correct Answer: (b) A और R दोनों सही हैं परंतु R, A की सही व्याख्या नहीं है।
Solution:

नीति निर्माण अधिकांशतया नीतिगत चक्र की एक राजनीति गतिविधि होती है। नौकरशाही की गौण विधान में स्वविवेकीय शक्ति होती है।

95. निम्नलिखित में से किन क्षेत्रों ने तुलनात्मक लोक प्रशासन के समुदाय की रूचि आकर्षित नहीं की है?

A. नीतिगत लक्ष्यों का निर्धारण
B. राजनेताओं और प्रशासकों के बीच संबंध
C. नियंत्रण और अनुपालन के मुहे
D. नीति के परिणामों का मूल्यांकन
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें।

Correct Answer: (d) केवल A और D
Solution:

नीतिगत लक्ष्यों का निर्धारण और नीति के परिणामों का मूल्यांकन ने तुलनात्मक लोक प्रशासन के समुदाय की रूचि आकर्षित नहीं की है।

96. इस गद्यांश को पढ़िए और दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए

शासन एक राज्यतंत्र की शासनीय क्षमता का उल्लेख करता है या दूसरे शब्दों में, एक राजनीतिक प्रणाली को कार्यकुशलता से संचालित करने की योग्यता प्रदान करना और सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए आवश्यक राजनीतिक परिस्थितियों को उपलब्ध कराना है। शासन देश, या संगठन की प्रशासनिक निर्णयन प्रक्रिया कार्यान्वयन प्रक्रम का उलेख करता है। देश राज्य स्तर पर, बहुविधीय कार्यों के प्रबंधन हेतु शासन, राजनीतिक, आर्थिक और प्रशासनिक प्राधिकारों का प्रयोग करता है।

इसमें जटिल रचनाएँ, प्रक्रियाएँ और संस्थाएँ समाविष्ट हैं, जिसके द्वारा नागरिक और समूह अपनी रुचियाँ को सुस्पष्ट करते हैं, अपने मतभेदों की मध्यस्थता करते हैं और अपने कानूनी अधिकारों और दायित्वों का प्रयोग करते हैं। यह संसाधनों और कार्मिकों का उत्तम रूप से उपयोग करने के लिए प्रभावशाली है, और साम्यापूर्ण है। मूलतः यह न्याय को प्रोत्साहित और कानून के शासन को सुनिश्चित करता है।

शासन सरकार की पुनः अन्वेषण करने का प्रचलन है जो अच्छी प्रकार से प्रबंधित हो। शासकीय क्षमता शासन की योग्यता की ओर संकेत करता है, जिसे शासित करने की गुणवत्ता से परिभाषित किया जा सकता है, अर्थात् नियंत्रण और प्रबंधन करने की क्षमता पर शासकीय क्षमता ने धीरे-धीरे वैश्विक स्थान में नई-नीतियों को बनाने की युक्तियों को कार्यान्वित करने की ओर प्रोत्साहित किया है। शासकीय क्षमता को शासन के उद्देश्य के गुणों से संबंधित करने का विचार इसके विषयों और इन दोनों के बीच संबंध, हमें किसी सामाजिक प्रणाली का इसके अस्तित्व से सफल शासन की प्रवणता शासकों को समझाने में सहायता करता है।

शासकों तथा शासितों के बीच अंतक्रिया सभी शासन की क्षमता में ऐसे ही सहायक होते हैं, जैसे सभी प्रकार के बाह्यः प्रभाव होते हैं। बाहरी और आंतरिक घटकों के अधीन शासन की क्षमता लगातार बदलती रहती है। एक दिन दिए गए समय पर शासन की क्षमता उच्च हो सकती है, वह किसी दूसरे समय पर कम हो सकती है। परंतु कई बाहरी घटक शासकीय क्षमता को भी प्रभावित करते हैं, जिनमें से कुछ को शासन में जैसे-जैसे हल कर सकता है या बिल्कुल भी नहीं कर सकता है।

यह प्रायः एक सामाजिक प्रणाली या संस्था की शासकीय क्षमता के संबंध में अनिश्चितता का संवर्धन करता है। शासनकी क्षमता के तीन मुख्य घटक देखे गए हैं। एक प्रणाली जिसमें शासित किया जाना है। (SG), एक शासन प्रणाली (GS) और इन दोनों के बीच अंतक्रिया (GI)। SG और GS के बीच की अंतक्रिया मूल तत्व है। जोकि शासकीय क्षमता को निर्धारित करने के लिए महत्वपूर्ण हैं। जो शासित होते हैं, वे अपनी सहभागिता से शासन करने वालों को प्रभावित करने के प्रयास में लगे रहते हैं।

शासी संस्थाएँ शासितों को अपनी नीतियों और प्रबंधन प्रयासों से प्रभावित करने की कोशिश करती हैं। शक्तिशाली संबंध और सामाजिक-राजनीतिक परंपराएँ, शासन अंतर्कियाओं में अपनी अभिव्यक्ति प्राप्त करते हैं। अभिनेता के अनुबोधन से इनको कुछ मुख्य वर्गों, श्रेणी में रखा जा सकता है सहभागी, सहयोगी और नीति या प्रबंधन अंतक्रियाएँ। सहभागी अंतर्क्रिया को मूलतः शासन करने वाले और शासितों की प्रतिक्रियाशीलता से निर्धारित किया जाता है। इस प्रतिक्रियाशीलता को क्रियाकलापों का संग्रह कहा जाता है।

यह संग्रह विस्तृत है और हम शासन करने वाले तंत्र से शासित होने वाले तंत्र से निर्देशित सहभागी अंतक्रियाएँ अवधारणात्मक दृष्टि से देखते हैं। इस प्रकार के स्वैच्छिक, शासन अंतर्क्रिया से स्वच्छंदता से संघटित इस प्रकार की सामाजिक गतिविधियाँ इशका विशिष्ट उदाहरण है। सहयोगी प्रकार की शासन वाली अंतक्रियाओं के महत्व में वृद्धि हो रही है। लोक और निजी संस्थानों में भागीदारी इस प्रकार के सहयोग का एक लोकप्रिय रूप है, परंतु कंपनियों और NGO में भी सहयोगी अंतक्रिया होती है, यद्यपि इनके प्रयोजन/ उद्देश्य भिन्न हो सकते हैं।

नीति और प्रबंधन अंतक्रिया शासन प्रणाली के मध्यस्थ का अभिक्रम है जिनका लक्ष्य शासित होने वाली प्रणाली पर प्रभाव डालना है। लोक प्राधिकारियों के पास राजनीतिक से प्रेरित सामाजिक परिवर्तन लाने के लिए बहुल विधियाँ हैं, जिनको नीतियों के सत्रों में प्रस्तुति किया जाता है।
नीति और प्रबंधन अंतक्रियाएँ किसका मार्ग प्रदर्शित करती हैं।

Correct Answer: (b) राजनीति से प्रभावित सामाजिक परिवर्तन
Solution:

नीति और प्रबंधन अंतर्कियाए राजनीति से प्रभावित सामाजिक परिवर्तन का मार्ग प्रदर्शित करती हैं।

97. नीचे दो कथन दिए गए हैं: एक को अभिकथन (A) और दूसरे को कारण (R) कहा गया है।

अभिकथन (A): शासन योग्य होने का गुण शासकीय क्षमता है।
कारण (R): किसी भी सामाजिक प्रणाली के शासकीय क्षमता शासन का ध्येय है।
उपर्युक्त कथनों के आलोक में निम्नांकित विकल्पों में से सही उत्तर चुनें।

Correct Answer: (a) A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है।
Solution:

शासन योग्य होने का गुण शासकीय क्षमता है क्योंकि किसी भी सामाजिक प्रणाली के शासकीय क्षमता शासन का ध्येय है।

98. निम्नलिखित में से तीन शासकीय क्षमता को परिवाहित करता है?

A. शासन की क्षमता
B. नीति निर्माण और कार्यान्वित प्रक्रियाएँ
C. राजनीतिक और प्रशासनिक सत्ता का प्रयोग
D. संस्थानों और कार्मिकों का जोड़ उपयोग करना
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें।

Correct Answer: (d) केवल A, B, C और D
Solution:

निम्नलिखित गुण शासकीय क्षमता को प्रदर्शित करता है-
→ शासन की क्षमता
→ नीति निर्माण और कार्यन्वित प्रक्रियाएं
→ राजनीतिक और प्रशासनिक सत्ता का प्रयोग
→ संस्थानों और कर्मिकों का जोड़ उपयोग करना।

99. सामाजिक गतिविधियों का प्रकार है।

Correct Answer: (c) सहभागी अंतक्रिया
Solution:

सहभागी अंतक्रिया सामाजिक गतिविधियों का प्रकार है। सहभागी अंतक्रिया को मूलतः शासन करने वाले और शासितों की प्रतिक्रियाशीलता से निर्धारित किया जाता है।

100. शासन की क्षमता में अनिश्चितता का कारण हो सकता है?

Correct Answer: (a) बाहरी या आंतरिक घटक
Solution:

शासन की क्षमता में बाहरी या आंतरिक घटक अनिश्चितता का कारण हो सकते है।